कश्मीर पर अमेरिकी राजदूत का बयान, पाकिस्तान को बड़ा झटका; यूरोपीय एक्सपर्ट ने बताया भारत क्यों अहम

जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद के बीच अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का हालिया बयान चर्चा में है। भारत में अमेरिकी राजदूत ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर का दौरा किया और इस दौरान क्षेत्र को भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उनके इस बयान को कूटनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है, क्योंकि पाकिस्तान लगातार कश्मीर के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाता रहा है। ऐसे समय में जब इस्लामाबाद और वॉशिंगटन के बीच संबंधों में भी नजदीकी देखने को मिल रही है, अमेरिकी प्रतिनिधि की ओर से जम्मू-कश्मीर को लेकर दिया…

ट्रम्प के मैप पर ईरान का पलटवार: होर्मुज को अमेरिकी क्षेत्र बताने पर बोला- जल्द दूर हो जाएगी गलतफहमी

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर एक ऐसा मैप साझा किया, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट और उसके आसपास के समुद्री क्षेत्र को ‘नया अमेरिकी क्षेत्र’ बताया गया। ट्रम्प की इस पोस्ट के बाद ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने ट्रम्प के दावे पर तंज कसते हुए कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिकी इलाका समझना केवल एक गलतफहमी है। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका को जल्द ही वास्तविक स्थिति का एहसास हो जाएगा।…

तालिबान के पांच साल: अफगानिस्तान में बदले समीकरणों के बीच भारत क्यों बन रहा है अहम साझेदार

15 अगस्त 2021 को तालिबान ने काबुल पर कब्जा कर अफगानिस्तान की सत्ता अपने हाथों में ले ली थी। इसके साथ ही अमेरिका के नेतृत्व में करीब दो दशक तक चले सैन्य अभियान और राष्ट्र निर्माण की कोशिशों का अंत हो गया। अब तालिबान शासन को पांच साल पूरे हो चुके हैं। इस अवधि में अफगानिस्तान ने राजनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक स्तर पर कई बड़े बदलाव देखे हैं। तालिबान सत्ता में बना हुआ है, लेकिन देश को स्थिर, समृद्ध और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्य बनाने की उसकी कोशिशें अभी भी अधूरी हैं। इन पांच वर्षों का एक महत्वपूर्ण पहलू यह…

सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान को नहीं मिला वैश्विक समर्थन, भारत के रुख से बढ़ी असीम मुनीर की मुश्किलें

सिंधु जल संधि को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बना हुआ है। पाकिस्तान लगातार इस मुद्दे को वैश्विक मंचों पर उठाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन उसे अब तक वह समर्थन नहीं मिल पाया जिसकी उसे उम्मीद थी। भारत ने स्पष्ट संकेत दिया है कि सीमा पार आतंकवाद और द्विपक्षीय संबंधों को अलग-अलग नहीं देखा जा सकता। इसी बीच भू-राजनीतिक मामलों के जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान की मौजूदा रणनीति उसके सैन्य नेतृत्व की सोच का परिणाम है, जिसका असर उसकी विदेश नीति से लेकर घरेलू राजनीति तक…

ट्रंप पर हमले की आशंका ने बढ़ाई हलचल, इस्राइल की खुफिया चेतावनी के बाद अमेरिका हुआ सतर्क

पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव के बीच एक नई खुफिया रिपोर्ट ने अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच चल रहे टकराव को और गंभीर बना दिया है। अमेरिकी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार इस्राइल ने अमेरिका को ऐसी संवेदनशील जानकारी साझा की है, जिसमें दावा किया गया है कि ईरान के कुछ तत्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को निशाना बनाने की योजना पर काम कर रहे हैं। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक सार्वजनिक रूप से नहीं हुई है, लेकिन इस खबर के सामने आने के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं।…

रूस-पाकिस्तान सुरक्षा सहयोग की नई पहल, भारत के लिए बढ़ सकती हैं रणनीतिक चुनौतियां

