UP: तेज बारिश में भी सीएम योगी का जनसंपर्क जारी, गोरखपुर में सुनीं लोगों की परेशानियां।

UP: तेज बारिश में भी सीएम योगी का जनसंपर्क जारी, गोरखपुर में सुनीं लोगों की परेशानियां।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को अपने गृहक्षेत्र गोरखपुर के दौरे पर रहे। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने के बावजूद मुख्यमंत्री ने अपने निर्धारित कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया। सुबह के समय तेज बारिश के बीच उन्होंने गोरखनाथ मंदिर परिसर में नियमित प्रातः भ्रमण किया और वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया। इसके बाद उन्होंने जनता दर्शन कार्यक्रम में हिस्सा लेकर बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों की समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

गोरखपुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री का पूरा कार्यक्रम पहले से तय था और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने सभी गतिविधियों को समयानुसार पूरा किया। स्थानीय लोगों के अनुसार, मुख्यमंत्री का यह दौरा प्रशासनिक समीक्षा के साथ-साथ आम नागरिकों से सीधे संवाद का अवसर भी रहा। जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से आए लोगों ने अपनी व्यक्तिगत और सार्वजनिक समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखा।

सुबह की सैर के दौरान व्यवस्थाओं का लिया जायजा

शनिवार सुबह गोरखपुर में लगातार बारिश हो रही थी, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निर्धारित समय पर गोरखनाथ मंदिर परिसर पहुंचे। उन्होंने परिसर में भ्रमण करते हुए साफ-सफाई, जल निकासी और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। बारिश के कारण कहीं भी जलभराव या अव्यवस्था न हो, इस पर भी उन्होंने संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया।

मुख्यमंत्री अक्सर गोरखपुर प्रवास के दौरान सुबह मंदिर परिसर में पैदल भ्रमण करते हैं। इस दौरान वे स्थानीय लोगों, मंदिर प्रशासन और अधिकारियों से भी बातचीत करते हैं। कई बार वे मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश देकर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर जोर देते हैं।

जनता दर्शन में बड़ी संख्या में पहुंचे फरियादी

प्रातः भ्रमण के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां विभिन्न जिलों से आए लोगों ने अपनी शिकायतें और समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और दिव्यांग भी पहुंचे, जिन्होंने अपनी व्यक्तिगत और सामाजिक समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री प्रत्येक व्यक्ति की शिकायत को ध्यानपूर्वक सुनते दिखाई दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और हर मामले की निष्पक्ष जांच कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

राजस्व और जमीन से जुड़े मामलों की रही अधिकता

जनता दर्शन में सबसे अधिक शिकायतें राजस्व विभाग और भूमि विवादों से संबंधित देखने को मिलीं। कई लोगों ने जमीन की पैमाइश, कब्जा, नामांतरण, सीमांकन और राजस्व रिकॉर्ड से जुड़े मामलों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे मामलों का कानून के अनुसार पारदर्शी तरीके से निस्तारण किया जाए और किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो।

उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि राजस्व से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी लोगों की परेशानियां बढ़ाती है। इसलिए लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर उनका शीघ्र समाधान किया जाना चाहिए।

पुलिस से संबंधित शिकायतों पर भी दिए निर्देश

कार्यक्रम में पुलिस विभाग से जुड़ी शिकायतें भी बड़ी संख्या में सामने आईं। कुछ लोगों ने स्थानीय स्तर पर कार्रवाई न होने, जांच में देरी या अन्य प्रशासनिक समस्याओं की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। मुख्यमंत्री ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को निष्पक्ष कार्रवाई करने और शिकायतकर्ताओं को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगवाने के निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि कानून व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए जनता की शिकायतों पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई होना आवश्यक है। यदि किसी मामले में जांच की आवश्यकता है तो उसे निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए।

स्वास्थ्य, आर्थिक सहायता और जनकल्याण योजनाओं से जुड़े मामलों पर भी हुई सुनवाई

जनता दर्शन कार्यक्रम में कई लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर भी पहुंचे। कुछ लोगों ने सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलने, चिकित्सा सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लंबित मामलों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा कि गंभीर मरीजों के मामलों में आवश्यक प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जाए ताकि इलाज में किसी प्रकार की बाधा न आए। जरूरतमंद लोगों को समय पर सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की हिदायत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन के दौरान मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समाधान पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी मामले में कई विभाग जुड़े हों तो आपसी समन्वय बनाकर समय पर कार्रवाई की जाए।

जनता से सीधे संवाद की परंपरा लगातार जारी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लंबे समय से जनता दर्शन कार्यक्रम के माध्यम से लोगों से सीधे संवाद करते रहे हैं। मुख्यमंत्री बनने से पहले सांसद के रूप में भी वे नियमित रूप से लोगों की समस्याएं सुनते थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उन्होंने इस व्यवस्था को जारी रखा है और गोरखपुर प्रवास के दौरान स्वयं लोगों से मिलकर शिकायतें सुनते हैं।

जनता दर्शन कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रखने का अवसर उपलब्ध कराना है। इससे कई ऐसे मामलों की जानकारी भी मिलती है, जो स्थानीय स्तर पर लंबे समय से लंबित होते हैं। संबंधित विभागों को मौके पर ही निर्देश मिलने से शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया तेज होने की संभावना बढ़ जाती है।

गोरखनाथ मंदिर से जुड़ा है मुख्यमंत्री का विशेष संबंध

गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है। वे गोरखनाथ मंदिर के महंत भी हैं और समय-समय पर यहां प्रवास करते हैं। मंदिर परिसर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के साथ-साथ जनता दर्शन भी उनकी नियमित गतिविधियों का हिस्सा माना जाता है।

गोरखनाथ मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मुख्यमंत्री के गोरखपुर प्रवास के दौरान प्रशासन सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विशेष तैयारी करता है ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

बारिश के बीच प्रशासनिक सक्रियता बनी रही

तेज बारिश के बावजूद मुख्यमंत्री का पूरा कार्यक्रम निर्धारित समय के अनुसार संचालित हुआ। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच भी प्रशासनिक गतिविधियां प्रभावित न हों, इसके लिए स्थानीय अधिकारियों ने आवश्यक इंतजाम किए। जनता दर्शन कार्यक्रम भी निर्धारित समय पर आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी समस्याएं दर्ज कराईं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह भी कहा कि बारिश के मौसम में जलभराव, सड़क क्षति, बिजली आपूर्ति और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर विशेष नजर रखी जाए। जिन क्षेत्रों में लगातार वर्षा हो रही है, वहां राहत एवं आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

समयबद्ध समाधान पर दिया विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी शिकायत का समाधान केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए। संबंधित विभाग शिकायतों की नियमित समीक्षा करें और तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई पूरी करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि किसी मामले में अतिरिक्त जांच की आवश्यकता हो तो भी शिकायतकर्ता को उसकी प्रगति की जानकारी समय-समय पर दी जाए।

गोरखपुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री का मुख्य फोकस आम नागरिकों की समस्याओं को सुनना, विभागीय अधिकारियों को जवाबदेही का संदेश देना और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर रहा। जनता दर्शन कार्यक्रम में आए लोगों को अधिकारियों द्वारा आवश्यक कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया गया, जबकि संबंधित विभागों को लंबित मामलों पर प्राथमिकता से काम करने के निर्देश दिए गए।

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