जजपा नेता ने भाजपा और आयोग के बीच मिलीभगत का लगाया आरोप, बोले- नाम कटने के बाद दोबारा जुड़वाने के लिए फार्म छह भरने की शर्त प्रभावित लोगों पर अतिरिक्त बोझ
रोहतक। हरियाणा के पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं जननायक जनता पार्टी (जजपा) के वरिष्ठ नेता दुष्यंत चौटाला ने मतदाता सूचियों से बड़े स्तर पर नाम काटे जाने के मामले में भाजपा और चुनाव आयोग पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में गड़बड़ी सामने आने के बावजूद आयोग अपनी जिम्मेदारी स्वीकारने के बजाय नए तर्क देकर मामले से बचने का प्रयास कर रहा है। आयोग को प्रभावित मतदाताओं के लिए अलग व्यवस्था करनी चाहिए थी, लेकिन इसके बजाय उन्हें दोबारा नाम दर्ज करवाने के लिए फार्म छह भरने को कहा जा रहा है।
दुष्यंत चौटाला बुधवार को रोहतक के अर्बन एस्टेट स्थित जजपा के जिला कार्यालय में कार्यकर्ताओं की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। वह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं अपने पिता अजय सिंह चौटाला के साथ जजपा के स्थापना दिवस पर प्रस्तावित रैली के लिए कार्यकर्ताओं और लोगों को निमंत्रण देने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मतदाता सूची में नाम काटे जाने, चुनाव आयोग की भूमिका, प्रदेश की कानून-व्यवस्था और नशे के मुद्दे पर प्रदेश सरकार को घेरा।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने की शिकायतों के बावजूद चुनाव आयोग ने नए सिरे से व्यापक पुनरीक्षण कराने के बजाय प्रभावित लोगों को फार्म छह भरने की प्रक्रिया में लगा दिया है। उनके अनुसार, यह व्यवस्था उन मतदाताओं के लिए परेशानी पैदा कर सकती है, जिनके नाम पहले से सूची में दर्ज थे, लेकिन किसी कारणवश उन्हें सूची से हटा दिया गया।
फार्म छह की शर्त पर उठाए सवाल
पूर्व उप मुख्यमंत्री ने फार्म छह भरने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस फार्म के माध्यम से नया मतदाता बनने वाले व्यक्ति को शपथ देनी पड़ती है कि देश में किसी अन्य स्थान पर उसका पहले से मतदाता पंजीकरण नहीं है। ऐसे में जिन लोगों के नाम पहले मतदाता सूची में शामिल थे और बाद में गलत तरीके से काट दिए गए, उन्हें भी दोबारा नाम जुड़वाने के लिए इसी प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं के नाम पहले से दर्ज थे, उन्हें अपनी नागरिक और मतदाता पहचान से जुड़ी स्थिति दोबारा साबित करने जैसी प्रक्रिया में डालना उचित नहीं है। चुनाव आयोग को ऐसी स्थिति में प्रभावित मतदाताओं के लिए सरल और अलग व्यवस्था तैयार करनी चाहिए थी, ताकि गलती के कारण नाम कटने वाले लोगों को अनावश्यक औपचारिकताओं का सामना न करना पड़े।
दुष्यंत चौटाला ने आरोप लगाया कि आयोग अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय उसे छिपाने के लिए नई-नई दलीलें दे रहा है। उन्होंने कहा कि यदि बड़े स्तर पर मतदाताओं के नाम कटने की शिकायतें सामने आई हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि नाम किस आधार पर हटाए गए। साथ ही, जिन लोगों के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं, उन्हें बिना अतिरिक्त परेशानी के मताधिकार वापस मिलना चाहिए।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
दुष्यंत चौटाला ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने न्यायपालिका से भी इस मामले का संज्ञान लेने और आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की। उनका कहना था कि मतदाता सूची में गड़बड़ी का मामला लोकतांत्रिक व्यवस्था और नागरिकों के मताधिकार से जुड़ा है, इसलिए इसकी अनदेखी नहीं की जा सकती।
उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर से रोहतक में मतदाता सूची में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होने संबंधी दिए गए बयान पर भी सवाल उठाए। दुष्यंत ने कहा कि जब अलग-अलग स्थानों से वोट कटने और सूची में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं, तब इस तरह का बयान संदेह पैदा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग के बीच मिलीभगत के कारण पूरे मामले को हल्के में लेने का प्रयास किया जा रहा है।
बंगाल और पीलीभीत के आंकड़ों का दिया हवाला
मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों को मजबूत करने के लिए दुष्यंत चौटाला ने पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के पीलीभीत का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि बंगाल में करीब 25 लाख वोट गलती से कटने की बात सामने आई है, जबकि पीलीभीत में 13 हजार मतदाताओं के वोटों में गड़बड़ी का मामला सामने आया है।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों से इस तरह की शिकायतें सामने आना गंभीर विषय है। चुनाव आयोग को इन मामलों की जांच कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। मतदाता सूची तैयार करने और उसमें संशोधन करने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि किसी भी पात्र नागरिक का नाम गलत तरीके से न हटे और किसी मतदाता को अपने अधिकार के इस्तेमाल में परेशानी न हो।
दुष्यंत चौटाला के अनुसार, मतदाता सूची में नाम दर्ज होना प्रत्येक पात्र नागरिक का अधिकार है। यदि प्रशासनिक या तकनीकी गलती के कारण किसी व्यक्ति का नाम हट जाता है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित व्यवस्था की होनी चाहिए। प्रभावित व्यक्ति को ऐसी प्रक्रिया में नहीं उलझाया जाना चाहिए, जिससे उसे दोबारा पंजीकरण के लिए अतिरिक्त औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ें।
अपराध और नशे के मुद्दे पर सरकार को घेरा
पत्रकारों से बातचीत के दौरान दुष्यंत चौटाला ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध, नशे और कर्ज की समस्या लगातार बढ़ रही है। उनके अनुसार, आम लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता है और सरकार इन मुद्दों पर प्रभावी नियंत्रण करने में सफल नहीं हो रही है।
गुरुग्राम की स्थिति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि एमजी रोड पर रात के समय परिवार के साथ सफर करना भी सुरक्षित महसूस नहीं होता। उन्होंने इसे प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े करने वाला उदाहरण बताया। दुष्यंत ने कहा कि सरकार को अपराध और नशे की समस्या से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में नशे का बढ़ता प्रभाव भी चिंता का विषय है। युवाओं को नशे से बचाने और नशे के कारोबार पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। केवल दावों से स्थिति में सुधार नहीं होगा, बल्कि सरकार को धरातल पर परिणाम देने होंगे।
बिजली निगमों के निजीकरण के विरोध में अनिल विज का समर्थन
बिजली निगमों को निजी हाथों में सौंपने के प्रस्ताव और इसके विरोध में उठ रही आवाजों पर भी दुष्यंत चौटाला ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस मुद्दे पर विरोध जता रहे अनिल विज की सराहना की और कहा कि बिजली कर्मचारियों के हितों की लड़ाई में जजपा उनके साथ खड़ी रहेगी।
उन्होंने कहा कि बिजली निगमों से जुड़े कर्मचारियों की चिंताओं और उनके हितों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। यदि निगमों को निजी हाथों में सौंपने की दिशा में कदम उठाए जाते हैं तो इसका असर कर्मचारियों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। ऐसे में कर्मचारियों की मांगों और आशंकाओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
दुष्यंत चौटाला ने स्पष्ट किया कि बिजली कर्मचारियों के आंदोलन और उनके अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर जजपा उनका समर्थन करेगी। उन्होंने सरकार से इस मामले में कर्मचारियों के साथ संवाद करने और उनकी समस्याओं का समाधान निकालने की मांग की।
स्थापना दिवस की रैली के लिए कार्यकर्ताओं को न्योता
दुष्यंत चौटाला और जजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय सिंह चौटाला रोहतक में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक के साथ स्थापना दिवस पर प्रस्तावित रैली के लिए निमंत्रण देने पहुंचे थे। बैठक में पार्टी संगठन की गतिविधियों और रैली की तैयारियों को लेकर भी चर्चा हुई। पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से आयोजन को सफल बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर पूर्व विधायक अमरजीत ढांडा, कृष्ण राठी, दरबारा देशवाल, जिला मीडिया प्रभारी विकास जांगड़ा, दीपक देशवाल और गुरदीप सांगवान सहित अन्य पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।




