मोबाइल और लैपटॉप पर झुके रहने से बढ़ रही गर्दन की परेशानी, रोजाना 5 मिनट निकालकर करें ये आसान एक्सरसाइज

मोबाइल और लैपटॉप पर झुके रहने से बढ़ रही गर्दन की परेशानी, रोजाना 5 मिनट निकालकर करें ये आसान एक्सरसाइज

आजकल लंबे समय तक मोबाइल चलाना, कंप्यूटर पर काम करना और लैपटॉप के सामने बैठकर लगातार स्क्रीन देखना हमारी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। ऑफिस में काम करने वाले लोगों से लेकर घर पर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों तक, बड़ी संख्या में लोग दिन के कई घंटे एक ही स्थिति में बैठे रहते हैं। इस दौरान कई बार सिर आगे की ओर झुक जाता है, कंधे नीचे आ जाते हैं और गर्दन की मांसपेशियों पर लगातार दबाव बना रहता है। शुरुआत में यह परेशानी मामूली थकान या खिंचाव के रूप में महसूस हो सकती है, लेकिन लंबे समय तक इस पर ध्यान नहीं देने से गर्दन में दर्द, अकड़न और सिर घुमाने में परेशानी होने लगती है।

अगर सुबह उठने के बाद गर्दन भारी महसूस होती है या लंबे समय तक फोन इस्तेमाल करने के बाद गर्दन को दाएं-बाएं घुमाने में असहजता होती है, तो अपनी बैठने की आदतों पर ध्यान देना जरूरी है। हालांकि, गर्दन में अकड़न होने का कारण हमेशा स्क्रीन देखना ही नहीं होता। गलत तरीके से सोना, शारीरिक गतिविधियों की कमी, मांसपेशियों में खिंचाव और काम के दौरान लगातार एक ही मुद्रा में बैठे रहना भी इसकी वजह बन सकते हैं। ऐसी स्थिति में हल्की और नियंत्रित स्ट्रेचिंग कुछ लोगों को राहत देने में मदद कर सकती है। गर्दन की मांसपेशियों को आराम देने के लिए कुछ आसान मूवमेंट अपनी दिनचर्या में शामिल किए जा सकते हैं। इन्हें करने के लिए किसी खास उपकरण की जरूरत नहीं होती और सामान्य तौर पर कुछ मिनट पर्याप्त होते हैं।

गर्दन में अकड़न की समस्या क्यों बढ़ रही है?

लंबे समय तक स्क्रीन का इस्तेमाल करते समय लोग अक्सर अपनी गर्दन को आगे की ओर झुका लेते हैं। मोबाइल फोन को नीचे रखकर देखने पर सिर लगातार आगे की तरफ रहता है। इसी तरह, अगर कंप्यूटर की स्क्रीन बहुत नीचे हो या कुर्सी और टेबल की ऊंचाई सही न हो, तो गर्दन और कंधों को असहज स्थिति में रहना पड़ सकता है। इस मुद्रा में लंबे समय तक रहने से मांसपेशियों में थकान और तनाव महसूस हो सकते हैं।

इसके अलावा, काम के दौरान ब्रेक नहीं लेना और घंटों तक बिना हिले-डुले बैठे रहना भी परेशानी को बढ़ा सकता है। कई लोग गर्दन में हल्का दर्द होने पर भी लगातार मोबाइल चलाते रहते हैं, जिससे मांसपेशियों को आराम मिलने का समय नहीं मिलता। ऐसे में केवल स्ट्रेचिंग पर निर्भर रहने के बजाय स्क्रीन इस्तेमाल करने के तरीके, बैठने की मुद्रा और रोजाना की शारीरिक गतिविधियों में सुधार करना भी जरूरी है।

1. चिन टक एक्सरसाइज से गर्दन की मुद्रा सुधारने में मिल सकती है मदद

चिन टक (Chin Tuck) एक आसान मूवमेंट है, जिसका इस्तेमाल गर्दन की मुद्रा पर ध्यान देने और सिर को आगे की ओर झुकाकर रखने की आदत को सुधारने के लिए किया जाता है। इसे खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी माना जाता है, जो लंबे समय तक कंप्यूटर या मोबाइल के सामने बैठते हैं।

