हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने फरीदाबाद में आयोजित फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (FMDA) की समीक्षा बैठक के दौरान विकास कार्यों, बजट, आधारभूत ढांचे और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने एक मामले में गंभीर अनियमितताओं की शिकायत मिलने पर नगर निगम के पूर्व चीफ इंजीनियर के निलंबन तथा उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश भी जारी किए।
बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने शहर में चल रही विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सार्वजनिक धन का उपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ होना चाहिए और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
FMDA की समीक्षा बैठक में विकास कार्यों पर चर्चा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने फरीदाबाद में FMDA अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य शहर में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करना, नई परियोजनाओं की योजना पर विचार करना तथा आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक निर्णय लेना था।
बैठक के दौरान सड़क निर्माण, जलापूर्ति, सीवरेज, वर्षा जल निकासी, शहरी परिवहन तथा अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को विभिन्न परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजनाओं की जानकारी भी दी।
पूर्व चीफ इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के संज्ञान में एक शिकायत लाई गई, जिसमें आरोप लगाया गया कि संबंधित परियोजना का कार्य पूर्ण होने से पहले ही भुगतान जारी कर दिया गया था। मामले की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने संबंधित पूर्व चीफ इंजीनियर के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संबंधित अधिकारी को निलंबित करने तथा मामले की जांच के आधार पर एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी धन के उपयोग में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक जवाबदेही पर मुख्यमंत्री का जोर
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक परियोजना की गुणवत्ता, समय सीमा और वित्तीय प्रक्रिया की नियमित निगरानी की जाए।
उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स से प्राप्त धन का उपयोग पूरी जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सभी परियोजनाओं में वित्तीय अनुशासन और प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
संबंधित अधिकारी की सेवा संबंधी जानकारी
बैठक के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि संबंधित अधिकारी पहले करनाल नगर निगम में कार्यरत थे और बाद में उनका स्थानांतरण फरीदाबाद नगर निगम में हुआ था। इसके बाद वर्ष 2025 में उनका तबादला हिसार नगर निगम में किया गया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि स्थानांतरण होने के बावजूद यदि पूर्व में किए गए किसी कार्य में अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
शहर के विकास कार्यों के लिए प्रस्तावित बजट
बैठक के दौरान FMDA की ओर से आगामी वित्तीय वर्ष के लिए प्रस्तावित बजट भी प्रस्तुत किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस बार लगभग 733 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है।
इस बजट का बड़ा हिस्सा फरीदाबाद में आधारभूत ढांचे के विकास, नागरिक सुविधाओं में सुधार और सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत बनाने पर खर्च किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से शहर में सड़क, जल निकासी, पेयजल और परिवहन सुविधाओं को बेहतर बनाने की योजना तैयार की गई है।
सड़क निर्माण पर विशेष ध्यान
प्रस्तावित बजट में सड़क निर्माण और सड़क सुधार कार्यों के लिए महत्वपूर्ण राशि निर्धारित की गई है। अधिकारियों ने बताया कि शहर की प्रमुख सड़कों के निर्माण, मरम्मत और चौड़ीकरण जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
बेहतर सड़क नेटवर्क से यातायात व्यवस्था में सुधार, यात्रा समय में कमी और नागरिकों को अधिक सुविधाजनक आवागमन का लाभ मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी सड़क परियोजनाओं में गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए।
सीवरेज और स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज पर फोकस
बैठक में सीवरेज व्यवस्था और वर्षा जल निकासी प्रणाली को मजबूत बनाने पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
फरीदाबाद जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में मानसून के दौरान जलभराव की समस्या को देखते हुए स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज परियोजनाओं को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां स्थायी समाधान तैयार किया जाए ताकि नागरिकों को बारिश के मौसम में कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

जलापूर्ति परियोजनाओं पर भी होगा निवेश
बैठक में पेयजल व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए भी योजनाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जलापूर्ति परियोजनाओं के लिए अलग से बजट का प्रावधान किया गया है।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता बढ़ाना, पाइपलाइन नेटवर्क को मजबूत करना तथा जल वितरण प्रणाली में सुधार करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
मोबिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की योजना
बैठक में शहरी परिवहन और मोबिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने, सड़क संपर्क बढ़ाने और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नई योजनाएं तैयार की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या को देखते हुए आधुनिक शहरी परिवहन व्यवस्था विकसित करना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने अधिकारियों को दीर्घकालिक योजना तैयार करने और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।
बजट में पिछले वर्ष की तुलना में बदलाव
अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस वर्ष का प्रस्तावित बजट पिछले वर्ष की तुलना में कम है। इसके बावजूद उपलब्ध संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग करते हुए प्राथमिक विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की योजना बनाई गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट का आकार महत्वपूर्ण जरूर है, लेकिन उससे भी अधिक महत्वपूर्ण यह है कि उपलब्ध धन का उपयोग पूरी पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्ध तरीके से किया जाए।
गुणवत्ता और समय सीमा पर विशेष निगरानी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विकास परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए और प्रत्येक कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। यदि किसी निर्माण कार्य में लापरवाही या मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित एजेंसी और अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
पारदर्शी प्रशासन और विकास पर सरकार का फोकस
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार विकास कार्यों के साथ-साथ प्रशासनिक पारदर्शिता को भी समान महत्व देती है। उन्होंने दोहराया कि सरकारी धन का सही उपयोग सुनिश्चित करना प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
फरीदाबाद में आयोजित FMDA की इस समीक्षा बैठक में विकास परियोजनाओं की प्रगति, शहरी आधारभूत ढांचे के विस्तार, नागरिक सुविधाओं में सुधार और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। सरकार का उद्देश्य शहर के समग्र विकास के साथ-साथ सार्वजनिक परियोजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।




