भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आखिरी मुकाबला आज न्यू चंडीगढ़ के महाराजा यादविंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। दोपहर 2 बजे शुरू होने वाला यह मैच कई मायनों में खास है, क्योंकि इस मैदान पर पहली बार पुरुषों का वनडे इंटरनेशनल मुकाबला आयोजित किया जा रहा है। भारत शुरुआती दोनों मैच जीतकर सीरीज अपने नाम कर चुका है और अब उसकी कोशिश तीसरा मुकाबला जीतकर वेस्टइंडीज का क्लीन स्वीप करने की होगी। दूसरी ओर, वेस्टइंडीज की टीम सीरीज के आखिरी मैच में जीत दर्ज कर दौरे का सकारात्मक अंत करना चाहेगी। शुरुआती दोनों मुकाबलों में भारतीय टीम ने 8-8 विकेट से जीत हासिल की थी, इसलिए तीसरे मैच में टीम मैनेजमेंट कुछ खिलाड़ियों को मौका देकर अपनी बेंच स्ट्रेंथ परख सकता है।
भारत के लिए इस मुकाबले में तेज गेंदबाजी विभाग पर भी नजर रहेगी। प्रसिद्ध कृष्णा के सीरीज से बाहर होने के बाद मोहम्मद सिराज को अंतिम एकादश में शामिल किए जाने की संभावना बढ़ गई है। सिराज लंबे समय बाद वनडे क्रिकेट में नजर आ सकते हैं। उन्होंने अपना पिछला वनडे मुकाबला इसी साल जनवरी में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। अगर उन्हें प्लेइंग-11 में जगह मिलती है तो यह उनके लिए वापसी का महत्वपूर्ण मौका होगा। भारत के पास सीरीज पहले ही होने के कारण टीम मैनेजमेंट उन खिलाड़ियों को आजमा सकता है, जिन्हें 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिहाज से अधिक मैच प्रैक्टिस की जरूरत है।
इस मैच में सबसे बड़ा सवाल भारतीय टीम के ओपनिंग कॉम्बिनेशन को लेकर हो सकता है। टीम 2027 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखकर अलग-अलग संयोजनों को परख रही है और ऐसे में यशस्वी जायसवाल को मौका मिलने की संभावना पर चर्चा है। अगर जायसवाल को शामिल किया जाता है तो रोहित शर्मा या शुभमन गिल में से किसी एक को आराम दिया जा सकता है। हालांकि गिल इस सीरीज में शानदार फॉर्म में हैं और उनके लिए तीसरा मुकाबला व्यक्तिगत उपलब्धि के लिहाज से भी काफी अहम हो सकता है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट के सामने खिलाड़ियों के वर्कलोड और आगामी योजनाओं के बीच संतुलन बनाने की चुनौती रहेगी।
मिडिल ऑर्डर और विकेटकीपिंग में भी बदलाव की संभावना बनी हुई है। केएल राहुल को अभी तक इस सीरीज में बल्लेबाजी का अवसर नहीं मिला है। अगर उन्हें आज खेलने का मौका मिलता है तो टीम के बल्लेबाजी क्रम में बदलाव देखने को मिल सकता है। वहीं बैकअप विकेटकीपर ध्रुव जुरेल को शामिल किए जाने की स्थिति में ऋतुराज गायकवाड़ को बाहर बैठना पड़ सकता है। नमन धीर को दूसरे वनडे के दौरान टखने में परेशानी हुई थी, लेकिन टीम मैनेजमेंट के मुताबिक उनकी समस्या गंभीर चोट नहीं बल्कि क्रैम्प्स से जुड़ी थी। उनकी उपलब्धता भी प्लेइंग-11 तय करने में महत्वपूर्ण हो सकती है।
भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे क्रिकेट में हाल के वर्षों में भारतीय टीम का दबदबा साफ दिखाई देता है। भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ लगातार 14 द्विपक्षीय वनडे सीरीज अपने नाम की हैं। किसी एक टीम के खिलाफ लगातार सबसे ज्यादा द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीतने का यह रिकॉर्ड है। मौजूदा सीरीज में भी भारत ने अपने प्रदर्शन से इस रिकॉर्ड को आगे बढ़ाया है। पिछले 13 वनडे मुकाबलों में भारत ने 12 मैच जीते हैं। वेस्टइंडीज को आखिरी बार अगस्त 2025 में भारत के खिलाफ जीत मिली थी, जब उसने पहले बल्लेबाजी करते हुए मुकाबला अपने नाम किया था। उसके बाद से वेस्टइंडीज की टीम लक्ष्य का बचाव करने में सात बार सफल नहीं हो सकी है।
इस सीरीज की खासियत सिर्फ नतीजे नहीं बल्कि बल्लेबाजों का प्रदर्शन भी रहा है। पहले दो मैचों में रन बनाने का स्तर काफी ऊंचा रहा है। वेस्टइंडीज ने पहले वनडे में 295 रन बनाए, जबकि दूसरे मैच में उसने 405 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। इसके बावजूद भारतीय टीम ने दोनों मैचों में लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत हासिल की। दो मुकाबलों के बाद सीरीज में कुल आठ शतक लग चुके हैं, जिनमें भारत और वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों के नाम चार-चार शतक हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अब तक मुकाबलों में बल्लेबाजों का प्रभाव गेंदबाजों की तुलना में ज्यादा रहा है।
शुभमन गिल की बल्लेबाजी इस सीरीज का एक बड़ा आकर्षण रही है। गिल लगातार रन बना रहे हैं और अब उनके सामने इस साल अपना ही पुराना रिकॉर्ड पीछे छोड़ने का मौका है। 2026 में अब तक उन्होंने वनडे की 10 पारियों में 894 रन बनाए हैं। साल 2023 में गिल ने 1,584 रन बनाकर एक कैलेंडर ईयर में शानदार प्रदर्शन किया था। इस साल उनके पास अभी नौ और वनडे खेलने का अवसर है और वह अपने पुराने आंकड़े को पार करने की स्थिति में पहुंच चुके हैं। तीसरे वनडे में भी उनके प्रदर्शन पर खास निगाहें रहेंगी।
गिल के वनडे करियर के आंकड़े भी उनकी निरंतरता को दर्शाते हैं। 68 पारियों के बाद उनके नाम 3,712 रन दर्ज हैं। वह 31 बार 50 से ज्यादा रनों की पारियां खेल चुके हैं। इसके अलावा 11 शतक के साथ वह हाशिम अमला के साथ संयुक्त रूप से इस चरण तक सबसे ज्यादा वनडे शतक लगाने वाले बल्लेबाजों में शामिल हैं। अगर उन्हें तीसरे मुकाबले में मौका मिलता है तो उनके पास अपने आंकड़ों को और बेहतर करने का अवसर होगा।
गेंदबाजी में कुलदीप यादव भारत के लिए अब तक सबसे प्रभावी रहे हैं। उन्होंने पहले वनडे में परिस्थितियों का अच्छा इस्तेमाल किया और दूसरे मुकाबले में भी पुरानी गेंद के साथ उपयोगी स्पेल डाला। तीसरे मैच में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रह सकती है, खासकर अगर न्यू चंडीगढ़ की पिच पर मैच आगे बढ़ने के साथ गेंद स्पिन करने लगे। सिराज की संभावित वापसी से भारत के गेंदबाजी आक्रमण में अतिरिक्त गति भी जुड़ सकती है।
