चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर जल्द मिलेगी बड़ी राहत, नई पार्किंग से 800 वाहनों तक की होगी व्यवस्था

चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर जल्द मिलेगी बड़ी राहत, नई पार्किंग से 800 वाहनों तक की होगी व्यवस्था

चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर आने-जाने वाले लाखों यात्रियों के लिए जल्द ही एक बड़ी राहत मिलने वाली है। स्टेशन परिसर में लंबे समय से महसूस की जा रही पार्किंग की समस्या को दूर करने के उद्देश्य से अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आधुनिक पार्किंग का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है और यदि सभी कार्य निर्धारित समय के अनुसार पूरे होते हैं तो अगले लगभग डेढ़ महीने के भीतर यह नई पार्किंग यात्रियों के लिए खोल दी जाएगी।

रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में निजी वाहन, टैक्सी, कैब, ऑटो और दोपहिया वाहन पहुंचते हैं। त्योहारों, छुट्टियों और सप्ताहांत के दौरान यात्रियों की संख्या बढ़ने से पार्किंग की समस्या और गंभीर हो जाती है। कई बार लोगों को वाहन पार्क करने के लिए स्टेशन से काफी दूरी तक जाना पड़ता है, जिससे समय की बर्बादी होने के साथ-साथ ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बन जाती है। नई पार्किंग सुविधा शुरू होने के बाद इन समस्याओं में काफी कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत हो रहा व्यापक विकास

चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास केंद्र सरकार की अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य देश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना, यात्रियों को बेहतर अनुभव देना और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप रेलवे अवसंरचना को विकसित करना है।

इसी योजना के अंतर्गत स्टेशन परिसर में पार्किंग, सड़क संपर्क, यात्री सुविधाएं, प्रवेश और निकास व्यवस्था, प्रतीक्षालय, स्वच्छता, डिजिटल सुविधाएं तथा ट्रैफिक प्रबंधन जैसे कई क्षेत्रों में सुधार किया जा रहा है। नई पार्किंग इस पूरी परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्टेशन पर यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भविष्य को ध्यान में रखते हुए ऐसी सुविधाओं का विकास जरूरी है जो अगले कई वर्षों तक बढ़ती मांग को पूरा कर सकें।

10 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में तैयार हो रही आधुनिक पार्किंग

रेलवे स्टेशन के चंडीगढ़ प्रवेश द्वार की ओर लगभग 10,000 वर्गमीटर क्षेत्र में नई पार्किंग विकसित की जा रही है। यह पार्किंग वर्तमान व्यवस्था की तुलना में कहीं अधिक व्यवस्थित और क्षमता वाली होगी।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस पार्किंग में लगभग 700 से 800 वाहन एक साथ खड़े किए जा सकेंगे। इसमें निजी कारों के अलावा दोपहिया वाहन और अन्य यात्री वाहनों के लिए भी पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराया जाएगा।

अधिकारियों का कहना है कि पार्किंग का लेआउट इस प्रकार तैयार किया जा रहा है जिससे वाहनों की आवाजाही सुचारु बनी रहे और प्रवेश तथा निकास के दौरान किसी प्रकार की भीड़भाड़ न हो।

अंतिम चरण में पहुंचा निर्माण कार्य

रेलवे विभाग के अनुसार पार्किंग का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। वर्तमान समय में प्रवेश मार्ग की ओर सिविल कार्य तेजी से चल रहा है। अनुमान है कि इस हिस्से का निर्माण लगभग 15 से 20 दिनों के भीतर पूरा हो जाएगा।

इसके बाद निकास क्षेत्र का निर्माण और अंतिम फिनिशिंग का कार्य किया जाएगा। इसके साथ ही सड़क समतलीकरण, पार्किंग मार्किंग, प्रकाश व्यवस्था, संकेतक बोर्ड और अन्य तकनीकी सुविधाओं को भी स्थापित किया जाएगा।

यदि मौसम और अन्य परिस्थितियां सामान्य रहीं तो अगले लगभग डेढ़ महीने के भीतर पूरी पार्किंग आम यात्रियों के लिए शुरू की जा सकती है।

पार्किंग शुरू होने से क्या होगा फायदा

नई पार्किंग सुविधा शुरू होने के बाद यात्रियों को कई स्तरों पर लाभ मिलने की संभावना है।

सबसे बड़ा फायदा वाहन पार्क करने में लगने वाले समय की बचत के रूप में मिलेगा। अभी कई यात्रियों को पार्किंग की जगह तलाशने में काफी समय लगता है, जिससे ट्रेन छूटने का जोखिम भी बढ़ जाता है।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद—

  • वाहन पार्क करने के लिए पर्याप्त स्थान मिलेगा।
  • स्टेशन परिसर में अव्यवस्थित पार्किंग कम होगी।
  • ट्रैफिक जाम की समस्या में कमी आएगी।
  • यात्रियों और उनके परिजनों को अधिक सुविधा मिलेगी।
  • टैक्सी और निजी वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित होगी।
  • स्टेशन परिसर अधिक सुरक्षित और सुगम बनेगा।

निर्माण में आई थी कुछ समय की रुकावट

हालांकि परियोजना की शुरुआत के बाद कुछ समय के लिए निर्माण कार्य की गति धीमी पड़ गई थी। रेलवे लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (आरएलडीए) के अधिकारियों के अनुसार सड़क निर्माण में उपयोग होने वाले बिटुमिन की आपूर्ति प्रभावित होने से कार्य प्रभावित हुआ था।

