UP सरकार ने पीआरडी कर्मियों के ड्यूटी भत्ते में की 26% की बढ़ोतरी।

UP सरकार ने पीआरडी कर्मियों के ड्यूटी भत्ते में की 26% की बढ़ोतरी।

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रांतीय रक्षक दल (PRD) के स्वयंसेवकों को आर्थिक राहत प्रदान करते हुए उनके दैनिक ड्यूटी भत्ते में उल्लेखनीय वृद्धि करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। नए निर्णय के अनुसार अब पीआरडी जवानों को प्रतिदिन 395 रुपये के स्थान पर 500 रुपये का ड्यूटी भत्ता मिलेगा। यह बढ़ोतरी लगभग 26 प्रतिशत के बराबर है और इसका लाभ प्रदेश के हजारों पीआरडी स्वयंसेवकों को मिलेगा।

सरकार का यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब विभिन्न सरकारी विभागों में सेवाएं देने वाले पीआरडी जवान लंबे समय से अपने भत्ते में बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे। बढ़ती महंगाई, दैनिक खर्चों में लगातार वृद्धि और ड्यूटी के दौरान बढ़ती जिम्मेदारियों को देखते हुए इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सरकारी जानकारी के अनुसार संशोधित ड्यूटी भत्ता 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होगा। इसका मतलब है कि निर्धारित तिथि से ड्यूटी करने वाले सभी पात्र पीआरडी स्वयंसेवकों को बढ़े हुए भत्ते का लाभ मिलेगा।

मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया निर्णय

मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान कुल 15 प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 13 प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई। इन्हीं स्वीकृत प्रस्तावों में प्रांतीय रक्षक दल के स्वयंसेवकों के दैनिक ड्यूटी भत्ते में वृद्धि का प्रस्ताव भी शामिल था।

बैठक के बाद वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने पीआरडी जवानों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। उनका कहना था कि इस वृद्धि से प्रदेशभर में कार्यरत हजारों स्वयंसेवकों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।

अब प्रतिदिन मिलेंगे 500 रुपये

नई व्यवस्था लागू होने के बाद पीआरडी जवानों को प्रतिदिन 500 रुपये का ड्यूटी भत्ता दिया जाएगा। इससे पहले उन्हें प्रतिदिन 395 रुपये मिलते थे। यानी प्रत्येक ड्यूटी दिवस पर 105 रुपये की अतिरिक्त राशि प्रदान की जाएगी।

यदि कोई स्वयंसेवक पूरे महीने नियमित रूप से 30 दिन ड्यूटी करता है, तो उसे पहले की तुलना में मासिक भत्ते में 3,150 रुपये की अतिरिक्त राशि प्राप्त होगी। इससे उनकी मासिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

1 अप्रैल 2025 से लागू होगी नई दर

सरकार ने स्पष्ट किया है कि बढ़ा हुआ ड्यूटी भत्ता 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी माना जाएगा। यानी इस तिथि से की गई ड्यूटी के लिए संशोधित दर के अनुसार भुगतान किया जाएगा। संबंधित विभागों को भी आवश्यक वित्तीय और प्रशासनिक निर्देश जारी किए जाएंगे ताकि भुगतान प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके।

सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र स्वयंसेवकों को बढ़े हुए भत्ते का लाभ बिना अनावश्यक देरी के प्राप्त हो सके।

करीब 34 हजार से अधिक PRD स्वयंसेवकों को मिलेगा लाभ, जानिए फैसले का वित्तीय प्रभाव और PRD की भूमिका

प्रदेश के हजारों स्वयंसेवकों को होगा सीधा लाभ

सरकारी आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में वर्तमान समय में 34,092 प्रांतीय रक्षक दल (PRD) स्वयंसेवक पंजीकृत और सक्रिय हैं। सरकार के इस निर्णय का लाभ इन सभी पात्र स्वयंसेवकों को मिलेगा।

प्रदेश के विभिन्न जिलों में पीआरडी जवान अनेक सरकारी विभागों के साथ मिलकर कानून-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यों और सार्वजनिक आयोजनों में सहयोग प्रदान करते हैं। ऐसे में उनके भत्ते में वृद्धि को उनके योगदान के सम्मान के रूप में भी देखा जा रहा है।

सरकार पर कितना आएगा अतिरिक्त वित्तीय भार

वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने जानकारी दी कि ड्यूटी भत्ते में वृद्धि के कारण राज्य सरकार पर लगभग 75 करोड़ 87 लाख 50 हजार रुपये का अतिरिक्त वार्षिक वित्तीय भार आएगा। सरकार ने इस अतिरिक्त व्यय को अपने बजटीय प्रबंधन के अनुरूप समायोजित करने की योजना बनाई है।

राज्य सरकार का कहना है कि यह व्यय प्रदेश के उन स्वयंसेवकों के हित में किया जा रहा है, जो विभिन्न परिस्थितियों में प्रशासनिक तंत्र की सहायता करते हैं और सार्वजनिक सेवाओं को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

क्या है प्रांतीय रक्षक दल (PRD)?