दूसरी तरफ वेस्टइंडीज के लिए सबसे बड़ी चिंता उसका गेंदबाजी प्रदर्शन है। पहले दो मुकाबलों में उसके गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों पर पर्याप्त दबाव नहीं बना पाए। दो मैचों में वेस्टइंडीज ने कुल चार विकेट हासिल किए हैं और 706 रन खर्च किए हैं। अल्जारी जोसेफ दोनों मुकाबलों में अपेक्षा के अनुरूप प्रभाव नहीं डाल सके। दूसरे वनडे में जेयडन सील्स को भी शुभमन गिल और भारतीय बल्लेबाजों ने काफी दबाव में रखा। कीमो पॉल भी भारतीय बल्लेबाजी को रोकने में खास असर नहीं छोड़ सके।
तीसरे मुकाबले के लिए वेस्टइंडीज अपने गेंदबाजी संयोजन में बदलाव कर सकता है। टीम के पास विटेल लॉज को एक और मौका देने या गुडाकेश मोती को वापस टीम में शामिल करने का विकल्प मौजूद है। कप्तान और टीम मैनेजमेंट के सामने भारतीय बल्लेबाजों के खिलाफ अधिक प्रभावी रणनीति तैयार करने की चुनौती होगी, क्योंकि शुरुआती दोनों मैचों में भारतीय टीम ने लक्ष्य का पीछा करते हुए अपेक्षाकृत आसानी से जीत हासिल की है।
वेस्टइंडीज के बल्लेबाजी विभाग में शाई होप अच्छी फॉर्म में नज़र आए हैं। अमीर जांगू ने भी मिडिल ऑर्डर में उपयोगी योगदान दिया है। हालांकि जस्टिन ग्रीव्स चोट के कारण तीसरे वनडे का हिस्सा नहीं होंगे। उनकी अनुपस्थिति में कीसी कार्टी को टॉप ऑर्डर में जिम्मेदारी दी गई थी। वेस्टइंडीज को अगर भारत के खिलाफ मुकाबला प्रतिस्पर्धी बनाना है तो उसके बल्लेबाजों को एक बार फिर बड़ा स्कोर खड़ा करने के साथ-साथ गेंदबाजों को उसका बचाव भी करना होगा।
न्यू चंडीगढ़ के मैदान की परिस्थितियां भी इस मैच में अहम भूमिका निभा सकती हैं। मुल्लांपुर में आखिरी लिस्ट-ए मुकाबला दिसंबर 2021 में खेला गया था। अब तक यहां हुए पांच लिस्ट-ए मैचों में चार बार लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम को जीत मिली है। इन आंकड़ों को देखते हुए टॉस जीतने वाली टीम की रणनीति पर भी नजर रहेगी। नमन धीर के आकलन के मुताबिक यहां 290 से 300 रन के आसपास का स्कोर अच्छा माना जा सकता है। हालांकि वनडे क्रिकेट में पिच और मौसम की परिस्थितियों के अनुसार यह आंकड़ा बदल सकता है।
मैच के दौरान दोपहर में तापमान करीब 30 डिग्री रहने का अनुमान है। पिछले दोनों मुकाबलों में गर्मी के कारण खिलाड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ा था। इसके अलावा दोनों टीमों को अलग-अलग शहरों के बीच लगभग 4,000 किलोमीटर की यात्रा भी करनी पड़ी है। ऐसे में खिलाड़ियों की फिटनेस और रिकवरी भी अंतिम मुकाबले में महत्वपूर्ण factor हो सकती है।
भारत के लिए मुकाबला सीरीज जीतने के बाद अपनी बेंच स्ट्रेंथ आजमाने और खिलाड़ियों को विश्व कप की लंबी तैयारी के लिए अवसर देने का मंच है, जबकि वेस्टइंडीज के सामने भारत के खिलाफ लगातार चली आ रही हार की कड़ी को तोड़ने की चुनौती होगी। न्यू चंडीगढ़ में होने वाला यह पहला पुरुष वनडे मुकाबला होने के कारण स्थानीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए भी यह मैच यादगार रहने वाला है। अब देखना होगा कि भारतीय टीम संभावित बदलावों के बावजूद जीत की लय बरकरार रख पाती है या वेस्टइंडीज आखिरी मुकाबले में वापसी कर पाता है।