इसे करने के लिए कुर्सी पर आराम से बैठ जाएं और अपनी पीठ को सीधा रखें। कंधों को ढीला छोड़ें और आंखों को सामने की ओर रखें। अब सिर को ऊपर या नीचे झुकाए बिना ठुड्डी को धीरे-धीरे पीछे की ओर ले जाएं। ऐसा करते समय महसूस होगा कि सिर थोड़ा पीछे जा रहा है और गर्दन लंबी हो रही है। इस स्थिति में लगभग 3 से 5 सेकंड रुकें और फिर सामान्य अवस्था में लौट आएं।

शुरुआत में इस मूवमेंट को 5 बार दोहराया जा सकता है। अगर इससे परेशानी नहीं होती, तो धीरे-धीरे दोहराव बढ़ाया जा सकता है। इसे करते समय सिर को जोर से पीछे न धकेलें और न ही गर्दन पर अतिरिक्त दबाव डालें। इसका उद्देश्य गर्दन को आरामदायक स्थिति में लाना है, न कि खिंचाव को जबरदस्ती बढ़ाना।

2. नेक टिल्ट से गर्दन के किनारों को दें हल्का खिंचाव

गर्दन के दोनों ओर खिंचाव महसूस होने पर नेक टिल्ट एक आसान विकल्प हो सकता है। यह मूवमेंट गर्दन के किनारे की मांसपेशियों को हल्का स्ट्रेच करने में मदद करता है। इसे बैठकर या सीधे खड़े होकर किया जा सकता है।

सबसे पहले अपनी पीठ सीधी रखें और दोनों कंधों को सामान्य स्थिति में रहने दें। अब धीरे-धीरे सिर को दाईं ओर झुकाएं। ध्यान रखें कि दायां कान कंधे की दिशा में जाए, लेकिन कंधे को कान तक उठाने की कोशिश न करें। गर्दन की बाईं ओर हल्का खिंचाव महसूस हो सकता है। इस अवस्था में करीब 10 से 15 सेकंड तक रुकें और फिर धीरे-धीरे सिर को बीच में ले आएं।

इसके बाद यही प्रक्रिया बाईं ओर दोहराएँ। दोनों तरफ मूवमेंट करते समय शरीर को स्थिर रखें और गर्दन को झटके से न झुकाएं। अगर हल्का खिंचाव आरामदायक लगता है, तो इसे कुछ बार दोहराया जा सकता है। लेकिन सिर को हाथ से खींचकर नीचे करने या दर्द सहते हुए स्ट्रेच करने से बचें। इस एक्सरसाइज का उद्देश्य आराम देना है, इसलिए इसकी गति हमेशा धीमी और नियंत्रित होनी चाहिए।

3. गर्दन को धीरे-धीरे घुमाएं, लेकिन गोल चक्कर लगाने से बचें

गर्दन को घुमाने की एक्सरसाइज करते समय सावधानी रखना बहुत जरूरी है। गर्दन की अकड़न कम करने के लिए सिर को एक तरफ से दूसरी तरफ धीरे-धीरे घुमाया जा सकता है। हालांकि, सिर को पूरी तरह गोल-गोल घुमाने से कुछ लोगों को परेशानी बढ़ सकती है, इसलिए गर्दन में दर्द या जकड़न होने पर बड़े गोल चक्कर लगाने से बचना बेहतर है।

इसकी जगह सीधे बैठकर धीरे-धीरे ठुड्डी को दाईं ओर ले जाएं। जहां तक बिना दर्द के आराम से घूम सकें, वहीं रुकें। कुछ सेकंड बाद सिर को वापस बीच में लाएं और फिर बाईं ओर घुमाएं। इस दौरान कंधों को स्थिर रखें और शरीर के ऊपरी हिस्से को साथ में न मोड़ें।

शुरुआत में हर तरफ 3 से 5 बार यह मूवमेंट करना पर्याप्त हो सकता है। गर्दन को उसकी प्राकृतिक सीमा से अधिक घुमाने की कोशिश न करें। अगर ऐसा करने से चक्कर आते हैं, दर्द बढ़ता है या हाथों में झनझनाहट महसूस होती है, तो तुरंत रुक जाएं। लगातार या बार-बार होने वाले ऐसे लक्षणों की स्थिति में चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

