Himachal में बना इतिहास: पहली बार Robotic Surgery की Facility Launched, Chief Minister ने किया Inaugurate

हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज हुई है। राजधानी शिमला के अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटीज (AIMSS), चमियाना में पहली बार रोबोटिक-सहायता (Robotic-Assisted) सर्जरी का सफल संचालन किया गया। इस आधुनिक चिकित्सा सुविधा का उद्घाटन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने किया। उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री स्वयं ऑपरेशन थिएटर पहुंचे और लगभग आधे घंटे तक पूरी सर्जिकल प्रक्रिया का अवलोकन किया।

यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि हिमाचल प्रदेश के किसी सरकारी अस्पताल में पहली बार इस स्तर की आधुनिक रोबोटिक सर्जरी तकनीक का उपयोग किया गया है। अब प्रदेश के मरीजों को जटिल ऑपरेशन के लिए दूसरे राज्यों के बड़े अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता बढ़ने के साथ-साथ मरीजों का समय और खर्च दोनों कम होने की उम्मीद है।

सरकारी अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा तकनीक की शुरुआत

रोबोटिक सर्जरी चिकित्सा विज्ञान की सबसे उन्नत तकनीकों में से एक मानी जाती है। दुनिया के कई विकसित देशों और भारत के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में इस तकनीक का उपयोग वर्षों से किया जा रहा है। अब हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्वास्थ्य तंत्र में भी इस सुविधा की शुरुआत हो चुकी है।

AIMSS चमियाना में स्थापित यह तकनीक जटिल सर्जरी को अधिक सुरक्षित, सटीक और कम जोखिम वाली बनाने में मदद करेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में यूरोलॉजी, कैंसर, किडनी, जनरल सर्जरी और अन्य कई विभागों में भी इसका व्यापक उपयोग किया जा सकेगा।

पहले मरीज पर सफल रोबोटिक सर्जरी

इस नई सुविधा के तहत पहला ऑपरेशन 67 वर्षीय महेंद्र पाल का किया गया, जो शिमला के खलिनी क्षेत्र के निवासी हैं। उन्हें प्रोस्टेट से जुड़ी स्वास्थ्य समस्या थी, जिसके उपचार के लिए रोबोटिक तकनीक का उपयोग किया गया।

डॉक्टरों के अनुसार—

  • ऑपरेशन लगभग तीन घंटे तक चला।
  • पूरी सर्जरी सफल रही।
  • प्रक्रिया के दौरान रक्तस्राव अत्यंत कम या लगभग नहीं के बराबर हुआ।
  • मरीज की स्थिति ऑपरेशन के बाद सामान्य रही।

विशेषज्ञों ने बताया कि पारंपरिक प्रोस्टेट सर्जरी की तुलना में यह तकनीक मरीज के लिए अधिक सुरक्षित और आरामदायक साबित होती है।

पारंपरिक सर्जरी और रोबोटिक सर्जरी में अंतर

चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार रोबोटिक सर्जरी कई मामलों में पारंपरिक ऑपरेशन से बेहतर परिणाम दे सकती है।

अधिक सटीकता

रोबोटिक सिस्टम की सहायता से सर्जन अत्यंत सूक्ष्म स्तर पर ऑपरेशन कर सकते हैं। इससे शरीर के स्वस्थ ऊतकों को कम नुकसान पहुंचता है।

कम रक्तस्राव

जहां पारंपरिक सर्जरी में अधिक रक्तस्राव हो सकता है, वहीं रोबोटिक तकनीक में रक्त की आवश्यकता काफी कम हो जाती है।

छोटा चीरा

इस तकनीक में शरीर पर बड़े चीरे लगाने की आवश्यकता नहीं होती। छोटे चीरे के कारण संक्रमण का जोखिम भी कम होता है।

कम दर्द

ऑपरेशन के बाद मरीज को अपेक्षाकृत कम दर्द महसूस होता है और दर्द निवारक दवाओं की आवश्यकता भी कम पड़ती है।

तेज रिकवरी

जहां सामान्य सर्जरी के बाद मरीज को लगभग 8 से 10 दिन अस्पताल में रहना पड़ सकता है, वहीं रोबोटिक सर्जरी के बाद अधिकांश मरीज 3 से 4 दिनों के भीतर अस्पताल से छुट्टी पा सकते हैं।

पहले दिन दो सफल ऑपरेशन

AIMSS चमियाना में पहले ही दिन दो सफल रोबोटिक सर्जरी की गईं।

पहला ऑपरेशन प्रोस्टेट रोग से पीड़ित महेंद्र पाल का किया गया, जबकि दूसरा ऑपरेशन शीला देवी का हुआ, जिन्हें किडनी ट्यूमर की समस्या थी।

दोनों सर्जरी सफल रहने के बाद अस्पताल प्रशासन ने इसे प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन शुरुआती सफलताओं से भविष्य में अधिक मरीज इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।

विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने संभाली जिम्मेदारी

रोबोटिक सर्जरी के लिए अनुभवी विशेषज्ञों की टीम बनाई गई थी।

इस टीम में शामिल प्रमुख चिकित्सकों में—

  • डॉ. अनंत कुमार
  • डॉ. पंपोष रैना
  • डॉ. पवन कौंडल

शामिल रहे।

इन विशेषज्ञों को देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों, जिनमें AIIMS और संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGI), लखनऊ जैसे संस्थान शामिल हैं, में प्रशिक्षण प्राप्त है।