रूस और पाकिस्तान के बीच सुरक्षा सहयोग को लेकर एक नया अध्याय शुरू होने की तैयारी है। दोनों देशों ने अपने गृह मंत्रालयों के स्तर पर एक सुरक्षा समझौते (MoU) की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमति जताई है। हाल ही में हुई उच्चस्तरीय बैठक के दौरान इस प्रस्ताव पर सकारात्मक चर्चा हुई, जिसे दोनों देशों के आंतरिक सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि यह समझौता अंतिम रूप लेता है तो रूस और पाकिस्तान के बीच कानून-व्यवस्था, आतंकवाद विरोधी अभियान और सीमा पार अपराधों से निपटने में सहयोग बढ़ सकता है।…

अमेरिका ईरान पर करता है हमला, लेकिन जवाब में कुवैत और बहरीन क्यों बनते हैं निशाना? जानिए पूरी रणनीति

मध्य पूर्व में जारी तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती सैन्य कार्रवाई का असर अब पूरे खाड़ी क्षेत्र पर दिखाई दे रहा है। हाल के दिनों में अमेरिकी सेना ने ईरान के कई अहम इलाकों पर हवाई हमले किए, जिसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। लगातार दूसरे दिन इन देशों में मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरों के बीच सायरन बजते रहे और आम लोगों में दहशत का माहौल बना रहा। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा…

अमेरिकी एयरस्ट्राइक से ईरान में भारी तबाही, भारत के रणनीतिक चाबहार पोर्ट पर भी पड़ा हमला

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने एक बार फिर पूरे पश्चिम एशिया में हालात गंभीर कर दिए हैं। ताजा घटनाक्रम में अमेरिकी सेना ने ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की है। रिपोर्टों के मुताबिक इस अभियान के दौरान ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इन हमलों का असर देश के दक्षिण-पूर्वी तटीय इलाकों तक दिखाई दिया, जहां स्थित चाबहार बंदरगाह भी हमले की चपेट में आ गया। चाबहार वही बंदरगाह है, जिसके विकास में भारत ने महत्वपूर्ण निवेश किया है और जिसे नई दिल्ली मध्य एशिया तक…

युद्धविराम के बाद फिर सक्रिय हो सकता है चाबहार पोर्ट, भारत-ईरान के बीच नए सिरे से तेज हो सकती है बातचीत

पश्चिम एशिया में पिछले कुछ समय से सुरक्षा परिस्थितियों में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहा है। क्षेत्र में तनाव कम होने के संकेतों के बीच भारत और ईरान के बीच लंबे समय से चर्चा में रही चाबहार पोर्ट परियोजना को लेकर एक बार फिर सकारात्मक माहौल बनता दिखाई दे रहा है। दोनों देशों के बीच इस रणनीतिक बंदरगाह के विकास, संचालन और भविष्य की विस्तार योजनाओं पर उच्चस्तरीय बातचीत होने की संभावना जताई जा रही है। यदि परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं तो आने वाले समय में चाबहार पोर्ट पर सामान्य परिचालन को और मजबूत बनाने के साथ-साथ नए…

होर्मुज स्ट्रेट पर फिर संकट: ईरान ने जहाजों की आवाजाही रोकी, लेबनान में इजरायली हमलों के बाद बढ़ा तनाव

ईरान ने एक बार फिर दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का ऐलान किया है। ईरान के इस फैसले से एक बार फिर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने यह कदम लेबनान में इजरायल की ओर से किए गए हमलों और सीजफायर के बावजूद जारी सैन्य कार्रवाई के विरोध में उठाया है। इन हमलों में कई आम लोगों की मौत होने का दावा किया गया है। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, देश की शीर्ष सैन्य कमान खतम अल-अंबिया मुख्यालय ने शनिवार शाम होर्मुज स्ट्रेट को…

G7 का हिस्सा नहीं फिर भी भारत को मिलता है खास न्योता, जानिए दुनिया क्यों मानती है इसकी अहमियत

