श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित एक ऐतिहासिक और विशाल नगर कीर्तन मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित गुरुद्वारा छठी पातशाही साहिब से श्रद्धा और उत्साह के माहौल में रवाना हुआ। यह नगर कीर्तन सिख इतिहास, मानवता की रक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता के लिए अपना बलिदान देने वाले नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी की महान शिक्षाओं और शहादत को समर्पित है।
इस पवित्र अवसर पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सहित कई प्रमुख हस्तियां संगत के साथ मौजूद रहीं। सभी नेताओं ने गुरुद्वारा साहिब में माथा टेका और गुरु साहिब के चरणों में अरदास कर नगर कीर्तन की सफलता और संगत की सुख-शांति की कामना की।
यह विशाल नगर कीर्तन श्रीनगर से शुरू होकर खालसा की जन्मभूमि श्री आनंदपुर साहिब की ओर बढ़ रहा है। 22 नवंबर को श्री आनंदपुर साहिब में इसका समापन होगा, जहां गुरु साहिब के 350वें शहीदी दिवस को लेकर भव्य धार्मिक समागम आयोजित किए जाएंगे।
श्रीनगर से शुरू हुआ ऐतिहासिक धार्मिक सफर
नगर कीर्तन की शुरुआत श्रीनगर के गुरुद्वारा छठी पातशाही साहिब से हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरे मार्ग में संगत ने श्रद्धा के साथ गुरु साहिब को नमन किया। नगर कीर्तन में शामिल श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
इस धार्मिक यात्रा में एंबुलेंस सुविधा, डिजिटल म्यूजियम, लंगर सेवा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को शामिल किया गया है। डिजिटल म्यूजियम के माध्यम से श्रद्धालुओं को श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन, शिक्षाओं और बलिदान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराई जा रही हैं।
नगर कीर्तन का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि गुरु साहिब के संदेश को लोगों तक पहुंचाना भी है। गुरु तेग बहादुर जी ने मानव अधिकारों, धार्मिक स्वतंत्रता और सभी धर्मों के सम्मान के लिए अपना जीवन समर्पित किया था।
जम्मू, पठानकोट और होशियारपुर से होकर गुजरेगा नगर कीर्तन
श्रीनगर से रवाना हुआ यह नगर कीर्तन कई महत्वपूर्ण शहरों से होकर श्री आनंदपुर साहिब पहुंचेगा। यात्रा के दौरान जम्मू, पठानकोट, दसूहा, होशियारपुर, माहिलपुर और गढ़शंकर सहित कई स्थानों पर संगत द्वारा स्वागत किया जाएगा।
नगर कीर्तन के रात्रि पड़ाव की व्यवस्था भी तय की गई है। जानकारी के अनुसार 19 नवंबर को जम्मू, 20 नवंबर को पठानकोट और 21 नवंबर को होशियारपुर में नगर कीर्तन का पड़ाव रहेगा।
इन स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक कार्यक्रमों और सेवा व्यवस्था का प्रबंध किया गया है। स्थानीय संगत भी इस ऐतिहासिक अवसर में बढ़-चढ़कर भाग ले रही है।
गुरु तेग बहादुर जी की शहादत मानवता के लिए प्रेरणा
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और अरविंद केजरीवाल ने इस अवसर पर कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत पूरी मानवता के लिए एक अद्वितीय उदाहरण है। गुरु साहिब ने दूसरों के अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया।
उन्होंने कहा कि गुरु साहिब का संदेश आज भी पूरी दुनिया के लिए प्रासंगिक है। शांति, प्रेम, भाईचारा और मानवता की सेवा के सिद्धांत समाज को सही दिशा दिखाते हैं।
दोनों नेताओं ने लोगों से अपील की कि वे गुरु साहिब की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाएं और समाज में आपसी सम्मान, एकता और सद्भावना को मजबूत करें।
पंजाब सरकार ने आयोजन को बताया सेवा का अवसर
