औद्योगिक क्षेत्रों के कर्मचारियों और मजदूरों को मिलेगा 10 रुपये में भोजन
हरियाणा सरकार राज्य में सस्ती और पौष्टिक भोजन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी कड़ी में सरकार ने 15 अगस्त तक 200 नई अटल कैंटीन शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस योजना का उद्देश्य विशेष रूप से औद्योगिक क्षेत्रों, श्रमिकों, कर्मचारियों, किसानों तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है।
सरकार की योजना के अनुसार अब हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (HSIIDC) के औद्योगिक सेक्टरों में भी अटल कैंटीन स्थापित की जाएंगी। वर्तमान में कई औद्योगिक क्षेत्रों में इस प्रकार की कैंटीन उपलब्ध नहीं हैं, जिसके कारण बड़ी संख्या में कार्यरत कर्मचारियों और मजदूरों को भोजन के लिए अधिक खर्च करना पड़ता है। नई कैंटीन शुरू होने के बाद उन्हें कार्यस्थल के निकट ही रियायती दर पर भोजन उपलब्ध हो सकेगा।
अटल कैंटीन योजना राज्य सरकार की उन सामाजिक योजनाओं में शामिल है, जिनका उद्देश्य कम आय वाले वर्गों को राहत प्रदान करना है। इन कैंटीनों के माध्यम से निर्धारित शुल्क पर भोजन उपलब्ध कराया जाता है, जिससे दैनिक मजदूरी करने वाले लोगों को विशेष लाभ मिलता है।

औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ेगी अटल कैंटीन की पहुंच, कर्मचारियों को कार्यस्थल के पास मिलेगा सस्ता भोजन
हरियाणा सरकार का फोकस अब उन औद्योगिक क्षेत्रों पर है जहां हजारों कर्मचारी और श्रमिक प्रतिदिन कार्य करते हैं। सरकार का मानना है कि यदि कार्यस्थल के आसपास कम कीमत पर भोजन उपलब्ध होगा तो कर्मचारियों का समय भी बचेगा और आर्थिक बोझ भी कम होगा।
नई योजना के तहत HSIIDC के विभिन्न औद्योगिक सेक्टरों में चरणबद्ध तरीके से अटल कैंटीन स्थापित की जाएंगी। इससे उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों, तकनीकी कर्मचारियों, कार्यालय स्टाफ तथा अन्य कामगारों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
सिर्फ 10 रुपये में उपलब्ध कराया जाता है भोजन
अटल कैंटीन योजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यहां मात्र 10 रुपये में भोजन उपलब्ध कराया जाता है। कम लागत पर भोजन उपलब्ध होने से दैनिक मजदूरी करने वाले श्रमिकों, छोटे कर्मचारियों तथा आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को बड़ी राहत मिलती है।
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति केवल आर्थिक कारणों से पौष्टिक भोजन से वंचित न रहे। इसी सोच के साथ इस योजना का लगातार विस्तार किया जा रहा है।
सेल्फ हेल्प ग्रुप और मार्केट कमेटी करती हैं संचालन
अटल कैंटीन का संचालन स्थानीय स्तर पर स्वयं सहायता समूहों (Self-Help Groups) और संबंधित मार्केट समितियों के सहयोग से किया जाता है। इससे एक ओर स्थानीय महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को रोजगार के अवसर मिलते हैं, वहीं दूसरी ओर कैंटीनों का संचालन व्यवस्थित तरीके से किया जा सकता है।
स्थानीय स्तर पर संचालन होने से भोजन की गुणवत्ता, नियमित उपलब्धता और निगरानी भी बेहतर ढंग से की जा सकती है।
औद्योगिक श्रमिकों को मिलेगा सीधा लाभ
हरियाणा के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में श्रमिक प्रतिदिन कार्य करते हैं। इनमें से कई कर्मचारी ऐसे होते हैं जिन्हें बाहर होटल या ढाबों पर अपेक्षाकृत अधिक कीमत देकर भोजन करना पड़ता है।
अटल कैंटीन शुरू होने के बाद उन्हें कम कीमत में निर्धारित भोजन उपलब्ध होगा, जिससे उनकी दैनिक भोजन संबंधी लागत कम हो सकती है।
15 अगस्त तक 200 नई कैंटीन शुरू करने का लक्ष्य
राज्य सरकार ने स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त तक 200 नई अटल कैंटीन स्थापित करने का लक्ष्य तय किया है। इस लक्ष्य को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने की योजना बनाई गई है ताकि अधिक से अधिक जिलों और औद्योगिक क्षेत्रों को इस सुविधा से जोड़ा जा सके।
