चार दिन बाद खिली धूप से गुरदासपुर में मिली राहत, तापमान में दो डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज
पिछले चार दिनों से रुक-रुककर हो रही वर्षा, बूंदाबांदी और आसमान में लगातार छाए बादलों के कारण गुरदासपुर तथा आसपास के इलाकों में मौसम काफी ठंडा बना हुआ था। लगातार नमी और ठंडी हवाओं ने लोगों की दिनचर्या को भी प्रभावित किया। हालांकि शनिवार को मौसम ने करवट ली और सुबह से ही आसमान साफ होने लगा। हल्के बादलों के बीच निकली धूप ने लोगों को ठंड से काफी राहत पहुंचाई। कई दिनों बाद अच्छी धूप निकलने के कारण शहर का सामान्य जनजीवन भी पटरी पर लौटता दिखाई दिया।
मौसम साफ होने के साथ ही तापमान में भी बदलाव दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले दिन की तुलना में लगभग दो डिग्री अधिक रहा। तापमान में यह बढ़ोतरी धूप निकलने और बारिश रुकने के कारण दर्ज की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक मौसम इसी तरह साफ रहता है तो दिन के तापमान में धीरे-धीरे और बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि सुबह और रात के समय हल्की ठंड अभी भी बनी रहने की संभावना है।
लगातार बारिश और ठंडी हवाओं ने बढ़ाई थी ठिठुरन
पिछले कई दिनों से क्षेत्र में रुक-रुककर हो रही वर्षा के कारण वातावरण में नमी बनी हुई थी। इसके साथ चल रही ठंडी हवाओं ने लोगों को एक बार फिर सर्दी का अहसास करा दिया। मार्च-अप्रैल के दौरान जहां अधिकांश लोग गर्म कपड़े समेट चुके थे, वहीं अचानक बदले मौसम ने उन्हें फिर से स्वेटर, जैकेट और अन्य गर्म कपड़े पहनने पर मजबूर कर दिया। सुबह और शाम के समय ठंडी हवाओं के कारण घर से बाहर निकलना भी लोगों के लिए चुनौती बन गया था।
लगातार बादल छाए रहने से धूप नहीं निकल पा रही थी, जिससे दिन का तापमान सामान्य से कम बना रहा। कई इलाकों में लोगों ने सुबह की सैर और अन्य बाहरी गतिविधियों को भी सीमित कर दिया था। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से ठंड का सामना करना पड़ा।
सुबह हल्के बादल, दोपहर तक तेज हुई धूप
शनिवार सुबह आसमान में हल्के बादल जरूर दिखाई दिए, लेकिन धीरे-धीरे मौसम पूरी तरह साफ होने लगा। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, धूप तेज होती चली गई और लोगों ने खुलकर इसका आनंद लिया। धूप निकलने से वातावरण में गर्माहट महसूस हुई, जिससे ठंड का असर काफी कम हो गया।
कई दिनों से घरों के भीतर रहने को मजबूर लोग पार्कों, खुले मैदानों और अपनी छतों पर धूप सेंकते नजर आए। बच्चों ने भी खुले मैदानों में खेलना शुरू किया, जबकि बुजुर्गों ने धूप में बैठकर समय बिताया। धूप निकलने से लोगों के चेहरे पर राहत साफ दिखाई दी।
बाजारों में लौटी रौनक, सामान्य हुई गतिविधियां
खराब मौसम के कारण पिछले कुछ दिनों से बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई थी। लगातार बारिश और ठंडी हवाओं के चलते लोग केवल जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे थे। शनिवार को मौसम साफ होते ही बाजारों में एक बार फिर चहल-पहल दिखाई दी।
दुकानों, रेहड़ी-फड़ी और स्थानीय बाजारों में लोगों की भीड़ बढ़ी। कपड़ों, किराना, सब्जी और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की खरीदारी करने के लिए लोग बड़ी संख्या में बाजार पहुंचे। व्यापारियों ने भी मौसम साफ होने पर राहत जताई और उम्मीद व्यक्त की कि आने वाले दिनों में कारोबार में और तेजी आएगी।
चाय और नाश्ते की दुकानों पर भी लोगों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली। कई परिवार सप्ताहांत होने के कारण बाहर घूमने और खरीदारी के लिए निकले। शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर सामान्य दिनों जैसी रौनक लौट आई।
बदलते मौसम का स्वास्थ्य पर असर, अस्पतालों में बढ़ रहे मौसमी बीमारियों के मरीज
मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव का असर अब लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। पिछले कुछ दिनों में तापमान कभी तेजी से गिरा तो कभी अचानक बढ़ा, जिससे शरीर को मौसम के अनुसार खुद को ढालने में कठिनाई हो रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मौसम में संक्रमण फैलने का खतरा सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रहता है।
सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में खांसी, जुकाम, बुखार, गले में खराश, वायरल संक्रमण और एलर्जी जैसी समस्याओं से पीड़ित मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों में इस तरह की दिक्कतें अपेक्षाकृत अधिक देखी जा रही हैं।
डॉक्टरों ने मौसम को लेकर बरतने की सलाह दी सावधानी
चिकित्सकों का कहना है कि दिन में धूप निकलने से गर्मी का अहसास होने लगता है, लेकिन सुबह और रात के समय तापमान अभी भी काफी कम रहता है। ऐसे में कई लोग दिन के समय हल्के कपड़े पहन लेते हैं और शाम होते-होते ठंडी हवा के संपर्क में आने से बीमार पड़ जाते हैं। इसलिए मौसम को देखते हुए कपड़ों का चयन करना जरूरी है।
डॉक्टरों के अनुसार इस समय शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाए रखना भी आवश्यक है। पर्याप्त आराम, संतुलित भोजन और स्वच्छता का ध्यान रखने से संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। जिन लोगों को पहले से सांस संबंधी समस्या, एलर्जी या अस्थमा है, उन्हें विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
सुबह और शाम के समय रखें विशेष सतर्कता
विशेषज्ञों का कहना है कि सुबह और देर शाम के समय तापमान अपेक्षाकृत कम रहता है। ऐसे समय बाहर निकलते समय हल्के गर्म कपड़े पहनना बेहतर रहता है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों को मौसम में अचानक बदलाव से बचाने के लिए उन्हें पर्याप्त गर्म कपड़े पहनाने की सलाह दी गई है।
दिन में यदि धूप तेज हो तो भी शाम के समय तापमान तेजी से गिर सकता है। इसलिए पूरे दिन के मौसम को ध्यान में रखते हुए ही कपड़ों का चुनाव करना चाहिए। इससे सर्दी-जुकाम जैसी समस्याओं से बचाव संभव हो सकता है।
खानपान और स्वच्छता का रखें विशेष ध्यान
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का सुझाव है कि बदलते मौसम में गुनगुना पानी पीना शरीर के लिए लाभदायक हो सकता है। इसके अलावा ताजा और पौष्टिक भोजन का सेवन करना चाहिए तथा बाहर खुले में मिलने वाले अस्वच्छ खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और मौसमी फल व हरी सब्जियों को आहार में शामिल करना भी स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है।
यदि किसी व्यक्ति को लगातार खांसी, तेज बुखार, गले में अधिक खराश, सांस लेने में परेशानी या कमजोरी महसूस हो तो घरेलू उपचार पर अधिक निर्भर रहने के बजाय चिकित्सक से समय पर परामर्श लेना चाहिए। समय रहते इलाज शुरू होने से बीमारी के गंभीर होने की संभावना कम हो सकती है।
आने वाले दिनों में दिन का तापमान बढ़ने की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार यदि अगले कुछ दिनों तक वर्षा नहीं होती और आसमान साफ रहता है तो दिन के तापमान में धीरे-धीरे और वृद्धि दर्ज की जा सकती है। हालांकि सुबह और रात के समय हल्की ठंड का असर फिलहाल बना रहने की संभावना है। ऐसे में लोगों को दिन और रात के तापमान के अंतर को ध्यान में रखते हुए अपनी दिनचर्या और पहनावे में संतुलन बनाए रखने की सलाह दी गई है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के संक्रमण काल में मौसम तेजी से बदल सकता है। इसलिए नियमित रूप से मौसम की जानकारी पर नजर रखना और उसके अनुसार आवश्यक सावधानी अपनाना स्वास्थ्य और दैनिक जीवन दोनों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।




