CM योगी ने 2 बार बॉल पटकी, बास्केट में उछाली:हवा में गुब्बारे छोड़े, गोरखपुर में महिला टूर्नामेंट की शुरुआत की

CM योगी ने 2 बार बॉल पटकी, बास्केट में उछाली:हवा में गुब्बारे छोड़े, गोरखपुर में महिला टूर्नामेंट की शुरुआत की

गोरखपुर में सीएम योगी ने खेला बास्केटबॉल, महिला टूर्नामेंट का किया शुभारंभ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में आयोजित एक खेल कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए खुद बास्केटबॉल खेला। मुख्यमंत्री ने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में आयोजित अंतर-विश्वविद्यालय महिला बास्केटबॉल टूर्नामेंट का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने बास्केटबॉल कोर्ट पर पहुंचकर खिलाड़ियों की तरह गेंद को दो बार उछालकर ड्रिबल किया और फिर बास्केट में डालकर खेल के प्रति अपना जुड़ाव दिखाया।

सीएम योगी के इस अंदाज को देखकर वहां मौजूद खिलाड़ी, शिक्षक और दर्शक उत्साहित नजर आए। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका परिचय जाना और उनकी तैयारियों के बारे में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने रंग-बिरंगे गैस गुब्बारों को आसमान में छोड़कर प्रतियोगिता के औपचारिक शुभारंभ की घोषणा की। पूरे बास्केटबॉल कोर्ट में तालियों की गूंज सुनाई दी।

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में आयोजित यह महिला बास्केटबॉल प्रतियोगिता 15 जनवरी से 19 जनवरी तक चलेगी। इसमें पूर्वी क्षेत्र के 14 राज्यों की 31 विश्वविद्यालयों की टीमें हिस्सा ले रही हैं। प्रतियोगिता में देश के अलग-अलग हिस्सों से आई महिला खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता का माध्यम नहीं है, बल्कि यह युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर के लिए अनुशासन, संयम और नियमित खेल गतिविधियां जरूरी हैं।

सीएम योगी बोले- पहले खेलों को नहीं मिलती थी प्राथमिकता, अब गांव-गांव हो रही प्रतियोगिताएं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले खेलकूद प्रतियोगिताएं सरकारों की प्राथमिकताओं में शामिल नहीं थीं। उन्होंने कहा कि उस समय कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी उचित अवसर और संसाधनों के अभाव में या तो दूसरे स्थानों की ओर चले जाते थे या निराश होकर अपनी प्रतिभा को आगे नहीं बढ़ा पाते थे।

सीएम योगी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए हैं। अब गांव-गांव में खेल प्रतियोगिताएं आयोजित कराई जा रही हैं और युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता हासिल करने के लिए स्वस्थ शरीर जरूरी है। शरीर तभी स्वस्थ रह सकता है जब व्यक्ति नियमित जीवनशैली, अनुशासन और संयम का पालन करे। मुख्यमंत्री ने युवाओं से खेल को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की।

500 से अधिक खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने का दावा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि अब तक 500 से अधिक खिलाड़ियों को प्रदेश के अलग-अलग विभागों में सरकारी नौकरी दी जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को सम्मान और बेहतर अवसर देने के लिए कई योजनाएं चला रही है। खेल उपलब्धियों के आधार पर खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में अवसर दिए जा रहे हैं। इसके अलावा डिप्टी एसपी, तहसीलदार और क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी जैसे पदों पर भी खिलाड़ियों को नियुक्ति देने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

सीएम योगी ने बताया कि प्रदेश में युवक मंगल दल और महिला मंगल दल को अब तक 96 हजार से अधिक स्पोर्ट्स किट उपलब्ध कराई गई हैं। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में खेल संस्कृति को मजबूत करना और युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ना है।

हर विश्वविद्यालय को कम से कम एक खेल अपनाने की अपील

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों से अपील की कि वे कम से कम एक खेल को अपनाकर उसमें बेहतर खिलाड़ियों को तैयार करें। उन्होंने कहा कि इससे विश्वविद्यालयों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का माहौल बनेगा और युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।

सीएम योगी ने कहा कि खेलों से जुड़े रहने वाले युवा नशे और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रहते हैं। उन्होंने कहा कि युवा खेलेगा तो आगे बढ़ेगा और समाज के लिए सकारात्मक योगदान देगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में मेरठ में प्रदेश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल सुविधाओं को लगातार बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है।

ओलिंपिक और अंतरराष्ट्रीय खेलों में पदक विजेताओं के लिए बड़ी प्रोत्साहन राशि

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब खेलों को लेकर परिवारों की सोच में भी बदलाव आया है। पहले जहां कई जगह बेटियों को खेलों में आगे बढ़ने से रोका जाता था, वहीं अब अभिभावक बेटा और बेटी दोनों को समान अवसर दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यदि उत्तर प्रदेश का कोई खिलाड़ी ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई करता है तो सरकार उसे 10 लाख रुपये की सहायता और स्पोर्ट्स किट उपलब्ध कराती है। ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ी को सरकार की ओर से 6 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि और क्लास-1 की नौकरी देने का प्रावधान है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि टीम गेम में गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को 3 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी जाती है। वहीं सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल विजेताओं के लिए भी सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जाती है।

2036 ओलिंपिक भारत में कराने की उम्मीद जताई

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार भारतीय खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि जब भी भारतीय टीम किसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने जाती है तो उसे हर स्तर पर प्रोत्साहन दिया जाता है।

सीएम योगी ने कहा कि भारत को वर्ष 2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ खेलों के लिए अभी से तैयारी करनी होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि वर्ष 2036 के ओलिंपिक खेल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में आयोजित हों और भारतीय खिलाड़ी अधिक से अधिक पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाएं।

खेलों को बढ़ावा देने से युवाओं को मिलेंगे नए अवसर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि खेलों के विकास से युवाओं के लिए रोजगार, सम्मान और पहचान के नए रास्ते खुलते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश में ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जहां गांवों से निकलने वाली प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।

गोरखपुर में आयोजित महिला बास्केटबॉल प्रतियोगिता भी इसी दिशा में एक प्रयास है, जहां देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों की महिला खिलाड़ी अपनी क्षमता और खेल कौशल का प्रदर्शन कर रही हैं।

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