भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी-20 सीरीज में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए लगातार दूसरी जीत हासिल कर ली है। रायपुर में खेले गए दूसरे मुकाबले में टीम इंडिया ने जिम्बाब्वे को 9 विकेट से करारी शिकस्त दी। पहले गेंदबाजों ने विपक्षी टीम को बड़ा स्कोर बनाने से रोका और फिर भारतीय बल्लेबाजों ने तूफानी अंदाज में लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की ऐसी बढ़त बना ली है, जिसे अब जिम्बाब्वे की टीम बराबर नहीं कर सकती।
मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खासियत सलामी जोड़ी का आक्रामक रवैया रहा। शेफाली वर्मा ने मैदान पर उतरते ही जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। उन्होंने केवल 25 गेंदों का सामना करते हुए 55 रन की विस्फोटक पारी खेली। दूसरी ओर कप्तान स्मृति मंधाना ने भी अपने अनुभव और आक्रामक बल्लेबाजी का बेहतरीन प्रदर्शन किया। मंधाना 23 गेंदों पर 47 रन बनाकर नाबाद लौटीं। दोनों बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन के कारण भारत को जीत हासिल करने में ज्यादा समय नहीं लगा।
महज 8.5 ओवर में भारत ने पूरा किया लक्ष्य
जिम्बाब्वे की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में आठ विकेट गंवाकर 102 रन बनाए थे। भारतीय टीम के सामने जीत के लिए 103 रन का लक्ष्य था। आमतौर पर टी-20 क्रिकेट में इस स्कोर को हासिल करना मुश्किल चुनौती नहीं माना जाता, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने जिस अंदाज में रन बनाए, उसने मुकाबले को एकतरफा बना दिया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना की जोड़ी ने शुरुआत से ही तेज रन बटोरने पर ध्यान दिया। दोनों ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को संभलने का मौका नहीं दिया और पावरप्ले के छह ओवर समाप्त होने तक भारत के खाते में बिना किसी नुकसान के 76 रन जुड़ चुके थे।
शेफाली ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के दौरान चौके-छक्के लगाकर दर्शकों का मनोरंजन किया। उन्होंने केवल 24 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास और तेजी साफ नजर आई। दूसरी तरफ मंधाना ने भी तेजी से रन बनाते हुए विपक्षी गेंदबाजों की मुश्किलें बढ़ाईं।
भारत की पहली विकेट के लिए 87 रन की साझेदारी हुई। शेफाली 55 रन बनाकर पवेलियन लौटीं, लेकिन तब तक मुकाबले का रुख पूरी तरह भारतीय टीम के पक्ष में हो चुका था। मंधाना ने अपनी पारी को आगे बढ़ाया और नाबाद रहते हुए टीम को जीत तक पहुंचाया। भारत ने 8.5 ओवर में एक विकेट के नुकसान पर 103 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
शेफाली वर्मा ने बनाया साल का बड़ा रिकॉर्ड
जिम्बाब्वे के खिलाफ शेफाली वर्मा की पारी सिर्फ मैच जिताने के लिहाज से ही अहम नहीं रही, बल्कि इसने उनके नाम एक बड़ा व्यक्तिगत रिकॉर्ड भी दर्ज करा दिया। शेफाली अब 2026 में महिला टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं।
इस कैलेंडर वर्ष में उनके नाम 922 रन दर्ज हो चुके हैं। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने दक्षिण अफ्रीका की लौरा वोल्वार्ट को पीछे छोड़ दिया है। वोल्वार्ट ने 2026 में महिला टी-20 इंटरनेशनल मुकाबलों में 824 रन बनाए थे। शेफाली ने उनसे आगे निकलकर साल की सबसे सफल बल्लेबाजों में अपनी जगह मजबूत कर ली है।