नगर कीर्तन के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह पंजाब सरकार के लिए सौभाग्य की बात है कि उसे इतने बड़े ऐतिहासिक आयोजन की सेवा करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब की कृपा से यह आयोजन सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी कहा कि सरकार की ओर से इस पवित्र आयोजन में हर संभव सहयोग दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और यात्रा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि गुरु साहिब की शिक्षाएं समाज को जोड़ने और मानवता की सेवा करने की प्रेरणा देती हैं।
देशभर में आयोजित किए जा रहे धार्मिक कार्यक्रम
श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को लेकर पंजाब सहित देश के विभिन्न हिस्सों में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रमों की शुरुआत 25 अक्टूबर को दिल्ली स्थित गुरुद्वारा सीस गंज साहिब से हुई थी।
इसके बाद गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब में भी विशेष कीर्तन दरबार आयोजित किया गया। पंजाब के सभी जिलों में 1 नवंबर से 18 नवंबर तक लाइट एंड साउंड शो आयोजित किए गए, जिनमें गुरु साहिब के जीवन, संघर्ष और शिक्षाओं को प्रदर्शित किया गया।
जिन स्थानों से गुरु साहिब का ऐतिहासिक संबंध रहा है, वहां विशेष कीर्तन दरबार और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 18 नवंबर को श्रीनगर में भी भव्य कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया।
चार दिशाओं से निकल रहे हैं नगर कीर्तन
350वें शहीदी दिवस के अवसर पर इस बार चार प्रमुख नगर कीर्तन आयोजित किए जा रहे हैं। पहला नगर कीर्तन श्रीनगर से रवाना हो चुका है।
इसके अलावा 20 नवंबर को तख्त श्री दमदमा साहिब तलवंडी साबो से नगर कीर्तन निकलेगा। वहीं फरीदकोट और गुरदासपुर से भी नगर कीर्तन सजाए जाएंगे।
इन सभी नगर कीर्तनों का मिलन 22 नवंबर को श्री आनंदपुर साहिब में होगा। इसके बाद यहां बड़े स्तर पर धार्मिक समागम आयोजित किए जाएंगे।
श्री आनंदपुर साहिब में तीन दिवसीय भव्य समागम
श्री आनंदपुर साहिब में 23 नवंबर से 25 नवंबर तक विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए “चक्क नानकी” नाम से एक बड़ी टेंट सिटी तैयार की गई है, जहां हजारों श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की गई है।
इन कार्यक्रमों में गुरु साहिब की शिक्षाओं पर आधारित प्रदर्शनियां, ड्रोन शो, अंतर-धर्म सम्मेलन और अन्य धार्मिक गतिविधियां शामिल होंगी।
24 नवंबर को पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। वहीं 25 नवंबर को राज्य स्तरीय रक्तदान शिविर और पौधारोपण अभियान भी चलाया जाएगा।
इसके साथ ही विशाल “सरबत दा भला” एकत्रीकरण का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।
जम्मू-कश्मीर की संगत ने किया गर्मजोशी से स्वागत
नगर कीर्तन के श्रीनगर से रवाना होने के दौरान जम्मू-कश्मीर की सिख संगत ने श्रद्धा और उत्साह के साथ स्वागत किया। मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल ने संगत के समर्पण और सहयोग की सराहना की।
दोनों नेताओं ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने इस ऐतिहासिक अवसर पर संगत के साथ उपस्थित होकर अपनी भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद
इस धार्मिक आयोजन में कई संत महापुरुष, धार्मिक नेता और राजनीतिक हस्तियां शामिल हुईं। इस अवसर पर संत बाबा सेवा सिंह रामपुर खेड़ा वाले, गुरुद्वारा छठी पातशाही साहिब के प्रधान जसपाल सिंह और सचिव गुरमीत सिंह सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।
इसके अलावा पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां, मंत्री हरपाल सिंह चीमा, अमन अरोड़ा, तरुणप्रीत सिंह सौंद, डॉ. बलजीत कौर, हरभजन सिंह ईटीओ, बरिंदर गोयल, डॉ. रवजोत, हरदीप मुंडियां, सांसद बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल और कई अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित यह नगर कीर्तन श्रद्धा, सेवा और मानवता के संदेश को आगे बढ़ाने वाला ऐतिहासिक आयोजन बन रहा है। इसमें शामिल संगत गुरु साहिब की शिक्षाओं को याद करते हुए पूरे मार्ग में श्रद्धा और सम्मान के साथ आगे बढ़ रही है।

