Haryana के सरकारी स्कूलों में ‘टीचर्स डायरी’ बनी अनिवार्य।

Haryana के सरकारी स्कूलों में ‘टीचर्स डायरी’ बनी अनिवार्य।

Haryana के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के लिए ऑनलाइन ‘टीचर्स डायरी’ हुई अनिवार्य, अब रोजाना एमआईएस पोर्टल पर देनी होगी पढ़ाई की पूरी जानकारी

Haryana सरकार ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाया है। शिक्षा विभाग ने अब सभी सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए ऑनलाइन ‘टीचर्स डायरी’ को अनिवार्य कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक शिक्षक को प्रतिदिन विद्यार्थियों को पढ़ाए जाने वाले विषय, शिक्षण योजना, कक्षा में अपनाई गई शिक्षण पद्धति और आगामी कार्ययोजना की जानकारी ऑनलाइन दर्ज करनी होगी।

शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार यह पूरी प्रक्रिया राज्य के मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (MIS) पोर्टल के माध्यम से संचालित होगी। प्रत्येक शिक्षक की कर्मचारी आईडी के साथ ऑनलाइन डेली डायरी का विकल्प जोड़ दिया गया है, जहां नियमित रूप से जानकारी अपडेट करनी होगी। विभाग का उद्देश्य शिक्षण कार्य की बेहतर निगरानी, शिक्षकों की जवाबदेही बढ़ाना और विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब स्कूल स्तर से लेकर शिक्षा निदेशालय और विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव तक किसी भी समय ऑनलाइन माध्यम से शिक्षकों की डायरी की समीक्षा कर सकेंगे। इससे शिक्षण कार्य की निगरानी पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और डिजिटल तरीके से की जा सकेगी।

हर शिक्षक को प्रतिदिन ऑनलाइन अपडेट करनी होगी डायरी

नई व्यवस्था के तहत सभी सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को प्रतिदिन अपनी ऑनलाइन डायरी में उस दिन कराए गए शिक्षण कार्य की जानकारी दर्ज करनी होगी। इसमें पढ़ाए गए अध्याय, विद्यार्थियों की सहभागिता, कक्षा में अपनाई गई शिक्षण तकनीक, गृहकार्य तथा आगामी शिक्षण योजना जैसी जानकारियां शामिल होंगी।

शिक्षा विभाग का मानना है कि नियमित रूप से डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से शिक्षकों के कार्य का दस्तावेजीकरण बेहतर होगा और भविष्य में शिक्षण गुणवत्ता के मूल्यांकन में भी सहायता मिलेगी।

एमआईएस पोर्टल से होगी पूरी निगरानी

डेली डायरी की पूरी प्रक्रिया एमआईएस पोर्टल के माध्यम से संचालित की जाएगी। प्रत्येक शिक्षक अपनी कर्मचारी आईडी से लॉगिन कर निर्धारित प्रारूप में जानकारी दर्ज करेगा। यह डेटा विभाग के डिजिटल रिकॉर्ड का हिस्सा बनेगा और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारी इसे ऑनलाइन देख सकेंगे।

डिजिटल प्रणाली लागू होने से कागजी रिकॉर्ड पर निर्भरता कम होगी और शिक्षण गतिविधियों का केंद्रीकृत डेटा उपलब्ध रहेगा। इससे विभिन्न स्तरों पर समीक्षा और विश्लेषण करना भी आसान होगा।

अब मनमाने तरीके से डायरी लिखने की व्यवस्था समाप्त

इससे पहले अधिकांश सरकारी स्कूलों में शिक्षक अपनी सुविधा के अनुसार डायरी तैयार करते थे। कुछ शिक्षक केवल पढ़ाए गए पाठ का उल्लेख करते थे, जबकि कुछ अगले दिन की योजना लिखते थे। पूरे राज्य में डायरी का कोई एक समान प्रारूप निर्धारित नहीं था।

शिक्षा निदेशालय ने अब इस व्यवस्था को एकरूप बनाने के लिए सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को लिखित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निर्देश जारी होने के साथ ही नई ऑनलाइन डेली डायरी व्यवस्था लागू कर दी गई है।

साप्ताहिक योजना से लेकर ऑनलाइन सत्यापन तक, शिक्षकों की डायरी की कई स्तरों पर होगी निगरानी

नई व्यवस्था केवल दैनिक रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रहेगी। शिक्षकों को भविष्य की शिक्षण योजना भी पोर्टल पर दर्ज करने का विकल्प दिया गया है। साथ ही स्कूल इंचार्ज, जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से इन प्रविष्टियों की समीक्षा करेंगे।

साप्ताहिक, दस दिन और पंद्रह दिन की योजना भी दर्ज कर सकेंगे शिक्षक

शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को केवल दैनिक गतिविधियों को दर्ज करने तक सीमित नहीं रखा है। वे चाहें तो विद्यार्थियों को अगले एक सप्ताह, दस दिन या पंद्रह दिन के दौरान पढ़ाए जाने वाले विषयों और गतिविधियों की योजना भी पहले से पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं।

