लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज का शानदार आगाज किया है। पहले मुकाबले में टीम इंडिया ने कैरेबियाई टीम को 8 विकेट से शिकस्त देकर पांच मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। भारत के सामने जीत के लिए 172 रन का लक्ष्य था, जिसे टीम ने महज 15वें ओवर में दो विकेट गंवाकर हासिल कर लिया। मुकाबले में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने बल्ले से ऐसा तूफान मचाया कि वेस्टइंडीज के गेंदबाज पूरी पारी के दौरान दबाव में नजर आए।
अय्यर ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने करियर का पहला शतक लगाया और टीम को बेहद आसान जीत तक पहुंचाया। उन्होंने केवल 42 गेंदों में अपनी सेंचुरी पूरी की और अंत तक क्रीज पर डटे रहे। कप्तान ने 43 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 102 रन बनाए। उनकी इस विस्फोटक पारी में 10 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। अय्यर के आक्रामक अंदाज का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा सबसे तेज टी20 इंटरनेशनल शतक लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
पहले बल्लेबाजी कर 171 रन तक पहुंची वेस्टइंडीज की टीम
टॉस जीतने के बाद भारत ने वेस्टइंडीज को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया। कैरेबियाई टीम की शुरुआत बहुत खराब नहीं रही, लेकिन भारतीय स्पिनरों के सामने पारी के मध्य हिस्से में उसके बल्लेबाज लगातार विकेट गंवाते चले गए। शुरुआती ओवरों में शाई होप और कामिल पूरण ने टीम को तेज शुरुआत देने की कोशिश की।
दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 27 गेंदों पर 38 रन की साझेदारी हुई। इसके बाद अर्शदीप सिंह ने कामिल पूरण को अपना शिकार बनाकर भारत को पहली सफलता दिलाई। पूरण 11 गेंदों में 12 रन बनाकर पवेलियन लौटे। उनके जाने के बाद वेस्टइंडीज की पारी कुछ समय के लिए संभलती दिखाई दी, लेकिन छठे ओवर में टीम को लगातार दो झटके लगे।
शिमरोन हेटमायर बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे और सिर्फ 5 रन बनाकर आउट हो गए। इसके तुरंत बाद रॉवमैन पॉवेल भी बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। इस समय तक वेस्टइंडीज का स्कोर केवल 44 रन था और टीम मुश्किल में दिखाई देने लगी थी।
शाई होप और रदरफोर्ड ने संभाली पारी
लगातार विकेट गिरने के बाद कप्तान शाई होप ने मोर्चा संभाला। उन्होंने शेरफेन रदरफोर्ड के साथ मिलकर भारतीय गेंदबाजों का सामना किया और स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाया। दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए 35 गेंदों में 63 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की।
होप ने अपनी पारी में शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने 37 गेंदों का सामना करते हुए 6 चौके और 2 छक्के लगाए तथा 52 रन बनाए। उनकी इस पारी ने वेस्टइंडीज को शुरुआती झटकों से उबरने का मौका दिया। हालांकि, होप के आउट होते ही कैरेबियाई पारी एक बार फिर लड़खड़ा गई।
एक समय ऐसा आया जब 135 रन के स्कोर तक वेस्टइंडीज अपने 8 विकेट गंवा चुका था। भारतीय गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में लगातार दबाव बनाए रखा और कैरेबियाई बल्लेबाजों को खुलकर रन बनाने का मौका नहीं दिया।
रदरफोर्ड की तेज पारी से 171 तक पहुंचा स्कोर
वेस्टइंडीज के लिए शेरफेन रदरफोर्ड ने आखिरी हिस्से में जिम्मेदारी संभाली। जब टीम लगातार विकेट खो रही थी, तब उन्होंने अकील होसेन के साथ मिलकर रन बनाने की गति बढ़ाई। दोनों के बीच केवल 18 गेंदों पर 36 रन की साझेदारी हुई।
रदरफोर्ड ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 34 गेंदों पर 56 रन बनाए। उनकी पारी ने वेस्टइंडीज को उस स्थिति से बाहर निकाला, जहां टीम का स्कोर काफी कम रह जाने की संभावना थी। अंतिम ओवरों में मिले इन रनों की बदौलत मेहमान टीम 171 रन तक पहुंचने में सफल रही।
