Punjab: पटियाला में बाल विवाह रोकने के लिए गुप्त शिकायत पर कार्रवाई।

Punjab: पटियाला में बाल विवाह रोकने के लिए गुप्त शिकायत पर कार्रवाई।

पंजाब के पटियाला जिले से बाल विवाह रोकने का एक महत्वपूर्ण मामला सामने आया है। प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से एक नाबालिग उम्र सीमा वाले युवक का विवाह होने से पहले ही रोक दिया गया। बाल विकास एवं प्रोजेक्ट अधिकारी (CDPO) पटियाला प्रदीप सिंह गिल ने जानकारी दी कि उनके कार्यालय को गुरु तेग बहादुर कॉलोनी में बाल विवाह होने की गुप्त सूचना मिली थी। शिकायत मिलने के बाद विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू की।

सीडीपीओ कार्यालय की टीम ने थाना सिविल लाइन की चौकी अफसर कॉलोनी, पटियाला के अधिकारियों को साथ लेकर संबंधित स्थान पर पहुंचकर परिवार और अन्य लोगों से जानकारी जुटाई। जांच के दौरान सामने आया कि विवाह करने वाले युवक की उम्र निर्धारित कानूनी सीमा यानी 21 वर्ष से कम थी। इसके बाद अधिकारियों ने परिवार को बाल विवाह रोकू अधिनियम 2006 के प्रावधानों और इसके तहत मिलने वाली सजा के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

प्रशासन की समझाइश के बाद परिवार ने आश्वासन दिया कि जब तक युवक की उम्र कानून के अनुसार 21 वर्ष पूरी नहीं हो जाती, तब तक उसका विवाह नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने परिवार को कानून का पालन करने और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने की सलाह दी।

गुप्त शिकायत के आधार पर पहुंची टीम

बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासन को मिली गुप्त सूचना के बाद तत्काल कार्रवाई की गई। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के मामलों में समय पर सूचना मिलना बेहद जरूरी होता है, ताकि किसी भी अवैध विवाह को प्रारंभिक स्तर पर रोका जा सके।

सीडीपीओ प्रदीप सिंह गिल ने बताया कि बाल विवाह कानून का उद्देश्य बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य तथा सुरक्षित भविष्य का अवसर प्रदान करना है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि यदि उनके आसपास कहीं बाल विवाह होने की जानकारी मिलती है तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें।

बाल विवाह रोकू अधिनियम 2006 के बारे में दी जानकारी

मौके पर पहुंची टीम ने परिवार को बाल विवाह रोकू अधिनियम 2006 के प्रावधानों के बारे में बताया। अधिकारियों ने समझाया कि निर्धारित उम्र से पहले विवाह करना कानूनन अपराध है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है।

कानून के अनुसार, विवाह के लिए लड़के की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष और लड़की की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष निर्धारित है। इससे कम उम्र में विवाह करने या करवाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना देने की अपील

सीडीपीओ कार्यालय ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी बाल विवाह से संबंधित जानकारी मिलती है तो वे तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर संपर्क करें। इसके अलावा संबंधित बाल विकास एवं प्रोजेक्ट अधिकारी कार्यालय को भी सूचना दी जा सकती है।

अधिकारियों का कहना है कि समाज के हर वर्ग की भागीदारी से ही बाल विवाह जैसी सामाजिक समस्या को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है। समय रहते मिली सूचना किसी बच्चे का भविष्य सुरक्षित करने में मदद कर सकती है।

संयुक्त टीम ने की कार्रवाई

बाल विवाह रोकने की इस कार्रवाई में कई विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। टीम में सुपरवाइजर अंजू बाला, गुरदलवीर सिंह, चौकी इंचार्ज जसविंदर सिंह, सुखदेव सिंह और लाभ सिंह शामिल रहे। सभी अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और परिवार को कानून की जानकारी देकर विवाह रोकने के लिए सहमत किया।

पटियाला में किराएदारों, घरेलू नौकरों और पेइंग गेस्ट का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य, प्रशासन ने जारी किए नए निर्देश

पटियाला प्रशासन ने जिले में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक और महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट ईशा सिंगल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए किराएदारों, घरेलू नौकरों और पेइंग गेस्ट से संबंधित जानकारी पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज करवाना अनिवार्य कर दिया है।

जारी आदेश के अनुसार, पटियाला जिले की नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों और ग्राम पंचायतों के अधिकार क्षेत्र में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर में किराएदार, नौकर या पेइंग गेस्ट रखने की स्थिति में उनकी पूरी जानकारी नजदीकी पुलिस थाने या पुलिस चौकी में दर्ज करवानी होगी।

सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया फैसला

प्रशासन द्वारा यह कदम जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। किराएदारों और घरेलू कर्मचारियों का सत्यापन पुलिस व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इससे किसी भी आपराधिक गतिविधि की स्थिति में संबंधित व्यक्ति की पहचान और जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।

अधिकारियों का मानना है कि मकान मालिकों और आम नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे अपने यहां रहने वाले लोगों की सही जानकारी प्रशासन तक पहुंचाएं। इससे पुलिस को क्षेत्र में बेहतर निगरानी रखने में सहायता मिलेगी।

मकान मालिकों को देनी होगी पूरी जानकारी

नए आदेश के तहत मकान मालिकों को किराएदार, नौकर या पेइंग गेस्ट रखने से पहले उनकी पहचान और अन्य आवश्यक विवरण पुलिस को उपलब्ध करवाने होंगे। इसमें संबंधित व्यक्ति का नाम, पता, पहचान संबंधी जानकारी और अन्य आवश्यक विवरण शामिल हो सकते हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था सभी क्षेत्रों में लागू होगी, चाहे वह शहरी क्षेत्र हो या ग्रामीण इलाका। नगर कमेटियों, नगर पंचायतों और ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आने वाले सभी नागरिकों को इस आदेश का पालन करना होगा।

5 जून 2025 तक प्रभावी रहेगा आदेश

अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी यह आदेश 5 जून 2025 तक प्रभावी रहेगा। इस अवधि के दौरान जिले में रहने वाले लोगों को किराएदारों, नौकरों और पेइंग गेस्ट से जुड़ी जानकारी पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज करवानी होगी।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे आदेशों का पालन करें और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में सहयोग दें। समय पर जानकारी उपलब्ध कराने से पुलिस को अपराध नियंत्रण और जांच प्रक्रिया में सहायता मिलती है।

सुरक्षा के लिए नागरिकों की भागीदारी जरूरी

किसी भी जिले में बेहतर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन और नागरिकों के बीच सहयोग जरूरी होता है। किराएदारों और घरेलू कर्मचारियों का सत्यापन इसी व्यवस्था का हिस्सा है। इससे न केवल सुरक्षा बढ़ती है, बल्कि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में जांच प्रक्रिया भी आसान हो जाती है।

पटियाला प्रशासन ने लोगों से आग्रह किया है कि वे जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाते हुए अपने यहां रहने वाले सभी व्यक्तियों का रिकॉर्ड संबंधित पुलिस थानों में उपलब्ध करवाएं।

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