शेफाली की मौजूदा फॉर्म भारतीय टीम के लिए बेहद अहम है। पारी की शुरुआत में तेजी से रन बनाने की उनकी क्षमता विपक्षी टीमों पर शुरुआती दबाव डालती है। जिम्बाब्वे के खिलाफ भी उन्होंने यही रणनीति अपनाई और लक्ष्य का पीछा करते हुए मुकाबले को जल्द खत्म करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनकी 55 रन की पारी ने भारत को आसान जीत दिलाने के साथ यह भी दिखाया कि वह बड़े स्कोर बनाने के लिए लगातार तैयार हैं। कम गेंदों में अर्धशतक पूरा करना उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का प्रमाण रहा।
स्मृति मंधाना ने कप्तानी के साथ बल्लेबाजी में भी दिखाया दम
भारतीय टीम की इस जीत में कप्तान स्मृति मंधाना का योगदान भी उतना ही महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने एक छोर संभालते हुए तेजी से रन बनाए और शेफाली के साथ मिलकर जिम्बाब्वे की गेंदबाजी को पूरी तरह दबाव में रखा।
मंधाना ने 23 गेंदों में नाबाद 47 रन बनाए। उनकी पारी की बदौलत भारत ने लक्ष्य तक पहुंचने में कोई अनावश्यक जोखिम नहीं लिया। सलामी जोड़ी के बीच बेहतर तालमेल और लगातार रन बनाने की रणनीति ने भारतीय टीम के लिए जीत का रास्ता आसान कर दिया।
कप्तान के तौर पर मंधाना के नेतृत्व में भारत ने लगातार दूसरी जीत दर्ज की है। टीम ने पहले गेंदबाजी में विपक्षी बल्लेबाजों को बांधकर रखा और फिर लक्ष्य का पीछा करते समय आक्रामक रुख अपनाया। दोनों विभागों में इस तरह का प्रदर्शन सीरीज में भारत की मजबूती को दर्शाता है।
शेफाली और मंधाना के बीच बनी 87 रन की साझेदारी मैच का निर्णायक मोड़ रही। इस जोड़ी ने शुरुआती ओवरों में ही जिम्बाब्वे की वापसी की संभावनाओं को काफी कम कर दिया। शेफाली के आउट होने के बाद भी भारत की स्थिति मजबूत बनी रही और मंधाना ने जीत की औपचारिकता पूरी कर दी।
भारतीय महिला टीम ने साल में दर्ज की 17वीं टी-20 जीत
जिम्बाब्वे पर जीत भारतीय टीम के लिए एक और खास उपलब्धि लेकर आई। टीम इंडिया ने 2026 में अपनी 17वीं महिला टी-20 इंटरनेशनल जीत दर्ज कर ली है। यह एक कैलेंडर वर्ष में भारतीय महिला टीम की सबसे अधिक जीत का आंकड़ा है।
इससे पहले भारत ने 2018 में 23 टी-20 इंटरनेशनल मुकाबलों में 16 जीत हासिल की थीं। अब 2026 में टीम ने उस आंकड़े को पीछे छोड़ दिया है। लगातार अच्छा प्रदर्शन करने और अलग-अलग परिस्थितियों में जीत दर्ज करने से भारतीय टीम ने इस साल अपनी सफलता का नया रिकॉर्ड बनाया है।
एक कैलेंडर वर्ष में जीत की संख्या किसी टीम के निरंतर प्रदर्शन को दर्शाती है। भारतीय महिला टीम ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों क्षेत्रों में अच्छा तालमेल दिखाते हुए यह उपलब्धि हासिल की है। जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी-20 में मिली जीत भी इसी निरंतरता का हिस्सा है।
इस मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों ने पहले जिम्बाब्वे को 102 रन तक सीमित किया। इसके बाद बल्लेबाजों ने कम समय में लक्ष्य पूरा कर लिया। इस तरह टीम को जीत हासिल करने के लिए पूरे 20 ओवर खेलने की जरूरत भी नहीं पड़ी।
जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी भारतीय गेंदबाजों के सामने लड़खड़ाई
इससे पहले मुकाबले में टॉस के बाद बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने खुलकर रन नहीं बना सकी। टीम ने 20 ओवर में आठ विकेट के नुकसान पर 102 रन जुटाए। पारी के दौरान कुछ बल्लेबाजों ने उपयोगी योगदान दिया, लेकिन लगातार विकेट गिरने के कारण जिम्बाब्वे बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही।
