BJP के सत्ता में आने से पहले UP में आदिवासियों को वोट देने का अधिकार नहीं था—CM योगी आदित्यनाथ !

BJP के सत्ता में आने से पहले UP में आदिवासियों को वोट देने का अधिकार नहीं था—CM योगी आदित्यनाथ !

CM योगी आदित्यनाथ का बयान: आदिवासी समाज के विकास, वनटांगिया गांवों और सरकारी योजनाओं पर कही कई अहम बातें

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित श्री गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा 5.0 के सम्मान समारोह में आदिवासी समाज, वनटांगिया समुदाय, ग्रामीण विकास और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में आदिवासी और वंचित वर्गों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए कई कदम उठाए हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2017 के बाद राज्य में वनटांगिया समुदाय और अन्य जनजातीय वर्गों के लिए कई प्रशासनिक और विकास संबंधी फैसले लिए गए, जिनके माध्यम से उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया गया। उन्होंने दावा किया कि पहले जिन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव था, वहां अब सड़क, बिजली, आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया गया है।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले भी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में सेवा, सामाजिक समरसता और समाज के कमजोर वर्गों के प्रति सहयोग की भावना पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने आदिवासी समाज को लेकर क्या कहा?

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद आदिवासी समाज के विकास के लिए विशेष प्रयास किए गए हैं। उन्होंने थारू, मुसहर, कोल, गोंड सहित विभिन्न जनजातीय समुदायों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन वर्गों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार कार्य किया गया है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पूर्व के वर्षों में आदिवासी समाज कई मूलभूत सुविधाओं से वंचित था। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने इन समुदायों तक राशन, आवास, बिजली, स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने का प्रयास किया है।

वनटांगिया गांवों का भी किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में वनटांगिया समुदाय का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक कई वनटांगिया गांवों को राजस्व गांव का दर्जा प्राप्त नहीं था, जिससे वहां रहने वाले लोगों को अनेक सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता था।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 के बाद इन गांवों को चरणबद्ध तरीके से राजस्व गांव का दर्जा दिया गया, जिसके बाद विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का रास्ता आसान हुआ।

सरकारी योजनाओं के विस्तार का किया जिक्र

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार ने ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता दी है। उन्होंने बताया कि पात्र परिवारों तक राशन योजना, आयुष्मान भारत योजना, आवास योजना, पेंशन योजनाएं तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों को पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासनिक स्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समय पर पहुंच सके।

सड़क, बिजली और बुनियादी सुविधाओं का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क, विद्युत आपूर्ति और आवास जैसी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया है। उन्होंने कहा कि कई ऐसे गांव, जहां पहले मूलभूत सुविधाएं सीमित थीं, वहां अब विकास कार्यों को प्राथमिकता दी गई है।

उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का भी उल्लेख करते हुए कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

स्वास्थ्य सेवा यात्रा कार्यक्रम में सेवा, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण पर भी हुई चर्चा

धार्मिक यात्राओं को बताया सामाजिक एकता का माध्यम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि धार्मिक यात्राएं केवल आस्था तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि समाज को जोड़ने का भी कार्य करती हैं। उनके अनुसार ऐसे कार्यक्रम लोगों के बीच सहयोग, सेवा और सामाजिक सहभागिता की भावना को मजबूत करते हैं।

उन्होंने कहा कि विभिन्न सामाजिक और धार्मिक गतिविधियां समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाने का अवसर प्रदान करती हैं और इससे सामुदायिक सहभागिता को भी बढ़ावा मिलता है।

कार्यक्रम का हुआ पारंपरिक शुभारंभ

श्री गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा 5.0 सम्मान समारोह की शुरुआत पारंपरिक विधि से की गई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने भगवान धन्वंतरि, भारत माता, गुरु गोरखनाथ तथा स्वामी विवेकानंद के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

इसके बाद स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्यों और सामाजिक योगदान देने वाले लोगों का सम्मान भी किया गया।

दत्तात्रेय होसबोले ने सेवा को बताया भारतीय संस्कृति की पहचान

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की पहचान सेवा और त्याग की भावना से जुड़ी रही है। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों तक सहायता पहुंचाना और जरूरतमंद लोगों के साथ खड़े रहना भारतीय परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में कार्य कर रहे डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के योगदान की भी सराहना करते हुए कहा कि समाज के लिए उनकी सेवाएं अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

सामाजिक समरसता और सहयोग पर दिया जोर

होसबोले ने कहा कि सेवा कार्यों में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक समान भावना के साथ सहायता पहुंचाना ही वास्तविक सेवा है। उन्होंने कहा कि विकास की मुख्यधारा से पीछे रह गए लोगों के प्रति समाज को संवेदनशील रहना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि सेवा की भावना समाज को मजबूत बनाती है और विभिन्न वर्गों के बीच विश्वास का वातावरण तैयार करती है।

कोरोना काल का किया उल्लेख

अपने संबोधन के दौरान दत्तात्रेय होसबोले ने कोविड-19 महामारी के समय हुए सामाजिक सहयोग का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस कठिन दौर में देशभर के विभिन्न हिस्सों में लोगों ने जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आकर भोजन, आश्रय और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराईं।

उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों ने मिलकर सहयोग की भावना का परिचय दिया, जिससे अनेक जरूरतमंद लोगों को राहत मिली।

स्वास्थ्य सेवा यात्रा का उद्देश्य

श्री गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना, सामाजिक सेवा को प्रोत्साहित करना और चिकित्सा क्षेत्र में योगदान देने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं का सम्मान करना है। इस प्रकार के कार्यक्रमों में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञ, चिकित्सक, सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि भाग लेते हैं।

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, समाज के कमजोर वर्गों तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने और सामाजिक सेवा के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की गई। आयोजकों के अनुसार इस प्रकार के आयोजन समाज में सेवा, सहयोग और जनकल्याण की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं।

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