सीएम सैनी ने शुरू किया स्टार्टअप अभियान, 3 लाख युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य

सीएम सैनी ने शुरू किया स्टार्टअप अभियान, 3 लाख युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य

हरियाणा में युवाओं के नए कारोबारी विचारों को मंच देने और उन्हें व्यावसायिक उद्यम में बदलने की दिशा में राज्य सरकार ने प्रदेशव्यापी अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में ‘स्टार्टअप हरियाणा सेवा संकल्प-विचार से विस्तार तक’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह की मौजूदगी में शुरू हुआ यह तीन महीने का अभियान प्रदेश के सभी 23 जिलों में चलेगा।

अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों, युवाओं, नए उद्यमियों, स्टार्टअप संचालकों और जमीनी स्तर पर नए प्रयोग कर रहे लोगों को अपने विचार सामने रखने का अवसर मिलेगा। सरकार की योजना केवल नए विचारों की पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि चयनित प्रतिभागियों को प्रशिक्षण, विशेषज्ञ मार्गदर्शन, वित्तीय सहायता, निवेशकों से संपर्क और इन्क्यूबेशन जैसी सुविधाओं से जोड़ने की है।

सरकार ने इस कार्यक्रम के तहत तीन लाख से अधिक इच्छुक उद्यमियों और स्टार्टअप्स को जोड़ने का लक्ष्य रखा है। विभिन्न चरणों से गुजरने के बाद 50 प्रतिभागियों को अंतिम चरण तक पहुंचाया जाएगा। इनमें से अलग-अलग श्रेणियों में शीर्ष 10 विजेताओं को पुरस्कार दिए जाएंगे। कार्यक्रम के जरिए छोटे शहरों, कस्बों और शैक्षणिक संस्थानों में मौजूद ऐसे युवाओं तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है, जिनके पास कारोबार शुरू करने या किसी समस्या का नया समाधान विकसित करने का विचार है, लेकिन उसे आगे बढ़ाने के लिए मंच और मार्गदर्शन की आवश्यकता है।

23 जिलों में होंगे जिला आइडियाथॉन

कार्यक्रम की शुरुआत जिला स्तर के आइडियाथॉन से होगी। प्रदेश के सभी 23 जिलों में एक दिवसीय आयोजन किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में प्रतिभागियों को केवल 60 सेकंड में अपना कारोबारी विचार प्रस्तुत करना होगा। कम समय में विचार की उपयोगिता, संभावित बाजार और समस्या के समाधान को सामने रखने की क्षमता पर जोर रहेगा।

सरकार के अनुसार जिला स्तर के इन आयोजनों में करीब 3,450 प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है। इनमें से लगभग 1,150 प्रतिभागियों को आगे के प्रशिक्षण के लिए चुना जाएगा। चयनित प्रतिभागियों को सात मॉड्यूल वाली मास्टरक्लास में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इस प्रशिक्षण में केवल किसी उत्पाद या सेवा का विचार पेश करने तक सीमित जानकारी नहीं दी जाएगी, बल्कि उद्यम शुरू करने और उसे व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर काम कराया जाएगा। उद्यमिता की बुनियादी समझ, वित्तीय प्रबंधन, कारोबार के विस्तार, बाजार की जरूरतों और व्यवसाय को आगे बढ़ाने जैसे विषय प्रशिक्षण का हिस्सा होंगे।

350 टीमों को व्यक्तिगत मेंटरशिप

मास्टरक्लास के बाद करीब 350 टीमों का चयन किया जाएगा। इन टीमों को उनकी जरूरत और कारोबार के विकास के स्तर के आधार पर दो अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जाएगा। इसके बाद प्रत्येक चयनित टीम को व्यक्तिगत मेंटरशिप उपलब्ध कराई जाएगी।

व्यक्तिगत मार्गदर्शन का उद्देश्य प्रतिभागियों को अपने विचार को अधिक व्यावहारिक रूप देने में सहायता करना है। कई बार युवाओं के पास समस्या का समाधान या कारोबार का विचार तो होता है, लेकिन बाजार की जरूरत, लागत, ग्राहक वर्ग, वित्तीय योजना और विस्तार की रणनीति को लेकर स्पष्टता नहीं होती। मेंटरशिप के जरिए इन पहलुओं पर विशेषज्ञों के साथ काम करने का अवसर मिलेगा।

इसके बाद प्रदेश के चार मंडलों में पिचथॉन आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों में चयनित टीमें अपने कारोबार या विचार को विशेषज्ञों और संबंधित पक्षों के सामने प्रस्तुत करेंगी। पिचथॉन के बाद 50 फाइनलिस्ट का चयन किया जाएगा।

50 फाइनलिस्ट दो श्रेणियों में होंगे

अंतिम चरण में पहुंचने वाले 50 प्रतिभागियों को दो प्रमुख श्रेणियों में रखा जाएगा। इनमें 25 पंजीकृत ग्रोथ-स्टेज स्टार्टअप्स होंगे। इन स्टार्टअप्स को निवेशकों के सामने अपने कारोबार और विस्तार की संभावनाएं प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा।

