अनिल विज का अधिकारियों को अल्टीमेटम: जनसुनवाई की हर शिकायत पर सात दिन में कार्रवाई जरूरी

अनिल विज का अधिकारियों को अल्टीमेटम: जनसुनवाई की हर शिकायत पर सात दिन में कार्रवाई जरूरी

अंबाला छावनी में मंत्री ने लगाई अधिकारियों की क्लास, सरकारी जमीन पर अवैध बिजली कनेक्शन और एनडीसी में कथित गड़बड़ी की जांच के लिए कमेटियां गठित करने के निर्देश

लंबित शिकायतों पर जताई नाराजगी, कहा- कानून के अनुसार काम करें अधिकारी, लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई

अंबाला। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि जनसुनवाई के दौरान उनके संज्ञान में लाई जाने वाली समस्याओं का समाधान सात दिनों यानी एक सप्ताह के भीतर किया जाना चाहिए। शिकायतों को लंबित रखने और फरियादियों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगवाने की प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगली जनसुनवाई में वही शिकायतकर्ता दोबारा अपनी समस्या लेकर नहीं आना चाहिए, बल्कि संबंधित अधिकारी उसे तय समय में हल करके इसकी जानकारी उपलब्ध कराएं।

अनिल विज ने अंबाला छावनी स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में जनसुनवाई के दौरान लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने बिजली, नगर निगम, नगर परिषद, परिवहन, श्रम, राजस्व और पुलिस विभाग से जुड़ी शिकायतों पर अधिकारियों से जवाब मांगा। कई मामलों में अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं का समाधान करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है और इसमें किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

सरकारी जमीन पर अवैध बिजली कनेक्शन का मामला उठा

जनसुनवाई में सरकारी जमीन पर कथित रूप से अवैध बिजली कनेक्शन दिए जाने का मामला प्रमुखता से उठाया गया। एक शिकायतकर्ता ने मंत्री को बताया कि संबंधित जमीन पर अवैध तरीके से बिजली का कनेक्शन लगाया गया है। उसने अपने दावे के समर्थन में वर्ष 1960 की जमाबंदी की प्रति और वर्ष 1963 का नक्शा भी प्रस्तुत किया।

शिकायतकर्ता के अनुसार, संबंधित जमीन पहले पंचायत के नाम थी और बाद में नगर निगम के अधीन आ गई। उसने यह भी बताया कि इस जमीन से संबंधित मामला लोकायुक्त न्यायालय में विचाराधीन है। इसके अलावा नगर निगम की ओर से कथित रूप से फर्जी अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनडीसी) जारी किए जाने का आरोप भी लगाया गया।

शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया कि यदि जमीन सरकारी है तो वहां बिजली का कनेक्शन किस आधार पर दिया गया। उसने पूरे मामले की जांच करवाकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

शिकायत सुनने के बाद अनिल विज ने फरियादी को सभी दस्तावेजों के साथ लिखित आवेदन देने को कहा। उन्होंने आवेदन और दस्तावेज मिलने के बाद मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया। साथ ही उपायुक्त को तत्काल निर्देश दिए कि इस प्रकरण की पूरी जांच के लिए एक कमेटी गठित की जाए और दस्तावेजों के आधार पर तथ्यों की पड़ताल करवाई जाए।

विज ने सख्त लहजे में कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा नाम अनिल विज है और जो भी कानून के मुताबिक इस मामले में दोषी होगा, चाहे वह कितना ही बड़ा व्यक्ति क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।’’

नगर निगम आयुक्त के खिलाफ शिकायत पर मुख्य सचिव को निर्देश

जनसुनवाई में नगर निगम अंबाला की कार्यप्रणाली को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए। एक शिकायतकर्ता ने नगर निगम आयुक्त के विरुद्ध आरोप लगाते हुए कहा कि एनडीसी जारी करने के नाम पर कथित रूप से कमाई की जा रही है। उसने अंबाला में भ्रष्टाचार की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि भ्रष्टाचार की समस्या बहुत गंभीर रूप ले चुकी है।

शिकायतकर्ता ने मांग की कि नगर निगम आयुक्त को सार्वजनिक लोगों से सीधे जुड़े कार्यों यानी पब्लिक डीलिंग से हटाया जाए। मामले को गंभीरता से लेते हुए अनिल विज ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि शिकायत की जांच के लिए एक कमेटी गठित की जाए। उन्होंने कहा कि आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।

बिजली विभाग के अधिकारियों को कड़ी चेतावनी

बिजली विभाग से जुड़ी शिकायतों पर अनिल विज ने अधिकारियों के प्रति कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जब तक बिजली विभाग उनके पास है, तब तक अधिकारियों को कानून के अनुसार काम करना होगा। किसी भी शिकायत को अनदेखा करना या कार्रवाई में अनावश्यक देरी करना स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने फतेहाबाद के अधीक्षक अभियंता को निर्देश देते हुए कहा कि यदि उनसे काम नहीं हो रहा है तो उनकी जगह किसी अन्य अधिकारी को जिम्मेदारी दी जा सकती है। विज ने संबंधित अधिकारी को सात दिनों के भीतर कार्रवाई करके रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो अधिकारी के खिलाफ भी कदम उठाए जाएंगे।

