सर्दियों में गर्म पानी से नहाना पड़ सकता है त्वचा पर भारी, इन गलतियों से बढ़ सकता है रूखापन और खुजली

सर्दियों में गर्म पानी से नहाना पड़ सकता है त्वचा पर भारी, इन गलतियों से बढ़ सकता है रूखापन और खुजली

ठंड का मौसम शुरू होते ही नहाने के लिए गर्म पानी का इस्तेमाल बढ़ जाता है। सुबह बिस्तर से निकलने के बाद ठंडे वातावरण में गर्म पानी से नहाना लोगों को काफी राहत देता है। कई लोग तो सर्दियों में नहाते समय पानी का तापमान इतना बढ़ा देते हैं कि शरीर से भाप निकलने लगती है। वहीं, कुछ लोगों को लंबे समय तक गर्म पानी के नीचे खड़े रहना पसंद होता है। इससे उन्हें आराम महसूस होता है और दिनभर की थकान भी कम लग सकती है। हालांकि, नहाने का यह तरीका आपकी त्वचा के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। जरूरत से ज्यादा गर्म पानी और लंबे समय तक नहाने की आदत त्वचा की प्राकृतिक नमी को प्रभावित कर सकती है। इसका असर खासतौर पर उन लोगों पर पड़ सकता है, जिनकी त्वचा पहले से रूखी या संवेदनशील है।

गर्म पानी से नहाने पर त्वचा को क्यों होता है नुकसान?

त्वचा केवल शरीर को ढकने वाली एक परत नहीं है, बल्कि यह बाहरी वातावरण और शरीर के बीच एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच का काम करती है। इसकी सबसे बाहरी परत शरीर के अंदर नमी बनाए रखने और धूल, प्रदूषण तथा दूसरी बाहरी चीजों से बचाव करने में मदद करती है। इस परत को स्वस्थ रखने में त्वचा पर मौजूद प्राकृतिक तेलों की भी अहम भूमिका होती है।

जब आप बहुत गर्म पानी से नहाते हैं, तो त्वचा की सतह पर मौजूद प्राकृतिक तेल प्रभावित हो सकते हैं। ये तेल त्वचा को मुलायम बनाए रखने और नमी को लंबे समय तक टिकाए रखने में मदद करते हैं। इनके कम होने पर त्वचा की नमी तेजी से घट सकती है। नतीजतन, त्वचा पहले की तुलना में ज्यादा खिंची हुई, खुरदरी और बेजान महसूस होने लगती है।

यह समस्या केवल एक बार गर्म पानी से नहाने तक सीमित नहीं है। अगर कोई व्यक्ति रोजाना बहुत गर्म पानी का इस्तेमाल करता है और त्वचा की देखभाल पर ध्यान नहीं देता, तो रूखापन लगातार बढ़ सकता है। हालांकि, इसका असर हर व्यक्ति की त्वचा के प्रकार और उसकी दिनचर्या के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

खुजली से लेकर लालिमा तक, दिख सकते हैं ये संकेत

अगर नहाने के बाद आपकी त्वचा में खिंचाव महसूस होता है या बार-बार खुजली होती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार ये लक्षण इस बात का संकेत हो सकते हैं कि त्वचा की नमी कम हो रही है। बहुत गर्म पानी से नहाने के बाद त्वचा पर सफेद या महीन पपड़ी दिखाई देना भी रूखेपन की निशानी हो सकती है।

कुछ लोगों को त्वचा पर लालिमा, हल्की जलन या असहजता महसूस होती है। वहीं, जिनकी त्वचा पहले से संवेदनशील है, उन्हें गर्म पानी के कारण ज्यादा परेशानी हो सकती है। ठंड के मौसम में वातावरण की नमी कम होने और ठंडी हवाएं चलने से भी त्वचा सूख सकती है। ऐसे में अगर नहाने के दौरान बहुत गर्म पानी का इस्तेमाल किया जाए, तो त्वचा की परेशानी और बढ़ सकती है।

इसलिए केवल मौसम को दोष देने के बजाय अपनी नहाने की आदतों पर भी ध्यान देना जरूरी है। अगर हर बार नहाने के बाद त्वचा असामान्य रूप से सूखी या खुजली वाली महसूस होती है, तो पानी का तापमान कम करना और त्वचा को मॉइस्चराइज करना उपयोगी कदम हो सकते हैं।

