चंडीगढ़ नगर निगम ने संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैक्स) की बकाया राशि वसूलने के लिए अब सख्त रुख अपना लिया है। लंबे समय तक टैक्स जमा नहीं करने वाले हजारों संपत्ति मालिकों के खिलाफ चरणबद्ध कार्रवाई शुरू कर दी गई है। निगम प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अब केवल नोटिस देकर औपचारिकता पूरी नहीं की जाएगी, बल्कि नियमों के तहत व्यावसायिक संपत्तियों को सील करने और आवासीय संपत्तियों के पानी एवं सीवरेज कनेक्शन काटने जैसी कड़ी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
नगर निगम के इस अभियान का उद्देश्य शहर में कर वसूली बढ़ाना और ऐसे लोगों पर शिकंजा कसना है, जो बार-बार नोटिस मिलने के बावजूद संपत्ति कर जमा नहीं कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि टैक्स से मिलने वाला राजस्व ही शहर में सड़क, सफाई, पार्क, स्ट्रीट लाइट, पानी, सीवरेज और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर खर्च किया जाता है। इसलिए टैक्स न देने वालों के खिलाफ अब किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।
एक हजार से अधिक डिफॉल्टरों को भेजे जा चुके हैं नोटिस
नगर निगम ने कार्रवाई की शुरुआत करते हुए एक हजार से अधिक प्रॉपर्टी टैक्स डिफॉल्टरों को रिकवरी और अटैचमेंट से जुड़े नोटिस जारी कर दिए हैं। इसके अलावा तीन हजार से अधिक अन्य बकायेदारों की सूची भी तैयार कर ली गई है। आने वाले दिनों में इन्हें भी नोटिस भेजे जाएंगे।
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार फिलहाल प्रशासनिक स्टाफ का एक हिस्सा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में व्यस्त है। जैसे ही यह कार्य पूरा होगा, टैक्स वसूली अभियान को और तेज कर दिया जाएगा तथा बकायेदारों के खिलाफ व्यापक स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।
व्यावसायिक संपत्तियों पर होगी सीलिंग की कार्रवाई
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि व्यावसायिक श्रेणी की उन संपत्तियों के खिलाफ सबसे पहले कार्रवाई की जाएगी, जिन पर लंबे समय से टैक्स बकाया है। ऐसे मामलों में संपत्ति अटैच करने और आवश्यक होने पर सील करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि व्यापारिक प्रतिष्ठानों के मालिकों को पहले ही कई अवसर दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद यदि टैक्स जमा नहीं कराया गया तो निगम के पास कानूनी कार्रवाई के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
आवासीय संपत्तियों के पानी और सीवरेज कनेक्शन पर भी असर
जहां व्यावसायिक संपत्तियों पर सीलिंग की कार्रवाई होगी, वहीं आवासीय श्रेणी के डिफॉल्टरों के खिलाफ पानी और सीवरेज कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी। निगम का मानना है कि यह कदम बकायेदारों को समय पर टैक्स जमा करने के लिए प्रेरित करेगा।
अधिकारियों ने बताया कि पहले लोगों को राहत और समय दिया जाता था, लेकिन अब लगातार बकाया रहने वाले मामलों में सख्ती अपनाई जाएगी। यदि निर्धारित समय में टैक्स जमा नहीं किया गया तो संबंधित कार्रवाई बिना किसी अतिरिक्त छूट के लागू की जाएगी।
छूट का लाभ लेने वालों की संख्या बढ़ी, फिर भी आधे से अधिक संपत्तियों का टैक्स बाकी
नगर निगम ने चालू वित्त वर्ष की शुरुआत में अप्रैल से जून तक प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने वालों को 20 प्रतिशत तक की छूट दी थी। इस योजना का लाभ बड़ी संख्या में करदाताओं ने उठाया और निर्धारित अवधि के भीतर टैक्स जमा कराया।
हालांकि, छूट की अवधि समाप्त होने के बाद भी बड़ी संख्या में संपत्ति मालिकों ने टैक्स जमा नहीं किया। ऐसे मामलों में अब बकाया राशि पर 25 प्रतिशत जुर्माना और 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी लागू हो चुका है। इसका मतलब यह है कि जितनी देर टैक्स जमा होगा, उतना ही अधिक आर्थिक बोझ संबंधित संपत्ति मालिकों पर पड़ेगा।
कानून के तहत हो रही है पूरी कार्रवाई
नगर निगम का कहना है कि सभी कार्रवाई पंजाब नगर निगम अधिनियम और प्रॉपर्टी टैक्स से संबंधित उपविधियों के अनुरूप की जा रही है। नियमों के तहत निगम को बकाया कर की वसूली के लिए नोटिस जारी करने, संपत्ति अटैच करने, सीलिंग करने और आवश्यक सेवाओं को प्रभावित करने जैसे अधिकार प्राप्त हैं।
अधिकारियों ने कहा कि उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि कर व्यवस्था को प्रभावी बनाना और सभी करदाताओं के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करना है। जो लोग समय पर टैक्स जमा करते हैं, उनके साथ न्याय करने के लिए भी डिफॉल्टरों पर कार्रवाई जरूरी है।
रिकॉर्ड टैक्स कलेक्शन के बाद अब फोकस बकायेदारों पर
नगर निगम ने इस वित्त वर्ष में अब तक रिकॉर्ड स्तर पर प्रॉपर्टी टैक्स संग्रह किया है। जून महीने के अंत तक 76,344 करदाता अपना संपत्ति कर जमा करा चुके हैं और निगम के खाते में लगभग 66 करोड़ रुपये का राजस्व पहुंच चुका है।
इसके बावजूद निगम का मानना है कि अभी भी बड़ी संख्या में संपत्ति मालिक टैक्स जमा करने से पीछे हैं। यही कारण है कि अब प्रशासन का पूरा ध्यान बकाया राशि की वसूली पर केंद्रित किया गया है।
शहर में डेढ़ लाख से अधिक टैक्सदाता
नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार चंडीगढ़ में करीब 1.50 लाख संपत्तियां प्रॉपर्टी टैक्स के दायरे में आती हैं। इनमें लगभग 1.20 लाख आवासीय और करीब 30 हजार व्यावसायिक संपत्तियां शामिल हैं।
यदि अब तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो केवल लगभग आधे करदाताओं ने ही अपना टैक्स जमा कराया है, जबकि शेष बड़ी संख्या अभी भी बकायेदारों की श्रेणी में है। निगम का मानना है कि यदि सभी पात्र संपत्ति मालिक समय पर टैक्स जमा करें तो शहर के विकास कार्यों के लिए राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
लोगों से जल्द टैक्स जमा कराने की अपील
नगर निगम के संयुक्त आयुक्त डॉ. इंद्रजीत सिंह ने कहा कि टैक्स जमा नहीं करने वाले सभी असेसी को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने संपत्ति मालिकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई, अतिरिक्त जुर्माने और ब्याज से बचने के लिए जल्द से जल्द अपना बकाया प्रॉपर्टी टैक्स जमा कर दें।
उन्होंने कहा कि नगर निगम शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह समय पर टैक्स का भुगतान करे। इससे न केवल अतिरिक्त आर्थिक बोझ से बचा जा सकेगा, बल्कि नगर निगम को भी शहर में विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध होंगे।
नगर निगम का यह अभियान आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है। ऐसे में जिन संपत्ति मालिकों ने अभी तक प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं कराया है, उनके लिए समय रहते बकाया राशि का भुगतान करना ही सबसे बेहतर विकल्प माना जा रहा है।



