जापानियों की लंबी उम्र का राज बना ‘रेडियो ताइसो’, 10 मिनट की ये आदत बदल रही जिंदगी

जापानियों की लंबी उम्र का राज बना ‘रेडियो ताइसो’, 10 मिनट की ये आदत बदल रही जिंदगी

जापान को दुनिया के उन देशों में गिना जाता है, जहां लोगों की जीवनशैली, अनुशासन और स्वास्थ्य को लेकर पूरी दुनिया में चर्चा होती है। वहां की संस्कृति में रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतों को काफी महत्व दिया जाता है। समय पर उठना, नियमित दिनचर्या का पालन करना, संतुलित भोजन लेना और रोजाना किसी न किसी तरह की शारीरिक गतिविधि करना जापानी जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

जापान की फिटनेस संस्कृति की बात करें तो यहां एक ऐसी पुरानी परंपरा आज भी लोगों के बीच लोकप्रिय है, जिसे ‘रेडियो ताइसो’ के नाम से जाना जाता है। यह एक तरह की सामूहिक सुबह की एक्सरसाइज है, जिसमें लोग संगीत या निर्देशों की ताल के साथ कुछ आसान शारीरिक गतिविधियां करते हैं। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसके लिए किसी महंगे जिम, आधुनिक मशीन या विशेष फिटनेस उपकरण की जरूरत नहीं होती।

कुछ ही मिनटों में पूरी होने वाली यह एक्सरसाइज शरीर को सक्रिय करने के साथ दिन की शुरुआत को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है। जापान में इसे केवल व्यायाम के तौर पर नहीं देखा जाता, बल्कि यह सामाजिक मेलजोल और सामुदायिक जीवन का भी हिस्सा बन चुकी है। पार्कों, स्कूलों, ऑफिसों और रिहायशी इलाकों में लोग एक साथ मिलकर इसका अभ्यास करते हैं।

क्या है रेडियो ताइसो?

‘रेडियो ताइसो’ जापान की एक पारंपरिक मॉर्निंग एक्सरसाइज रूटीन है। जापानी भाषा में ‘ताइसो’ का अर्थ शारीरिक व्यायाम या जिम्नास्टिक से जुड़ा हुआ है। इस कार्यक्रम में सरल और लयबद्ध गतिविधियों का एक क्रम होता है, जिसे संगीत या रेडियो पर प्रसारित निर्देशों के साथ किया जाता है।

इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति को कठिन या अत्यधिक थकाने वाली एक्सरसाइज करवाना नहीं है। इसके बजाय शरीर के अलग-अलग हिस्सों को हल्के व्यायाम के जरिए सक्रिय करना इसका मुख्य उद्देश्य है। इसमें हाथों को ऊपर-नीचे करना, शरीर को स्ट्रेच करना, कमर को घुमाना और पैरों की हलचल जैसी गतिविधियां शामिल हो सकती हैं।

यह रूटीन इस तरह तैयार की गई है कि अलग-अलग उम्र और फिटनेस स्तर वाले लोग इसे अपनी क्षमता के अनुसार कर सकें। इसी वजह से यह जापान में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के बीच लोकप्रिय बनी हुई है।

करीब एक सदी पुरानी है यह फिटनेस परंपरा

रेडियो ताइसो की शुरुआत जापान में 20वीं सदी के शुरुआती दौर में हुई थी। वर्ष 1928 में जापान के सम्राट हिरोहितो के राज्याभिषेक समारोह के अवसर पर इस तरह के रेडियो व्यायाम कार्यक्रम को बढ़ावा दिया गया था। बाद के वर्षों में यह धीरे-धीरे लोगों की रोजमर्रा की दिनचर्या का हिस्सा बन गया।

रेडियो के माध्यम से लोगों तक व्यायाम के निर्देश पहुंचाए जाते थे। उस दौर में रेडियो संचार का एक प्रभावशाली माध्यम था, इसलिए बड़ी संख्या में लोग एक ही समय पर एक जैसी एक्सरसाइज कर सकते थे।

