मंत्री पद का प्रस्ताव ठुकराने का विधायक का दावा, बोलीं- केजरीवाल और भगवंत मान का साथ नहीं छोड़ूंगी; मोगा से लेकर फरीदकोट तक कई ठिकानों पर हुई तलाशी
पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव तेज होता दिखाई दे रहा है। मोगा से आप विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की करीब 36 घंटे तक चली जांच और पूछताछ की कार्रवाई वीरवार को समाप्त हो गई। बुधवार तड़के शुरू हुई इस कार्रवाई के दौरान ईडी की टीम ने विधायक के आवास के अलावा उनसे जुड़े कई अन्य ठिकानों पर भी तलाशी ली। कार्रवाई पूरी होने के बाद विधायक ने मीडिया के सामने आकर भाजपा पर राजनीतिक प्रतिशोध के तहत केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पूछताछ के दौरान उन्हें भाजपा में शामिल होने पर मंत्री पद देने तक का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा ने कहा कि ईडी की कार्रवाई के जरिए उन्हें मानसिक रूप से परेशान करने और राजनीतिक दबाव में लाने की कोशिश की गई। हालांकि, वह किसी भी तरह के दबाव में आने वाली नहीं हैं। उन्होंने अपनी पार्टी के प्रति प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि उनका उद्देश्य सत्ता या पद हासिल करना नहीं, बल्कि आम आदमी पार्टी की विचारधारा के साथ काम करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ मजबूती से खड़ी हैं और भविष्य में भी पार्टी के लिए काम करती रहेंगी।
बुधवार तड़के चार बजे पहुंची थी ईडी की टीम
जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब चार बजे ईडी की टीम विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा के मोगा स्थित आवास पर पहुंची थी। इसके बाद अधिकारियों ने तलाशी और पूछताछ की प्रक्रिया शुरू की। जांच का सिलसिला लगातार जारी रहा और विधायक के साथ उनके परिवार के सदस्यों से भी विभिन्न पहलुओं पर सवाल किए गए। करीब 36 घंटे तक चली इस कार्रवाई के बाद वीरवार को ईडी की टीम तलाशी और पूछताछ की प्रक्रिया पूरी कर वापस लौट गई।
कार्रवाई समाप्त होने के बाद विधायक मीडिया और पार्टी समर्थकों के सामने आईं। उन्होंने बताया कि ईडी अधिकारियों ने उनसे मनी लॉन्ड्रिंग, संपत्तियों की खरीद-फरोख्त और पिछले कई वर्षों के दौरान हुए आर्थिक लेन-देन से जुड़े सवाल पूछे। अधिकारियों ने कुछ व्यक्तियों के साथ उनके संबंधों को लेकर भी जानकारी मांगी।
विधायक के मुताबिक, जांच केवल उनके आवास तक सीमित नहीं रही। मोगा स्थित उनके निजी अस्पताल, सीटी रोड पर बने फ्लैट, ननिहाल और ददिहाल से जुड़े स्थानों के अलावा बाघापुराना और फरीदकोट में भी तलाशी ली गई। उन्होंने दावा किया कि उन्हें किसी भी स्थान से कोई आपत्तिजनक सामान बरामद होने की जानकारी नहीं है।
40 उम्मीदवारों की सूची में नाम आने के बाद कार्रवाई का आरोप
डॉ. अरोड़ा ने ईडी की कार्रवाई को आगामी विधानसभा चुनावों से जोड़ते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पंजाब में चुनावी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और आम आदमी पार्टी ने भी अपने उम्मीदवारों की पहली सूची घोषित कर दी है। इस सूची में 40 उम्मीदवारों के नाम शामिल किए गए थे, जिनमें मोगा विधानसभा क्षेत्र से उनका नाम भी था।
उन्होंने आरोप लगाया कि उम्मीदवारों की सूची में नाम आने के बाद उन्हें निशाना बनाया गया। उनके अनुसार, इस कार्रवाई का मकसद उन्हें डराना, राजनीतिक गतिविधियों से पीछे हटने के लिए मजबूर करना और पार्टी के भीतर दबाव पैदा करना था।
विधायक ने कहा कि भाजपा को पंजाब में आम आदमी पार्टी की राजनीतिक स्थिति और चुनावी तैयारियों से परेशानी हो रही है। इसी कारण केंद्रीय जांच एजेंसियों के माध्यम से पार्टी के नेताओं पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक मुकाबला जनता के बीच होना चाहिए, न कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई के जरिए विरोधियों को परेशान करके।
भाजपा में जाने पर मंत्री पद देने की पेशकश का दावा
विधायक ने अपने बयान में दावा किया कि ईडी की पूछताछ के दौरान उन्हें भाजपा में शामिल होने का प्रस्ताव दिया गया था। उन्होंने कहा कि उन्हें बताया गया कि यदि वह भाजपा में शामिल होती हैं तो आने वाले समय में उन्हें मंत्री पद दिया जा सकता है। उनके अनुसार, उन्हें विधायक के साथ मंत्री बनने का अवसर मिलने की बात भी कही गई।
डॉ. अरोड़ा ने कहा कि उन्होंने इस प्रस्ताव को स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक जीवन में पद और प्रतिष्ठा से अधिक महत्वपूर्ण विचारधारा और प्रतिबद्धता होती है। वह किसी भी पद के लालच में अपनी पार्टी और उसके नेतृत्व का साथ नहीं छोड़ सकतीं।