हालांकि विभाग ने इसके लिए कोई अनिवार्य समय सीमा निर्धारित नहीं की है। शिक्षक अपनी आवश्यकता और कक्षा की प्रगति के अनुसार अगले दिन या आगामी अवधि की योजना भी दर्ज कर सकते हैं।

शिक्षण पद्धति की भी देनी होगी जानकारी

डेली डायरी में केवल यह नहीं बताया जाएगा कि कौन-सा अध्याय पढ़ाया गया, बल्कि शिक्षक यह भी लिखेंगे कि विद्यार्थियों को विषय समझाने के लिए उन्होंने कौन-सी शिक्षण विधि अपनाई। उदाहरण के तौर पर गतिविधि आधारित शिक्षण, समूह चर्चा, प्रोजेक्ट कार्य, डिजिटल सामग्री, प्रश्नोत्तर पद्धति या अन्य शैक्षणिक तकनीकों का उल्लेख भी किया जा सकेगा।

इससे विभाग को यह समझने में मदद मिलेगी कि विभिन्न विद्यालयों में शिक्षण प्रक्रिया किस प्रकार संचालित हो रही है और विद्यार्थियों की सीखने की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए किन उपायों का उपयोग किया जा रहा है।

स्कूल इंचार्ज करेंगे पहली ऑनलाइन जांच

प्रत्येक शिक्षक की डायरी सबसे पहले संबंधित स्कूल के इंचार्ज द्वारा ऑनलाइन देखी जाएगी। स्कूल मुखिया, हेड टीचर, हेडमास्टर या प्रिंसिपल डायरी में दर्ज जानकारी का मूल्यांकन करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि दर्ज की गई जानकारी वास्तविक शिक्षण कार्य के अनुरूप है।

यदि उन्हें किसी प्रकार की कमी या विसंगति दिखाई देती है तो उनके पास डायरी को अस्वीकार करने का अधिकार भी होगा। हालांकि ऐसी स्थिति में उन्हें स्पष्ट कारण भी दर्ज करना होगा, ताकि शिक्षक आवश्यक संशोधन कर सकें।

कई प्रशासनिक स्तरों पर होगी नियमित मॉनिटरिंग

स्कूल स्तर पर सत्यापन के बाद डेली डायरी की समीक्षा कई अन्य प्रशासनिक स्तरों पर भी की जाएगी। इसमें डीडीओ, क्लस्टर इंचार्ज, खंड शिक्षा अधिकारी, समन्वयक, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) के प्राचार्य शामिल होंगे।

इसके अलावा शिक्षा निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी तथा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव भी किसी भी समय ऑनलाइन माध्यम से शिक्षकों की डायरी का निरीक्षण कर सकेंगे। इससे राज्य स्तर पर शिक्षण कार्य की निरंतर निगरानी संभव होगी।

अवकाश और अन्य सरकारी ड्यूटी की जानकारी भी होगी अनिवार्य

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी शिक्षक की चुनाव, परीक्षा, जनगणना या अन्य सरकारी कार्य में ड्यूटी लगाई जाती है, तो इसकी जानकारी भी एमआईएस पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। इसी प्रकार यदि कोई शिक्षक अवकाश पर है, तब भी संबंधित विवरण ऑनलाइन अपडेट करना अनिवार्य होगा।

यदि किसी सरकारी ड्यूटी के कारण शिक्षक निर्धारित समय पर डायरी अपडेट नहीं कर पाते हैं, तो उन्हें ड्यूटी समाप्त होने के बाद पंद्रह दिनों के भीतर लंबित प्रविष्टियां पूरी करने की अनुमति दी जाएगी।

स्थानांतरण होने पर नए विद्यालय में बनेगी नई डायरी

शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यदि किसी शिक्षक का ट्रांसफर होकर वह नए विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करता है, तो पुराने विद्यालय से संबंधित डायरी प्रविष्टियां वहीं तक सीमित रहेंगी और नए विद्यालय में नई डायरी के माध्यम से रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।

इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रत्येक विद्यालय के लिए अलग और व्यवस्थित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना है, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक समीक्षा आसान हो सके।

डायरी अपडेट नहीं करने पर हो सकती है विभागीय कार्रवाई

शिक्षा निदेशालय ने अपने आदेशों में स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन डेली डायरी सभी शिक्षकों के लिए अनिवार्य होगी। यदि कोई शिक्षक नियमित रूप से डायरी अपडेट नहीं करता है या निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करता है, तो उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

जिला शिक्षा अधिकारी और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी नियमित रूप से यह भी सुनिश्चित करेंगे कि स्कूल इंचार्ज समय पर शिक्षकों की डायरी का सत्यापन कर रहे हैं। हालांकि सामान्य शिक्षक स्थानांतरण अभियान के दौरान शिक्षकों को डायरी जमा करने से अस्थायी छूट प्रदान की जाएगी, ताकि स्थानांतरण प्रक्रिया प्रभावित न हो।

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