CM योगी आदित्यनाथ ने वक्फ संपत्तियों और हिंसा के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा, बोले- गरीबों और वंचितों को मिलेगा लाभ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वक्फ संपत्तियों को लेकर चल रहे विवाद और पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि देश में लंबे समय से वक्फ के नाम पर कई जगहों पर जमीनों पर कब्जे की शिकायतें सामने आती रही हैं। अब जब सरकार इन मामलों में कार्रवाई कर रही है तो कुछ लोग विरोध और हिंसा का रास्ता अपना रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वक्फ संशोधन कानून का उद्देश्य किसी वर्ग के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और जरूरतमंद लोगों के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने दावा किया कि इस कानून से दलित, गरीब और वंचित वर्ग के लोगों को लाभ मिलेगा।
योगी आदित्यनाथ रविवार को लखनऊ स्थित भागीदारी भवन में आयोजित भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर सम्मान अभियान के तहत आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने सामाजिक न्याय, संविधान, वंचित वर्गों के अधिकार और देश की सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।
वक्फ संपत्तियों पर कार्रवाई को लेकर सीएम योगी का बयान
मुख्यमंत्री ने कहा कि देशभर में वक्फ के नाम पर बड़ी मात्रा में जमीनों को लेकर विवाद रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब सरकार इन संपत्तियों की जांच और व्यवस्थाओं में सुधार की दिशा में कदम उठा रही है, तो कुछ लोगों द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि वहां तीन हिंदुओं की हत्या की घटना सामने आई। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है और किसी भी प्रकार की हिंसा को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि वक्फ संशोधन कानून से उन लोगों को फायदा होगा जो लंबे समय से विकास योजनाओं और सुविधाओं से दूर रहे हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, गरीब और जरूरतमंद लोगों को आवास, शिक्षा और अन्य सुविधाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण हो सकता है।
दलित और वंचित वर्गों के अधिकारों का किया जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को समान अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि दलित, पिछड़े और गरीब वर्गों को मजबूत बनाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।
उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल वोट बैंक की राजनीति के कारण भ्रम फैलाने का प्रयास करते हैं। योगी ने कहा कि सरकार का काम किसी समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि कानून के अनुसार व्यवस्था को मजबूत करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए और किसी भी व्यक्ति को जमीन या अन्य संसाधनों के नाम पर शोषण का सामना नहीं करना चाहिए।
बाबा साहेब आंबेडकर और जोगेंद्र नाथ मंडल का किया उल्लेख
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने हमेशा भारत की एकता और संविधान में विश्वास जताया था।
उन्होंने जोगेंद्र नाथ मंडल का जिक्र करते हुए कहा कि आजादी के समय कुछ नेताओं ने अलग रास्ते चुने, लेकिन बाद में उन्हें कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास से सीख लेकर देश की एकता और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना जरूरी है।
योगी ने कहा कि भारत में रहने वाले प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा और सम्मान सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का भी उल्लेख किया और कहा कि इसका उद्देश्य पड़ोसी देशों में प्रताड़ना झेल रहे लोगों को राहत देना है।
संविधान और राष्ट्रनायकों के सम्मान को लेकर विपक्ष पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सहित विपक्षी दलों पर राष्ट्रनायकों के सम्मान को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर और अन्य महापुरुषों के योगदान को सम्मान मिलना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ सरकारों ने पहले सामाजिक न्याय से जुड़े स्थलों और संस्थानों के महत्व को कम करने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महापुरुषों के नाम पर बने संस्थानों का सम्मान करना सभी की जिम्मेदारी है।
आंबेडकर और कांशीराम के योगदान का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर और कांशीराम जैसे नेताओं ने समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए लंबा संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि इन महापुरुषों के विचारों को आगे बढ़ाना जरूरी है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार संविधान और सामाजिक समानता के मूल्यों के आधार पर काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने जनप्रतिनिधियों को संविधान की मूल प्रति उपलब्ध कराई है, ताकि सभी लोग संवैधानिक मूल्यों को समझ सकें।
शिवाजी महाराज और सरदार पटेल का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में छत्रपति शिवाजी महाराज और सरदार वल्लभभाई पटेल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश के महान नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान का सम्मान किया जाना चाहिए।
योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि कुछ नेता राजनीतिक लाभ के लिए इतिहास और महापुरुषों के बारे में विवादित बयान देते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रनायकों के प्रति सम्मान बनाए रखना समाज की जिम्मेदारी है।
कार्यशाला में कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर सम्मान अभियान के तहत आयोजित इस कार्यशाला में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और प्रदेश सरकार के मंत्री शामिल हुए।
कार्यक्रम में भाजपा अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य, प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रमापति राम त्रिपाठी, डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय, समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण सहित कई जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी मौजूद रहे।
सामाजिक न्याय और विकास पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य समाज के सभी वर्गों तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि गरीब, दलित और वंचित वर्गों के लिए शिक्षा, रोजगार और सम्मानजनक जीवन के अवसर बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि संविधान देश के प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार देता है और सरकार इसी भावना के अनुरूप कार्य कर रही है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं से भी समाज के कमजोर वर्गों के बीच जाकर जागरूकता बढ़ाने की अपील की।



