हिमाचल में डीए बढ़ोतरी पर कर्मचारी संगठनों ने जताया आभार, पेंशनर्स ने दिवाली तक बकाया चुकाने की मांग उठाई

हिमाचल में डीए बढ़ोतरी पर कर्मचारी संगठनों ने जताया आभार, पेंशनर्स ने दिवाली तक बकाया चुकाने की मांग उठाई

महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत होने से कर्मचारियों को राहत, लंबित एरियर और वित्तीय लाभों के भुगतान को लेकर सरकार पर बढ़ा दबाव

हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (डीए) पांच प्रतिशत बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने के फैसले का कर्मचारी संगठनों ने स्वागत किया है। विभिन्न कर्मचारी महासंघों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का आभार जताते हुए इसे कर्मचारियों को आर्थिक राहत देने वाला कदम बताया है। हालांकि, कर्मचारी संगठनों ने स्पष्ट किया है कि महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के साथ-साथ लंबे समय से लंबित एरियर और अन्य वित्तीय देनदारियों का भुगतान भी जल्द किया जाना चाहिए।

कर्मचारी संगठनों ने सरकार से मांग की है कि लंबित राशि के भुगतान के लिए शीघ्र आदेश जारी किए जाएं, ताकि कर्मचारियों को दिवाली से पहले राहत मिल सके। वहीं, पेंशनर्स संगठनों ने भी अपने बकाया वित्तीय लाभों का मुद्दा उठाते हुए सरकार से लंबित देनदारियां जल्द जारी करने की मांग की है। पेंशनर्स का कहना है कि महंगाई के मौजूदा दौर में उन्हें समय पर वित्तीय लाभ मिलना जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि दिवाली तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आगामी शीतकालीन विधानसभा सत्र के दौरान विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

एरियर भुगतान के आदेश जल्द जारी करने की मांग

हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप ठाकुर और महासचिव भरत शर्मा ने महंगाई भत्ते में पांच प्रतिशत वृद्धि के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डीए में बढ़ोतरी से कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलेगी। बढ़ती महंगाई के बीच वेतन में होने वाली यह वृद्धि कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण है।

महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार को कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ते के एरियर और अन्य वित्तीय देनदारियों के भुगतान को भी प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि एरियर जारी करने के आदेश बिना देरी के जारी किए जाएं, ताकि कर्मचारियों को उनकी देय राशि समय पर मिल सके।

महासंघ ने विशेष रूप से दिवाली से पहले लंबित भुगतान करने का आग्रह किया है। संगठन का कहना है कि त्योहार के समय कर्मचारियों को आर्थिक सहायता मिलने से उन्हें घरेलू खर्चों को पूरा करने में सुविधा होगी। महंगाई भत्ते में वृद्धि के फैसले का स्वागत करते हुए महासंघ ने उम्मीद जताई कि सरकार कर्मचारियों से जुड़े अन्य वित्तीय मामलों का भी जल्द समाधान करेगी।

चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 10 हजार रुपये एरियर देने का स्वागत

कर्मचारी महासंघ ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को नवंबर के वेतन के साथ 10 हजार रुपये का बकाया एरियर देने की घोषणा का भी स्वागत किया है। महासंघ के अनुसार, यह फैसला संबंधित कर्मचारियों को आर्थिक राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

संगठन ने कहा कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सरकारी व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं और उनकी वित्तीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। महासंघ ने सरकार से आग्रह किया कि कर्मचारियों के अन्य लंबित लाभों के भुगतान की प्रक्रिया में भी तेजी लाई जाए।

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि महंगाई भत्ते में वृद्धि से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, लेकिन बकाया राशि का भुगतान भी उतना ही जरूरी है। इसलिए सरकार को घोषित राहत के साथ-साथ लंबित वित्तीय देनदारियों के निपटारे के लिए भी समयबद्ध कदम उठाने चाहिए।

लंबित मांगों पर सकारात्मक फैसले की उम्मीद

हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ एवं हिमाचल प्रदेश गैर-शैक्षणिक कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष त्रिलोक ठाकुर ने कहा कि महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी से कर्मचारियों को राहत मिलेगी और उनका मनोबल बढ़ेगा। उन्होंने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि कर्मचारियों की अन्य लंबित मांगों पर भी सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।

त्रिलोक ठाकुर के अनुसार, कर्मचारियों की वित्तीय समस्याओं का समाधान करना जरूरी है। महंगाई भत्ते में वृद्धि से राहत जरूर मिलेगी, लेकिन लंबे समय से लंबित भुगतान और अन्य मांगों पर कार्रवाई होने से कर्मचारियों का सरकार पर भरोसा और मजबूत होगा।

उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए लंबित मामलों पर उचित कदम उठाएगी। कर्मचारी संगठनों की मांग है कि सरकार और कर्मचारियों के बीच संवाद के जरिए वित्तीय समस्याओं का समाधान किया जाए, ताकि कर्मचारियों को अपने अधिकारों के लिए बार-बार मांग न उठानी पड़े।

सचिवालय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ ने भी जताया आभार

हिमाचल प्रदेश सचिवालय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के प्रधान संदीप सिंह और महासचिव नरेंद्र कुमार ने भी महंगाई भत्ते में पांच प्रतिशत वृद्धि और एरियर भुगतान की घोषणा के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है।

संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि इस फैसले से कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से कर्मचारियों के वित्तीय हितों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया यह कदम स्वागतयोग्य है।

हालांकि, संघ ने सरकार से शेष देय महंगाई भत्ते और अन्य लंबित वित्तीय लाभों का भी जल्द भुगतान करने का आग्रह किया है। संगठन ने कहा कि कर्मचारियों की जायज मांगों पर समय रहते निर्णय लिया जाना चाहिए। इससे कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और सरकारी कामकाज में उनका मनोबल भी बना रहेगा।

संघ ने उम्मीद जताई कि सरकार भविष्य में भी कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाएगी। संगठन का कहना है कि घोषित लाभों के साथ-साथ लंबित देनदारियों का भुगतान सुनिश्चित करना भी जरूरी है, ताकि कर्मचारियों को वास्तविक राहत मिल सके।

पेंशनर्स ने दिवाली तक सभी लंबित देनदारियां जारी करने को कहा

एक ओर कर्मचारी संगठनों ने डीए वृद्धि का स्वागत किया है, वहीं दूसरी ओर पेंशनर्स ने लंबित वित्तीय लाभों का भुगतान नहीं होने पर नाराजगी जताई है। पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के ब्लॉक टूटू की कोहबाग में हुई त्रैमासिक बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।

बैठक में हिमाचल प्रदेश संयुक्त संघर्ष समिति के अतिरिक्त महासचिव भूप राम वर्मा ने कहा कि एक जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2021 के बीच सेवानिवृत्त हुए पेंशनर्स को अभी तक लीव इनकैशमेंट, ग्रेच्युटी, कम्यूटेशन और 15 प्रतिशत महंगाई भत्ते एवं महंगाई राहत से संबंधित भुगतान नहीं मिला है।

वर्मा ने कहा कि लंबित वित्तीय लाभों के कारण पेंशनर्स को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस अवधि में सेवानिवृत्त हुए 800 से अधिक पेंशनर्स की मृत्यु हो चुकी है। उनके परिवार भी लंबित राशि के भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे हैं और उन्हें आर्थिक कठिनाइयों से गुजरना पड़ रहा है।

उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि पेंशनर्स की देनदारियों को गंभीरता से लेते हुए दिवाली से पहले भुगतान जारी किया जाए। उनके अनुसार, सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए बकाया राशि महत्वपूर्ण है, इसलिए इसके निपटारे में और देरी नहीं होनी चाहिए।

भुगतान नहीं हुआ तो तपोवन में करेंगे आक्रोश रैली

भूप राम वर्मा ने चेतावनी दी कि यदि दिवाली से पहले सभी लंबित वित्तीय देनदारियां जारी नहीं की गईं तो पेंशनर्स आगामी शीतकालीन विधानसभा सत्र के दौरान धर्मशाला के तपोवन में विशाल आक्रोश रैली करेंगे।

उन्होंने कहा कि पेंशनर्स लंबे समय से अपने वित्तीय लाभों के भुगतान की मांग कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और भुगतान के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

पेंशनर्स संगठनों का कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले वित्तीय लाभ उनके लिए आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार होते हैं। इनका भुगतान लंबे समय तक लंबित रहने से बुजुर्ग पेंशनर्स और उनके परिवारों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इसलिए सरकार को बकाया राशि जारी करने के लिए स्पष्ट समयसीमा तय करनी चाहिए।

आठ प्रतिशत महंगाई राहत जारी करने की मांग

पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश की शिमला शहरी इकाई ने भी सरकार की ओर से पांच प्रतिशत महंगाई राहत की अधिसूचना जारी किए जाने को अपर्याप्त बताया है। इकाई के प्रधान मदन लाल शर्मा और महासचिव सुभाष वर्मा ने कहा कि मौजूदा समय में महंगाई का दबाव काफी अधिक है। ऐसे में पेंशनर्स को मिलने वाली महंगाई राहत और अन्य वित्तीय लाभ समय पर जारी किए जाने चाहिए।

पदाधिकारियों ने कहा कि केंद्रीय पेंशनर्स को 80 प्रतिशत महंगाई राहत मिलने की बात सामने रखते हुए उन्होंने राज्य के पेंशनर्स के साथ अंतर का मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि एक ही प्रदेश में रहने वाले केंद्रीय और राज्य पेंशनर्स के बीच महंगाई राहत में अंतर होने से राज्य के पेंशनर्स स्वयं को अपेक्षाकृत कम लाभ मिलने की स्थिति में देखते हैं।

महासचिव सुभाष वर्मा ने सरकार से आग्रह किया कि नववर्ष की पूर्व संध्या पर शेष आठ प्रतिशत महंगाई राहत देने की घोषणा की जाए। इसके साथ ही उन्होंने महंगाई राहत के एरियर का तुरंत भुगतान करने की मांग भी उठाई।

सरकार से कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत की अपेक्षा

हिमाचल प्रदेश में महंगाई भत्ते में पांच प्रतिशत वृद्धि के फैसले से कर्मचारी संगठनों को राहत की उम्मीद जगी है। कर्मचारी महासंघों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ ने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए सरकार का आभार जताया है। हालांकि, संगठनों ने यह भी स्पष्ट किया है कि लंबित एरियर और अन्य वित्तीय लाभों का भुगतान किए बिना कर्मचारियों की सभी समस्याओं का समाधान नहीं होगा।

दूसरी ओर, पेंशनर्स संगठनों ने बकाया राशि जारी करने के लिए सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। उनकी मांग है कि लंबित महंगाई राहत, ग्रेच्युटी, कम्यूटेशन और अन्य वित्तीय लाभों का भुगतान जल्द किया जाए। पेंशनर्स ने दिवाली तक राहत नहीं मिलने की स्थिति में आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

अब कर्मचारियों और पेंशनर्स की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। कर्मचारी संगठन जहां घोषित लाभों के साथ लंबित एरियर के भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे हैं, वहीं पेंशनर्स अपने लंबे समय से अटके वित्तीय मामलों के समाधान की मांग कर रहे हैं। सरकार की ओर से इन मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई होने से दोनों वर्गों को आर्थिक राहत मिल सकती है।