भीषण गर्मी से निपटने के लिए UP सरकार का बड़ा कदम: गर्मी तपेगी… लेकिन बहते रहेंगे नल, 24×7 अलर्ट मोड में पेयजल व्यवस्था।

भीषण गर्मी से निपटने के लिए UP सरकार का बड़ा कदम: गर्मी तपेगी… लेकिन बहते रहेंगे नल, 24×7 अलर्ट मोड में पेयजल व्यवस्था।

UP में भीषण गर्मी के बीच पेयजल आपूर्ति पर सरकार अलर्ट, अधिकारियों को 24 घंटे निगरानी के निर्देश

उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रहे तापमान और भीषण गर्मी को देखते हुए राज्य सरकार ने पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। सरकार का लक्ष्य है कि गर्मी के पूरे मौसम में प्रदेश के किसी भी ग्रामीण या शहरी क्षेत्र में पेयजल संकट उत्पन्न न होने पाए। इसी उद्देश्य से सभी संबंधित विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों को 24 घंटे सतर्क रहने तथा जलापूर्ति व्यवस्था की नियमित निगरानी करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

राज्य सरकार ने सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि पेयजल आपूर्ति से जुड़ी किसी भी समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए। अधिकारियों से कहा गया है कि जहां भी जलापूर्ति प्रभावित होने की संभावना हो, वहां समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था की जाए ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

शासन की ओर से सभी जिलाधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश भेजे गए हैं। इन निर्देशों में जल जीवन मिशन, पाइप पेयजल योजनाओं, हैंडपंपों, ट्यूबवेलों, टैंकरों तथा अन्य उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार का उद्देश्य प्रत्येक परिवार तक सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है।

24 घंटे अलर्ट मोड में रहेंगे संबंधित अधिकारी

भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पर लगातार नजर रखें। यदि किसी क्षेत्र में जलापूर्ति बाधित होती है तो संबंधित विभाग तत्काल कार्रवाई करते हुए समस्या का समाधान करे।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि पेयजल जैसी आवश्यक सेवा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इसके लिए जिला स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

मंडलायुक्तों को सौंपी गई विशेष जिम्मेदारी

राज्य सरकार ने सभी मंडलायुक्तों को अपने-अपने मंडलों में पेयजल व्यवस्था की निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ नियमित बैठक कर स्थिति की समीक्षा करें और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल आवश्यक निर्णय लें।

इसके साथ ही मंडल स्तर पर विभिन्न योजनाओं की प्रगति का मूल्यांकन करने और जल संकट वाले क्षेत्रों की विशेष निगरानी करने को भी कहा गया है।

हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने पर जोर

सरकार ने पाइप पेयजल योजनाओं का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं ताकि अधिक से अधिक परिवारों तक सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जा सके। जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन के माध्यम से जलापूर्ति उपलब्ध है, वहां नियमित आपूर्ति बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

जहां योजनाएं अभी निर्माणाधीन हैं या किसी कारण से पूरी नहीं हो पाई हैं, वहां वैकल्पिक जल स्रोतों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जाएगा।

निर्माणाधीन परियोजनाओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था

राज्य सरकार ने कहा है कि जिन गांवों या क्षेत्रों में पेयजल परियोजनाओं का निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है, वहां नागरिकों को जल संकट से बचाने के लिए अस्थायी व्यवस्था की जाएगी।

ऐसे क्षेत्रों में टैंकरों, हैंडपंपों, सार्वजनिक जल स्रोतों तथा अन्य उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष फोकस

सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि प्रत्येक गांव में जलापूर्ति की स्थिति की समीक्षा की जाए और यदि कहीं पानी की कमी की सूचना मिले तो तत्काल समाधान किया जाए।

विशेष रूप से ऐसे गांव जहां गर्मियों के दौरान जल संकट की संभावना अधिक रहती है, वहां अतिरिक्त निगरानी रखने को कहा गया है।

जल जीवन मिशन योजनाओं की होगी समीक्षा

जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं की भी नियमित समीक्षा की जाएगी ताकि प्रत्येक घर तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य समय पर पूरा किया जा सके।

संबंधित अधिकारियों को परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी नियमित रूप से शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ, जल संरक्षण जागरूकता और सामुदायिक सुविधाओं पर सरकार का विशेष जोर

सरकारी परिसरों में प्याऊ और घड़ों की व्यवस्था

गर्मी के मौसम में लोगों को राहत प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने सार्वजनिक एवं सरकारी परिसरों में प्याऊ, पानी के घड़े और अन्य पेयजल सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य नागरिकों, मरीजों, विद्यार्थियों तथा सरकारी कार्यालयों में आने वाले लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है।

अस्पताल, तहसील और थानों में विशेष व्यवस्था

सरकार ने निर्देश दिया है कि जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, तहसीलों, थानों, ब्लॉक कार्यालयों और अन्य सरकारी परिसरों में पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

अधिकारियों से कहा गया है कि इन स्थानों पर जलापूर्ति व्यवस्था नियमित रूप से जांची जाए ताकि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

आंगनबाड़ी केंद्रों में भी उपलब्ध रहेगा स्वच्छ पानी

राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों और महिलाओं को ध्यान में रखते हुए वहां भी पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

गर्मी के मौसम में बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए इन केंद्रों में जल उपलब्धता सुनिश्चित करना प्राथमिकता में रखा गया है।

जल संरक्षण के प्रति चलाया जाएगा जागरूकता अभियान

सरकार ने सूचना, शिक्षा एवं संप्रेषण (IEC) गतिविधियों के माध्यम से लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने का भी निर्णय लिया है। इसके तहत नागरिकों को पानी के विवेकपूर्ण उपयोग, वर्षा जल संरक्षण और स्वच्छ पेयजल के महत्व के बारे में जानकारी दी जाएगी।

ग्राम पंचायतों और स्थानीय प्रशासन के माध्यम से भी लोगों को जल बचाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

लू से बचाव के उपायों की भी दी जाएगी जानकारी

गर्मी के मौसम में बढ़ते तापमान को देखते हुए लोगों को लू से बचाव के उपायों के बारे में भी जागरूक किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य संबंधित एजेंसियां नागरिकों को पर्याप्त पानी पीने, धूप से बचने और आवश्यक सावधानियां अपनाने की सलाह देंगी।

विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाएगी।

सामुदायिक शौचालयों में जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश

राज्य सरकार ने सामुदायिक शौचालयों में भी पर्याप्त जल उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि सभी सार्वजनिक शौचालयों में नियमित जलापूर्ति बनी रहे ताकि स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित न हो।

इसके लिए स्थानीय निकायों और संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने को कहा गया है।

जिलाधिकारियों को भेजे गए विस्तृत दिशा-निर्देश

शासन की ओर से प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को विस्तृत निर्देश भेजे गए हैं। इनमें पेयजल आपूर्ति, सार्वजनिक जल व्यवस्था, जल संरक्षण, जागरूकता अभियान तथा वैकल्पिक जल स्रोतों के उपयोग सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है।

सरकार ने कहा है कि प्रत्येक जिले में नियमित समीक्षा के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भीषण गर्मी के दौरान किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट उत्पन्न न हो तथा नागरिकों को समय पर स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होता रहे।

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