बताया गया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण निर्माण सामग्री की उपलब्धता पर असर पड़ा था। इसके चलते कुछ समय तक निर्माण की रफ्तार अपेक्षा से कम रही।

अब सामग्री की आपूर्ति सामान्य होने के बाद परियोजना दोबारा पूरी गति से आगे बढ़ रही है और निर्धारित समयसीमा के भीतर इसे पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।

पंचकूला की ओर पहले से उपलब्ध है पार्किंग

चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के दूसरे प्रवेश द्वार यानी पंचकूला की ओर पार्किंग सुविधा पहले ही शुरू की जा चुकी है।

यह पार्किंग पूरी तरह उपयोग में है और यहां बड़ी संख्या में यात्री अपने वाहन पार्क कर रहे हैं। अब चंडीगढ़ की ओर भी नई पार्किंग शुरू होने के बाद स्टेशन के दोनों तरफ पर्याप्त पार्किंग उपलब्ध हो जाएगी।

इससे दोनों दिशाओं से आने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी और एक ही स्थान पर अधिक भीड़ एकत्र होने की संभावना कम होगी।

पंचकूला पार्किंग की क्षमता अधिक

यदि दोनों पार्किंग की तुलना की जाए तो पंचकूला की ओर स्थित पार्किंग आकार और क्षमता दोनों के लिहाज से बड़ी है।

पंचकूला पार्किंग लगभग 17,000 वर्गमीटर क्षेत्र में विकसित की गई है और वहां लगभग 1,000 वाहनों को एक साथ पार्क किया जा सकता है।

इसके मुकाबले चंडीगढ़ की ओर बनने वाली पार्किंग 10,000 वर्गमीटर क्षेत्र में तैयार की जा रही है, जिसकी क्षमता लगभग 700 से 800 वाहनों की होगी।

हालांकि रेलवे अधिकारियों का कहना है कि दोनों पार्किंग मिलकर स्टेशन की मौजूदा आवश्यकता को काफी हद तक पूरा कर देंगी।

सड़क संपर्क को भी बनाया जा रहा बेहतर

रेलवे स्टेशन तक पहुंचने वाली सड़कों में भी सुधार किया जा रहा है।

आरएलडीए के अनुसार पंचकूला की ओर सड़क संपर्क का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है। निर्माण के दौरान सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसकी मरम्मत कर दी गई है।

वर्तमान में एक लेन से वाहनों की आवाजाही शुरू हो चुकी है जबकि दूसरी लेन का कार्य अंतिम चरण में है।

सड़क संपर्क बेहतर होने से स्टेशन तक पहुंचने में लगने वाला समय कम होगा और ट्रैफिक का दबाव भी घटेगा।

यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए तैयार हो रही योजना

चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन उत्तर भारत के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में गिना जाता है। यहां से प्रतिदिन हजारों यात्री पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों की यात्रा करते हैं।

यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ने के कारण पार्किंग और ट्रैफिक प्रबंधन लंबे समय से चुनौती बने हुए थे।

रेलवे अधिकारियों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यात्री संख्या और अधिक बढ़ेगी। इसलिए वर्तमान जरूरतों के साथ-साथ भविष्य की मांग को ध्यान में रखते हुए पार्किंग क्षमता विकसित की जा रही है।

स्टेशन पर आधुनिक सुविधाओं का लगातार विस्तार

अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत केवल पार्किंग ही नहीं बल्कि कई अन्य सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है।

इनमें शामिल हैं—

  • बेहतर प्रवेश और निकास व्यवस्था
  • आधुनिक यात्री सुविधाएं
  • सुगम यातायात प्रबंधन
  • साफ-सुथरा स्टेशन परिसर
  • बेहतर प्रकाश व्यवस्था
  • डिजिटल सूचना प्रणाली
  • दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं
  • सुरक्षित आवागमन के लिए नई व्यवस्थाएं

इन सुविधाओं के विकसित होने के बाद स्टेशन पर यात्रियों का अनुभव पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित होने की उम्मीद है।

स्थानीय व्यापार और परिवहन क्षेत्र को भी होगा लाभ

नई पार्किंग सुविधा केवल यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका लाभ स्टेशन के आसपास संचालित व्यापारिक गतिविधियों और परिवहन सेवाओं को भी मिलेगा।

टैक्सी चालक, कैब ऑपरेटर, ऑटो चालक और निजी परिवहन सेवाओं को व्यवस्थित पार्किंग मिलने से संचालन आसान होगा। वहीं स्टेशन के आसपास ट्रैफिक दबाव कम होने से स्थानीय लोगों को भी राहत मिलने की संभावना है।

व्यवस्थित पार्किंग और बेहतर सड़क संपर्क से स्टेशन क्षेत्र का समग्र यातायात प्रबंधन पहले की तुलना में अधिक प्रभावी हो सकता है।

समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने पर जोर

रेलवे अधिकारियों ने निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि सभी कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और तय समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं। सुरक्षा मानकों, यात्री सुविधा और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए परियोजना का प्रत्येक चरण पूरा किया जा रहा है।

नई पार्किंग के शुरू होने के बाद चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर वाहन प्रबंधन अधिक सुव्यवस्थित होगा, यात्रियों को पार्किंग के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और स्टेशन परिसर में ट्रैफिक व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक बेहतर दिखाई दे सकती है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित हो रही यह सुविधा चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन को आधुनिक और यात्री-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।