दुनिया की सबसे प्रभावशाली अर्थव्यवस्थाओं और वैश्विक नीति निर्माण से जुड़े मंचों में G7 का नाम सबसे प्रमुख माना जाता है। हर वर्ष होने वाला G7 शिखर सम्मेलन केवल सात विकसित देशों की बैठक भर नहीं होता, बल्कि यह ऐसा मंच है जहां वैश्विक अर्थव्यवस्था, सुरक्षा, व्यापार, ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन, तकनीकी विकास और अंतरराष्ट्रीय संकटों पर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श होता है। ऐसे में जब भारत, जो इस समूह का औपचारिक सदस्य नहीं है, लगातार इस सम्मेलन में विशेष आमंत्रित देश के रूप में शामिल होता है तो स्वाभाविक रूप से यह सवाल उठता है कि आखिर इसकी वजह क्या है। हाल…

रूस-यूरोप बहस पर जयशंकर का तीखा जवाब, कहा- भारत की सुरक्षा पर चुप रहने वालों को नसीहत देने का अधिकार नहीं

रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर लंबे समय से भारत की आलोचना कर रहे यूरोपीय देशों को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक बार फिर कड़ा जवाब दिया है। फिनलैंड में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय संवाद कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों और राष्ट्रीय हितों के आधार पर फैसले लेता है। किसी भी देश को यह तय करने का अधिकार नहीं है कि भारत अपनी जरूरतें कैसे पूरी करे। फिनलैंड में आयोजित ‘कुल्तारंता टॉक्स’ कार्यक्रम में वैश्विक राजनीति, ऊर्जा सुरक्षा और बदलते अंतरराष्ट्रीय समीकरणों पर चर्चा के दौरान जयशंकर ने यूरोप के उस…

कश्मीर का जिक्र कर EU-पाकिस्तान बयान ने बढ़ाई हलचल, भारत के लिए क्यों अहम है यह घटनाक्रम?

यूरोपीय यूनियन (EU) और पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुई रणनीतिक वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान ने दक्षिण एशिया की कूटनीति को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। इस संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर का उल्लेख किए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय संबंधों के विशेषज्ञ, विदेश नीति के जानकार और राजनीतिक विश्लेषक अलग-अलग दृष्टिकोण से इसकी समीक्षा कर रहे हैं। भारत लंबे समय से यह स्पष्ट करता आया है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उसके अभिन्न अंग हैं तथा इस विषय पर किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार्य नहीं है। ऐसे में संयुक्त बयान में इस मुद्दे का शामिल होना…

ट्रंप-जिनपिंग बैठक पर दुनिया की नजर, चीन दौरे से बदल सकते हैं वैश्विक समीकरण

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रस्तावित चीन यात्रा को लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चर्चा तेज हो गई है। ट्रंप इस सप्ताह चीन का दौरा करने वाले हैं, जहां उनकी मुलाकात चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होने की संभावना है। दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब वैश्विक स्तर पर कई महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक चुनौतियां बनी हुई हैं। पश्चिम एशिया में ईरान से जुड़े तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे मुद्दे दुनिया के प्रमुख देशों की विदेश नीति को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे माहौल में…

अमेरिका पर ईरान का तीखा वार: ‘खुद की रक्षा में नाकाम ठिकाने’ खामेनेई का दावा

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के बीच बयानबाजी एक बार फिर तेज होती दिखाई दे रही है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई की ओर से अमेरिका की सैन्य मौजूदगी और क्षेत्र में उसकी भूमिका को लेकर तीखी टिप्पणी सामने आई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए एक संदेश में उन्होंने अमेरिकी सैन्य ठिकानों की क्षमता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिन ठिकानों पर अमेरिका अपनी ताकत और रणनीतिक प्रभाव के लिए निर्भर करता है, वे खुद अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की स्थिति में नहीं हैं। खामेनेई…

क्या ‘स्ट्रेट ऑफ ट्रंप’ होगा नया नाम? होर्मुज जलडमरूमध्य पर डोनाल्ड ट्रंप के बयान से बढ़ी वैश्विक हलचल, जानिए क्यों है यह समुद्री मार्ग इतना महत्वपूर्ण

