आईआईटी रोपड़ में INNOPreneur 2026 कार्यक्रम में पहुंचे भाजपा सांसद ने कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और नशे के मुद्दे पर भगवंत मान सरकार को घेरा
रूपनगर। भाजपा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए प्रदेश में नशे, गैंगवार, भ्रष्टाचार और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी ने पंजाब को नशा मुक्त, चिट्टा मुक्त, गैंगवार मुक्त और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद इन वादों को पूरा करने में सरकार नाकाम रही है। उनके अनुसार, प्रदेश में जिन समस्याओं को समाप्त करने का भरोसा दिया गया था, वे आज भी चुनौती बनी हुई हैं और कई मामलों में स्थिति पहले से अधिक चिंताजनक दिखाई दे रही है।
अनुराग ठाकुर रूपनगर स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रोपड़ में आयोजित INNOPreneur 2026 कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम में भाग लेने के बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए पंजाब के राजनीतिक और सामाजिक हालात पर अपनी प्रतिक्रिया दी। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पंजाब जैसे सीमावर्ती राज्य में सुरक्षा, नशे पर नियंत्रण और प्रशासनिक जवाबदेही सबसे महत्वपूर्ण विषय होने चाहिए, लेकिन सरकार इन मोर्चों पर अपेक्षित परिणाम देने में सफल नहीं रही है।
नशे के खिलाफ वादों पर सरकार को घेरा
भाजपा सांसद ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने चुनाव के दौरान पंजाब की जनता के सामने नशे के कारोबार को जड़ से समाप्त करने का वादा रखा था। युवाओं को नशे से बचाने, नशा तस्करी पर लगाम लगाने और प्रदेश में चिट्टे के नेटवर्क को खत्म करने की बात कही गई थी। इन वादों के आधार पर जनता ने पार्टी को सत्ता सौंपी, लेकिन आज भी नशे का मुद्दा पंजाब के सामने बड़ी चुनौती बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर प्रदेश के युवाओं, परिवारों और सामाजिक ढांचे पर पड़ता है। यदि युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में आती है तो इसका नुकसान केवल एक परिवार को नहीं, बल्कि पूरे समाज और राज्य के भविष्य को उठाना पड़ता है। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह नशे के खिलाफ ठोस और प्रभावी कार्रवाई करे।
अनुराग ठाकुर ने सवाल उठाया कि जब सरकार ने नशा खत्म करने का संकल्प लेकर सत्ता हासिल की थी, तो फिर इस दिशा में अपेक्षित सफलता क्यों नहीं मिल रही है? उन्होंने कहा कि केवल घोषणाओं, अभियानों और दावों से नशे की समस्या का समाधान नहीं हो सकता। इसके लिए तस्करी के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई, जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए व्यापक प्रयास जरूरी हैं।
गैंगवार और असुरक्षा का मुद्दा उठाया
पंजाब में गैंगवार और आपराधिक घटनाओं का जिक्र करते हुए भाजपा सांसद ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पुलिसकर्मियों, व्यापारियों, खिलाड़ियों और गायकों तक की सुरक्षा को लेकर चिंताएं सामने आ रही हैं। उनका कहना था कि जब समाज के अलग-अलग वर्गों के लोग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे, तो सरकार को अपनी कानून-व्यवस्था की स्थिति का गंभीरता से आकलन करना चाहिए।
उन्होंने सवाल किया कि यदि पुलिसकर्मी, व्यापारी, खिलाड़ी और कलाकार ही सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं, तो आम नागरिकों की स्थिति क्या होगी? किसी भी राज्य में विकास और निवेश के लिए सुरक्षित वातावरण का होना जरूरी है। व्यापारी तभी कारोबार का विस्तार कर सकते हैं, जब उन्हें अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा का भरोसा हो। इसी तरह खिलाड़ियों और कलाकारों को भी बिना किसी भय के अपने क्षेत्र में काम करने का अवसर मिलना चाहिए।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि पंजाब की पहचान मेहनती लोगों, खेल प्रतिभाओं, उद्यमियों और सांस्कृतिक विरासत से रही है। ऐसे प्रदेश में यदि अपराध और गैंगवार की घटनाओं को लेकर लगातार चिंता बनी रहती है, तो यह राज्य की छवि और भविष्य दोनों के लिए गंभीर विषय है। उन्होंने सरकार से पूछा कि आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए क्या प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं और जनता को सुरक्षा का भरोसा कैसे दिलाया जाएगा।
नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा पर भी सवाल
भाजपा सांसद ने नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले लोगों पर कथित हमलों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जो लोग अपने क्षेत्र और समाज को नशे से बचाने के लिए आवाज उठा रहे हैं, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले लोगों को ही हमलों का सामना करना पड़े, तो इससे कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी विभागों या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें समाज, परिवारों, युवाओं और सामाजिक संगठनों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कई बार स्थानीय स्तर पर लोग आगे आकर नशे के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाते हैं और युवाओं को इस बुराई से बचाने का प्रयास करते हैं। ऐसे लोगों को संरक्षण देने के बजाय यदि वे खुद असुरक्षित महसूस करें, तो इससे सामाजिक भागीदारी कमजोर हो सकती है।