नई कैंटीनों के लिए स्थान चयन, संचालन व्यवस्था तथा स्थानीय प्रशासन के सहयोग से आवश्यक तैयारियां भी की जा रही हैं।
HSIIDC सेक्टरों पर रहेगा विशेष फोकस
सरकार की नई योजना के अनुसार हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (HSIIDC) के औद्योगिक सेक्टरों में प्राथमिकता के आधार पर अटल कैंटीन स्थापित की जाएंगी।
इन क्षेत्रों में हजारों कर्मचारी प्रतिदिन काम करते हैं और भोजन की किफायती व्यवस्था उपलब्ध होने से उन्हें सीधे तौर पर सुविधा मिलेगी।
अनाज मंडियों में भी प्रस्तावित थीं अटल किसान-मजदूर कैंटीन
इससे पहले हरियाणा स्टेट एग्रीकल्चरल मार्केटिंग (HSAM) बोर्ड ने राज्य की 40 अनाज मंडियों में अटल किसान-मजदूर कैंटीन स्थापित करने की योजना बनाई थी। इस पहल का उद्देश्य मंडियों में आने वाले किसानों, मजदूरों, आढ़तियों तथा अन्य लोगों को कम कीमत पर भोजन उपलब्ध कराना था।
योजना के तहत मंडियों में ऐसी सुविधाएं विकसित करने का प्रयास किया जा रहा था, जिससे कृषि गतिविधियों से जुड़े लोगों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं मिल सकें।
आचार संहिता के कारण प्रभावित हुई थी योजना
निकाय चुनाव की घोषणा के बाद लागू हुई आदर्श आचार संहिता के कारण HSAM बोर्ड को उस समय अपने निर्णय को वापस लेना पड़ा था। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक नई योजनाओं के क्रियान्वयन पर रोक लग गई थी।
अब सरकार एक बार फिर इस योजना के विस्तार की दिशा में आगे बढ़ रही है और विभिन्न क्षेत्रों में नई अटल कैंटीन स्थापित करने की तैयारी कर रही है।
सस्ती भोजन व्यवस्था से मिलेगा आर्थिक लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि कम लागत पर भोजन उपलब्ध कराने वाली योजनाएं निम्न आय वर्ग के लोगों के मासिक खर्च को कम करने में सहायक होती हैं। यदि कार्यस्थल के निकट भोजन उपलब्ध हो तो समय और परिवहन खर्च में भी कमी आती है।
विशेष रूप से औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों के लिए यह सुविधा उपयोगी मानी जा रही है क्योंकि उन्हें भोजन के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
स्वयं सहायता समूहों को भी मिलेगा रोजगार
अटल कैंटीन योजना का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि इसके संचालन में स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी रहती है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी विकसित होते हैं।
महिला स्वयं सहायता समूहों को कैंटीन संचालन का अवसर मिलने से उनकी आय बढ़ाने और आर्थिक सशक्तिकरण में भी सहायता मिलती है।
भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर रहेगा विशेष ध्यान
सरकारी योजनाओं के तहत संचालित कैंटीनों में भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता तथा निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर निरीक्षण और निगरानी की व्यवस्था भी की जाती है।
सरकार का उद्देश्य केवल कम कीमत पर भोजन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि पौष्टिक और स्वच्छ भोजन सुनिश्चित करना भी है ताकि लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण सेवा मिल सके।
सामाजिक कल्याण योजनाओं के विस्तार पर सरकार का जोर
हरियाणा सरकार द्वारा अटल कैंटीन योजना का विस्तार सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि राज्य के अधिक से अधिक श्रमिक, कर्मचारी, किसान और जरूरतमंद नागरिक इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
15 अगस्त तक 200 नई अटल कैंटीन स्थापित करने के लक्ष्य के साथ सरकार औद्योगिक क्षेत्रों, अनाज मंडियों तथा अन्य उपयुक्त स्थानों पर इस योजना का विस्तार करने की दिशा में कार्य कर रही है। यदि निर्धारित योजना के अनुसार कैंटीन शुरू होती हैं, तो बड़ी संख्या में लोगों को कार्यस्थल के निकट कम कीमत पर भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था और अधिक व्यापक हो सकेगी।