दूसरी श्रेणी में 25 इच्छुक उद्यमी, विद्यार्थी और जमीनी स्तर पर नवाचार करने वाले प्रतिभागी शामिल होंगे। इनके लिए अनुदान आधारित सहायता की व्यवस्था की जाएगी। इस तरह कार्यक्रम में पहले से कारोबार कर रहे स्टार्टअप्स और अभी अपने विचार को उद्यम में बदलने की तैयारी कर रहे युवाओं, दोनों को अलग-अलग जरूरत के अनुसार अवसर देने की व्यवस्था की गई है।

यह व्यवस्था उन प्रतिभागियों के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकती है जो अभी शुरुआती चरण में हैं और जिनके पास कारोबार शुरू करने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। दूसरी ओर पहले से काम कर रहे स्टार्टअप्स के लिए निवेशकों तक पहुंच बनाने और कारोबार विस्तार की संभावनाएं तलाशने का अवसर होगा।

शीर्ष स्टार्टअप को मिलेगा 15 लाख रुपये तक पुरस्कार

कार्यक्रम में दोनों श्रेणियों के विजेताओं के लिए अलग-अलग पुरस्कार निर्धारित किए गए हैं। निवेशक श्रेणी में शीर्ष पांच स्टार्टअप्स को पुरस्कार दिए जाएंगे। इस श्रेणी में प्रथम स्थान हासिल करने वाले स्टार्टअप को 15 लाख रुपये, दूसरे स्थान के लिए 12 लाख रुपये, तीसरे के लिए 10 लाख रुपये, चौथे के लिए 7.5 लाख रुपये और पांचवें स्थान वाले स्टार्टअप को 5 लाख रुपये दिए जाएंगे।

इच्छुक उद्यमियों और जमीनी नवाचारकर्ताओं की श्रेणी में भी शीर्ष पांच प्रतिभागियों को पुरस्कार मिलेगा। इसमें प्रथम पुरस्कार 5 लाख रुपये, दूसरा 4 लाख रुपये, तीसरा 3 लाख रुपये, चौथा 2 लाख रुपये और पांचवां पुरस्कार 1 लाख रुपये निर्धारित किया गया है।

पुरस्कार राशि के अलावा फाइनलिस्ट और चयनित प्रतिभागियों को अन्य सुविधाओं से जोड़ने की योजना भी है। इनमें राज्य स्टार्टअप सीड ग्रांट के लिए विचार किया जाना, क्लाउड क्रेडिट, इन्क्यूबेशन सहायता और उद्योग जगत के साथ संपर्क जैसे अवसर शामिल हैं।

सभी 50 फाइनलिस्ट को प्रमाणपत्र

कार्यक्रम के अंतिम चरण में पहुंचने वाले सभी 50 फाइनलिस्ट को प्रमाणपत्र और स्मृति चिह्न दिए जाएंगे। चयनित स्टार्टअप्स और प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री के समक्ष अपने विचार और कारोबारी मॉडल प्रस्तुत करने का अवसर भी मिलेगा।

इससे प्रतिभागियों को अपने उद्यम के बारे में सीधे प्रस्तुति देने का मंच मिलेगा। साथ ही सरकार और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के सामने नए विचारों को रखने का अवसर भी उपलब्ध होगा।

फरीदाबाद और पंचकूला में बनेंगे दो नए इन्क्यूबेटर

कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर स्टार्टअप तंत्र को मजबूत करने के लिए दो नए इन्क्यूबेटर स्थापित करने की दिशा में भी कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जेसी बोस विश्वविद्यालय और स्टार्टअप एक्सेलरेटर चैंबर ऑफ कॉमर्स को आशय पत्र सौंपे।

इनके माध्यम से फरीदाबाद और पंचकूला में इन्क्यूबेटर स्थापित किए जाएंगे। इन्क्यूबेटर का उद्देश्य नए उद्यमियों को शुरुआती चरण में आवश्यक तकनीकी, कारोबारी और विशेषज्ञ सहायता उपलब्ध कराने के लिए मंच तैयार करना है।

इसके अलावा स्टार्टअप और नवाचार तंत्र को आगे बढ़ाने के लिए जोहो कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड और पेटीएम पेमेंट्स के साथ भी आशय पत्रों पर हस्ताक्षर किए गए। इससे सरकार की कोशिश उद्योग जगत और नए उद्यमियों के बीच संपर्क बढ़ाने की दिशा में दिखाई देती है।