उन्होंने सरकार से अपेक्षा जताई कि नशे के खिलाफ काम करने वाले लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और उनकी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।
मुख्यमंत्री की ईमानदारी के प्रचार पर कसा तंज
मुख्यमंत्री भगवंत मान की ईमानदारी को लेकर लगाए जा रहे पोस्टरों और होर्डिंग्स पर टिप्पणी करते हुए अनुराग ठाकुर ने सरकार की प्रचार नीति पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि किसी मुख्यमंत्री को अपनी ईमानदारी का प्रचार पोस्टरों और होर्डिंग्स के माध्यम से करना पड़ रहा है, तो यह अपने आप में सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
उनका कहना था कि किसी भी सरकार की विश्वसनीयता उसके प्रचार से नहीं, बल्कि उसके कामकाज, फैसलों और जनता को मिलने वाले परिणामों से तय होती है। सरकार की ईमानदारी का आकलन इस बात से होना चाहिए कि प्रशासन कितना पारदर्शी है, भ्रष्टाचार पर कितनी कार्रवाई हो रही है और आम लोगों को सरकारी सुविधाओं का लाभ किस तरह मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि जनता ने सरकार को बड़ी उम्मीदों के साथ जिम्मेदारी सौंपी थी। ऐसे में सरकार को अपने कार्यकाल के दौरान किए गए कामों का हिसाब देना चाहिए। केवल प्रचार के जरिए अपनी छवि बेहतर बनाने से जनता के सवालों का जवाब नहीं दिया जा सकता।
तलवंडी मोर्चे को लेकर भी सरकार से मांगा जवाब
अनुराग ठाकुर ने तलवंडी मोर्चे का उल्लेख करते हुए भी राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि संबंधित लोगों तक पहुंचने और उनकी समस्याओं पर कार्रवाई करने में सरकार को इतना समय क्यों लगा। उनके अनुसार, किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों की शिकायतों और मांगों को समय पर सुनना सरकार की जिम्मेदारी होती है।
उन्होंने कहा कि जब कोई मुद्दा लंबे समय तक बना रहता है और लोगों को अपनी बात रखने के लिए लगातार प्रयास करने पड़ते हैं, तो प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठना स्वाभाविक है। सरकार को ऐसे मामलों में समय रहते संवाद स्थापित करना चाहिए, ताकि स्थिति अनावश्यक रूप से गंभीर न हो।
भाजपा सांसद ने संकेत दिया कि सरकार को जनहित से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशीलता दिखानी चाहिए और लोगों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करना चाहिए।
भाजपा का लक्ष्य नशा मुक्त और विकसित पंजाब
पंजाब में भाजपा की राजनीतिक रणनीति पर बात करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि पार्टी का उद्देश्य प्रदेश को नशे से मुक्त करना और विकास की राह पर आगे ले जाना है। उन्होंने कहा कि पंजाब के पास कृषि, उद्योग, शिक्षा, खेल और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं। जरूरत इस बात की है कि प्रदेश को सुरक्षित वातावरण, बेहतर प्रशासन और विकासोन्मुख नीतियां उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है। यहां के युवा देश और दुनिया में अपनी मेहनत तथा क्षमता के दम पर पहचान बना रहे हैं। ऐसे में राज्य सरकार को युवाओं के लिए रोजगार, शिक्षा, खेल और उद्यमिता के अवसर बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। नशे और अपराध जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण के बिना विकास की गति को तेज करना मुश्किल होगा।
आईआईटी रोपड़ में आयोजित INNOPreneur 2026 कार्यक्रम का संदर्भ देते हुए उन्होंने उद्यमिता और नवाचार के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थान नए विचारों, तकनीक और स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पंजाब में भी ऐसे प्रयासों को बढ़ावा देने की जरूरत है, ताकि यहां के युवा नौकरी तलाशने के साथ-साथ रोजगार देने वाले उद्यमी भी बन सकें।
राहुल गांधी के दौरे पर भी साधा निशाना
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पंजाब दौरे को लेकर पूछे गए सवाल पर अनुराग ठाकुर ने राजनीतिक टिप्पणी करते हुए दावा किया कि राहुल गांधी जहां भी जाते हैं, वहां भाजपा को चुनावी सफलता मिलती है। उन्होंने इसे पंजाब में भाजपा के लिए सकारात्मक संकेत बताते हुए कहा कि पार्टी राज्य में भी अपनी सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है।
उनकी इस टिप्पणी को पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर भाजपा के राजनीतिक आत्मविश्वास और कांग्रेस पर निशाने के रूप में देखा जा रहा है। राहुल गांधी के दौरे और कांग्रेस की प्रस्तावित राजनीतिक गतिविधियों के बीच अनुराग ठाकुर ने भाजपा की चुनावी संभावनाओं को लेकर भरोसा जताया।
उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब को नशा मुक्त, सुरक्षित और विकसित प्रदेश बनाने के एजेंडे के साथ जनता के बीच जाएगी। पार्टी का प्रयास रहेगा कि युवाओं को बेहतर भविष्य मिले, व्यापारियों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध हो और प्रदेश में विकास की नई संभावनाएं पैदा हों।
कुल मिलाकर, आईआईटी रोपड़ के कार्यक्रम में भाग लेने के बाद अनुराग ठाकुर ने पंजाब की आप सरकार को नशे, गैंगवार, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर घेरते हुए आगामी राजनीतिक मुकाबले के लिए भाजपा का एजेंडा भी सामने रखा। उन्होंने दावा किया कि पंजाब की जनता बदलाव चाहती है और भाजपा प्रदेश को सुरक्षित तथा विकासशील बनाने के विकल्प के रूप में सामने आएगी। हालांकि, उनके सभी आरोप और राजनीतिक दावे भाजपा सांसद की ओर से लगाए गए आरोप हैं, जिन पर राज्य सरकार का पक्ष अलग हो सकता है।