दुनिया के सबसे रणनीतिक और संवेदनशील समुद्री मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान और सोशल मीडिया पोस्ट के बाद इस समुद्री मार्ग के नाम को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक नक्शा साझा करते हुए इस जलडमरूमध्य का नाम बदलकर “स्ट्रेट ऑफ ट्रंप” (Strait of Trump) रखने का सुझाव दिया। हालांकि, यह केवल एक राजनीतिक टिप्पणी और प्रस्ताव के रूप में सामने आया है, इसका कोई…

ईरान-इज़राइल टकराव में UAE बना मुख्य निशाना, दुबई और अबूधाबी पर हमलों की वजह क्या है? जानिए पूरा घटनाक्रम

ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ता सैन्य तनाव अब केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं रह गया है। इस संघर्ष का असर पूरे पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) के सुरक्षा समीकरण पर दिखाई दे रहा है। हाल के घटनाक्रमों में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का नाम भी प्रमुखता से सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, युद्ध के दौरान दुबई और अबूधाबी जैसे महत्वपूर्ण शहरों की सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए। बताया गया कि इज़राइल ने संभावित मिसाइल और ड्रोन हमलों से सुरक्षा के लिए अपना आयरन डोम एयर डिफेंस सिस्टम UAE में तैनात किया और उसके संचालन के लिए…

दुश्मनी से दोस्ती तक: जब इतिहास ने बदला रुख और बदले रिश्तों के मायने

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में दोस्ती और दुश्मनी स्थायी नहीं होती। समय, परिस्थितियां, आर्थिक जरूरतें और बदलती रणनीतियां कई बार ऐसे देशों को भी करीब ला देती हैं, जो कभी एक-दूसरे के सबसे बड़े विरोधी हुआ करते थे। इतिहास गवाह है कि युद्ध, संघर्ष और कटु संबंधों से गुजरने वाले कई देशों ने बाद में बातचीत, सहयोग और कूटनीति का रास्ता अपनाया। हाल के वर्षों में भी कई वैश्विक घटनाक्रमों ने यह दिखाया है कि लंबे समय से चले आ रहे तनाव को बातचीत के जरिए कम किया जा सकता है। मध्य-पूर्व में संघर्ष विराम की कोशिशों से लेकर अलग-अलग देशों के…

BRICS समिट 2026: पुतिन के भारत आने की संभावना, रणनीतिक रिश्तों को मिल सकता है नया आयाम

भारत सितंबर 2026 में एक बार फिर वैश्विक कूटनीति के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरने जा रहा है। नई दिल्ली में आयोजित होने वाला 18वां BRICS शिखर सम्मेलन दुनिया की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं को एक मंच पर लाएगा। इस सम्मेलन को वैश्विक राजनीति, आर्थिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन की भागीदारी को लेकर विशेष चर्चा हो रही है। क्रेमलिन के सूत्रों और प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव के बयानों के अनुसार, पुतिन के भारत आने की संभावना काफी मजबूत है। यदि यह यात्रा…

मलक्का स्ट्रेट पर अमेरिका का नया दांव! इंडोनेशिया के साथ डील से चीन की बढ़ी टेंशन

अमेरिका-इंडोनेशिया रक्षा सहयोग से बढ़ी हलचल, मलक्का स्ट्रेट पर चीन की नजर एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच अमेरिका और इंडोनेशिया के बीच संभावित रक्षा सहयोग को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों देशों के बीच एक ऐसे समझौते पर बातचीत चल रही है, जिसके तहत अमेरिका को इंडोनेशिया के एयरस्पेस और रणनीतिक क्षेत्रों के इस्तेमाल से जुड़ी कुछ सुविधाएं मिल सकती हैं। वॉशिंगटन में हुई उच्चस्तरीय बैठक के दौरान अमेरिकी रक्षा अधिकारियों और इंडोनेशियाई नेतृत्व के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री मार्गों की निगरानी और सैन्य सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा…