वोट बचाओ रैली के लिए हरियाणा कांग्रेस ने कसी कमर, हुड्डा बोले- रामलीला मैदान में टूटेंगे भीड़ के रिकॉर्ड

वोट बचाओ रैली के लिए हरियाणा कांग्रेस ने कसी कमर, हुड्डा बोले- रामलीला मैदान में टूटेंगे भीड़ के रिकॉर्ड

1 नवंबर की महारैली में प्रदेश से लाखों लोगों को जुटाने का दावा, दिल्ली में दीपेन्द्र हुड्डा के आवास पर जुटे कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने बनाई रणनीति

हरियाणा में आगामी राजनीतिक गतिविधियों को धार देने और केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाने के लिए कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आह्वान पर 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली को सफल बनाने के लिए हरियाणा कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली में बैठक कर रणनीति तैयार की। इस दौरान प्रदेश से अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सांसदों, विधायकों, पूर्व जनप्रतिनिधियों और पार्टी के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं।

कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य और सांसद दीपेन्द्र हुड्डा के सरकारी आवास पर हुई इस बैठक में हरियाणा के प्रमुख कांग्रेस नेता एकत्र हुए। हरियाणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चौधरी भूपेन्द्र सिंह हुड्डा, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रभारी संजय दत्त और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने तैयारियों की समीक्षा की। नेताओं ने अलग-अलग पदाधिकारियों से बातचीत कर रैली में भागीदारी बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का जायजा लिया।

बैठक में करीब सभी कांग्रेस विधायक, प्रदेश के कांग्रेस सांसद, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्ष तथा पार्टी के अग्रिम संगठनों और विभिन्न विभागों एवं प्रकोष्ठों के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान रैली को लेकर नेताओं और कार्यकर्ताओं में उत्साह दिखाई दिया। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि हरियाणा से बड़ी संख्या में लोग दिल्ली पहुंचेंगे और रैली में प्रदेश की भागीदारी प्रमुख रहेगी।

हरियाणा से लाखों लोगों के पहुंचने का दावा

नेता प्रतिपक्ष भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने कहा कि 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली महारैली में हरियाणा से लाखों लोग शामिल होंगे। उन्होंने इसे सामान्य राजनीतिक सभा के बजाय लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए चल रहे संघर्ष का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।

हुड्डा के अनुसार, रैली का संदेश केवल 1 नवंबर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके माध्यम से देशभर में हरियाणा की आवाज पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता पूरी ताकत के साथ तैयारियों में जुटे हैं और रैली में हरियाणा की भागीदारी प्रभावशाली होगी।

उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार भ्रष्ट है और कथित चुनावी अनियमितताओं के कारण सत्ता में आई है। हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य जनहित की सरकार स्थापित करना और लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों का भरोसा मजबूत करना है। उन्होंने दावा किया कि रामलीला मैदान में होने वाली महारैली में हरियाणा के लोग भीड़ के पिछले रिकॉर्ड तोड़ देंगे।

हुड्डा ने बैठक में मौजूद वरिष्ठ नेताओं और संगठन के पदाधिकारियों को रैली की तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रदेश कांग्रेस के नेता पूरी ताकत से जुटे हैं। उनके मुताबिक, पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच इस आयोजन को लेकर उत्साह है और संगठन का प्रयास है कि प्रदेश से अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

वोटिंग प्रतिशत में बदलाव को लेकर उठाए सवाल

भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान मतदान प्रतिशत में बदलाव को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की ओर से मतदान प्रतिशत घोषित किए जाने के बाद उसमें बदलाव को लेकर उठे सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।

हुड्डा ने कहा कि डिजिटल दौर में मतदान प्रतिशत में बदलाव को लेकर स्पष्टता जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा में केवल वोटों की चोरी नहीं हुई, बल्कि पूरी सरकार ही कथित तौर पर चोरी की गई। हालांकि, ये आरोप कांग्रेस नेताओं की ओर से लगाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता चाहती है और लोगों के मन में उठ रहे सवालों का जवाब मिलना चाहिए। हुड्डा ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग का भी समर्थन किया। उनका कहना था कि लोकतंत्र में मतदाता का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण है और चुनाव प्रक्रिया को लेकर किसी भी तरह का संदेह दूर किया जाना चाहिए।

हुड्डा ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि सत्ताधारी दल की ओर से लोकतंत्र बचाने की बात करना विरोधाभासी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी।

संजय दत्त बोले- हरियाणा की भागीदारी फिर सबसे बड़ी हो

हरियाणा कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त ने कहा कि पिछले विरोध प्रदर्शनों में हरियाणा से हुई भागीदारी की केंद्रीय नेतृत्व ने सराहना की थी। उन्होंने बताया कि इस बार भी पार्टी नेतृत्व को प्रदेश से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।

संजय दत्त ने आरोप लगाया कि हरियाणा चुनाव के दौरान कथित वोट चोरी का सबसे अधिक नुकसान प्रदेश को हुआ। उन्होंने भाजपा पर चुनाव आयोग के साथ मिलीभगत कर जनादेश प्रभावित करने का आरोप लगाया। उनके अनुसार, लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर उठ रहे सवालों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि एक ओर भाजपा पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने के आरोप लग रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पार्टी लोकतंत्र बचाने की बात करती है। संजय दत्त ने ईवीएम के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि कांग्रेस चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के पक्ष में है।

उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में राजनीतिक बदलाव की शुरुआत हो चुकी है और आने वाले समय में कांग्रेस प्रदेश में सरकार बनाएगी। संजय दत्त ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे 1 नवंबर की रैली को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत से जुटें।

राव नरेंद्र सिंह ने एसआईआर में वोट कटने का मुद्दा उठाया

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि हरियाणा का राजनीतिक और संगठनात्मक प्रदर्शन हमेशा महत्वपूर्ण रहा है और इस बार भी प्रदेश की भागीदारी सबसे आगे रहेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी को जो लक्ष्य दिया गया है, उससे अधिक संख्या में लोग रैली में शामिल हो सकते हैं।

राव नरेंद्र सिंह ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में हरियाणा के लाखों लोगों के वोट काटे गए और इससे विभिन्न वर्गों के लोगों को नुकसान पहुंच सकता है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने इस मुद्दे को उठाकर लोगों की चिंताओं को सामने रखा है। उनके मुताबिक, मतदाता सूची में नाम होना लोकतांत्रिक अधिकारों के इस्तेमाल की बुनियादी शर्त है। यदि किसी नागरिक का नाम मतदाता सूची में नहीं रहता, तो वह मतदान के अधिकार से वंचित हो सकता है।

राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं के लिए लोगों से पोर्टल पर आवेदन करने की अपेक्षा करती है, लेकिन मतदाता सूची में नाम ही नहीं होने पर नागरिक के लिए सबसे बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल करना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि इसका असर किसानों, गरीबों, विद्यार्थियों और समाज के अन्य वर्गों पर भी पड़ सकता है।

उन्होंने दावा किया कि 1 नवंबर की महारैली दिल्ली के इतिहास की बड़ी राजनीतिक सभाओं में शामिल होगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक लोगों को रैली में शामिल करने का आह्वान किया।

दीपेन्द्र हुड्डा का आरोप- हरियाणा में आधे प्रतिशत वोट के अंतर से सत्ता मिली

सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि भाजपा इस रैली को रोकने की कोशिश कर रही है, लेकिन हरियाणा से बड़ी संख्या में लोग रामलीला मैदान पहुंचेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने हरियाणा में चुनावी प्रबंधन, कथित साजिशों और धन के दुरुपयोग के जरिए सत्ता हासिल की।

दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस के अनुसार, देश में चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों का सबसे अधिक प्रभाव हरियाणा में देखने को मिला। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में लगभग आधे प्रतिशत वोट के अंतर से भाजपा सत्ता में आई। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं, जिनका जवाब दिया जाना चाहिए।

उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य चुनाव आयुक्तों के बीच फैसलों को लेकर मतभेदों का भी उल्लेख किया। दीपेन्द्र हुड्डा के अनुसार, तीन में से दो चुनाव आयुक्तों ने दस महीने के दौरान 14 बार मुख्य चुनाव आयुक्त के फैसलों का विरोध किया। उन्होंने दावा किया कि चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर अधिकारियों की ओर से भी सवाल उठाए गए।

दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि राहुल गांधी ने हरियाणा में कथित वोट चोरी का मुद्दा उठाकर प्रदेश की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया है। ऐसे में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि जब राहुल गांधी रामलीला मैदान पहुंचें तो हरियाणा की भागीदारी सबसे अधिक दिखाई दे।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए जो संघर्ष चल रहा है, उसमें यह महारैली महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उनके अनुसार, पार्टी का प्रयास है कि रैली के माध्यम से मतदाता सूची, चुनावी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया जाए।

संगठन को सक्रिय करने पर जोर

दिल्ली में हुई बैठक का प्रमुख उद्देश्य रैली के लिए संगठनात्मक तैयारियों को अंतिम रूप देना रहा। कांग्रेस नेताओं ने सांसदों, विधायकों, पूर्व जनप्रतिनिधियों और जिला स्तर के पदाधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

पार्टी के अग्रिम संगठनों, विभागों और प्रकोष्ठों को भी सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए। कांग्रेस नेतृत्व की रणनीति है कि प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से कार्यकर्ताओं और समर्थकों को दिल्ली पहुंचने के लिए संगठित किया जाए।

हरियाणा कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने रैली को लोकतंत्र, संविधान और चुनावी पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों पर जनसमर्थन प्रदर्शित करने का अवसर बताया है। दूसरी ओर, भाजपा पर लगाए गए वोट चोरी और चुनावी अनियमितताओं के आरोप कांग्रेस के राजनीतिक दावों का हिस्सा हैं। इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष के लिए संबंधित तथ्यों और आधिकारिक प्रक्रियाओं का स्वतंत्र मूल्यांकन आवश्यक होगा।

फिलहाल कांग्रेस ने 1 नवंबर की महारैली को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्टी हरियाणा से कितनी बड़ी भागीदारी जुटा पाती है और रामलीला मैदान से उठने वाला राजनीतिक संदेश प्रदेश तथा राष्ट्रीय राजनीति में कितना प्रभाव डालता है।