11 स्टार्टअप्स को सीड फंडिंग के चेक

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने हरियाणा राज्य स्टार्टअप नीति-2022 के तहत सीड फंडिंग प्राप्त करने वाले 11 स्टार्टअप्स को चेक वितरित किए। शुरुआती चरण में किसी भी नए उद्यम के लिए पूंजी की उपलब्धता महत्वपूर्ण होती है। इस सहायता के माध्यम से स्टार्टअप्स अपने उत्पाद, सेवा, तकनीक या कारोबारी मॉडल को विकसित करने के लिए आवश्यक संसाधन जुटा सकते हैं।

सरकार की ओर से शुरू किए गए नए कार्यक्रम को इसी व्यापक स्टार्टअप तंत्र से जोड़ने की योजना है, ताकि किसी युवा के पास केवल अच्छा विचार होने तक प्रक्रिया सीमित न रहे, बल्कि उसे प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता के अगले चरण तक पहुंचने का अवसर भी मिले।

गुरुग्राम-फरीदाबाद से आगे छोटे शहरों पर भी नजर

हरियाणा में गुरुग्राम और फरीदाबाद पहले से ही स्टार्टअप और कारोबारी गतिविधियों के प्रमुख केंद्रों में शामिल हैं। नए कार्यक्रम में सरकार ने इन स्थापित केंद्रों के साथ-साथ प्रदेश के दूसरे जिलों, कस्बों, विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में मौजूद प्रतिभाओं को भी सामने लाने पर जोर दिया है।

इस पहल का संदेश ‘आपका जिला, आपका आइडिया, आपका मंच’ रखा गया है। इसके जरिए स्थानीय स्तर पर मौजूद युवाओं को अपने विचार प्रस्तुत करने और उन्हें कारोबार में बदलने के लिए मंच देने की कोशिश की जा रही है।

जिला स्तर पर आइडियाथॉन आयोजित होने से ऐसे युवाओं को अपने ही क्षेत्र में अवसर मिल सकेगा, जिन्हें किसी बड़े शहर तक पहुंचने के लिए संसाधनों या संपर्क की कमी के कारण कठिनाई होती है। विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के विद्यार्थियों को भी इसमें भाग लेने का अवसर मिलेगा।

तीन महीने तक चलेगा अभियान

‘स्टार्टअप हरियाणा सेवा संकल्प-विचार से विस्तार तक’ अभियान तीन महीने तक चलेगा। इस दौरान जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। शुरुआती चरण में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों को जोड़ने के बाद प्रशिक्षण, मेंटरशिप और पिचथॉन के माध्यम से प्रतिभागियों की संख्या चरणबद्ध तरीके से कम की जाएगी।

इस प्रक्रिया का मकसद अलग-अलग स्तरों पर प्रतिभागियों को उनकी जरूरत के अनुसार सहायता देना है। शुरुआती चरण में विचारों की पहचान होगी, इसके बाद प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिलेगा तथा आगे चलकर चयनित स्टार्टअप्स और उद्यमियों को निवेश, अनुदान और अन्य सुविधाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

नवाचार को स्थानीय जरूरतों से जोड़ने की कोशिश

इस अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि नए विचार केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित न रहें। जमीनी स्तर पर काम करने वाले लोग अपने क्षेत्र की समस्याओं के आधार पर समाधान विकसित कर सकते हैं। कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, पर्यावरण, स्थानीय सेवाओं और छोटे कारोबार से जुड़ी समस्याओं के लिए नए समाधान सामने आ सकते हैं।

यदि ऐसे विचारों को प्रशिक्षण और विशेषज्ञ मार्गदर्शन मिलता है, तो उन्हें व्यावसायिक मॉडल में बदलने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। यही वजह है कि कार्यक्रम में विद्यार्थियों और पंजीकृत स्टार्टअप्स के साथ जमीनी नवाचारकर्ताओं को भी शामिल किया गया है।

समारोह में मौजूद रहे अधिकारी और अन्य गणमान्य

कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव अमित कुमार अग्रवाल, महानिदेशक डॉ. यश गर्ग, पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन, मुख्य तकनीकी अधिकारी नीतिन बंसल, एडवोकेट वेद पाल, गुरनाम सैनी, रविंद्र सांगवान, भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश सैनी, जिला परिषद चेयरपर्सन कंवलजीत कौर, राहुल राणा, धर्मवीर मिर्जापुर और संजय कौशिक सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

सरकार की ओर से शुरू किए गए इस तीन महीने के अभियान के जरिए अब प्रदेश के सभी 23 जिलों में नए कारोबारी विचारों की तलाश की जाएगी। जिला स्तर से शुरू होने वाली यह प्रक्रिया प्रशिक्षण, मेंटरशिप, पिचथॉन और निवेश से जुड़ाव तक पहुंचेगी। इससे अंतिम चरण में पहुंचने वाले प्रतिभागियों को अपने विचारों को आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय और संस्थागत सहायता के साथ उद्योग जगत से संपर्क का अवसर भी मिलेगा। आने वाले तीन महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों से किस तरह के नए विचार सामने आते हैं और कितने विचार व्यावसायिक उद्यम का रूप ले पाते हैं।