चिपो मुगेरी-तिरिपानो ने 34 रन बनाए, जबकि जोसेफिन नकोमो ने 27 रन की पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों के बीच तीसरे विकेट के लिए 45 रन की साझेदारी हुई। इस साझेदारी से जिम्बाब्वे को पारी संभालने में मदद मिली और टीम ने कुछ समय तक भारतीय गेंदबाजों का मुकाबला किया।
हालांकि, भारतीय गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा। जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी नियमित अंतराल पर विकेट गंवाती रही। इसका असर रन गति पर भी पड़ा और टीम निर्धारित ओवरों में बड़ा स्कोर बनाने से दूर रह गई।
भारतीय गेंदबाजों ने अपनी लाइन और लेंथ पर नियंत्रण रखते हुए बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। जिम्बाब्वे की पारी में तीन खिलाड़ी रनआउट भी हुईं, जिससे टीम की मुश्किलें और बढ़ गईं।
निकी प्रसाद ने लगातार दो गेंदों पर झटके विकेट
भारतीय गेंदबाजी में निकी प्रसाद का प्रदर्शन खास रहा। उन्होंने जिम्बाब्वे की पारी के 14वें ओवर में लगातार दो गेंदों पर दो विकेट लेकर विपक्षी टीम को बड़ा झटका दिया। उनकी इस सफलता से जिम्बाब्वे की पारी पर दबाव और बढ़ गया।
ओवर की पहली गेंद पर निकी ने चिपो मुगेरी-तिरिपानो को आउट किया। विकेट के पीछे मौजूद ऋचा घोष ने उनका कैच लपक लिया। इसके बाद अगली ही गेंद पर न्याशा ग्वांजुरा को एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया गया। ग्वांजुरा अपना खाता भी नहीं खोल सकीं।
लगातार दो गेंदों पर विकेट मिलने के बाद निकी प्रसाद के पास हैट्रिक हासिल करने का मौका था। हालांकि, वह तीसरा विकेट नहीं ले सकीं और उनकी हैट्रिक पूरी नहीं हो पाई। इसके बावजूद दो लगातार गेंदों पर विकेट लेना भारतीय गेंदबाजी के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा।
निकी ने मुकाबले में कुल दो विकेट हासिल किए। उनके अलावा दीप्ति शर्मा, नंदनी शर्मा, क्रांति गौड़ और श्री चरणी ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया। गेंदबाजों के सामूहिक प्रदर्शन ने जिम्बाब्वे को 102 रन पर रोकने में अहम भूमिका निभाई।
सीरीज पर भारत का कब्जा, अब आखिरी मुकाबले पर नजर
दूसरे टी-20 में जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। अब जिम्बाब्वे की टीम आखिरी मुकाबला जीतकर सीरीज का अंत बेहतर अंदाज में करने की कोशिश करेगी, जबकि भारत की नजरें तीसरे मैच में भी जीत हासिल कर क्लीन स्वीप करने पर रहेंगी।
रायपुर में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण में प्रभावी प्रदर्शन किया। गेंदबाजों ने जिम्बाब्वे को कम स्कोर पर रोका, जबकि शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से लक्ष्य को बेहद आसान बना दिया।
शेफाली का रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन, मंधाना की नाबाद पारी और निकी प्रसाद के लगातार दो विकेट इस मुकाबले की प्रमुख उपलब्धियां रहीं। भारतीय टीम ने न सिर्फ सीरीज में अपनी स्थिति मजबूत की, बल्कि 2026 में महिला टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी जीत का नया रिकॉर्ड भी कायम किया। अब सभी की निगाहें आखिरी मुकाबले पर होंगी, जहां भारतीय टीम जीत की लय बरकरार रखते हुए सीरीज का समापन करना चाहेगी।




