रूस ने टेलीग्राम संस्थापक पावेल दुरोव पर कसा शिकंजा, आतंकवाद से जुड़े आरोपों के बीच बढ़ी ऐप पर प्रतिबंध की आशंका

रूस और लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम के बीच विवाद एक बार फिर चर्चा में है। रूसी अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से टेलीग्राम के संस्थापक पावेल दुरोव के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए जाने की खबरों के बाद यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित कर रहा है। अधिकारियों का दावा है कि टेलीग्राम पर मौजूद कुछ चैनल, ग्रुप और बॉट्स का कथित तौर पर इस्तेमाल देश विरोधी गतिविधियों, साइबर अपराध, हिंसक घटनाओं की योजना और अन्य अवैध गतिविधियों के लिए किया गया। रूसी पक्ष की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि सुरक्षा एजेंसियों की ओर…

अमेरिकी चुनाव प्रणाली पर फिर बरसे ट्रंप, चीन-रूस-ईरान पर लगाए गंभीर आरोप, वोटिंग मशीनों पर भी उठाए सवाल

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र के नाम अपने हालिया संबोधन में एक बार फिर अमेरिकी चुनाव व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को विदेशी ताकतों से खतरा है और चुनावों में बाहरी हस्तक्षेप की संभावनाओं को अब हल्के में नहीं लिया जा सकता। ट्रंप ने अपने भाषण में विशेष रूप से चीन, रूस, ईरान और उत्तर कोरिया का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि इन देशों ने अलग-अलग तरीकों से अमेरिकी चुनावी ढांचे और जनमत को प्रभावित करने की कोशिश की। भारतीय समयानुसार शुक्रवार सुबह प्रसारित इस संबोधन में ट्रंप…

रूस-पाकिस्तान सुरक्षा सहयोग की नई पहल, भारत के लिए बढ़ सकती हैं रणनीतिक चुनौतियां

रूस और पाकिस्तान के बीच सुरक्षा सहयोग को लेकर एक नया अध्याय शुरू होने की तैयारी है। दोनों देशों ने अपने गृह मंत्रालयों के स्तर पर एक सुरक्षा समझौते (MoU) की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमति जताई है। हाल ही में हुई उच्चस्तरीय बैठक के दौरान इस प्रस्ताव पर सकारात्मक चर्चा हुई, जिसे दोनों देशों के आंतरिक सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि यह समझौता अंतिम रूप लेता है तो रूस और पाकिस्तान के बीच कानून-व्यवस्था, आतंकवाद विरोधी अभियान और सीमा पार अपराधों से निपटने में सहयोग बढ़ सकता है।…

रूस का बड़ा दावा- परमाणु हथियार ही रोक सकते हैं तीसरा विश्व युद्ध

दुनिया में बढ़ते तनाव और परमाणु हथियारों को लेकर चल रही बहस के बीच रूस ने एक बड़ा बयान दिया है। रूस का कहना है कि मौजूदा हालात में परमाणु हथियार ही ऐसी ताकत हैं, जो दुनिया को किसी बड़े वैश्विक युद्ध से बचा सकती हैं। क्रेमलिन ने दावा किया है कि न्यूक्लियर डिटेरेंस यानी परमाणु प्रतिरोध ही अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था का सबसे बड़ा सहारा बचा है। रूस की राजधानी मॉस्को में आयोजित एक विदेश नीति कार्यक्रम के दौरान क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि आज की दुनिया में सुरक्षा व्यवस्था पहले जैसी मजबूत नहीं रही है। उन्होंने…