विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) के अगले सीजन को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने तैयारियां तेज कर दी हैं। लीग के पांचवें सीजन की शुरुआत 14 जनवरी 2027 से होगी और इसका समापन 7 फरवरी को किया जाएगा। पांच टीमों वाली इस प्रतियोगिता के लिए खिलाड़ियों की नीलामी 28 अक्टूबर को होगी। मौजूदा खिलाड़ियों को रिटेन करने की आखिरी तारीख 28 सितंबर तय की गई है।
WPL के साथ इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के अगले सीजन की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। खास बात यह है कि IPL का मिनी ऑक्शन तीन साल बाद एक बार फिर भारत में आयोजित किया जाएगा। हालांकि, BCCI ने अभी नीलामी की तारीख और शहर की घोषणा नहीं की है। मंगलवार को हुई IPL गवर्निंग काउंसिल की बैठक में भारत में ही मिनी ऑक्शन कराने का फैसला लिया गया।
2023 में कोच्चि में ऑक्शन होने के बाद लगातार तीन साल भारत के बाहर नीलामी हुई। 2024 में दुबई, 2025 में जेद्दा और 2026 में अबू धाबी ने IPL ऑक्शन की मेजबानी की थी। अब विदेशी आयोजन से जुड़ी लॉजिस्टिक चुनौतियों के बीच BCCI ने नीलामी को भारत वापस लाने का फैसला किया है।
IPL ऑक्शन के लिए शहर चुनना चुनौती
BCCI के सामने अब IPL मिनी ऑक्शन के लिए उपयुक्त शहर और तारीख तय करने की चुनौती है। आयोजन स्थल तय करते समय बोर्ड फ्रेंचाइजियों और उनके प्रतिनिधिमंडल के ठहरने की व्यवस्था को भी खास महत्व देगा।
अक्टूबर से दिसंबर के बीच भारत में शादी का सीजन रहता है। इस दौरान बड़े शहरों के पांच सितारा होटलों में कमरों की मांग काफी बढ़ जाती है। ऐसे में BCCI को ऐसा शहर चुनना होगा जहां टीमों के अधिकारियों और प्रतिनिधियों के लिए पर्याप्त कमरे आसानी से उपलब्ध हो सकें।
ऑक्शन के लिए बोर्ड को दो रातों के ठहराव के दौरान 100 से ज्यादा कमरों की जरूरत पड़ती है। इसलिए होटल की उपलब्धता भी वेन्यू तय करने में बड़ा फैक्टर हो सकती है। फिलहाल BCCI संभावित शहरों और तारीखों पर विचार कर रहा है।
विदेश में ऑक्शन से फ्रेंचाइजियों को हुई दिक्कत
IPL मिनी ऑक्शन को भारत में वापस लाने के फैसले में फ्रेंचाइजियों की राय भी अहम रही है। पिछले कुछ वर्षों में विदेशी शहरों में ऑक्शन कराने के दौरान टीमों को अपने बड़े डेलिगेशन को विदेश ले जाने से जुड़ी कई लॉजिस्टिक और ऑपरेशनल परेशानियों का सामना करना पड़ा।
टीम अधिकारियों, कोचिंग स्टाफ और सपोर्ट स्टाफ की यात्रा, होटल में ठहरने और अन्य व्यवस्थाओं के कारण अतिरिक्त चुनौतियां सामने आती हैं। पिछले साल अबू धाबी में हुए ऑक्शन के दौरान भी फ्रेंचाइजियों की ओर से इस तरह की चिंताएं सामने आई थीं।
इसके बाद IPL गवर्निंग काउंसिल ने इस साल के मिनी ऑक्शन के लिए भारत में ही जगह तलाशने का फैसला किया। अब यह तय हो चुका है कि आगामी मिनी ऑक्शन देश में ही होगा।
2027 में मिनी ऑक्शन, 2028 में मेगा ऑक्शन
IPL के अगले दो ऑक्शन भी काफी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। 2027 में मिनी ऑक्शन होगा, जबकि 2028 में मेगा ऑक्शन प्रस्तावित है। मिनी ऑक्शन आमतौर पर दिसंबर में कराया जाता है, लेकिन 2027 के आयोजन की सटीक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।
2028 में होने वाले मेगा ऑक्शन को लेकर भी अंतिम फैसला बाकी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसे दोबारा भारत के बाहर आयोजित करने का विकल्प रखा जा सकता है। हालांकि फिलहाल बोर्ड का ध्यान 2027 के मिनी ऑक्शन की तैयारियों पर है।
इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर फैसला अभी बाकी
IPL के अगले सीजन को लेकर इम्पैक्ट प्लेयर नियम भी चर्चा में है। मंगलवार को हुई गवर्निंग काउंसिल की बैठक में इस नियम को लेकर अंतिम फैसला नहीं लिया गया।
BCCI ने सभी 10 IPL फ्रेंचाइजियों से इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर लिखित फीडबैक मांगा था। टीमों की राय मिलने के बाद बोर्ड अब आगे की रणनीति तय करेगा। बताया जा रहा है कि ज्यादातर फ्रेंचाइजियां इस नियम के मौजूदा स्वरूप के पक्ष में नहीं हैं।
कुछ टीमों का कहना है कि उन्होंने मौजूदा नियम को ध्यान में रखते हुए अपनी स्क्वॉड तैयार की है। ऐसे में अगर इसे तुरंत खत्म किया जाता है तो टीम संयोजन और रणनीति प्रभावित हो सकती है। इसलिए इस मुद्दे पर फैसला अगले साल तक टाला जा सकता है।
करीब एक महीने बाद IPL गवर्निंग काउंसिल की फिर बैठक होगी। इसमें इम्पैक्ट प्लेयर नियम को जारी रखने, उसमें बदलाव करने या पूरी तरह हटाने पर फैसला लिया जा सकता है।
इम्पैक्ट प्लेयर नियम से क्या बदलता है?