उनके अनुभव और तकनीकी दक्षता के कारण पहली दोनों सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की जा सकीं।

मुख्यमंत्री ने स्वयं देखा ऑपरेशन

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उद्घाटन कार्यक्रम के बाद स्वयं ऑपरेशन थिएटर में जाकर रोबोटिक सर्जरी की प्रक्रिया देखी।

उन्होंने लगभग आधे घंटे तक पूरी प्रक्रिया का अवलोकन किया और चिकित्सकों से इस तकनीक की कार्यप्रणाली तथा मरीजों को मिलने वाले लाभों की जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को आम लोगों तक पहुंचाना है ताकि गुणवत्तापूर्ण इलाज के लिए लोगों को दूसरे राज्यों में न जाना पड़े।

स्वास्थ्य क्षेत्र में नई घोषणाएं

रोबोटिक सर्जरी सुविधा के उद्घाटन के साथ मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।

उन्होंने बताया कि सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और बेहतर आधारभूत ढांचे पर लगातार निवेश कर रही है।

मुख्य घोषणाओं में शामिल हैं—

  • नए चिकित्सा विभागों की स्थापना
  • तकनीशियनों और अन्य कर्मचारियों की भर्ती
  • लगभग 11 करोड़ रुपये की लागत से छात्रावास का निर्माण
  • लगभग 23 करोड़ रुपये की लागत से इन-हाउस ऑटोमेटेड लैब
  • अत्याधुनिक 3-टेस्ला MRI मशीन की स्थापना

इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्रदेश में आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है।

अन्य मेडिकल कॉलेजों तक पहुंचेगी सुविधा

प्रदेश सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में केवल AIMSS चमियाना ही नहीं बल्कि अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों में भी चरणबद्ध तरीके से रोबोटिक सर्जरी सुविधा शुरू की जाएगी।

इन संस्थानों में प्रमुख रूप से—

  • IGMC शिमला
  • डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा
  • हमीरपुर मेडिकल कॉलेज

जैसे अस्पताल शामिल हो सकते हैं।

इस पहल से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के मरीजों को भी आधुनिक चिकित्सा सेवाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर मिल सकेगा।

स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा निवेश

सरकार के अनुसार राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण के लिए लगभग 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

इन योजनाओं के अंतर्गत—

  • पुरानी मशीनों को बदलना
  • नई चिकित्सा तकनीक स्थापित करना
  • अस्पतालों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना
  • आधुनिक जांच सुविधाओं का विस्तार
  • विशेषज्ञ डॉक्टरों और तकनीकी स्टाफ की उपलब्धता बढ़ाना

जैसे कार्य शामिल हैं।

सरकार का उद्देश्य प्रदेश के सरकारी अस्पतालों को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं से लैस करना है।

मरीजों को मिलेगा स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज

अब तक हिमाचल प्रदेश के कई मरीज जटिल ऑपरेशन के लिए दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब या अन्य राज्यों के बड़े अस्पतालों का रुख करते थे।

इसके कारण मरीजों और उनके परिजनों को—

  • लंबी यात्रा करनी पड़ती थी।
  • अधिक आर्थिक खर्च उठाना पड़ता था।
  • इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था।
  • रहने और अन्य व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ता था।

अब रोबोटिक सर्जरी जैसी सुविधा राज्य में उपलब्ध होने से इन समस्याओं में काफी कमी आने की उम्मीद है।

रोबोटिक सर्जरी किन रोगों में उपयोगी है?

विशेषज्ञों के अनुसार रोबोटिक तकनीक का उपयोग कई प्रकार की जटिल सर्जरी में किया जा सकता है।

इनमें प्रमुख रूप से—

  • प्रोस्टेट सर्जरी
  • किडनी संबंधी ऑपरेशन
  • मूत्र रोग उपचार
  • कुछ प्रकार के कैंसर ऑपरेशन
  • जनरल सर्जरी
  • स्त्री रोग संबंधी सर्जरी
  • गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जरी

शामिल हो सकती हैं।

हालांकि किस मरीज के लिए रोबोटिक सर्जरी उपयुक्त होगी, इसका निर्णय विशेषज्ञ डॉक्टर जांच और चिकित्सीय स्थिति के आधार पर करते हैं।

प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत केवल एक नई मशीन लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे स्वास्थ्य तंत्र के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इससे—

  • आधुनिक तकनीक का विस्तार होगा।
  • विशेषज्ञ डॉक्टरों को बेहतर संसाधन मिलेंगे।
  • मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध होगा।
  • सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर लोगों का भरोसा मजबूत होगा।

आने वाले समय में यदि यह सुविधा अन्य मेडिकल कॉलेजों तक भी पहुंचती है, तो प्रदेश के हजारों मरीजों को इसका सीधा लाभ मिल सकता है।

हिमाचल प्रदेश के AIMSS चमियाना में रोबोटिक-सहायता वाली सर्जरी की शुरुआत राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई उपलब्धि मानी जा रही है। पहली सफल सर्जरी, आधुनिक उपकरणों का उपयोग, विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम और स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने की सरकारी योजनाएं इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। यदि आगामी वर्षों में यह सुविधा प्रदेश के अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों तक भी पहुंचती है, तो हिमाचल के मरीजों को अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाएं अपने ही राज्य में उपलब्ध हो सकेंगी, जिससे गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी।

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