एम्स बिलासपुर के पहले दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति का स्वागत करेंगे सुक्खू, रोहड़ू को एक करोड़ की सौगात

एम्स बिलासपुर के पहले दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति का स्वागत करेंगे सुक्खू, रोहड़ू को एक करोड़ की सौगात

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मंगलवार को प्रदेश के अलग-अलग कार्यक्रमों में व्यस्त रहेंगे। मुख्यमंत्री बिलासपुर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के पहले दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का स्वागत करेंगे। राष्ट्रपति छह अक्तूबर को एम्स बिलासपुर के पहले दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो रही हैं। एम्स की आधिकारिक वेबसाइट पर भी छह अक्तूबर को पहले दीक्षांत समारोह के आयोजन की पुष्टि की गई है।

मुख्यमंत्री सुक्खू मंगलवार सुबह शिमला से बिलासपुर के लिए रवाना होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वह एम्स पहुंचकर राष्ट्रपति का स्वागत करेंगे और इसके बाद दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। कार्यक्रम में चिकित्सा शिक्षा से जुड़े विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। एम्स बिलासपुर के पहले दीक्षांत समारोह को संस्थान के लिए महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। समारोह में राष्ट्रपति के साथ राज्यपाल, मुख्यमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री समेत अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहेंगे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू छह से आठ अक्तूबर तक हिमाचल प्रदेश के दौरे पर हैं। राष्ट्रपति सचिवालय के अनुसार छह अक्तूबर को वह एम्स बिलासपुर के पहले दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी। इसके बाद उनके हिमाचल दौरे में अन्य कार्यक्रम भी निर्धारित हैं।

एम्स के पहले दीक्षांत समारोह को लेकर तैयारियां पूरी

एम्स बिलासपुर के पहले दीक्षांत समारोह को लेकर संस्थान और जिला प्रशासन की ओर से व्यापक तैयारियां की गई हैं। समारोह में एमबीबीएस सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों से जुड़े विद्यार्थियों के शामिल होने की जानकारी है। हालिया कार्यक्रम संबंधी रिपोर्टों के अनुसार समारोह में डॉक्टरों के साथ नर्सिंग और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों के प्रशिक्षु भी दीक्षित होंगे।

राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और प्रोटोकॉल से जुड़े इंतजाम भी किए हैं। एम्स परिसर में कार्यक्रम को लेकर आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी की गई हैं। राष्ट्रपति के कार्यक्रम में बदलाव के बाद अब उनका एम्स बिलासपुर पहुंचने का कार्यक्रम सीधे निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री सुक्खू के लिए भी यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण रहेगा, क्योंकि एम्स बिलासपुर हिमाचल में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी प्रमुख केंद्रीय संस्थागत परियोजनाओं में से एक है। संस्थान के पहले दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री की मौजूदगी राज्य सरकार और केंद्रीय संस्थान के बीच समन्वय के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

रोहड़ू के लिए एक करोड़ रुपये की सहायता

इस बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र के लिए एक और वित्तीय सहायता का ऐलान किया है। रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र के एक प्रतिनिधिमंडल ने विधायक मोहन लाल ब्राक्टा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से मुलाकात की और क्षेत्र में अम्बेदकर भवन के निर्माण के लिए सरकार से वित्तीय सहयोग का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए अम्बेदकर भवन के निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने का आश्वासन दिया। इस दौरान नगर परिषद रोहड़ू के अध्यक्ष प्यारे लाल आजाद भी मौजूद रहे।

अम्बेदकर भवन के निर्माण से क्षेत्र में सामाजिक और सामुदायिक गतिविधियों के लिए एक स्थायी स्थान उपलब्ध होने की उम्मीद है। स्थानीय प्रतिनिधिमंडल की ओर से भवन की आवश्यकता को मुख्यमंत्री के सामने रखा गया था। सरकार की ओर से वित्तीय सहायता के आश्वासन के बाद अब निर्माण से जुड़ी आगामी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

मुख्यमंत्री के हालिया रोहड़ू दौरे के दौरान भी क्षेत्र के विकास से जुड़े कई मुद्दे सामने आए थे। एक से तीन अक्तूबर तक मुख्यमंत्री ने रोहड़ू और रामपुर विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया था। इस दौरान विकास योजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के साथ स्थानीय लोगों, महिला मंडलों और युवक मंडलों से संवाद किया गया।