इम्पैक्ट प्लेयर नियम के तहत टीम मैच के दौरान अपने एक अतिरिक्त खिलाड़ी को मैदान पर उतार सकती है। इससे टीमों को मैच की परिस्थितियों के अनुसार प्लेइंग कॉम्बिनेशन बदलने का विकल्प मिलता है।
इस नियम के समर्थकों का कहना है कि इससे टीमों की बल्लेबाजी में गहराई बढ़ती है और गेंदबाजी के अतिरिक्त विकल्प मिलते हैं। इसके चलते मुकाबलों में बड़े स्कोर और रणनीतिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
वहीं, नियम के विरोध में यह तर्क दिया जाता है कि अतिरिक्त खिलाड़ी उपलब्ध होने से विशेषज्ञ बल्लेबाज और गेंदबाजों का इस्तेमाल बढ़ता है, जिससे ऑलराउंडरों की भूमिका प्रभावित हो सकती है। इसी कारण IPL में इम्पैक्ट प्लेयर नियम लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।
WPL 2027 की तैयारियां भी तेज
IPL के साथ BCCI WPL 2027 की तैयारियों में भी जुटा है। पांच टीमों वाली इस लीग का ऑक्शन 28 अक्टूबर को होगा। खिलाड़ियों को रिटेन करने की अंतिम तारीख 28 सितंबर रखी गई है।
WPL 2027 का आयोजन 14 जनवरी से 7 फरवरी तक होगा। मुंबई का ब्रेबॉर्न स्टेडियम प्रमुख वेन्यू में शामिल है। इसके अलावा वडोदरा के कोटाम्बी स्टेडियम और वाराणसी के नए क्रिकेट स्टेडियम को भी संभावित आयोजन स्थलों के तौर पर देखा जा रहा है।
वाराणसी के नए स्टेडियम का निरीक्षण करेगा BCCI
वाराणसी में बने नए स्टेडियम को लेकर BCCI की क्रिकेट ऑपरेशंस टीम निरीक्षण करेगी। टीम मैदान की सुविधाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैच आयोजित कराने की तैयारियों का जायजा लेगी।
अगर स्टेडियम जनवरी 2027 तक पूरी तरह तैयार हो जाता है तो WPL के कुछ मुकाबले यहां आयोजित किए जा सकते हैं। नए मैदान को बड़े टूर्नामेंट के लिए इस्तेमाल करने से पहले घरेलू या अभ्यास मैच कराने का विकल्प भी मौजूद रहेगा।
बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम का नाम भी संभावित वेन्यू के रूप में चर्चा में आया था। हालांकि वहां मैच कराने के लिए स्थानीय प्रशासन और अन्य संबंधित अधिकारियों से कई मंजूरियां लेनी पड़ सकती हैं।
ब्रेबॉर्न में दो बार हो चुका WPL फाइनल
मुंबई का ब्रेबॉर्न स्टेडियम WPL के इतिहास में खास जगह रखता है। टूर्नामेंट के पहले सीजन 2023 और 2025 के फाइनल इसी मैदान पर खेले गए थे।
हालांकि पिछले सीजन में नई फ्लडलाइट्स लगाने के काम के कारण ब्रेबॉर्न में WPL के मुकाबले नहीं हुए थे। अब 2027 सीजन के लिए इसे फिर प्रमुख वेन्यू के रूप में देखा जा रहा है।
2026-27 रणजी ट्रॉफी में भी ब्रेबॉर्न रेलवे के घरेलू मैदानों में शामिल रहेगा। रेलवे यहां तीन मुकाबले खेलेगी। वहीं ब्रेबॉर्न और वडोदरा का कोटाम्बी स्टेडियम फरवरी 2027 में होने वाली पहली छह टीमों की ICC विमेंस चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी भी करेंगे।
महिला चैंपियंस ट्रॉफी की भी होगी तैयारी
WPL 2027 के समाप्त होने के कुछ ही दिनों बाद महिला क्रिकेट का एक और बड़ा आयोजन शुरू होगा। 14 से 28 फरवरी 2027 के बीच छह टीमों की पहली ICC विमेंस चैंपियंस ट्रॉफी आयोजित की जानी है।
इस टूर्नामेंट के मुकाबलों के लिए ब्रेबॉर्न और वडोदरा के कोटाम्बी स्टेडियम को मेजबानी की जिम्मेदारी मिलने की बात सामने आई है। 2026 WPL का फाइनल भी कोटाम्बी में खेला गया था, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने दिल्ली कैपिटल्स को छह विकेट से हराया था।
एक के बाद एक बड़े आयोजन, BCCI का शेड्यूल व्यस्त
आने वाले महीनों में BCCI के सामने कई बड़े आयोजनों की तैयारियां होंगी। पहले IPL और WPL के ऑक्शन होंगे। इसके बाद जनवरी में WPL 2027 खेला जाएगा और फरवरी में महिला चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन होगा।
इसी दौरान IPL 2027 के मिनी ऑक्शन के लिए शहर और तारीख तय करना, फ्रेंचाइजियों के प्रतिनिधिमंडल के ठहरने की व्यवस्था करना और इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर अंतिम फैसला लेना भी बोर्ड के एजेंडे में रहेगा।
इस तरह अगले कुछ महीने BCCI के लिए नीलामी, घरेलू आयोजन और अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट की मेजबानी के लिहाज से काफी व्यस्त रहने वाले हैं।




