हरियाणा सरकार ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत लंबे समय से खाली पड़े आंगनवाड़ी कार्यकर्ता (Anganwadi Worker) और आंगनवाड़ी सहायिका (Anganwadi Helper) के पदों को भरने की दिशा में बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्यभर में कुल 7,005 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मंजूरी दे दी है। सरकार के इस फैसले के बाद हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने की संभावना है, वहीं राज्य की आंगनवाड़ी सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, प्रदेश में कई वर्षों से बड़ी संख्या में पद रिक्त पड़े हुए थे, जिससे आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन और विभिन्न पोषण एवं बाल विकास योजनाओं के क्रियान्वयन पर प्रभाव पड़ रहा था। अब सरकार इन रिक्तियों को भरकर सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने की तैयारी कर रही है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए कुल 25,962 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 2,549 पद वर्तमान में खाली हैं। वहीं आंगनवाड़ी सहायिकाओं के लिए स्वीकृत 25,450 पदों में से 4,439 पद रिक्त हैं। इन दोनों श्रेणियों को मिलाकर कुल 7,005 पदों पर भर्ती की जाएगी।
सरकार का मानना है कि इन नियुक्तियों से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण तथा प्रारंभिक शिक्षा से जुड़ी योजनाओं के बेहतर संचालन में भी सहायता मिलेगी।
विधानसभा में उठाया गया था भर्ती का मुद्दा
आंगनवाड़ी भर्ती का विषय हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान भी प्रमुखता से उठाया गया था। कांग्रेस विधायक पूजा चौधरी ने सरकार से जिलेवार स्वीकृत पदों, भरे हुए पदों और रिक्तियों से संबंधित विस्तृत जानकारी मांगी थी। उन्होंने यह भी जानना चाहा था कि राज्य सरकार इन खाली पदों को कब तक भरने की योजना बना रही है।
विधानसभा में दिए गए उत्तर में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी ने स्वीकार किया था कि विभाग में बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं और सरकार इन्हें भरने के लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू करेगी। अब मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है।
जिलेवार या राज्य स्तर पर होगी भर्ती?
फिलहाल सरकार ने भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मंजूरी दे दी है, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि चयन प्रक्रिया जिला स्तर पर आयोजित की जाएगी या पूरे प्रदेश के लिए एक समान भर्ती प्रक्रिया अपनाई जाएगी। महिला एवं बाल विकास विभाग इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार कर रहा है।
भर्ती संबंधी अधिसूचना जारी होने के बाद पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, चयन मानदंड, आवश्यक दस्तावेज और अन्य नियमों की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
काफी समय से लंबित था भर्ती प्रस्ताव
महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के रिक्त पदों को भरने का प्रस्ताव लंबे समय से विभाग के विचाराधीन था। विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाओं और चयन मानदंडों में बदलाव के कारण भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई थी।
प्रदेश के अनेक आंगनवाड़ी केंद्रों में कर्मचारियों की कमी लगातार महसूस की जा रही थी, जिससे कई स्थानों पर अतिरिक्त कार्यभार मौजूद कर्मचारियों पर पड़ रहा था।
भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के कारण हुई देरी
विभाग के अनुसार अगस्त 2022 में भारत सरकार द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के बाद भर्ती प्रक्रिया के चयन मानदंडों (Selection Criteria) की समीक्षा करनी पड़ी। इन्हीं बदलावों के कारण नियुक्ति प्रक्रिया कुछ समय के लिए रुकी रही।
अब राज्य सरकार ने आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करते हुए रिक्त पदों को भरने का निर्णय लिया है। इससे लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
आंगनवाड़ी मानदेय, चयन प्रक्रिया और स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों की भर्ती पर सरकार का फोकस
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को कितना मिलता है मानदेय?
महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार वर्तमान में अनुभव के आधार पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को अलग-अलग मानदेय दिया जाता है। जिन कार्यकर्ताओं का अनुभव 10 वर्ष या उससे अधिक है, उन्हें प्रति माह 14,750 रुपये का मानदेय दिया जा रहा है।
वहीं 10 वर्ष से कम अनुभव रखने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 13,250 रुपये मासिक मानदेय प्रदान किया जाता है।
आंगनवाड़ी सहायिकाओं का मानदेय
आंगनवाड़ी सहायिकाएं भी राज्य की महिला एवं बाल विकास योजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। विभाग के अनुसार वर्तमान में सहायिकाओं को 7,900 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है।
ये कर्मचारी बच्चों के पोषण कार्यक्रम, गर्भवती महिलाओं की देखभाल, टीकाकरण कार्यक्रमों में सहयोग तथा आंगनवाड़ी केंद्रों के नियमित संचालन में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।
आंगनवाड़ी केंद्रों की भूमिका क्यों महत्वपूर्ण है?
राज्य के आंगनवाड़ी केंद्र एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित किए जाते हैं। इन केंद्रों के माध्यम से छह वर्ष तक के बच्चों को पूरक पोषण, प्रारंभिक शिक्षा, स्वास्थ्य जांच और टीकाकरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
इसके अलावा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषण संबंधी जानकारी, स्वास्थ्य सेवाएं और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी इन्हीं केंद्रों के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पर्याप्त संख्या में कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की नियुक्ति से इन सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है तथा ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन संभव होगा।
भर्ती से रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद
7,005 पदों पर भर्ती की मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश के हजारों योग्य अभ्यर्थियों को सरकारी व्यवस्था से जुड़ने का अवसर मिल सकता है। विशेष रूप से महिला उम्मीदवारों के लिए यह भर्ती महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि आंगनवाड़ी सेवाओं में अधिकांश पद महिलाओं के लिए निर्धारित होते हैं।
सरकार द्वारा भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य के विभिन्न जिलों में खाली पड़े आंगनवाड़ी केंद्रों में नियमित कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की नियुक्ति की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों की नियुक्ति प्रक्रिया भी जारी
आंगनवाड़ी भर्ती के साथ-साथ हरियाणा सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में भी कदम उठा रही है। राज्य में पहले चयनित 777 डॉक्टरों में से 531 डॉक्टरों ने अपनी नियुक्ति स्वीकार करते हुए कार्यभार ग्रहण किया था।
अब सरकार ने प्रतीक्षा सूची (Waiting List) में शामिल उम्मीदवारों को भी अवसर देने का निर्णय लिया है ताकि स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाई जा सके।
200 डॉक्टरों का सत्यापन पूरा
सरकारी जानकारी के अनुसार प्रतीक्षा सूची में शामिल उम्मीदवारों में से लगभग 200 डॉक्टरों की बायोमेट्रिक सत्यापन और दस्तावेज़ों की जांच (Document Verification) की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके बाद उन्हें चरणबद्ध तरीके से नियुक्ति दी जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ एवं सामान्य चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाना है ताकि आम नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें। आने वाले समय में विभाग द्वारा भर्ती से जुड़ी आगे की प्रक्रिया और नियुक्तियों का कार्यक्रम भी जारी किया जाएगा।




