प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा—युवाओं का भविष्य संवारने, नशे की समस्या से निपटने और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने में समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक परगट सिंह ने राधा स्वामी सत्संग ब्यास के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों से शिष्टाचार मुलाकात कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान दोनों के बीच पंजाब की मौजूदा परिस्थितियों, सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे और प्रदेश की खुशहाली से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। मुलाकात के बाद परगट सिंह ने कहा कि पंजाब की शांति, एकता और समग्र विकास के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर सकारात्मक भूमिका निभानी होगी।
परगट सिंह ने कहा कि पंजाब का इतिहास आपसी प्रेम, सांप्रदायिक सद्भाव, मानवता और सेवा की भावना से जुड़ा रहा है। इस धरती ने हमेशा देश और दुनिया को भाईचारे तथा इंसानियत का संदेश दिया है। पंजाब की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान उसकी यही विशेषताएं हैं, जिन्हें हर हाल में बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में प्रदेश के सामने कई तरह की चुनौतियां हैं और इनका समाधान केवल किसी एक व्यक्ति, संगठन या सरकार के प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए सामूहिक जिम्मेदारी और साझा प्रयासों की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि पंजाब आज ऐसे दौर से गुजर रहा है, जब सामाजिक एकता और आपसी विश्वास को मजबूत बनाए रखना पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। प्रदेश के युवाओं का भविष्य, नशे की समस्या, सामाजिक सद्भाव और आर्थिक खुशहाली जैसे मुद्दे केवल राजनीतिक चर्चा तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि इन पर समाज के प्रत्येक वर्ग को गंभीरता से काम करना होगा। युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने, उन्हें सकारात्मक दिशा देने और समाज के साथ जोड़ने के लिए सभी को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
परगट सिंह ने कहा कि पंजाब की प्रगति का रास्ता तभी मजबूत हो सकता है, जब विकास की प्रक्रिया में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित हो। सरकार की नीतियां और योजनाएं अपनी जगह महत्वपूर्ण हैं, लेकिन सामाजिक संस्थाओं, धार्मिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों और आम नागरिकों का सहयोग भी उतना ही जरूरी है। प्रदेश की खुशहाली केवल सरकारी योजनाओं से सुनिश्चित नहीं की जा सकती। इसके लिए लोगों में आपसी सहयोग, विश्वास और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना आवश्यक है।
उन्होंने नशे की समस्या को पंजाब के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए कहा कि इस चुनौती से निपटने के लिए समाज को एकजुट होकर प्रयास करने होंगे। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए परिवारों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न संस्थाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। युवाओं को शिक्षा, खेल, रोजगार और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़कर उनके सामने बेहतर भविष्य के अवसर तैयार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पंजाब की युवा पीढ़ी प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है और उसके भविष्य को सुरक्षित बनाना सभी की प्राथमिकता होनी चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पंजाब की पहचान केवल उसकी आर्थिक और कृषि उपलब्धियों से नहीं, बल्कि यहां के लोगों की उदारता, सेवा भावना और आपसी भाईचारे से भी है। इतिहास में पंजाब ने अनेक कठिन परिस्थितियों का सामना किया है, लेकिन लोगों की एकजुटता और मानवीय मूल्यों ने हमेशा समाज को मजबूती प्रदान की है। आज भी इन्हीं मूल्यों को आगे बढ़ाने की जरूरत है, ताकि प्रदेश में शांति, विश्वास और सामाजिक सौहार्द का वातावरण कायम रहे।
परगट सिंह ने संत-महापुरुषों की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका संदेश समाज को प्रेम, विनम्रता, सेवा और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। आध्यात्मिक शिक्षाएं व्यक्ति को केवल व्यक्तिगत जीवन में बेहतर बनने का संदेश नहीं देतीं, बल्कि समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारी का एहसास भी कराती हैं। जब लोग दूसरों के प्रति सम्मान, संवेदना और सहयोग की भावना रखते हैं, तो समाज में आपसी विश्वास मजबूत होता है और अनेक सामाजिक समस्याओं के समाधान का रास्ता भी खुलता है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक और आध्यात्मिक संस्थाओं का समाज में महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसी संस्थाएं लोगों को सेवा, अनुशासन, सद्भाव और मानवीय मूल्यों से जोड़ने का काम करती हैं। उनका सकारात्मक संदेश समाज में अलग-अलग वर्गों के बीच संवाद और भाईचारे को मजबूत करने में सहायक होता है। पंजाब जैसे विविधतापूर्ण सामाजिक परिवेश वाले प्रदेश में आपसी सम्मान और एक-दूसरे की भावनाओं को समझने की परंपरा को आगे बढ़ाना विशेष रूप से जरूरी है।
परगट सिंह ने कहा कि प्रदेश के सामने मौजूद चुनौतियों का सामना टकराव के बजाय संवाद, सहयोग और सकारात्मक सोच के माध्यम से किया जाना चाहिए। राजनीतिक और सामाजिक मतभेद लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन पंजाब की शांति, एकता और लोगों की खुशहाली जैसे व्यापक हितों पर सभी को एकजुट रहना चाहिए। प्रदेश के भविष्य से जुड़े विषयों पर साझा दृष्टिकोण विकसित करना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब को आगे बढ़ाने के लिए ऐसी सोच अपनानी होगी, जिसमें हर व्यक्ति को प्रदेश के विकास में अपनी भूमिका निभाने का अवसर मिले। युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना, समाज में भाईचारे को मजबूत करना और जरूरतमंदों की सहायता के लिए सेवा की भावना को बढ़ावा देना सामूहिक प्रयासों का हिस्सा होना चाहिए।
बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों से हुई इस मुलाकात को परगट सिंह ने शिष्टाचार भेंट बताया। इस अवसर पर उन्होंने आध्यात्मिक मार्गदर्शन और संत-महापुरुषों की शिक्षाओं के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि पंजाब की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए प्रेम, सेवा और मानवता के मूल्यों को जीवन में अपनाना जरूरी है।
उन्होंने दोहराया कि पंजाब की एकता, अमन-शांति और खुशहाली किसी एक वर्ग या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है। यह पूरे समाज का साझा दायित्व है। यदि राजनीतिक नेतृत्व, सामाजिक संगठन, धार्मिक संस्थाएं और आम नागरिक मिलकर प्रयास करें, तो प्रदेश की चुनौतियों का सामना अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है और पंजाब को शांति, सद्भाव तथा विकास के रास्ते पर आगे ले जाया जा सकता है।