रोहड़ू और रामपुर में विकास कार्यों पर भी सरकार का जोर

मुख्यमंत्री के हालिया दौरे के दौरान रोहड़ू और रामपुर विधानसभा क्षेत्रों में विभिन्न विकास योजनाओं को लेकर घोषणाएं और उद्घाटन किए गए। एक रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री ने अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान दोनों विधानसभा क्षेत्रों में कुल 89 विकास परियोजनाओं से जुड़े कार्यों को समर्पित किया, जिनकी कुल लागत करीब 415.80 करोड़ रुपये बताई गई। इनमें रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र की 61 परियोजनाएं शामिल थीं।

रोहड़ू क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान प्रमुखता से उठे। इससे पहले मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में आपदा से प्रभावित सड़कों और पुलों की स्थिति का भी जायजा लिया था। जांगलिक सड़क को दोबारा यातायात के लिए खोलने और निर्माणाधीन पुल के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए थे।

सरकार की ओर से क्षेत्रीय जरूरतों के आधार पर विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का दावा किया जा रहा है। ऐसे में अम्बेदकर भवन के लिए एक करोड़ रुपये की सहायता को भी स्थानीय स्तर पर सामुदायिक ढांचे को मजबूत करने से जोड़कर देखा जा रहा है।

नशे के खिलाफ अभियान के लिए टी-शर्ट लॉन्च

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान को लेकर ‘नशे नु ललकार, नौजवानी दी पुकार’ अभियान की टी-शर्ट भी लॉन्च की। इस अभियान के तहत नौ अक्तूबर को नालागढ़ में मैराथन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

टी-शर्ट लॉन्चिंग के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को खेल, रचनात्मक गतिविधियों और अन्य सकारात्मक कार्यों की ओर मोड़ने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए।

नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान को केवल सरकारी स्तर तक सीमित रखने के बजाय इसमें युवाओं, अभिभावकों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय समुदायों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य युवाओं के बीच नशे के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता पैदा करने के साथ उन्हें स्वस्थ और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना है।

नालागढ़ में मैराथन और सांस्कृतिक कार्यक्रम

नौ अक्तूबर को प्रस्तावित कार्यक्रम में मैराथन के साथ सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। इसका उद्देश्य युवाओं और आम लोगों को नशे के खिलाफ सामूहिक अभियान से जोड़ना है।

कार्यक्रम में नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक हरदीप सिंह बावा और दून विधानसभा क्षेत्र के विधायक राम कुमार चौधरी भी मौजूद रहे। दोनों क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों और बड़ी युवा आबादी को देखते हुए नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान को सामाजिक स्तर पर आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर खेल गतिविधियों को युवाओं के लिए महत्वपूर्ण माध्यम बताया। खेलों के जरिए युवाओं को अनुशासन, टीम भावना और स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ने की कोशिश की जा सकती है। इसी सोच के तहत मैराथन जैसे कार्यक्रम को अभियान का हिस्सा बनाया गया है।

राष्ट्रपति के दौरे और राज्य के कार्यक्रमों के बीच व्यस्त दिन

मुख्यमंत्री सुक्खू का मंगलवार का कार्यक्रम कई दृष्टियों से महत्वपूर्ण रहेगा। एक तरफ बिलासपुर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन पर मुख्यमंत्री राज्य सरकार की ओर से उनका स्वागत करेंगे और एम्स के पहले दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे, वहीं दूसरी ओर प्रदेश में विकास और सामाजिक अभियानों से जुड़े कार्यक्रम भी सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखेंगे।

एम्स बिलासपुर के पहले दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति की मौजूदगी प्रदेश के स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। वहीं रोहड़ू में अम्बेदकर भवन के लिए वित्तीय सहायता और नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान सरकार की स्थानीय विकास तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़ी प्राथमिकताओं को दर्शाते हैं।

मुख्यमंत्री बिलासपुर में कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वापस शिमला लौटेंगे। इस दौरान राष्ट्रपति के कार्यक्रम के मद्देनजर जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

कुल मिलाकर मुख्यमंत्री के मंगलवार के कार्यक्रम में एक ओर राष्ट्रीय स्तर का महत्वपूर्ण आयोजन है तो दूसरी ओर प्रदेश के स्थानीय विकास और सामाजिक अभियानों से जुड़े फैसले भी हैं। एम्स बिलासपुर का पहला दीक्षांत समारोह जहां हिमाचल में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार से जुड़ा महत्वपूर्ण पड़ाव है, वहीं रोहड़ू में अम्बेदकर भवन के लिए वित्तीय सहायता और नालागढ़ में नशे के खिलाफ प्रस्तावित मैराथन सरकार के क्षेत्रीय विकास और सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों की कड़ी का हिस्सा हैं।