शिक्षा और विवाह सहायता पर सबसे अधिक खर्च, मंडी जिले के 440 परिवारों को मिलेगा लाभ; आवास, चिकित्सा और अंतिम संस्कार के लिए भी दी जाएगी आर्थिक मदद
शिमला। दीपावली के अवसर पर हिमाचल प्रदेश के हजारों श्रमिक परिवारों को आर्थिक संबल मिलने जा रहा है। प्रदेश सरकार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के माध्यम से 1444 पंजीकृत श्रमिकों और उनके परिवारों को कुल 6 करोड़ 10 लाख 57 हजार 310 रुपये की सहायता राशि उपलब्ध करवाएगी। छह नवंबर को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू लाभार्थियों को यह राशि प्रदान करेंगे। बोर्ड की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत दी जाने वाली इस सहायता से श्रमिक परिवारों को त्योहार के दौरान आर्थिक राहत मिलेगी।
बोर्ड की ओर से जारी की जाने वाली राशि का बड़ा हिस्सा श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई और परिवारों की सामाजिक जरूरतों को पूरा करने के लिए निर्धारित किया गया है। शिक्षा सहायता योजना के तहत सबसे अधिक 3 करोड़ 14 लाख 67 हजार 700 रुपये वितरित किए जाएंगे। इसके अलावा विवाह सहायता योजना के अंतर्गत 1 करोड़ 70 लाख 87 हजार रुपये लाभार्थियों को मिलेंगे। इन दोनों योजनाओं के माध्यम से श्रमिक परिवारों को बच्चों की शिक्षा जारी रखने और बेटियों के विवाह जैसे महत्वपूर्ण पारिवारिक दायित्वों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
आर्थिक सहायता के वितरण में आवास और कठिन परिस्थितियों में परिवारों को राहत देने वाली योजनाओं को भी शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 86 लाख 58 हजार रुपये दिए जाएंगे। वहीं मृत्यु एवं अंतिम संस्कार सहायता योजना के अंतर्गत 32 लाख 80 हजार रुपये की राशि जारी होगी। चिकित्सा सहायता के रूप में 54 हजार 610 रुपये और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत 5 लाख 10 हजार रुपये वितरित किए जाएंगे।
शिक्षा और विवाह सहायता को प्राथमिकता
बोर्ड की ओर से जारी होने वाली कुल सहायता राशि में शिक्षा और विवाह योजनाओं की हिस्सेदारी सबसे अधिक है। शिक्षा सहायता के लिए निर्धारित 3.14 करोड़ रुपये से श्रमिक परिवारों के बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाना अक्सर चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में बोर्ड की यह सहायता उनकी पढ़ाई को जारी रखने और शैक्षणिक अवसर उपलब्ध करवाने में उपयोगी साबित हो सकती है।
इसी तरह विवाह सहायता योजना के तहत 1.70 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की जाएगी। इस योजना का उद्देश्य पात्र श्रमिक परिवारों को बेटियों के विवाह के समय आर्थिक सहयोग उपलब्ध करवाना है, ताकि परिवारों पर पड़ने वाले खर्च का बोझ कुछ कम हो सके। आवास योजना के तहत मिलने वाली सहायता से पात्र परिवारों को घर से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
मृत्यु एवं अंतिम संस्कार सहायता योजना के तहत दी जाने वाली राशि उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है, जिन्हें परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु के बाद आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। चिकित्सा सहायता और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से भी जरूरतमंद श्रमिक परिवारों को सहयोग दिया जाएगा।
मंडी जिले के सबसे अधिक 440 लाभार्थी
जिलावार वितरण के आंकड़ों में मंडी जिला सबसे आगे है। यहां के 440 श्रमिक परिवारों को कुल 1 करोड़ 61 लाख 18 हजार 200 रुपये की सहायता मिलेगी। लाभार्थियों की संख्या और जारी की जाने वाली राशि के लिहाज से मंडी का हिस्सा सबसे अधिक है।
ऊना जिले के 142 लाभार्थियों को 1 करोड़ 5 लाख 9 हजार 700 रुपये दिए जाएंगे। शिमला जिले के 183 श्रमिक परिवारों को 72 लाख 97 हजार 200 रुपये की सहायता मिलेगी। बिलासपुर में 173 लाभार्थियों के खातों तक 65 लाख 53 हजार 800 रुपये पहुंचेंगे, जबकि हमीरपुर के 148 परिवारों को 64 लाख 94 हजार 610 रुपये प्रदान किए जाएंगे।
किन्नौर जिले के 168 लाभार्थियों को 64 लाख 92 हजार 200 रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी। कांगड़ा जिले में 63 श्रमिक परिवारों को 31 लाख 200 रुपये और चंबा में 50 लाभार्थियों को 14 लाख 12 हजार 600 रुपये दिए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त सिरमौर जिले के 29 लाभार्थियों को 15 लाख 38 हजार 200 रुपये, कुल्लू के 38 परिवारों को 9 लाख 45 हजार 600 रुपये और सोलन जिले के 10 लाभार्थियों को 5 लाख 95 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।
श्रमिक परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखकर योजनाएं
हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित करता है। इन योजनाओं का उद्देश्य श्रमिकों को केवल कामकाजी जरूरतों तक सीमित सहायता देना नहीं, बल्कि उनके परिवारों की शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और सामाजिक जिम्मेदारियों से जुड़ी आवश्यकताओं में भी सहयोग करना है।
निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों की आय कई बार नियमित नहीं होती। काम की उपलब्धता, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण उनके सामने आर्थिक चुनौतियां बनी रहती हैं। ऐसे में कल्याण बोर्ड की सहायता योजनाएं उनके लिए अतिरिक्त आर्थिक सुरक्षा का माध्यम बनती हैं।
शिक्षा सहायता के जरिए श्रमिकों के बच्चों को आगे पढ़ने का अवसर मिलता है, जबकि विवाह सहायता परिवारों को सामाजिक जिम्मेदारियां निभाने में मदद करती है। चिकित्सा सहायता बीमारी या उपचार की स्थिति में आर्थिक बोझ कम करने का प्रयास करती है। वहीं आवास और मृत्यु एवं अंतिम संस्कार से जुड़ी योजनाएं विपरीत परिस्थितियों में परिवारों को राहत प्रदान करती हैं।
दीपावली से पहले 1444 श्रमिक परिवारों को 6.10 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता उपलब्ध करवाने का फैसला ऐसे परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है। त्योहार के समय घरेलू जरूरतों और अतिरिक्त खर्चों के बीच यह आर्थिक सहयोग उन्हें कुछ राहत दे सकता है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू छह नवंबर को इस सहायता राशि का वितरण करेंगे।




