शिमला: हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि प्रदेश में न तो हिमकेयर योजना बंद की गई है और न ही सहारा योजना को समाप्त किया गया है। विधानसभा में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर नियम-130 के तहत चल रही चर्चा के दौरान विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों योजनाएं संचालित हो रही हैं और पात्र लोगों को इनका लाभ दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहारा योजना में सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बदलाव जरूर किया है, लेकिन योजना को बंद नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार ने सहारा योजना को स्वास्थ्य विभाग से हटाकर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधीन कर दिया है। इसके पीछे सरकार का उद्देश्य पात्र लोगों तक योजना का लाभ अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचाना और लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित करना है।
सुक्खू ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में सहारा योजना के तहत कई ऐसे लोगों को भी लाभार्थी सूची में शामिल कर लिया गया था, जो इसके लिए पात्र नहीं थे। वर्तमान सरकार अब लाभार्थियों का सत्यापन कर रही है, ताकि सरकारी सहायता वास्तव में जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सके। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवाएं ली जा रही हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में करीब 3 हजार लोग इस योजना का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष की ओर से सहारा योजना बंद किए जाने के लगाए जा रहे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार का ध्यान योजना को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने पर है। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र लोगों को योजना का लाभ मिलता रहेगा।
विधानसभा में हिमकेयर योजना को लेकर भी मुख्यमंत्री ने विपक्ष के आरोपों पर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि हिमकेयर योजना को बंद करने का आरोप पूरी तरह गलत है। प्रदेश में जरूरतमंद लोगों को अभी भी इस योजना के तहत उपचार की सुविधा मिल रही है। सरकार की ओर से हिमकेयर कार्ड बनाने की प्रक्रिया भी जारी रखी गई है और वर्ष में चार बार नए कार्ड बनाए जा रहे हैं।
सुक्खू ने बताया कि अस्पताल पहुंचने वाले ऐसे जरूरतमंद मरीज जिन्हें तत्काल योजना का लाभ उपलब्ध करवाना आवश्यक है, उनके लिए अस्पताल स्तर पर भी व्यवस्था की गई है। इसके तहत वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक और मेडिकल कॉलेजों के प्रिंसिपलों को 100-100 हिमकेयर कार्ड बनाने की शक्तियां प्रदान की गई हैं। इससे उन मरीजों को उपचार संबंधी सहायता उपलब्ध करवाने में आसानी होगी, जिन्हें तत्काल योजना के दायरे में लाना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने हिमकेयर योजना की वित्तीय स्थिति को लेकर भी पिछली सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि योजना के संचालन में करीब 100 करोड़ रुपये के घोटाले का मामला सामने आया है। इसके अलावा पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान हिमकेयर योजना के तहत लगभग एक हजार करोड़ रुपये का बकाया मौजूदा सरकार के लिए छोड़ा गया था।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार को सत्ता संभालने के बाद कई ऐसे वित्तीय दायित्वों का सामना करना पड़ा, जो पूर्व सरकार के कार्यकाल से चले आ रहे थे। हिमकेयर योजना से जुड़ा बकाया भी इसी तरह का एक बड़ा मामला है। सरकार अब वित्तीय अनुशासन के साथ योजनाओं को संचालित करने और अनियमितताओं को सामने लाने की दिशा में काम कर रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर विधानसभा में हुई चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य आम लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को इलाज के लिए आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े, इसके लिए सरकार विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर रही है।
इस बीच मुख्यमंत्री ने पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए गठित व्हाइट पेपर कमेटी को लेकर भी बड़ा बयान दिया। विधानसभा परिसर में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत के दौरान सुक्खू ने कहा कि कमेटी जल्द ही अपनी जांच से जुड़े तथ्यों को प्रदेश की जनता के सामने रखेगी।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में हुए कई मामलों को लेकर अब तक पूरी तस्वीर जनता के सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि व्हाइट पेपर कमेटी इन मामलों की पड़ताल कर रही है और जांच पूरी होने के बाद तथ्यों को सार्वजनिक किया जाएगा। उनका कहना था कि इससे पिछली सरकार के दौरान हुई कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सुक्खू ने विपक्ष की कार्यशैली पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी के पास सरकार के खिलाफ ठोस मुद्दों की कमी है और इसी वजह से वह महत्वपूर्ण विषयों पर सदन में चर्चा से बचने के लिए वाकआउट का रास्ता अपना रही है। उन्होंने कहा कि विधानसभा लोकतांत्रिक चर्चा का मंच है और विपक्ष को अपने सवालों का जवाब लेने के लिए सदन में रहकर चर्चा करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने रोजगार के मुद्दे पर विपक्ष के वाकआउट का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार किसी भी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा से पीछे नहीं हट रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, रोजगार और जनकल्याण जैसे विषय सीधे तौर पर प्रदेश की जनता से जुड़े हैं और सरकार इन सभी मुद्दों पर सदन में चर्चा के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष को यदि सरकार की नीतियों या योजनाओं को लेकर कोई आपत्ति है तो उसे विधानसभा में अपने सवाल रखने चाहिए। सरकार प्रत्येक सवाल का तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि केवल सदन से बाहर आरोप लगाने या वाकआउट करने से समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है कि वे जनहित के मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा करें। सरकार अपनी नीतियों और फैसलों को सदन में स्पष्ट करने के लिए तैयार है और विपक्ष को भी चर्चा से भागने के बजाय अपनी बात मजबूती के साथ सदन के भीतर रखनी चाहिए।
स्वास्थ्य योजनाओं को लेकर सरकार के रुख को स्पष्ट करते हुए सुक्खू ने दोहराया कि हिमकेयर और सहारा योजना को लेकर लोगों में किसी तरह का भ्रम नहीं होना चाहिए। हिमकेयर के तहत पात्र लोगों को उपचार की सुविधा उपलब्ध है, जबकि सहारा योजना में पात्र लाभार्थियों की पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया को मजबूत किया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास योजनाओं को बंद करना नहीं, बल्कि उन्हें सही लाभार्थियों तक पहुंचाना है। यदि किसी योजना में पहले अपात्र लोगों को शामिल किया गया था या वित्तीय अनियमितताएं हुई थीं तो वर्तमान सरकार उनका परीक्षण कर व्यवस्था को पारदर्शी बनाएगी।
मुख्यमंत्री के इन बयानों के बाद हिमकेयर और सहारा योजना को लेकर विधानसभा में चल रही राजनीतिक बहस को नया आयाम मिला है। सरकार ने जहां दोनों योजनाओं के जारी रहने की बात स्पष्ट की है, वहीं पिछली सरकार के कार्यकाल से जुड़े कथित वित्तीय मामलों की जांच और तथ्यों को सार्वजनिक करने की बात कही है। अब व्हाइट पेपर कमेटी की रिपोर्ट और विधानसभा में स्वास्थ्य तथा रोजगार जैसे मुद्दों पर होने वाली आगे की चर्चा पर राजनीतिक नजरें टिकी रहेंगी।




