उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) की वैधता अवधि को बढ़ाकर अब तीन वर्ष कर दिया गया है। पहले यह वैधता केवल एक वर्ष तक सीमित थी, जिसके कारण अभ्यर्थियों को लगभग हर साल दोबारा PET परीक्षा देनी पड़ती थी। नए नियम के लागू होने के बाद उम्मीदवार एक बार PET उत्तीर्ण करने पर अगले तीन वर्षों तक समूह ‘ग’ की विभिन्न भर्तियों में उसी स्कोर के आधार पर आवेदन कर सकेंगे।
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस संबंध में आधिकारिक शासनादेश जारी कर दिया है। इस फैसले का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और अभ्यर्थी हितैषी बनाना है। साथ ही इससे उम्मीदवारों का समय, परीक्षा शुल्क और तैयारी का अतिरिक्त दबाव भी कम होगा।
क्या है नया नियम?
नए नियम के अनुसार यदि कोई अभ्यर्थी साल 2025 या उसके बाद आयोजित होने वाली UPSSSC PET परीक्षा में शामिल होकर सफल होता है, तो उसका PET स्कोर तीन वर्षों तक मान्य रहेगा।
इसका अर्थ है कि उम्मीदवार को हर वर्ष केवल PET की वैधता समाप्त होने के कारण दोबारा परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होगी। वह निर्धारित अवधि के भीतर आने वाली विभिन्न समूह ‘ग’ की भर्तियों में उसी स्कोर के आधार पर आवेदन कर सकेगा।
यह बदलाव लाखों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि अब उन्हें बार-बार प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी नहीं करनी पड़ेगी।
पहले क्या व्यवस्था थी?
अब तक UPSSSC PET परीक्षा का स्कोर केवल एक वर्ष के लिए वैध माना जाता था।
यदि किसी अभ्यर्थी का PET स्कोर एक वर्ष पूरा होने के बाद समाप्त हो जाता था, तो उसे आगामी भर्तियों में आवेदन करने के लिए फिर से PET परीक्षा देनी पड़ती थी।
इस व्यवस्था के कारण उम्मीदवारों को—
- हर वर्ष परीक्षा की तैयारी करनी पड़ती थी।
- पुनः आवेदन शुल्क जमा करना पड़ता था।
- परीक्षा में शामिल होने के लिए समय देना पड़ता था।
- बार-बार परीक्षा प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था।
अब नई व्यवस्था इन सभी कठिनाइयों को काफी हद तक कम करेगी।
कब से लागू होगा नया नियम?
उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार यह संशोधित व्यवस्था 2025 से आयोजित होने वाली PET परीक्षा पर लागू होगी।
अर्थात—
- यदि कोई अभ्यर्थी 2025 PET परीक्षा में शामिल होता है, तो उसका स्कोर अगले तीन वर्षों तक मान्य रहेगा।
- इसी प्रकार 2026 या उसके बाद होने वाली PET परीक्षाओं पर भी यही नियम लागू रहेगा।
पुरानी PET परीक्षाओं की वैधता संबंधी नियमों में बदलाव की अलग से घोषणा नहीं की गई है।
शासनादेश में किया गया संशोधन
उत्तर प्रदेश सरकार के कार्मिक विभाग ने इस संबंध में पहले जारी 20 नवंबर 2020 के शासनादेश में संशोधन किया है।
संशोधित आदेश विशेष सचिव कुलदीप कुमार रस्तोगी द्वारा जारी किया गया है। इस आदेश की प्रति उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) को भी भेज दी गई है ताकि नई व्यवस्था के अनुसार आगामी भर्ती प्रक्रियाओं का संचालन किया जा सके।
यह संशोधन प्रशासनिक स्तर पर PET प्रणाली में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।
PET परीक्षा क्या है?
प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (Preliminary Eligibility Test – PET) उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित एक पात्रता परीक्षा है।
इस परीक्षा का उद्देश्य समूह ‘ग’ की विभिन्न सरकारी भर्तियों के लिए योग्य उम्मीदवारों का प्रारंभिक चयन करना है।
PET में प्राप्त अंकों के आधार पर आयोग विभिन्न विभागों की मुख्य परीक्षाओं के लिए उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करता है।
इस प्रकार PET सीधे अंतिम चयन परीक्षा नहीं होती, बल्कि आगे की भर्ती प्रक्रिया में प्रवेश का आधार बनती है।
समूह ‘ग’ की किन भर्तियों में होता है उपयोग?
UPSSSC PET का उपयोग राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में आयोजित होने वाली अनेक समूह ‘ग’ की भर्तियों में किया जाता है।
विभिन्न पदों के लिए आयोग संबंधित भर्ती अधिसूचना जारी करता है और निर्धारित PET स्कोर के आधार पर योग्य अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा या अगले चयन चरण के लिए आमंत्रित करता है।
प्रत्येक भर्ती की पात्रता, शैक्षणिक योग्यता और चयन प्रक्रिया संबंधित विज्ञापन में अलग-अलग निर्धारित की जाती है।
इस बदलाव से अभ्यर्थियों को क्या लाभ मिलेगा?
