उद्योगों के विकास और रोजगार सृजन पर हरियाणा सरकार का जोर, व्यापारियों की समस्याओं के समाधान का भरोसा

उद्योगों के विकास और रोजगार सृजन पर हरियाणा सरकार का जोर, व्यापारियों की समस्याओं के समाधान का भरोसा

जालंधर में उद्योग एवं व्यापार जगत के प्रतिनिधियों से मिले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, भगवान वाल्मीकि प्रकट उत्सव पर भयमुक्त और नशामुक्त समाज बनाने का आह्वान

जालंधर। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि व्यापारियों और उद्योगपतियों की समस्याओं का समाधान करना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार का विशेष ध्यान निवेश बढ़ाने, उद्योगों का विस्तार करने, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को प्रोत्साहन देने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर है। उन्होंने व्यापार एवं औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाएगा और उनके समाधान के लिए सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रविवार को जालंधर में जिला व्यापार मंडल और जालंधर चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स की ओर से आयोजित कार्यक्रम में व्यापारियों तथा उद्योगपतियों के साथ संवाद कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने उद्योग जगत की भूमिका, निवेश को बढ़ावा देने और कारोबार के अनुकूल वातावरण तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि किसी भी प्रदेश की आर्थिक प्रगति में व्यापार और उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उद्योगों का विस्तार होने से न केवल आर्थिक गतिविधियों को गति मिलती है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं। इससे युवाओं को अपने क्षेत्र में काम करने के अवसर मिलते हैं और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।

उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल बनाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि उद्यमियों को कारोबार चलाने और उसका विस्तार करने के लिए अनुकूल वातावरण मिले। नए निवेशकों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ पहले से स्थापित उद्योगों की जरूरतों पर भी ध्यान देना आवश्यक है। व्यापारियों और उद्योगपतियों को यदि सुविधाजनक माहौल मिलता है तो वे नए क्षेत्रों में निवेश करने और अपने कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित होते हैं।

उन्होंने कहा कि उद्योग जगत की समस्याओं का समय पर समाधान होना जरूरी है। कारोबार से जुड़ी चुनौतियों को समझकर उनके अनुरूप कदम उठाने से निवेशकों का भरोसा मजबूत होता है। सरकार व्यापारियों और उद्यमियों के हितों को ध्यान में रखते हुए ऐसी पहल करने के पक्ष में है, जिनसे औद्योगिक गतिविधियों को गति मिले और आर्थिक विकास का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। उद्योगों में विस्तार होने से उत्पादन, सेवाओं और व्यापार से संबंधित गतिविधियां बढ़ती हैं। इसके साथ ही युवाओं के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने के अवसर पैदा होते हैं। इसलिए सरकार का प्रयास है कि निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने वाली नीतियों को आगे बढ़ाया जाए।

सिंगापुर और स्वीडन के दौरों में निवेश पर चर्चा

नायब सिंह सैनी ने बताया कि हाल ही में सिंगापुर और स्वीडन के दौरे के दौरान विदेशी निवेश तथा औद्योगिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। इन दौरों में निवेश की संभावनाओं और उद्योगों को प्रोत्साहित करने के उपायों पर विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस दौरान कई समझौतों पर हस्ताक्षर भी किए गए।

उन्होंने कहा कि वैश्विक निवेशकों के साथ संवाद का उद्देश्य प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और निवेश की नई संभावनाएं तलाशना है। विदेशी निवेश आने से औद्योगिक क्षेत्र में नई परियोजनाओं को गति मिल सकती है। इसके साथ ही तकनीक, उत्पादन और रोजगार से जुड़े अवसरों का विस्तार भी संभव होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार उद्योगों, एमएसएमई और निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न नीतिगत पहल कर रही है। औद्योगिक विकास के लिए बड़े उद्योगों के साथ छोटे और मध्यम उद्यमों को भी पर्याप्त अवसर देना जरूरी है। छोटे और मध्यम उद्यम स्थानीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं तथा बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका से जुड़े होते हैं।

औद्योगिक नीति-2026 से निवेश को प्रोत्साहन देने की पहल

मुख्यमंत्री ने हरियाणा की औद्योगिक नीति-2026 और एमएसएमई तथा निर्यात प्रोत्साहन से संबंधित पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनका उद्देश्य प्रदेश में निवेश आकर्षित करना, उद्यमियों को प्रोत्साहित करना और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।