बिजली के बिलों से संबंधित शिकायतों पर भी मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत पर एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई की जाए और फरियादी को इसकी जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि अगली जनसुनवाई में संबंधित शिकायतकर्ता को दोबारा उसी समस्या के साथ उपस्थित होने की नौबत नहीं आनी चाहिए।

बंद स्ट्रीट लाइटों को ठीक करने के निर्देश

जनसुनवाई के दौरान कलरहेड़ी से पंजोखरा साहिब और तोपखाना से पंजोखरा साहिब तक लगी स्ट्रीट लाइटों के बंद होने की समस्या भी सामने आई। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि इन मार्गों पर लाइटें ठीक से काम नहीं कर रही हैं, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इस पर संबंधित अधिकारी ने मंत्री को बताया कि कुछ खराब लाइटों को ठीक कर दिया गया है और बाकी खराब लाइटों की पहचान करके उन्हें भी दुरुस्त कर दिया जाएगा। विज ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि संबंधित मार्गों पर प्रकाश की व्यवस्था सुचारू बनी रहे।

ईएसआई की एएनएम और रोडवेज कर्मचारियों के भुगतान पर समयसीमा

जनसुनवाई में ईएसआई में कार्यरत एएनएम के वेतन का मुद्दा भी उठाया गया। इस पर अनिल विज ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कर्मचारियों का लंबित वेतन एक सप्ताह के भीतर जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को उनके काम का भुगतान समय पर मिलना चाहिए और वेतन संबंधी मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाना चाहिए।

हरियाणा रोडवेज से सेवानिवृत्त कर्मचारियों के चिकित्सा बिलों की राशि के भुगतान से संबंधित शिकायतों पर भी मंत्री ने संज्ञान लिया। उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग को पहले ही निर्देश दिए गए हैं कि इस प्रकार के सभी लंबित मामलों का जल्द से जल्द निपटान किया जाए।

इसके साथ ही रोडवेज के एक कर्मचारी के चिकित्सा बिलों की अदायगी अगले सात दिनों में करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। विज ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि सेवानिवृत्त और कार्यरत कर्मचारियों के भुगतान से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता बरती जानी चाहिए।

इंतकाल और नगर परिषद की लंबित शिकायतों पर नाराजगी

राजस्व विभाग से संबंधित एक महिला इंतकाल की समस्या लेकर जनसुनवाई में पहुंची। उसकी शिकायत सुनने के बाद अनिल विज ने संबंधित एसडीएम को मामले का समाधान करने के निर्देश दिए।

वहीं, नगर परिषद की कार्यप्रणाली को लेकर भी मंत्री ने नाराजगी जताई। वार्ड नंबर 15 से आए एक फरियादी ने बताया कि उसने करीब पांच वर्ष पहले अपनी समस्या के समाधान के लिए आवेदन दिया था, लेकिन आज तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इतने लंबे समय तक शिकायत लंबित रहने पर विज ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया और एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई करने को कहा।

उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में लोगों के आवेदन वर्षों तक लंबित रहना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी कर्मचारी की जानबूझकर की गई लापरवाही सामने आई तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विज ने कहा, ‘‘मैं ऐसे दोषी कर्मी को छोड़ूंगा नहीं।’’

पुलिस मामलों में तेजी लाने और समन्वय समिति बनाने के निर्देश

जनसुनवाई में पुलिस और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामले भी उठाए गए। इनमें चेन छीनने की वारदातों सहित विभिन्न आपराधिक घटनाओं की शिकायतें शामिल थीं। अनिल विज ने पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए कि अलग-अलग मामलों में चल रही जांच को तेज किया जाए और अपराधियों के संबंध में उपलब्ध जानकारी साझा की जाए।

उन्होंने कहा कि आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विभागों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। इसके लिए जिले में एक समर्पित समन्वय समिति गठित करने के निर्देश दिए गए, ताकि अपराध की रोकथाम और वारदातों में कमी लाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा सके।

विज ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों और जांच से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी न हो। अपराधियों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए विभागीय स्तर पर प्रभावी समन्वय बनाया जाए।

अन्य विभागों की शिकायतों पर भी कार्रवाई के आदेश

जनसुनवाई में श्रम विभाग से संबंधित समस्याओं के अलावा बिजली के खंभे लगाने और हटवाने, सबस्टेशन की तारों को ले जाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तलाशने तथा सोलर मीटर उपलब्ध न होने जैसी शिकायतें भी सामने आईं। मंत्री ने इन सभी मामलों में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। विभागीय अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध निपटान सुनिश्चित करना होगा। जनसुनवाई का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब लोगों को मौके पर सुनवाई के साथ वास्तविक समाधान भी मिले।

अनिल विज ने अधिकारियों को दो टूक कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय की जाएगी। जिस अधिकारी या कर्मचारी के स्तर पर शिकायत लंबित रहने या लापरवाही की पुष्टि होगी, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जनसुनवाई के दौरान अंबाला छावनी की एसडीएम कनिका गोयल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।