चंडीगढ़ में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी होने के साथ ही प्रशासन ने अब उन पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए विशेष अभियान शुरू करने का फैसला किया है, जिनके नाम किसी कारणवश अंतिम सूची में दर्ज नहीं हो सके हैं। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे। इसके लिए शहर के सभी मतदान केंद्रों पर 7 से 11 अक्टूबर तक विशेष नामांकन शिविर लगाए जाएंगे।
इन शिविरों के दौरान बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) मतदान केंद्रों पर मौजूद रहेंगे और मतदाता सूची से संबंधित मामलों में नागरिकों की सहायता करेंगे। बीएलओ सुबह 10 बजे से दोपहर तीन बजे तक उपलब्ध रहेंगे। इस दौरान लोग अपने नाम की जांच कराने के साथ-साथ मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने, विवरण में सुधार कराने अथवा पता बदलने से संबंधित आवेदन भी कर सकेंगे।
प्रशासन की ओर से इस अभियान में विशेष रूप से युवाओं और पहली बार मतदान करने की पात्रता हासिल कर चुके नागरिकों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। निर्वाचन विभाग की कोशिश है कि ऐसे सभी युवा, जो निर्धारित आयु पूरी कर चुके हैं और मतदाता बनने के योग्य हैं, उनका पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए शैक्षणिक संस्थानों में भी जागरूकता गतिविधियां चलाने की योजना है।
पुरानी और नई मतदाता सूची का होगा मिलान
एसआईआर के बाद शुरू किए जा रहे इस अभियान में बीएलओ पुरानी और मौजूदा मतदाता सूचियों का भी मिलान करेंगे। एसआईआर से पहले उपलब्ध मतदाता सूची को वर्तमान अंतिम सूची से मिलाकर यह पता लगाया जाएगा कि किन नागरिकों के नाम पहले मतदाता सूची में दर्ज थे, लेकिन नई सूची में उनका नाम दिखाई नहीं दे रहा है।
ऐसे मामलों की अलग से जांच की जाएगी। बीएलओ संबंधित मतदाताओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी जुटाने के लिए जरूरत पड़ने पर उनके घरों तक भी पहुंचेंगे। इसका उद्देश्य यह पता लगाना होगा कि संबंधित व्यक्ति अब भी उसी पते पर रह रहा है या स्थानांतरित हो चुका है, उसकी मृत्यु तो नहीं हो चुकी है या किसी अन्य कारण से उसका नाम सूची में शामिल नहीं हो पाया है।
प्रशासन का मानना है कि इस प्रक्रिया से उन पात्र नागरिकों की पहचान करने में मदद मिलेगी, जो एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान किसी कारणवश अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए। साथ ही, मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने में भी यह अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
एएसडीडी सूची के आधार पर होगी जांच
एसआईआर के दौरान अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं की अलग-अलग सूचियां तैयार की गई हैं। इन्हें एएसडीडी श्रेणी के तहत रखा गया है। अब इन सूचियों को भी संबंधित स्तर पर उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वास्तविक स्थिति की दोबारा जांच की जा सके।
यदि जांच के दौरान यह सामने आता है कि संबंधित व्यक्ति वास्तव में पात्र है और उसका नाम मतदाता सूची में शामिल होना चाहिए, तो उसे नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया में सहायता दी जाएगी। इसके लिए संबंधित नागरिक को फॉर्म-6 भरना होगा। बीएलओ आवेदन भरने से लेकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने तक मतदाता की मदद करेंगे।
इस व्यवस्था से उन नागरिकों को विशेष सुविधा मिलने की उम्मीद है, जिन्हें मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी नहीं है या आवेदन भरने में परेशानी होती है। प्रशासन की कोशिश है कि विशेष शिविरों के दौरान अधिक से अधिक पात्र लोगों के आवेदन लिए जाएं और उन्हें निर्वाचन प्रक्रिया से जोड़ा जाए।
राजनीतिक दलों के बूथ एजेंट भी करेंगे सहयोग
मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ स्तर एजेंटों को भी शामिल किया गया है। प्रशासन की ओर से उन्हें बूथवार मतदाता सूचियां उपलब्ध कराई जाएंगी। बूथ स्तर एजेंट अपने क्षेत्र में छूटे हुए पात्र मतदाताओं की पहचान करने और उनकी जानकारी प्रशासन तक पहुंचाने में सहयोग कर सकेंगे।
इससे मतदाता सूची की जांच प्रक्रिया को अधिक व्यापक बनाने में मदद मिलेगी। प्रशासन और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के बीच समन्वय के माध्यम से ऐसे मामलों को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा, जहां किसी पात्र नागरिक का नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं हो पाया है।