भारत की ओर से गेंदबाजी में डेब्यू कर रहे नमन धीर ने प्रभावित किया। उन्होंने अपने पहले ही टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में तीन विकेट हासिल किए। कुलदीप यादव और अक्षर पटेल ने भी अपनी स्पिन का असर दिखाते हुए दो-दो विकेट झटके। भारतीय गेंदबाजों के प्रदर्शन का ही नतीजा रहा कि वेस्टइंडीज की टीम 171 रन पर ही सिमट गई।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया
172 रन के लक्ष्य का पीछा करने भारतीय टीम मैदान पर उतरी तो शुरुआत से ही बल्लेबाजों ने रन बनाने की गति तेज रखी। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने आते ही आक्रामक तेवर दिखाए। उन्होंने सिर्फ 10 गेंदों पर 21 रन बनाए और पावरप्ले में टीम के लिए तेजी से रन जुटाए।
अभिषेक के आउट होने के बाद संजू सैमसन भी बड़ी पारी नहीं खेल सके। उनके बल्ले से 11 रन निकले। शुरुआती दो विकेट गिरने के बावजूद भारत पर किसी तरह का दबाव नहीं बना, क्योंकि कप्तान श्रेयस अय्यर ने क्रीज पर आते ही मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।
अय्यर ने एक छोर संभालते हुए वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर लगातार प्रहार किया। उन्होंने मैदान के चारों ओर शॉट लगाए और चौकों-छक्कों की झड़ी लगा दी। जैसे-जैसे उनकी पारी आगे बढ़ी, भारत के लिए लक्ष्य और आसान होता चला गया।
अय्यर और ईशान की साझेदारी ने खत्म किया मुकाबला
श्रेयस अय्यर को दूसरे छोर पर ईशान किशन का अच्छा साथ मिला। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 67 गेंदों में 137 रन की जबरदस्त साझेदारी की। इस साझेदारी ने मैच को पूरी तरह भारत के पक्ष में कर दिया।
ईशान किशन ने भी संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए कप्तान का साथ दिया। उन्होंने 27 गेंदों में 37 रन बनाए और अंत तक नाबाद रहे। दूसरी ओर अय्यर ने अपनी शतकीय पारी से मुकाबले को एकतरफा बना दिया।
कप्तान ने महज 42 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। यह टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अय्यर की पहली सेंचुरी रही। शतक पूरा करने के बाद भी उन्होंने आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी और 43 गेंदों पर नाबाद 102 रन बनाकर लौटे। उनकी पारी में 10 चौके और 6 छक्के शामिल रहे।
वेस्टइंडीज के गेंदबाजों की नहीं चली रणनीति
भारत की बल्लेबाजी के दौरान वेस्टइंडीज के गेंदबाज विकेट निकालने के लिए लगातार प्रयास करते रहे, लेकिन अय्यर और ईशान की साझेदारी के सामने उनकी रणनीति काम नहीं आई। कैरेबियाई टीम की ओर से रोस्टन चेज और अकील होसेन को एक-एक विकेट मिला, जबकि बाकी गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों को रोकने में सफल नहीं रहे।
भारत ने 15वें ओवर में ही 172 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया। टीम ने केवल दो विकेट गंवाए और मुकाबला 8 विकेट से अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है।
कप्तान अय्यर बने जीत के सबसे बड़े नायक
पहले टी20 में भारतीय जीत के केंद्र में श्रेयस अय्यर रहे। कप्तानी की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने जिस अंदाज में बल्लेबाजी की, उसने टीम को लक्ष्य तक पहुंचने में ज्यादा समय नहीं लगने दिया। उनके शतक ने न सिर्फ भारत को जीत दिलाई बल्कि कई खास आंकड़े भी अपने नाम किए।
वेस्टइंडीज के खिलाफ सबसे तेज टी20 इंटरनेशनल शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज के रूप में अय्यर का नाम दर्ज हो गया। उनकी 102 रन की नाबाद पारी ने टीम के रन रेट को भी बेहद ऊंचे स्तर पर बनाए रखा।
गेंदबाजी में नमन धीर का डेब्यू भी भारत के लिए सकारात्मक रहा। उन्होंने तीन विकेट लेकर वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी की कमर तोड़ने में अहम भूमिका निभाई। कुलदीप यादव और अक्षर पटेल की स्पिन जोड़ी ने भी मध्य ओवरों में लगातार विकेट हासिल कर कैरेबियाई टीम को बड़ा स्कोर बनाने से रोक दिया।
इस तरह लखनऊ में खेला गया पहला टी20 मुकाबला भारत के नाम रहा। वेस्टइंडीज ने 171 रन बनाकर चुनौती पेश करने की कोशिश की, लेकिन श्रेयस अय्यर और ईशान किशन की शानदार बल्लेबाजी के सामने यह स्कोर छोटा साबित हुआ। अब सीरीज के अगले मुकाबले में वेस्टइंडीज की नजर वापसी पर होगी, जबकि भारतीय टीम 2-0 की बढ़त हासिल करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।