उन्होंने कहा कि उद्योगों के विकास के लिए ऐसी नीतियों की आवश्यकता है, जो उद्यमियों को नए कारोबार शुरू करने और मौजूदा इकाइयों का विस्तार करने में मदद करें। एमएसएमई क्षेत्र को प्रोत्साहन मिलने से स्थानीय स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा मिल सकता है। इससे छोटे कारोबारियों को अपनी गतिविधियां बढ़ाने और नए बाजारों तक पहुंच बनाने के अवसर मिलते हैं।

निर्यात को प्रोत्साहित करना भी औद्योगिक विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। निर्यात बढ़ने से प्रदेश के उत्पादों को व्यापक बाजार मिल सकता है और उद्योगों की उत्पादन क्षमता का बेहतर उपयोग संभव होता है। मुख्यमंत्री ने व्यापार एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ संवाद के माध्यम से यह संदेश दिया कि सरकार औद्योगिक विकास को आर्थिक प्रगति और रोजगार सृजन से जोड़कर देख रही है।

भयमुक्त, नशामुक्त और खुशहाल समाज बनाने की अपील

जालंधर में भगवान वाल्मीकि प्रकट उत्सव के अवसर पर आयोजित तीर्थ यात्रा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आमजन से भयमुक्त, नशामुक्त और खुशहाल समाज के निर्माण में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सत्ता और शासन का मूल उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की सेवा करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज की प्रगति तभी सार्थक हो सकती है, जब विकास का लाभ हर वर्ग तक पहुंचे और जरूरतमंद लोगों को आगे बढ़ने के अवसर मिलें। शासन की जिम्मेदारी केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि लोगों को उनका लाभ मिले और समाज में सुरक्षा, समान अवसर तथा आपसी सहयोग की भावना मजबूत हो।

भगवान वाल्मीकि के संदेश का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि समाज में शांति और प्रगति के लिए सभी वर्गों का एकजुट रहना आवश्यक है। लोगों को एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनना चाहिए। सामाजिक एकता, आपसी सम्मान और सहयोग से ही ऐसा वातावरण तैयार किया जा सकता है, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति स्वयं को सुरक्षित और समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा महसूस करे।

उन्होंने कहा कि पंजाब को आज नैतिक मूल्यों और सामाजिक जागरूकता को मजबूत करने की जरूरत है। समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी से ही नशे जैसी समस्याओं का सामना किया जा सकता है और युवाओं को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के अवसर दिए जा सकते हैं।

युवाओं को नशे से बचाने और रोजगार से जोड़ने पर जोर

नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंजाब के युवाओं को नशे से बचाना और उन्हें अच्छी शिक्षा, कौशल विकास तथा रोजगार से जोड़ना उनके प्रति सच्ची श्रद्धा होगी। युवाओं की ऊर्जा का उपयोग समाज और प्रदेश के विकास में होना चाहिए। इसके लिए परिवार, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और प्रशासन को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है।

उन्होंने शिक्षा और कौशल विकास को युवाओं के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि रोजगार के अवसर उपलब्ध होने से युवा अपनी क्षमताओं का बेहतर उपयोग कर सकते हैं। कौशल आधारित प्रशिक्षण से उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में काम करने और आत्मनिर्भर बनने में मदद मिल सकती है।

मुख्यमंत्री के संबोधन में उद्योगों के विकास और सामाजिक सुधार के दोनों पहलुओं पर जोर दिखाई दिया। व्यापार एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से संवाद के दौरान उन्होंने निवेश, उद्यमिता और रोजगार को आर्थिक विकास के प्रमुख आधारों के रूप में प्रस्तुत किया। वहीं, भगवान वाल्मीकि प्रकट उत्सव के कार्यक्रम में उन्होंने सामाजिक एकता, नशामुक्ति और युवाओं के भविष्य को प्राथमिकता देने की अपील की।

उन्होंने कहा कि समाज को खुशहाल बनाने के लिए आर्थिक प्रगति के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी जरूरी है। व्यापार और उद्योग जहां रोजगार तथा आर्थिक गतिविधियों को गति देते हैं, वहीं शिक्षा, कौशल और नशामुक्त वातावरण युवाओं को बेहतर भविष्य की ओर ले जाने में मदद कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने व्यापारियों और उद्योगपतियों की समस्याओं के समाधान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि उद्योगों का विस्तार, निवेश को प्रोत्साहन और रोजगार सृजन विकास की महत्वपूर्ण प्राथमिकताएं हैं। साथ ही उन्होंने आमजन से भयमुक्त और नशामुक्त समाज बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।