केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हरियाणा की पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब राज्य में सरकारी नौकरियों को लेकर पारदर्शिता की कमी की शिकायतें सामने आती थीं। उन्होंने कहा कि सरकार बदलने के साथ ही नौकरियों के वितरण का तरीका भी बदल जाता था और कई बार योग्य युवाओं की जगह सिफारिश और अन्य माध्यमों से चयन होने के आरोप लगते थे।
हिसार स्थित अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे अमित शाह ने हरियाणा सरकार की नीतियों और उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने का काम किया है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में युवाओं को बिना किसी भेदभाव के नौकरियां देने की दिशा में काम किया गया है।
अमित शाह ने कार्यक्रम के दौरान हरियाणवी अंदाज में “राम-राम” कहकर लोगों का अभिवादन किया। उन्होंने प्रदेश की संस्कृति, परंपराओं और देश के लिए हरियाणा के योगदान की सराहना की। इस मौके पर उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भों का जिक्र करते हुए सिख गुरुओं के संघर्ष और उनके बलिदान को भी याद किया।
गृह मंत्री ने कहा कि हरियाणा के लोग हमेशा देश की प्रगति में आगे रहे हैं। कृषि, खेल, सेना और विभिन्न क्षेत्रों में प्रदेश के लोगों ने अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि राज्य ने कई क्षेत्रों में ऐसे कदम उठाए हैं, जिन्हें देश के अन्य हिस्सों के लिए उदाहरण के रूप में देखा जा सकता है।
हरियाणा की उपलब्धियों का किया जिक्र, MSP से लेकर खेलों तक गिनाए कई काम
अमित शाह ने हरियाणा की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह देश का पहला राज्य है जहां 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर किए जाने की व्यवस्था लागू की गई है। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार लगातार काम कर रही है और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लाल डोरे के अंदर आने वाली संपत्तियों को मालिकाना हक देने और शिक्षित सरपंचों के चुनाव जैसी पहल भी हरियाणा में की गई है। उनके अनुसार, इन फैसलों से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्था और लोगों के अधिकारों को मजबूती मिली है।
गृह मंत्री ने पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, हर घर तक नल से जल पहुंचाने, राज्य को खुले में शौच से मुक्त बनाने और उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने जैसे कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य आम लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।
अमित शाह ने खेलों के क्षेत्र में भी हरियाणा के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि ओलंपिक और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश के खिलाड़ियों ने देश का नाम रोशन किया है। हरियाणा के खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से विश्व स्तर पर पहचान बनाई है।
सेना और उद्योग क्षेत्र में हरियाणा की भूमिका अहम
अमित शाह ने कहा कि देश की सुरक्षा में हरियाणा के युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने बताया कि सेना में बड़ी संख्या में जवान हरियाणा से आते हैं और देश की सीमाओं की रक्षा में अपना योगदान देते हैं।
उन्होंने प्रदेश की आर्थिक और औद्योगिक उपलब्धियों का भी जिक्र किया। शाह ने कहा कि हरियाणा बासमती चावल के बड़े निर्यातक राज्यों में शामिल है। इसके अलावा राज्य में आयुष विश्वविद्यालय और इथेनॉल रिफाइनरी जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की स्थापना भी हुई है।
गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर हरियाणा के विकास के लिए लगातार काम कर रही हैं। उनका कहना था कि इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसे क्षेत्रों में लगातार सुधार किए जा रहे हैं।
सीएम नायब सिंह सैनी को बताया कुशल प्रशासक
कार्यक्रम में अमित शाह ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की कार्यशैली की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कम समय में कई महत्वपूर्ण फैसलों को लागू किया है और जनता से जुड़े मुद्दों पर तेजी से काम किया है।
शाह ने कहा कि नायब सिंह सैनी लोगों की समस्याओं को सुनते हैं और उनके समाधान के लिए प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा शुरू किए गए विकास कार्यों को भी वर्तमान सरकार आगे बढ़ा रही है।
गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री की प्रशासनिक क्षमता का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं को जमीन तक पहुंचाने के लिए मजबूत नेतृत्व जरूरी होता है। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा सरकार इसी दिशा में काम कर रही है।
80 हजार नौकरियों का किया दावा, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर
अमित शाह ने युवाओं और रोजगार के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने 80 हजार युवाओं को बिना खर्ची-पर्ची के नौकरी देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने पिछली सरकारों पर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले नौकरी की प्रक्रिया को लेकर लोगों में असंतोष था। युवाओं को नौकरी पाने के लिए कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब व्यवस्था को बदलने का काम किया गया है।
शाह ने कहा कि सरकारी भर्तियों में योग्यता और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी जा रही है। उनका दावा था कि वर्तमान व्यवस्था में किसी भी युवा के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा है।
दस साल में हरियाणा को मिले 1.43 लाख करोड़ रुपये
केंद्रीय गृह मंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा हरियाणा को दिए गए विकास फंड का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 से 2014 के बीच यूपीए सरकार के दौरान राज्य को करीब 41 हजार करोड़ रुपये मिले थे, जबकि 2014 से 2024 के बीच एनडीए सरकार ने हरियाणा के विकास के लिए 1 लाख 43 हजार करोड़ रुपये उपलब्ध कराए।
उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में हरियाणा में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में बड़े स्तर पर काम हुआ है। केंद्र सरकार की योजनाओं को राज्य सरकार के सहयोग से लागू किया जा रहा है, जिससे आम जनता को लाभ मिल रहा है।
अमित शाह ने स्वास्थ्य और जन कल्याण योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडर, शौचालय निर्माण, नल से जल, योग अभियान, फिट इंडिया, पोषण अभियान और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है।
विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने पर सरकार का जोर
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने कहा कि हरियाणा को विकास के नए रास्ते पर आगे ले जाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में आईसीयू के उद्घाटन, महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा के अनावरण और पीजी हॉस्टल के शिलान्यास कार्यक्रम को भी उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र के विकास से जोड़कर बताया।
उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं के विस्तार से प्रदेश के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी और विद्यार्थियों को भी नई सुविधाओं का लाभ मिलेगा।