नई व्यवस्था से उम्मीदवारों को कई महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त होंगे।
1. बार-बार परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं
सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि अभ्यर्थियों को हर वर्ष केवल PET की वैधता समाप्त होने के कारण दोबारा परीक्षा नहीं देनी पड़ेगी।
2. समय की बचत
उम्मीदवार अब बार-बार प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी करने के बजाय मुख्य परीक्षा और विषयगत तैयारी पर अधिक ध्यान दे सकेंगे।
3. आर्थिक राहत
हर वर्ष आवेदन शुल्क, यात्रा व्यय तथा परीक्षा से जुड़े अन्य खर्चों में कमी आएगी।
4. मानसिक दबाव कम होगा
लगातार PET परीक्षा देने की चिंता समाप्त होने से उम्मीदवारों पर परीक्षा का अतिरिक्त दबाव भी कम होगा।
5. भर्ती प्रक्रिया में सुविधा
एक ही PET स्कोर का उपयोग तीन वर्षों तक विभिन्न भर्तियों में किया जा सकेगा, जिससे आवेदन प्रक्रिया अधिक सरल हो जाएगी।
भर्ती प्रक्रिया कैसे होती है?
सामान्य रूप से UPSSSC भर्ती प्रक्रिया निम्न चरणों में संचालित होती है—
- PET परीक्षा आयोजित की जाती है।
- PET स्कोर के आधार पर पात्र अभ्यर्थियों को चयनित किया जाता है।
- संबंधित पद के लिए मुख्य परीक्षा आयोजित होती है।
- आवश्यकता होने पर दस्तावेज़ सत्यापन तथा अन्य चयन प्रक्रियाएं पूरी की जाती हैं।
- अंतिम मेरिट सूची जारी कर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाती है।
नई व्यवस्था में केवल PET स्कोर की वैधता अवधि बदली गई है। अन्य चयन प्रक्रियाएं संबंधित भर्ती विज्ञापन के अनुसार ही संचालित होंगी।

सरकार ने यह फैसला क्यों लिया?
सरकारी भर्ती प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और उम्मीदवारों के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
बार-बार PET परीक्षा आयोजित करने और अभ्यर्थियों के हर वर्ष परीक्षा देने की आवश्यकता से समय तथा संसाधनों की अतिरिक्त खपत होती थी।
तीन वर्ष की वैधता लागू होने से—
- परीक्षा प्रबंधन अधिक व्यवस्थित हो सकेगा।
- उम्मीदवारों को बार-बार आवेदन नहीं करना पड़ेगा।
- आयोग भी विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं पर अधिक प्रभावी ढंग से कार्य कर सकेगा।
भ्रष्टाचार रोकने में PET की भूमिका
उत्तर प्रदेश सरकार ने समूह ‘ग’ की भर्तियों में पारदर्शिता बढ़ाने और चयन प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से PET प्रणाली लागू की थी।
इस परीक्षा के माध्यम से सभी अभ्यर्थियों का एक समान प्रारंभिक मूल्यांकन किया जाता है। इसके बाद निर्धारित मेरिट के अनुसार योग्य उम्मीदवारों को आगे की भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाता है।
इस प्रणाली का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को अधिक निष्पक्ष और व्यवस्थित बनाना है।
अभ्यर्थियों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
नए नियम के बावजूद उम्मीदवारों को कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए—
- प्रत्येक भर्ती का अलग विज्ञापन ध्यान से पढ़ें।
- PET स्कोर मान्य होने के बावजूद संबंधित पद की शैक्षणिक योग्यता पूरी करना आवश्यक होगा।
- आवेदन की अंतिम तिथि का विशेष ध्यान रखें।
- दस्तावेज़ समय पर तैयार रखें।
- केवल आधिकारिक वेबसाइटों और सरकारी अधिसूचनाओं पर भरोसा करें।
आगे क्या अपेक्षा की जा सकती है?
2025 से नई व्यवस्था लागू होने के बाद उम्मीद की जा रही है कि समूह ‘ग’ की भर्ती प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक होगी।
तीन वर्ष की वैधता मिलने से लाखों उम्मीदवारों को बार-बार PET परीक्षा देने से राहत मिलेगी और वे अपनी मुख्य परीक्षाओं की तैयारी पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा PET स्कोर की वैधता एक वर्ष से बढ़ाकर तीन वर्ष करना सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधार माना जा रहा है। इस बदलाव से भर्ती प्रक्रिया अधिक सरल, समयबद्ध और अभ्यर्थी हितैषी बनने की उम्मीद है। हालांकि उम्मीदवारों को प्रत्येक भर्ती की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और आधिकारिक अधिसूचनाओं पर नियमित नजर बनाए रखनी चाहिए तथा केवल उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही आवेदन करना चाहिए।