प्रांतीय रक्षक दल (Provincial Rakshak Dal – PRD) उत्तर प्रदेश सरकार के अधीन कार्य करने वाला एक स्वयंसेवी बल है। इसका गठन राज्य प्रशासन की सहायता करने, सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर विभिन्न विभागों को अतिरिक्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया था।

पीआरडी स्वयंसेवकों को नियमित सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्राप्त नहीं होता, लेकिन आवश्यकता के अनुसार विभिन्न विभागों में उनकी सेवाएं ली जाती हैं। उन्हें ड्यूटी के दिनों के आधार पर निर्धारित भत्ता दिया जाता है।

किन-किन कार्यों में तैनात किए जाते हैं PRD जवान

उत्तर प्रदेश में पीआरडी जवानों की तैनाती कई प्रकार के कार्यों में की जाती है। इनमें पुलिस विभाग की सहायता, यातायात व्यवस्था, चुनावी ड्यूटी, सरकारी कार्यक्रमों में सुरक्षा व्यवस्था, धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन, आपदा राहत कार्य, विद्यालयों एवं अन्य सरकारी संस्थानों में सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियां शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त प्राकृतिक आपदाओं, बाढ़, महामारी, बड़े धार्मिक मेलों तथा अन्य विशेष परिस्थितियों में भी पीआरडी स्वयंसेवकों की सेवाएं ली जाती हैं।

महंगाई के बीच आर्थिक राहत

पिछले कुछ वर्षों में दैनिक जीवन की आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि हुई है। ऐसे में ड्यूटी आधारित भत्ते पर कार्य करने वाले स्वयंसेवकों के लिए आय बढ़ाना एक महत्वपूर्ण आवश्यकता मानी जा रही थी।

ड्यूटी भत्ते में 105 रुपये प्रतिदिन की वृद्धि से पीआरडी जवानों को दैनिक खर्चों के प्रबंधन में कुछ राहत मिलने की संभावना है। विशेष रूप से उन स्वयंसेवकों के लिए यह निर्णय उपयोगी माना जा रहा है, जो नियमित रूप से विभिन्न सरकारी विभागों में ड्यूटी करते हैं।

प्रशासनिक व्यवस्था को मिलेगा सहयोग

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्वयंसेवकों को बेहतर आर्थिक सहयोग मिलता है तो उनकी कार्यक्षमता और सेवा भावना पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों, सुरक्षा व्यवस्थाओं और सार्वजनिक आयोजनों में पीआरडी जवान प्रशासन की अतिरिक्त शक्ति के रूप में कार्य करते हैं।

राज्य के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में उनकी सेवाएं समय-समय पर ली जाती हैं, जिससे प्रशासनिक तंत्र को अतिरिक्त सहयोग प्राप्त होता है।

भुगतान की प्रक्रिया कैसे होगी

पीआरडी स्वयंसेवकों का ड्यूटी भत्ता उनकी वास्तविक उपस्थिति और ड्यूटी दिवसों के आधार पर दिया जाता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद भी भुगतान की प्रक्रिया पहले की तरह संबंधित विभागों द्वारा निर्धारित उपस्थिति के अनुसार ही की जाएगी। जिन स्वयंसेवकों ने निर्धारित अवधि में ड्यूटी की होगी, उन्हें संशोधित दर के अनुसार भुगतान प्राप्त होगा।

राज्य में सुरक्षा और प्रशासनिक सहयोग में महत्वपूर्ण भूमिका

उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों, चुनाव, धार्मिक आयोजनों, त्योहारों और आपदा प्रबंधन जैसी परिस्थितियों में अतिरिक्त मानव संसाधन की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे समय में पीआरडी स्वयंसेवक प्रशासन और पुलिस विभाग के साथ मिलकर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते हैं।

ड्यूटी भत्ते में की गई यह वृद्धि ऐसे स्वयंसेवकों के लिए आर्थिक सहायता के साथ-साथ उनके योगदान की औपचारिक मान्यता के रूप में भी देखी जा रही है। सरकार का मानना है कि बेहतर प्रोत्साहन मिलने से स्वयंसेवकों का मनोबल बढ़ेगा और वे भविष्य में भी प्रशासनिक कार्यों में प्रभावी सहयोग प्रदान करते रहेंगे।

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