अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के मौके पर रविवार को दिल्ली-NCR समेत पूरे देश में योग का उत्साह देखने को मिला। सुबह की पहली किरण के साथ ही राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में योग कार्यक्रम शुरू हो गए। ऐतिहासिक स्थलों से लेकर पार्कों, खेल परिसरों और सार्वजनिक स्थानों तक लोग बड़ी संख्या में जुटे और सामूहिक रूप से योगासन किए। इस दौरान आम लोगों के साथ-साथ कई बड़े नेता, मंत्री, अभिनेता और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग भी योग कार्यक्रमों में शामिल हुए।
इस साल मनाए जा रहे 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘स्वस्थ उम्र बढ़ाने के लिए योग’ रखी गई है। इसी संदेश के साथ लोगों को नियमित योग अपनाने और बेहतर स्वास्थ्य की ओर बढ़ने का आह्वान किया गया। दिल्ली में लाल किला, इंडिया गेट, कर्तव्य पथ, कनॉट प्लेस समेत कई प्रमुख जगहों पर विशेष आयोजन किए गए।
राजधानी में सुबह से ही योग की गतिविधियां शुरू हो गई थीं। दिल्ली के विभिन्न पार्कों में भी लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया। डीडीए, एनडीएमसी और एमसीडी के पार्कों में आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर उम्र के लोगों ने योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुईं। उन्होंने आसोला-भाटी स्थित नीली झील के किनारे सैकड़ों योग साधकों के साथ योग किया। कार्यक्रम में सांसद रामबीर सिंह बिधूड़ी, मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा, विधायक करतार सिंह तंवर समेत कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी मौजूद रहे।
योग दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री ने लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग भारत की प्राचीन परंपरा का अनमोल उपहार है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संदेश साझा करते हुए कहा कि योग शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन बनाने का माध्यम है। उन्होंने लोगों से अपील की कि योग को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाएं, ताकि बेहतर स्वास्थ्य और मानसिक शांति प्राप्त की जा सके।
वहीं, दिल्ली के इंडिया गेट पर भी भव्य योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां सैकड़ों लोगों ने एक साथ योगासन कर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस में भागीदारी की। खुले आसमान के नीचे लोगों ने विभिन्न योग मुद्राओं का अभ्यास किया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
जामा मस्जिद परिसर में भी योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहां गांधी स्मृति के उपाध्यक्ष विजय गोयल और दिल्ली भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष अनीस अब्बासी सहित कई लोगों ने योग किया। इस कार्यक्रम के जरिए एकता और सद्भाव का संदेश देने की कोशिश की गई, जहां अलग-अलग समुदायों के लोग एक साथ योग करते नजर आए।
योग दिवस समारोहों में राजनीतिक हस्तियों के अलावा फिल्म जगत के सितारों ने भी हिस्सा लिया। अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी गुरुग्राम में आयोजित 12वें वार्षिक अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में शामिल हुईं। शिल्पा लंबे समय से योग को अपने जीवन का हिस्सा मानती रही हैं और लोगों को फिटनेस के लिए योग अपनाने के लिए प्रेरित करती रही हैं।
दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया और अभिनेता अक्षय कुमार ने भी योगाभ्यास किया। दोनों ने लोगों के साथ मिलकर योग किया और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का संदेश दिया। अक्षय कुमार भी फिटनेस और अनुशासित जीवन के लिए जाने जाते हैं।
संसद परिसर में आयोजित योग कार्यक्रम में भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने इस अवसर को खास बताते हुए कहा कि योग अब केवल भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरी दुनिया में शांति और सद्भाव का माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक स्तर पर पहचान मिली है और आज बड़ी संख्या में देश योग को अपना रहे हैं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने योग को स्वास्थ्य और संतुलित जीवन के लिए महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने लोगों से योग को नियमित अभ्यास के रूप में अपनाने की अपील की।
दिल्ली-NCR के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित कार्यक्रमों में विदेशी राजनयिकों और पर्यटकों ने भी भाग लिया। योग दिवस के मौके पर भारत की संस्कृति और परंपरा की झलक देखने को मिली। कई जगहों पर भारतीय और विदेशी लोगों ने साथ मिलकर योग किया।
प्रशासन और विभिन्न संस्थाओं ने योग दिवस को सफल बनाने के लिए पहले से तैयारियां की थीं। दिल्ली में 200 से अधिक स्थानों पर योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें करीब 50 हजार लोगों के शामिल होने का अनुमान लगाया गया। इन कार्यक्रमों में सरकारी विभागों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय संस्थाओं ने सहयोग किया।
सुबह-सुबह पार्कों और खुले मैदानों में लोगों की भीड़ जुटने लगी थी। कई स्थानों पर प्रशिक्षकों ने लोगों को योग की विभिन्न विधियां सिखाईं। प्राणायाम, सूर्य नमस्कार और अन्य योग आसनों के जरिए लोगों ने दिन की शुरुआत की।
योग दिवस का उद्देश्य लोगों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है। पिछले कुछ वर्षों में योग ने दुनियाभर में अपनी अलग पहचान बनाई है। भारत की इस प्राचीन परंपरा को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनाया जा रहा है।
इस बार के आयोजन में भी यही संदेश दिया गया कि स्वस्थ जीवन के लिए केवल दवाइयां ही नहीं, बल्कि अच्छी दिनचर्या और योग जैसे प्राकृतिक उपाय भी जरूरी हैं। दिल्ली-NCR में हुए कार्यक्रमों ने एक बार फिर दिखाया कि योग लोगों को जोड़ने और स्वस्थ समाज बनाने का माध्यम बन सकता है।