उन्होंने कहा, “हम अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान के सच्चे सिपाही हैं। हमें टिकट, पद या कुर्सी का लालच नहीं है। आम आदमी पार्टी हमारी मां पार्टी है और हम आखिरी सांस तक इसके साथ रहेंगे।”
उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में आने का उनका उद्देश्य व्यक्तिगत लाभ हासिल करना नहीं है। पार्टी ने उन्हें मोगा के लोगों की सेवा करने का अवसर दिया है और वह अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाती रहेंगी। उन्होंने दोहराया कि किसी भी तरह का राजनीतिक दबाव उनकी निष्ठा को प्रभावित नहीं कर सकता।
संपत्तियों के लेन-देन और पुराने संबंधों को लेकर पूछे सवाल
ईडी की पूछताछ के विषय में जानकारी देते हुए विधायक ने बताया कि अधिकारियों ने मोगा में पिछले कई वर्षों के दौरान हुई संपत्तियों की खरीद और बिक्री से संबंधित जानकारी मांगी। इसके अलावा कुछ लोगों के साथ उनके संबंधों को लेकर भी सवाल किए गए।
उन्होंने कहा कि उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया और अधिकारियों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब दिए। उनके अनुसार, संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों और अन्य जानकारियों के बारे में जो भी पूछा गया, उसका जवाब देने का प्रयास किया गया।
डॉ. अरोड़ा ने कहा कि उन्हें जांच प्रक्रिया से कोई आपत्ति नहीं है। यदि किसी एजेंसी को किसी मामले में जानकारी चाहिए तो उसे उपलब्ध कराना उनकी जिम्मेदारी है। लेकिन जांच के नाम पर किसी व्यक्ति को राजनीतिक रूप से प्रताड़ित करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जांच निष्पक्ष होनी चाहिए और किसी भी राजनीतिक दल के दबाव से प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
बच्चों की मार्कशीट, ड्राइंग और डायरियां तक खंगालने का दावा
ईडी की तलाशी के दौरान घर में हुई जांच का जिक्र करते हुए विधायक ने कहा कि अधिकारियों ने उनके आवास के एक-एक कमरे और अलमारियों की बारीकी से तलाशी ली। घर में रखे दस्तावेजों और अन्य सामान की जांच की गई। उन्होंने दावा किया कि तलाशी के दौरान बच्चों की मार्कशीट, उनकी बनाई हुई ड्राइंग, डायरियां और पुराने शिकायत पत्रों से संबंधित दस्तावेज तक देखे गए।
उन्होंने कहा कि जांच की लंबी प्रक्रिया के कारण उनके परिवार को काफी परेशानी हुई। करीब 36 से 42 घंटे तक परिवार और बच्चों को घर के अंदर रहना पड़ा। इस दौरान घर का सामान्य माहौल पूरी तरह प्रभावित रहा। परिवार के सदस्यों के लिए लगातार अधिकारियों की मौजूदगी और पूछताछ के बीच समय बिताना आसान नहीं था।
विधायक ने कहा कि बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों को भी इस स्थिति का सामना करना पड़ा, लेकिन सभी ने धैर्य बनाए रखा। उन्होंने कहा कि वह खुद भी पूरी मजबूती के साथ जांच प्रक्रिया में शामिल रहीं और परिवार ने भी उनका हौसला बढ़ाया।
समर्थकों का जताया आभार, दोबारा बुलाने पर भी होंगी पेश
ईडी की कार्रवाई समाप्त होने के बाद डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा ने उनके समर्थन में खड़े रहने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों का विशेष रूप से आभार जताया। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान बड़ी संख्या में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका हौसला बढ़ाया। मुश्किल समय में मिले इस समर्थन से उन्हें और उनके परिवार को मजबूती मिली।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक जीवन में कई तरह की चुनौतियां सामने आती हैं, लेकिन ऐसे समय में पार्टी के कार्यकर्ताओं की एकजुटता महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने भरोसा जताया कि आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता और नेता इसी तरह एकजुट होकर पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को जनता तक पहुंचाते रहेंगे।
विधायक ने अंत में कहा कि ईडी या कोई अन्य जांच एजेंसी भविष्य में भी उन्हें पूछताछ के लिए बुलाती है तो वह पूरी जिम्मेदारी के साथ जांच में शामिल होंगी। उन्हें किसी भी जांच से डर नहीं है और न ही वह किसी दबाव के आगे झुकेंगी।
करीब 36 घंटे चली इस कार्रवाई के बाद डॉ. अरोड़ा के बयान ने पंजाब की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। खास तौर पर भाजपा में शामिल होने पर मंत्री पद के कथित प्रस्ताव को लेकर उनके दावे ने राजनीतिक विवाद को और गरमा दिया है। हालांकि, उनके इन आरोपों और दावों पर भाजपा या ईडी की ओर से प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। फिलहाल विधायक ने साफ कर दिया है कि वह मोगा में अपनी राजनीतिक गतिविधियां जारी रखेंगी और आगामी विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरने की तैयारी करेंगी।




