Punjab पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने राज्य में संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए मोहाली से गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान जशन संधू और गुरसेवक सिंह के रूप में हुई है। दोनों पर गैंग से जुड़े आपराधिक मामलों में संलिप्त होने का आरोप है।
पुलिस ने बताया कि कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से .32 बोर की एक पिस्तौल और सात जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित रूप से एक संगठित आपराधिक नेटवर्क से जुड़े हुए थे और उनकी गतिविधियों पर लंबे समय से नजर रखी जा रही थी।
राज्य में गैंगस्टर गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से Punjab पुलिस लगातार विशेष अभियान चला रही है। इसी अभियान के तहत AGTF को कई महत्वपूर्ण इनपुट मिले थे, जिसके बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस अब मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
गुप्त सूचना के आधार पर AGTF ने की कार्रवाई
Punjab पुलिस के महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से इस कार्रवाई की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स को आरोपियों की मौजूदगी को लेकर विश्वसनीय सूचना प्राप्त हुई थी। इसके बाद विशेष टीम गठित कर मोहाली में छापेमारी की गई, जहां दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से अवैध हथियार और कारतूस भी बरामद किए। अधिकारियों के अनुसार हथियारों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनका इस्तेमाल किसी आपराधिक वारदात में हुआ है या नहीं।
पुलिस का कहना है कि यह गिरफ्तारी केवल दो व्यक्तियों तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि इसके जरिए पूरे गैंगस्टर नेटवर्क और उससे जुड़े सहयोगियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
हत्या के मामले में वांछित था जशन संधू
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी जशन संधू वर्ष 2023 में राजस्थान के श्रीगंगानगर में दर्ज एक हत्या के मामले में वांछित था। घटना के बाद वह लगातार फरार चल रहा था और पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए बार-बार अपना ठिकाना बदल रहा था।
जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी ने विदेशों में रहकर लंबे समय तक अपनी पहचान छिपाने का प्रयास किया। पुलिस को जानकारी मिली है कि वह अलग-अलग देशों में रहकर कानून से बचता रहा और समय-समय पर अपने ठिकाने बदलता रहा।
अधिकारियों का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी से पुराने मामलों की जांच में भी नई जानकारियां मिल सकती हैं।
कई देशों में बदलता रहा ठिकाना
पुलिस जांच के अनुसार जशन संधू ने जॉर्जिया, अजरबैजान, सऊदी अरब और दुबई जैसे देशों में अलग-अलग समय पर शरण ली। इसके बाद वह नेपाल पहुंचा और सड़क मार्ग के जरिए भारत में प्रवेश करने का प्रयास कर रहा था।
इसी दौरान उसकी गतिविधियों की जानकारी पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स को मिली। खुफिया सूचना के आधार पर निगरानी बढ़ाई गई और आखिरकार मोहाली से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि विदेश में रहने के दौरान उसके संपर्क किन लोगों से थे और उसे वहां किस प्रकार की सहायता मिल रही थी।
गुरसेवक सिंह की भूमिका भी जांच के दायरे में
गिरफ्तार दूसरे आरोपी गुरसेवक सिंह की भूमिका की भी पुलिस विस्तार से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों के बीच लंबे समय से संपर्क होने की आशंका है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गुरसेवक सिंह गैंग के लिए किस प्रकार की गतिविधियों में शामिल था और क्या वह हथियार उपलब्ध कराने, ठिकाने बदलने या अन्य प्रकार की सहायता करता था।
दोनों आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है ताकि उनके बयानों का मिलान कर पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके।
गैंगस्टर नेटवर्क और सहयोगियों की जांच तेज
Punjab पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल डिवाइस और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच की जा रही है। इसके अलावा उनके वित्तीय लेन-देन और संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है।
जांच का मुख्य उद्देश्य केवल गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं बल्कि पूरे आपराधिक नेटवर्क की पहचान करना है। यदि जांच के दौरान अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रसद और लॉजिस्टिक सपोर्ट की जांच
प्रारंभिक पूछताछ में यह संकेत मिले हैं कि जशन संधू कथित तौर पर गैंग को रसद और अन्य प्रकार की सहायता उपलब्ध कराने में भूमिका निभा रहा था। पुलिस अब यह जानने का प्रयास कर रही है कि इस सहायता का स्वरूप क्या था और इससे किन आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया जाता था।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि क्या आरोपियों के माध्यम से हथियार, धन या अन्य संसाधनों की आपूर्ति की जाती थी।
हवाला और विदेशी संपर्कों की भी पड़ताल
पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूछताछ के दौरान कुछ ऐसे इनपुट मिले हैं जो हवाला नेटवर्क, विदेशों में बैठे अपराधियों और कुछ ट्रैवल एजेंटों से संभावित संपर्क की ओर संकेत करते हैं। हालांकि इन जानकारियों का सत्यापन अभी जारी है।
यदि जांच में इन संपर्कों की पुष्टि होती है तो संबंधित एजेंसियों की मदद से आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का उद्देश्य पूरे आर्थिक और आपराधिक नेटवर्क का पता लगाना है।
बरामद हथियारों की होगी फॉरेंसिक जांच
आरोपियों के कब्जे से बरामद पिस्तौल और कारतूस को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि हथियार का उपयोग पहले किसी अपराध में किया गया था या नहीं।
बैलिस्टिक जांच रिपोर्ट आने के बाद पुलिस संबंधित मामलों के साथ इसका मिलान करेगी। यदि किसी पुराने मामले से संबंध सामने आता है तो उस दिशा में भी आगे की जांच की जाएगी।
तकनीकी निगरानी के जरिए जुटाए जा रहे साक्ष्य
Punjab पुलिस आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए आरोपियों की डिजिटल गतिविधियों की भी जांच कर रही है। मोबाइल डेटा, लोकेशन हिस्ट्री, इंटरनेट गतिविधियों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है।
तकनीकी जांच के माध्यम से यह भी पता लगाया जाएगा कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में थे और किन माध्यमों से आपराधिक गतिविधियों का संचालन किया जा रहा था।
संगठित अपराध के खिलाफ अभियान रहेगा जारी
Punjab पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राज्य में गैंगस्टर नेटवर्क और संगठित अपराध के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स को खुफिया सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करने और ऐसे नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने और संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विभिन्न एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ जांच को आगे बढ़ा रही हैं।



