‘अकाल तख्त के सामने हर पद छोटा’—रंधावा के संदेश के बाद कांग्रेस की रणनीति पर उठे सवाल
पंजाब की राजनीति में इन दिनों एक ऐसा मुद्दा केंद्र में आ गया है, जिसने धार्मिक मर्यादा, राजनीतिक जवाबदेही और दलगत रणनीति को एक साथ चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया है। बेअदबी मामलों से संबंधित प्रस्तावित कानून पर श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से पंजाब विधानसभा के सिख विधायकों को 29 जून को तलब किए जाने के बाद राज्य का राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। इस घटनाक्रम ने विशेष रूप से कांग्रेस को असहज स्थिति में ला दिया है, क्योंकि पार्टी के विभिन्न नेताओं की व्यक्तिगत प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, लेकिन संगठन की ओर से अब…
