UP: सीएम योगी ने ‘हीट वेव एक्शन प्लान’ लागू करने के दिए सख्त निर्देश, बोले- लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त।

UP: सीएम योगी ने ‘हीट वेव एक्शन प्लान’ लागू करने के दिए सख्त निर्देश, बोले- लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त।

UP में भीषण गर्मी और लू से बचाव की तैयारी, CM योगी ने लागू किया हीट वेव एक्शन प्लान

उत्तर प्रदेश में इस साल गर्मी के प्रकोप को देखते हुए राज्य सरकार ने लू और हीट वेव से बचाव के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने और गर्मी के मौसम में आम लोगों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर उसे समय पर लागू करने के निर्देश दिए हैं।

मौसम विभाग की ओर से अप्रैल और मई के दौरान सामान्य से अधिक तापमान रहने का अनुमान जताया गया है। ऐसे में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य, नगर विकास, श्रम, पशुपालन और ग्रामीण विकास विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाकर एक बहुस्तरीय रणनीति तैयार की है, जिससे गर्मी से होने वाली बीमारियों और आपात स्थितियों से निपटा जा सके।

सरकार के अनुसार, पिछले वर्ष मार्च से जून के बीच लू लगने से बीमार होने वाले लोगों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। इसी अनुभव को देखते हुए इस बार गर्मी शुरू होने से पहले ही तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लू से बचाव के लिए बनाई गई योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू किया जाए।

सभी जिलों में लू से बचाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में हीट वेव एक्शन प्लान के तहत आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करें। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में आम लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए पहले से तैयारी करना जरूरी है।

अधिकारियों को आश्रय स्थलों की व्यवस्था, पेयजल की उपलब्धता, सार्वजनिक स्थानों पर छाया की व्यवस्था और लोगों को जागरूक करने के अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि गर्मी से बचाव की व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

इसके अलावा नगर निकायों को निर्देश दिए गए हैं कि गर्मी के प्रभाव को कम करने के लिए सड़कों पर नियमित पानी का छिड़काव कराया जाए। पार्कों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों के लिए छाया और पीने के पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

स्वास्थ्य विभाग करेगा निगरानी, अस्पतालों में तैयारियां बढ़ाई गईं

लू और गर्मी से संबंधित बीमारियों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और गर्मी से जुड़ी अन्य बीमारियों के इलाज के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जाएंगे। इन अभियानों के माध्यम से लोगों को बताया जाएगा कि लू से कैसे बचा जा सकता है और गर्मी के दौरान किन सावधानियों का पालन करना जरूरी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, तेज गर्मी में शरीर में पानी की कमी होना, चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना और शरीर का तापमान बढ़ना हीट स्ट्रोक के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। ऐसे मामलों में तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जरूरी होता है।

श्रमिकों और कामगारों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान

राज्य सरकार ने श्रमिकों और निर्माण कार्यों में लगे कामगारों के स्वास्थ्य को लेकर भी विशेष निर्देश जारी किए हैं। गर्मी के मौसम में खुले स्थानों पर काम करने वाले श्रमिकों को लू लगने का खतरा अधिक रहता है, इसलिए उनका नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा।

औद्योगिक क्षेत्रों और निर्माण स्थलों पर स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था की जाएगी। श्रमिकों को गर्मी से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी और उन्हें पर्याप्त पानी पीने, आराम करने और धूप से बचने के लिए जागरूक किया जाएगा।

सरकार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि कार्यस्थलों पर छाया की व्यवस्था, पीने के पानी की उपलब्धता और आवश्यक प्राथमिक उपचार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके।

निगरानी टीमों का गठन, पशुओं की सुरक्षा के लिए भी विशेष इंतजाम

लू की स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए निगरानी टीमों का गठन किया जाएगा। ये टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में गर्मी से जुड़ी परिस्थितियों का जायजा लेंगी और जरूरत पड़ने पर तत्काल कदम उठाएंगी।

स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में लोगों को हीट स्ट्रोक, लू लगने और शरीर में पानी की कमी जैसे मामलों की पहचान और प्राथमिक उपचार के बारे में जानकारी दी जाएगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल और राहत व्यवस्था पर जोर

ग्रामीण क्षेत्रों में भी गर्मी के प्रभाव को देखते हुए पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि गांवों और दूरदराज के क्षेत्रों में लोगों को पानी की समस्या का सामना न करना पड़े।

इसके साथ ही ग्रामीण विकास विभाग को स्थानीय स्तर पर आवश्यक व्यवस्थाएं करने और लोगों तक गर्मी से बचाव संबंधी जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासनिक अधिकारी लगातार क्षेत्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे।

पशुओं को गर्मी से बचाने के लिए विशेष व्यवस्था

गर्मी का असर केवल इंसानों पर ही नहीं बल्कि पशुओं पर भी पड़ता है। इसे देखते हुए पशुपालन विभाग को पशुओं की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।

पशुओं के लिए छायादार स्थान, पानी की उपलब्धता और आवश्यक दवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पशुओं को लू से बचाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान भी चलाएं।

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

सरकार ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे गर्मी के दौरान सावधानी बरतें। तेज धूप में अनावश्यक बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और बच्चों, बुजुर्गों तथा बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखें।

विशेषज्ञों की सलाह है कि गर्मी के दिनों में हल्के और सूती कपड़े पहनें, धूप में निकलते समय सिर को ढककर रखें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। किसी भी व्यक्ति में लू के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि गर्मी के मौसम में नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

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