एक्जिमा से परेशान लोगों को ज्यादा सावधानी की जरूरत

जिन लोगों को एक्जिमा या त्वचा से जुड़ी दूसरी समस्याएं हैं, उन्हें सर्दियों में त्वचा की देखभाल पर विशेष ध्यान देना चाहिए। एक्जिमा में त्वचा अक्सर सूखी, संवेदनशील और खुजली वाली हो सकती है। बहुत गर्म पानी से नहाने पर कुछ लोगों में ये लक्षण बढ़ सकते हैं।

ऐसे लोगों के लिए नहाने के दौरान पानी का तापमान नियंत्रित रखना और त्वचा को ज्यादा रगड़ने से बचना महत्वपूर्ण है। तेज खुशबू वाले साबुन, बॉडी वॉश या दूसरे ऐसे उत्पाद, जिनसे त्वचा में जलन होती हो, परेशानी बढ़ा सकते हैं। इसलिए अपनी त्वचा के अनुकूल सौम्य क्लींजर का इस्तेमाल करना बेहतर हो सकता है।

यदि त्वचा पर लगातार लालिमा बनी रहती है, खुजली बहुत ज्यादा होती है, दरारें पड़ती हैं या घाव बनने लगते हैं, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। ऐसी स्थिति में त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है। पहले से त्वचा की कोई बीमारी होने पर डॉक्टर की बताई देखभाल और उपचार जारी रखना भी जरूरी है।

नहाने के लिए कितना गर्म पानी सही है?

सर्दियों में नहाने के लिए बहुत ठंडा पानी इस्तेमाल करना जरूरी नहीं है। त्वचा की देखभाल के लिहाज से हल्का गुनगुना पानी एक बेहतर विकल्प हो सकता है। ऐसा पानी चुनें, जिससे शरीर को आराम मिले, लेकिन त्वचा पर तेज गर्मी महसूस न हो।

पानी का तापमान इतना अधिक नहीं होना चाहिए कि नहाते समय त्वचा लाल पड़ने लगे या जलन महसूस हो। हर व्यक्ति के लिए एक ही तापमान को सही नहीं माना जा सकता, क्योंकि उम्र, त्वचा की संवेदनशीलता और स्वास्थ्य के अनुसार जरूरतें अलग हो सकती हैं। इसलिए पानी को आरामदायक गुनगुना रखना और अत्यधिक गर्म पानी से बचना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

एक आसान तरीका यह है कि नहाने से पहले पानी का तापमान जांच लें। अगर पानी शरीर पर पड़ते ही चुभने जैसा एहसास देता है या त्वचा को असहज करता है, तो उसका तापमान कम कर दें। केवल इसलिए पानी ज्यादा गर्म न रखें कि बाहर बहुत ठंड है।

5 से 10 मिनट में नहाने की आदत डालें

नहाते समय पानी का तापमान जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही जरूरी इसकी अवधि पर ध्यान देना भी है। लंबे समय तक गर्म पानी के नीचे रहने से त्वचा की प्राकृतिक नमी कम होने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए नहाने की प्रक्रिया को बहुत लंबा खींचने के बजाय लगभग 5 से 10 मिनट में पूरा करने की कोशिश करें।

कुछ लोग गर्म पानी से नहाने के बाद भी लंबे समय तक बाथरूम में रहते हैं या बार-बार शरीर पर पानी डालते हैं। अगर आपकी त्वचा पहले से रूखी है, तो इस आदत को बदलना फायदेमंद हो सकता है। नहाने के दौरान शरीर को साफ करने के लिए जरूरत से ज्यादा साबुन लगाने या त्वचा को बार-बार धोने से भी बचें।

त्वचा को साफ रखने का मतलब यह नहीं है कि उसे लगातार रगड़ा जाए। अत्यधिक सफाई और कठोर उत्पाद त्वचा की सुरक्षा करने वाली बाहरी परत को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए सफाई के साथ त्वचा की प्राकृतिक नमी को बनाए रखना भी जरूरी है।

