प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे हरियाणा के पहले एयरपोर्ट का उद्घाटन, हिसार से अयोध्या फ्लाइट को भी दिखाएंगे हरी झंडी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को हरियाणा के हिसार पहुंचेंगे, जहां वे राज्य के पहले एयरपोर्ट के उद्घाटन के साथ कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री हिसार एयरपोर्ट के घरेलू टर्मिनल का उद्घाटन करेंगे और प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल की आधारशिला भी रखेंगे। इसके साथ ही हिसार और अयोध्या के बीच शुरू होने वाली पहली नियमित हवाई सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
हरियाणा सरकार इस परियोजना को राज्य के बुनियादी ढांचे, औद्योगिक विकास और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिहाज से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मान रही है। सरकार का कहना है कि हिसार एयरपोर्ट के विकसित होने से न केवल हरियाणा बल्कि पंजाब, राजस्थान और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के कई हिस्सों को भी बेहतर हवाई संपर्क मिलेगा।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में एयरपोर्ट से जुड़ी परियोजनाओं के अलावा एक जनसभा भी आयोजित की जाएगी, जिसमें वे प्रदेशवासियों को संबोधित करेंगे और विभिन्न विकास योजनाओं पर अपने विचार साझा करेंगे।
हिसार एयरपोर्ट हरियाणा का पहला बड़ा नागरिक हवाई अड्डा
हिसार में विकसित किया जा रहा एयरपोर्ट हरियाणा के लिए एक महत्वपूर्ण विमानन परियोजना माना जा रहा है। राज्य सरकार के अनुसार इस एयरपोर्ट को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है ताकि भविष्य में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों प्रकार की उड़ानों का संचालन सुचारु रूप से किया जा सके।
यह परियोजना हरियाणा की हवाई संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ निवेश और औद्योगिक विकास को भी गति देने का माध्यम बनेगी। एयरपोर्ट के शुरू होने से राज्य के विभिन्न जिलों के लोगों को लंबी दूरी तय कर दिल्ली या अन्य शहरों के एयरपोर्ट पर जाने की आवश्यकता कम हो सकती है।

7,200 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रही है परियोजना
हिसार एयरपोर्ट परियोजना लगभग 7,200 एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही है। यह हरियाणा की सबसे बड़ी आधारभूत संरचना परियोजनाओं में शामिल है। परियोजना को चरणबद्ध तरीके से तैयार किया जा रहा है ताकि भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार इसका विस्तार किया जा सके।
सरकार के अनुसार एयरपोर्ट परिसर में आधुनिक रनवे, यात्री टर्मिनल, कार्गो सुविधाएं, तकनीकी क्षेत्र, पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है।
तीन चरणों में होगा एयरपोर्ट का विकास
हिसार एयरपोर्ट को तीन चरणों में विकसित करने की योजना बनाई गई है। पहले चरण में घरेलू उड़ानों के संचालन की व्यवस्था तैयार की गई है। इसके बाद दूसरे और तीसरे चरण में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और अन्य व्यावसायिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य इस परियोजना को भविष्य की बढ़ती यात्री संख्या और विमानन आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करना है, ताकि आने वाले वर्षों में इसका उपयोग बड़े स्तर पर किया जा सके।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के साथ हुआ समझौता
इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए हरियाणा सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस साझेदारी के माध्यम से एयरपोर्ट के विकास, संचालन और आवश्यक तकनीकी सहयोग की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।
सरकार का मानना है कि इस सहयोग से परियोजना का विकास राष्ट्रीय विमानन मानकों के अनुरूप किया जा सकेगा और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
इंटरनेशनल टर्मिनल, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और रोजगार के नए अवसरों पर रहेगा विशेष फोकस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दौरे के दौरान हिसार एयरपोर्ट के प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल की आधारशिला भी रखेंगे। इस टर्मिनल को आधुनिक वास्तुकला के आधार पर विकसित किया जाएगा। सरकार के अनुसार इसका डिजाइन शंख की आकृति से प्रेरित होगा, जो भारतीय सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक माना जाता है।
अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल के निर्माण के बाद भविष्य में विदेशों के लिए भी उड़ानों के संचालन की संभावनाएं बढ़ेंगी। इससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों और व्यापारिक संपर्कों को भी नया विस्तार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
शंख की आकृति में बनेगा इंटरनेशनल टर्मिनल
प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल का डिजाइन पारंपरिक भारतीय सांस्कृतिक प्रतीकों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। सरकार के अनुसार टर्मिनल को शंख के आकार में विकसित किया जाएगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस इस टर्मिनल में यात्रियों के लिए बेहतर प्रतीक्षालय, सुरक्षा व्यवस्था, डिजिटल सेवाएं और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
हिसार से अयोध्या के बीच शुरू होगी सीधी उड़ान
प्रधानमंत्री अपने दौरे के दौरान हिसार से अयोध्या के बीच शुरू होने वाली नियमित हवाई सेवा को भी हरी झंडी दिखाएंगे। यह सेवा धार्मिक पर्यटन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी दोनों के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सरकार के अनुसार इस उड़ान के शुरू होने से हरियाणा के लोगों को अयोध्या तक पहुंचने का तेज और सुविधाजनक विकल्प मिलेगा। इसके साथ ही भविष्य में अन्य शहरों के लिए भी नई उड़ानें शुरू किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
यात्रा समय में होगी बड़ी कमी
वर्तमान समय में सड़क मार्ग से हिसार से अयोध्या पहुंचने में लगभग 14 घंटे तक का समय लग सकता है। प्रस्तावित हवाई सेवा शुरू होने के बाद यही यात्रा लगभग दो घंटे में पूरी की जा सकेगी।
कम समय में यात्रा पूरी होने से यात्रियों को सुविधा मिलने के साथ-साथ समय की भी उल्लेखनीय बचत होगी। यह सेवा धार्मिक यात्रियों, व्यावसायिक यात्रियों और अन्य नागरिकों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
यात्रा खर्च में भी मिलेगी राहत
सरकारी जानकारी के अनुसार सड़क मार्ग से टैक्सी के माध्यम से हिसार से अयोध्या जाने पर लगभग 10 हजार रुपये तक का खर्च आ सकता है। वहीं हवाई सेवा उपलब्ध होने के बाद यात्रियों को लगभग 3,400 रुपये के किराए में यात्रा का विकल्प मिलने की संभावना जताई गई है।
कम समय और अपेक्षाकृत कम यात्रा लागत के कारण यह सेवा बड़ी संख्या में यात्रियों के लिए आकर्षक विकल्प बन सकती है।
इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का भी होगा विकास
एयरपोर्ट परियोजना के साथ-साथ हिसार क्षेत्र में एक बड़े इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के विकास की भी योजना बनाई गई है। सरकार का मानना है कि एयरपोर्ट और औद्योगिक क्षेत्र का संयुक्त विकास निवेश आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित होने से विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और अन्य औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
होटल, परिवहन और आईटी सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा
एयरपोर्ट के संचालन के साथ होटल उद्योग, परिवहन सेवाओं, पर्यटन, आईटी और सेवा क्षेत्र में भी नई संभावनाएं विकसित होने की उम्मीद जताई जा रही है। यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ इन क्षेत्रों में निजी निवेश भी बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर हवाई संपर्क किसी भी क्षेत्र के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और इससे स्थानीय व्यापार को भी नया बाजार मिलता है।
एक लाख से अधिक रोजगार के अवसर बनने की उम्मीद
हरियाणा सरकार का दावा है कि हिसार एयरपोर्ट और इससे जुड़ी परियोजनाओं के माध्यम से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से एक लाख से अधिक रोजगार के अवसर उत्पन्न हो सकते हैं।
निर्माण कार्य, विमानन सेवाएं, होटल उद्योग, परिवहन, लॉजिस्टिक्स, सुरक्षा सेवाएं, तकनीकी कार्य और अन्य सहायक क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर विकसित होने की संभावना व्यक्त की गई है।
पंजाब और राजस्थान के लोगों को भी मिलेगा लाभ
हिसार एयरपोर्ट का लाभ केवल हरियाणा तक सीमित नहीं रहेगा। सरकार का कहना है कि पंजाब और राजस्थान के सीमावर्ती जिलों के लोगों को भी इस एयरपोर्ट से बेहतर हवाई संपर्क उपलब्ध होगा।
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर निर्भरता कम करने के साथ-साथ क्षेत्रीय स्तर पर वैकल्पिक हवाई सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे उत्तर भारत के कई हिस्सों में यात्रा सुविधाओं का विस्तार होने की संभावना है।