4. कंधों को रिलैक्स करने के लिए शोल्डर रोल भी करें

कई बार गर्दन की अकड़न के साथ कंधों में भी तनाव महसूस होता है। लंबे समय तक कीबोर्ड पर काम करने, माउस चलाने या मोबाइल पकड़कर बैठने के कारण कंधे अकड़े हुए लग सकते हैं। ऐसे में हल्के शोल्डर रोल को अपनी छोटी स्ट्रेचिंग दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है।

इसे करने के लिए सीधे बैठें और दोनों हाथों को आराम से नीचे रखें। अब कंधों को धीरे-धीरे कानों की दिशा में उठाएं, फिर पीछे की ओर ले जाएं और नीचे छोड़ दें। इस प्रक्रिया को बिना झटके के 5 से 10 बार दोहराएं। इसके बाद चाहें तो कंधों को आगे की ओर घुमाते हुए भी कुछ बार यही मूवमेंट कर सकते हैं।

इस एक्सरसाइज से कंधों को हिलाने-डुलाने का अवसर मिलता है और लंबे समय तक एक ही मुद्रा में रहने से होने वाली जकड़न में कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि, कंधे या गर्दन में चोट होने पर इसे करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।

5. हर 45 मिनट बाद स्क्रीन से ब्रेक लेना न भूलें

गर्दन को स्वस्थ रखने के लिए केवल एक्सरसाइज करना ही पर्याप्त नहीं है। दिनभर की आदतों में छोटे बदलाव भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अगर आप लगातार कंप्यूटर पर काम करते हैं, तो लगभग हर 30 से 45 मिनट बाद थोड़ी देर के लिए अपनी स्थिति बदलें। कुर्सी से उठकर कुछ कदम चलें, कंधों को आराम दें और आंखों को स्क्रीन से हटाकर दूर देखें।

कंप्यूटर की स्क्रीन को इस तरह रखें कि उसे देखने के लिए गर्दन को लगातार नीचे झुकाना न पड़े। मोबाइल इस्तेमाल करते समय भी फोन को बहुत नीचे रखने के बजाय आरामदायक ऊंचाई पर रखें। बैठते समय पीठ को सहारा दें, दोनों पैरों को जमीन पर टिकाएं और कंधों को अनावश्यक रूप से तनाव में न रखें।

अगर आपका काम कई घंटों तक बैठकर करने वाला है, तो दिनचर्या में पैदल चलना और अन्य हल्की शारीरिक गतिविधियां शामिल करना भी उपयोगी हो सकता है। नियमित रूप से अपनी स्थिति बदलने से एक ही मांसपेशी समूह पर लगातार दबाव पड़ने की संभावना कम की जा सकती है।

स्ट्रेचिंग करते समय इन सावधानियों को जरूर समझें

गर्दन की एक्सरसाइज हमेशा धीरे-धीरे और अपनी सहज क्षमता के अनुसार करनी चाहिए। शुरुआत में बहुत ज्यादा स्ट्रेच करने या कम समय में कई बार दोहराने की जरूरत नहीं है। पांच मिनट की हल्की गतिविधि को भी आराम से किया जा सकता है। अगर किसी मूवमेंट के दौरान तेज दर्द, चक्कर, असामान्य सिरदर्द या हाथों में सुन्नपन महसूस हो, तो उसे तुरंत बंद कर दें।

यह भी समझना जरूरी है कि स्ट्रेचिंग से हर तरह के गर्दन दर्द का इलाज नहीं होता। अगर दर्द कई दिनों तक बना रहता है, बार-बार लौटता है, चोट लगने के बाद शुरू हुआ है या इसके साथ हाथों में कमजोरी अथवा झनझनाहट होती है, तो डॉक्टर से जांच कराएं। तेज दर्द या अचानक होने वाले गंभीर लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

कुल मिलाकर, स्क्रीन के सामने लंबे समय तक बैठने वालों के लिए गर्दन की सही मुद्रा बनाए रखना, नियमित ब्रेक लेना और हल्की एक्सरसाइज करना उपयोगी आदतें हो सकती हैं। चिन टक, नेक टिल्ट और नियंत्रित गर्दन मूवमेंट जैसी गतिविधियों को अपनी दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है। हालांकि, इनका उद्देश्य मांसपेशियों को सहज रूप से हिलाना और तनाव कम करने में मदद करना है, न कि तुरंत या निश्चित रूप से दर्द खत्म करने का दावा करना। लगातार परेशानी होने पर सही कारण जानने के लिए विशेषज्ञ की सलाह लेना सबसे बेहतर कदम है।