नहाने के तुरंत बाद मॉइस्चराइजर लगाना न भूलें

सर्दियों में त्वचा को रूखा होने से बचाने के लिए मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल एक महत्वपूर्ण आदत है। नहाने के बाद त्वचा पर मौजूद पानी को तौलिए से धीरे-धीरे थपथपाकर सुखाएं। त्वचा को जोर-जोर से रगड़ने के बजाय हल्के हाथों से पोंछना बेहतर है।

इसके बाद त्वचा पर मॉइस्चराइजर लगाएं। नहाने के तुरंत बाद ऐसा करने से त्वचा में बची हुई नमी को बनाए रखने में मदद मिल सकती है। अगर आपकी त्वचा बहुत रूखी है, तो ऐसा मॉइस्चराइजर चुनें जो आपकी त्वचा के अनुकूल हो और उसे लंबे समय तक मुलायम रखने में मदद करे।

मॉइस्चराइजर चुनते समय केवल उसकी खुशबू या विज्ञापन पर ध्यान न दें। संवेदनशील त्वचा वाले लोग बिना खुशबू वाले उत्पादों को प्राथमिकता दे सकते हैं। यदि किसी उत्पाद को लगाने के बाद जलन, लालिमा या खुजली बढ़ती है, तो उसका इस्तेमाल बंद कर दें और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ से सलाह लें।

साबुन और बॉडी वॉश चुनते समय भी रखें ध्यान

सर्दियों में त्वचा की देखभाल केवल पानी के तापमान तक सीमित नहीं है। नहाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले साबुन और बॉडी वॉश का चुनाव भी महत्वपूर्ण है। कुछ उत्पाद त्वचा को ज्यादा रूखा महसूस करा सकते हैं, खासकर जब उनका इस्तेमाल बार-बार किया जाए।

ऐसे में सौम्य क्लींजर का इस्तेमाल करना बेहतर हो सकता है। त्वचा को साफ करने के लिए बहुत अधिक झाग बनाने वाले उत्पादों या तेज खुशबू वाले साबुन का इस्तेमाल करना जरूरी नहीं है। अगर कोई उत्पाद लगाने के बाद त्वचा खिंची हुई या असहज महसूस होती है, तो उसके विकल्प पर विचार किया जा सकता है।

इसके अलावा, नहाते समय खुरदरे स्क्रब या कठोर लूफे से त्वचा को जोर-जोर से रगड़ने से बचें। इससे त्वचा में जलन बढ़ सकती है। त्वचा को साफ करने के लिए हल्के हाथों का इस्तेमाल करना और नहाने के बाद मॉइस्चराइजर लगाना ज्यादा उपयोगी दिनचर्या हो सकती है।

सर्दियों में त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए बदलें ये आदतें

ठंड के मौसम में त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए बहुत बड़े बदलाव करने की जरूरत नहीं होती। रोजाना की कुछ छोटी आदतें भी मददगार हो सकती हैं। सबसे पहले, नहाने के लिए बहुत गर्म पानी के बजाय गुनगुना पानी चुनें। दूसरा, नहाने का समय सीमित रखें और त्वचा को अनावश्यक रूप से बार-बार धोने से बचें।

तीसरा, नहाने के तुरंत बाद मॉइस्चराइजर लगाएं और अपनी त्वचा के अनुकूल उत्पादों का इस्तेमाल करें। चौथा, त्वचा में खुजली होने पर उसे लगातार खरोंचने से बचें, क्योंकि इससे जलन और नुकसान बढ़ सकता है। अगर त्वचा की परेशानी लंबे समय तक बनी रहती है, तो विशेषज्ञ की सलाह लें।

कुल मिलाकर, सर्दियों में गर्म पानी से नहाना पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं है, लेकिन उसका तापमान और नहाने की अवधि नियंत्रित रखना महत्वपूर्ण है। बहुत गर्म पानी से मिलने वाला आराम कुछ समय का हो सकता है, जबकि त्वचा का रूखापन और जलन लंबे समय तक परेशान कर सकते हैं। इसलिए सर्दियों में नहाते समय गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें, त्वचा को हल्के हाथों से साफ करें और मॉइस्चराइजर लगाना अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। इन आसान उपायों से त्वचा की नमी बनाए रखने और उसे मुलायम रखने में मदद मिल सकती है।

Photp : iStock