हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने रविवार को अंबाला छावनी के सदर बाजार क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 122वें एपिसोड को सुना। कार्यक्रम के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए प्रधानमंत्री के संबोधन, देश के समसामयिक मुद्दों, भारतीय अर्थव्यवस्था, विपक्ष की राजनीतिक टिप्पणियों तथा भ्रष्टाचार के मामलों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद अनिल विज ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह संवाद केवल उनके विचारों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़े लोगों की प्रेरक कहानियों, उपलब्धियों और सामाजिक विषयों को भी सामने लाता है। उनके अनुसार यह मंच देशवासियों को सकारात्मक कार्यों से जोड़ने का माध्यम बन चुका है।
भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ सुना ‘मन की बात’ कार्यक्रम
अंबाला छावनी में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान अनिल विज ने अपने समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रेडियो संबोधन सुना। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ देश के नागरिकों से सीधे संवाद स्थापित करने का एक अनूठा प्रयास है।
उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में केवल सरकारी योजनाओं की जानकारी ही नहीं दी जाती, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले व्यक्तियों, युवाओं, किसानों, महिलाओं, वैज्ञानिकों, खिलाड़ियों और सामाजिक संगठनों के कार्यों का भी उल्लेख किया जाता है। इससे लोगों को प्रेरणा मिलती है और समाज में अच्छे कार्यों को प्रोत्साहन मिलता है।
‘यह केवल प्रधानमंत्री के मन की बात नहीं, देश के मन की बात है’
कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए अनिल विज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह कार्यक्रम वर्षों से लगातार प्रसारित हो रहा है और इसे देशभर में बड़ी संख्या में लोग सुनते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अपने संबोधन में केवल सरकार की उपलब्धियों की चर्चा नहीं करते, बल्कि देश के नागरिकों के अनुभव, सुझाव और प्रेरणादायक पहल को भी साझा करते हैं। उनके अनुसार यही कारण है कि इस कार्यक्रम को जनता का व्यापक समर्थन मिलता है।
अनिल विज ने कहा कि यह कार्यक्रम विभिन्न सामाजिक विषयों पर जागरूकता फैलाने का भी माध्यम है। पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छता, शिक्षा, नवाचार, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास जैसे विषयों पर नियमित रूप से चर्चा होती है, जिससे आम नागरिक भी इन अभियानों से जुड़ते हैं।
कार्यक्रम में कई राष्ट्रीय विषयों का हुआ उल्लेख
अनिल विज ने बताया कि प्रधानमंत्री के इस एपिसोड में कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषयों का उल्लेख किया गया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा, सैनिकों के साहस, तकनीकी विकास, पर्यावरण संरक्षण तथा सामाजिक भागीदारी जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देशवासियों को उन प्रयासों की जानकारी भी दी जो विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन ला रहे हैं। इसके साथ ही तकनीक के बढ़ते उपयोग, नवाचार और ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे विकास का भी उल्लेख किया गया।
विज ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम लोगों को केवल जानकारी ही नहीं देते, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा भी प्रदान करते हैं।
ऑपरेशन सिंदूर और सैनिकों के साहस का किया उल्लेख
अनिल विज ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भारतीय सैनिकों की वीरता और उनके साहस का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा में लगे जवानों का योगदान सदैव सम्मान के योग्य है और राष्ट्र उनके प्रति आभार व्यक्त करता है।
उन्होंने कहा कि ऐसे अवसरों पर देशवासियों को अपने सुरक्षा बलों के समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के बारे में जानकारी मिलती है, जिससे उनके प्रति सम्मान और विश्वास और अधिक मजबूत होता है।
पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक भागीदारी पर दिया गया जोर
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी लोगों से सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण, जल संरक्षण और स्वच्छ पर्यावरण जैसे विषय केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं हैं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि यदि समाज मिलकर पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करे तो आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य तैयार किया जा सकता है। इसी प्रकार स्वच्छता और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण जैसे विषयों पर भी लगातार जनजागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।
तकनीक और नवाचार पर भी हुई चर्चा
अनिल विज ने कहा कि कार्यक्रम में आधुनिक तकनीक और नवाचार को भी महत्व दिया गया। उन्होंने विशेष रूप से ड्रोन तकनीक का उल्लेख करते हुए कहा कि आज यह तकनीक कृषि, आपदा प्रबंधन, सुरक्षा और कई अन्य क्षेत्रों में उपयोगी साबित हो रही है।
उन्होंने कहा कि नई तकनीकों को अपनाने से देश के विकास की गति तेज होती है और युवाओं के लिए नए अवसर भी पैदा होते हैं। सरकार लगातार डिजिटल और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रही है।
विपक्ष की टिप्पणी पर अनिल विज की प्रतिक्रिया
कार्यक्रम के बाद पत्रकारों द्वारा विपक्ष की उस टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर, जिसमें देश की राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर व्यंग्य किया गया था, अनिल विज ने अपनी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहते हैं, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा और देशहित के मुद्दों पर सभी दलों को जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे विषयों पर अनावश्यक राजनीतिक बयानबाजी से बचना चाहिए।
विज ने कहा कि जनता देश के विकास, सुरक्षा और आर्थिक प्रगति से जुड़े विषयों पर गंभीर चर्चा की अपेक्षा करती है। इसलिए सार्वजनिक जीवन में संयमित भाषा और सकारात्मक संवाद को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर जताई खुशी
भारत की अर्थव्यवस्था के वैश्विक स्तर पर चौथे स्थान पर पहुंचने के संबंध में पूछे गए सवाल पर अनिल विज ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह देश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है और इससे भारत की आर्थिक क्षमता तथा विकास की दिशा स्पष्ट होती है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक प्रगति केवल सरकार की नहीं बल्कि उद्योग, व्यापार, किसानों, श्रमिकों, उद्यमियों और देश के प्रत्येक नागरिक के संयुक्त प्रयासों का परिणाम होती है। देश लगातार विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है और आने वाले वर्षों में और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि मजबूत अर्थव्यवस्था का लाभ रोजगार, निवेश, बुनियादी ढांचे के विकास और सामाजिक कल्याण योजनाओं के विस्तार के रूप में देश के नागरिकों तक पहुंचता है।
पंजाब में भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी दी प्रतिक्रिया
मीडिया द्वारा पंजाब के एक विधायक पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के संबंध में सवाल पूछे जाने पर अनिल विज ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में जांच एजेंसियां कानून के अनुसार कार्रवाई करती हैं और प्रत्येक मामले की निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में कानून सभी के लिए समान है और यदि किसी व्यक्ति पर आरोप लगते हैं तो संबंधित एजेंसियां उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर अपनी प्रक्रिया पूरी करती हैं।
लोकतांत्रिक संवाद का माध्यम बना ‘मन की बात’
अनिल विज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम वर्षों से नागरिकों और सरकार के बीच संवाद का एक प्रभावी माध्यम बना हुआ है। इस कार्यक्रम के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों की प्रेरणादायक कहानियां, सामाजिक अभियान, पर्यावरण संरक्षण, नवाचार, शिक्षा, स्वास्थ्य और राष्ट्रीय विकास से जुड़े अनेक विषय देशवासियों तक पहुंचते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम नागरिकों को समाज के सकारात्मक कार्यों से जोड़ते हैं और लोगों में राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करने का कार्य करते हैं। अंबाला में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं की उपस्थिति भी इसी जनभागीदारी का उदाहरण रही, जहां लोगों ने प्रधानमंत्री के संबोधन को सामूहिक रूप से सुना और उसके विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।