बीएलओ और बूथ स्तर एजेंटों की स्थानीय स्तर पर मौजूदगी का लाभ उठाते हुए मतदाताओं को आवेदन की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और निर्धारित प्रपत्रों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।
युवाओं पर रहेगा विशेष जोर
अभियान का एक प्रमुख लक्ष्य नए और युवा मतदाताओं को निर्वाचन प्रक्रिया से जोड़ना है। इसके लिए शैक्षणिक संस्थानों में निर्वाचन साक्षरता क्लबों के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्वीप गतिविधियों और अन्य जनजागरूकता अभियानों के जरिये युवाओं को मतदाता पंजीकरण के लिए प्रेरित किया जाएगा।
प्रशासन की ओर से यह संदेश देने का प्रयास किया जाएगा कि मतदान का अधिकार तभी प्रभावी रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है, जब व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में दर्ज हो। इसलिए पात्र युवाओं से समय रहते अपना पंजीकरण कराने और मतदाता सूची में अपने नाम की जांच करने की अपील की जाएगी।
विशेष रूप से उन युवाओं को अभियान से जोड़ने पर जोर रहेगा, जो पहली बार मतदान करने वाले हैं। शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से उन्हें मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाएगी, ताकि उन्हें आवेदन करने में किसी तरह की परेशानी न हो।
अलग-अलग जरूरत के लिए अलग फॉर्म
प्रशासन ने मतदाता सूची में नाम और विवरण से जुड़े विभिन्न कार्यों के लिए निर्धारित प्रपत्रों की जानकारी भी दी है। नए मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने के लिए फॉर्म-6 का इस्तेमाल किया जाएगा। यदि किसी नाम को मतदाता सूची से हटाने या किसी प्रविष्टि पर आपत्ति दर्ज कराने की आवश्यकता है, तो फॉर्म-7 भरा जा सकता है।
इसी तरह, मतदाता का पता बदलने, मतदाता सूची में दर्ज विवरण में सुधार कराने या ईपीआईसी से संबंधित बदलाव के लिए फॉर्म-8 का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे नागरिक अपनी आवश्यकता के अनुसार संबंधित प्रपत्र भरकर मतदाता सूची में जरूरी बदलाव करा सकते हैं।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे विशेष शिविरों के दौरान अपने नाम और विवरण की जांच जरूर करें। यदि किसी नागरिक का नाम अंतिम मतदाता सूची में नहीं है, लेकिन वह पंजीकरण के लिए पात्र है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकता है।
ऑनलाइन माध्यम से भी उपलब्ध सेवाएं
मतदाता सूची से संबंधित सेवाएं केवल मतदान केंद्रों पर ही उपलब्ध नहीं होंगी। नागरिक ईसीआईनेट ऐप और पोर्टल के माध्यम से भी मतदाता पंजीकरण और अन्य निर्वाचन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। इससे उन लोगों को सुविधा मिलेगी, जो विशेष शिविरों के दौरान मतदान केंद्र तक नहीं पहुंच पाते।
प्रशासन ने नागरिकों को सलाह दी है कि ऑनलाइन माध्यम से आवेदन करने से पहले अपने नाम और मतदाता विवरण की जांच कर लें। किसी तरह की जानकारी या प्रक्रिया को लेकर समस्या होने पर मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क किया जा सकता है।
अंतिम सूची के बाद सुधार का अवसर
एसआईआर के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बावजूद निर्वाचन प्रक्रिया में पात्र नागरिकों को जोड़ने और आवश्यक सुधार करने की व्यवस्था जारी रहती है। इसी उद्देश्य से विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि अंतिम सूची तैयार होने के बाद भी यदि कोई पात्र नागरिक छूट गया है, तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से मतदाता सूची में शामिल होने का अवसर मिले।
7 से 11 अक्टूबर तक चलने वाला यह विशेष अभियान इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पांच दिनों तक मतदान केंद्रों पर बीएलओ की उपलब्धता से नागरिकों को सीधे सहायता मिल सकेगी। पुरानी और नई सूचियों के मिलान, एएसडीडी सूची की जांच, घर-घर सत्यापन और राजनीतिक दलों के बूथ एजेंटों के सहयोग से प्रशासन छूटे हुए पात्र मतदाताओं की पहचान करने का प्रयास करेगा।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने नाम की जांच करें और यदि उनका नाम मतदाता सूची में नहीं है या विवरण में किसी तरह की गलती है, तो विशेष अभियान का लाभ उठाएं। खासकर पहली बार मतदान करने जा रहे युवाओं से समय पर पंजीकरण कराने की अपील की गई है। निर्वाचन विभाग का लक्ष्य है कि मतदाता सूची में पात्र नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के साथ-साथ सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाया जा सके।