समय के साथ रेडियो ताइसो का स्वरूप और लोकप्रियता बदलती रही, लेकिन इसकी मूल भावना आज भी काफी हद तक वही है। लोगों को रोजाना कुछ मिनट शारीरिक गतिविधि के लिए प्रेरित करना और उन्हें सक्रिय जीवनशैली की ओर ले जाना इसका मुख्य उद्देश्य रहा है।

केवल 10 मिनट की एक्सरसाइज से दिन की शुरुआत

रेडियो ताइसो की सबसे आकर्षक विशेषताओं में से एक इसकी सरलता और कम समय में पूरा हो जाना है। सामान्य तौर पर इसकी एक रूटीन कुछ ही मिनटों में पूरी की जा सकती है। यही कारण है कि व्यस्त जीवनशैली के बावजूद लोग इसे अपनी दिनचर्या में शामिल कर पाते हैं।

सुबह उठने के बाद शरीर कुछ समय तक आराम की स्थिति में रहता है। ऐसे में हल्की स्ट्रेचिंग और आसान मूवमेंट शरीर को धीरे-धीरे सक्रिय करने में मदद कर सकती हैं। नियमित रूप से हल्की शारीरिक गतिविधि करने से व्यक्ति को दिन की शुरुआत अधिक ऊर्जावान महसूस हो सकती है।

हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि कुछ मिनट की एक्सरसाइज को किसी व्यक्ति की पूरी फिटनेस जरूरतों का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। स्वस्थ जीवनशैली के लिए नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद और व्यक्तिगत स्वास्थ्य जरूरतों का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है।

रेडियो ताइसो में किस तरह की एक्सरसाइज होती हैं?

रेडियो ताइसो की गतिविधियां सामान्य तौर पर बहुत आसान रखी जाती हैं। इसका मकसद शरीर को अचानक अत्यधिक मेहनत करवाना नहीं, बल्कि धीरे-धीरे सक्रिय करना है।

इसमें शरीर के अलग-अलग हिस्सों को शामिल करने वाली कई तरह की हल्की गतिविधियाँ की जाती हैं। उदाहरण के तौर पर हाथों और कंधों की मूवमेंट, पैरों की हलचल, शरीर को आगे और पीछे झुकाना, कमर को घुमाना और हल्की स्ट्रेचिंग जैसी गतिविधियां इसमें शामिल हो सकती हैं।

इन अभ्यासों का क्रम शरीर को धीरे-धीरे गर्म करने और जोड़ों की सामान्य गतिविधि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रखा जाता है। एक्सरसाइज करते समय व्यक्ति को अपनी शारीरिक क्षमता का ध्यान रखना चाहिए। किसी भी तरह का दर्द, चक्कर या असहजता महसूस होने पर व्यायाम रोकना और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है।

बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए आसान

रेडियो ताइसो को लोकप्रिय बनाने में इसकी सरलता ने बड़ी भूमिका निभाई है। इसमें जटिल योगासन या कठिन फिटनेस मूवमेंट नहीं होते, इसलिए अलग-अलग आयु वर्ग के लोग इसे आसानी से अपना सकते हैं।

बच्चों के लिए यह सुबह की शारीरिक गतिविधि का हिस्सा हो सकती है, जबकि कामकाजी लोगों के लिए यह लंबे समय तक बैठे रहने वाली दिनचर्या के बीच शरीर को सक्रिय रखने का एक आसान तरीका हो सकता है। बुजुर्ग भी अपनी क्षमता और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार इसके हल्के संस्करण का अभ्यास कर सकते हैं।

हालांकि उम्रदराज लोगों या किसी बीमारी से जूझ रहे व्यक्तियों को किसी भी नई एक्सरसाइज को शुरू करने से पहले अपनी स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखना चाहिए। हर व्यक्ति की शारीरिक क्षमता अलग होती है, इसलिए व्यायाम की तीव्रता भी उसी के अनुसार तय करना उचित होता है।

फिटनेस के साथ सामाजिक जुड़ाव भी है खासियत

रेडियो ताइसो की सबसे दिलचस्प बात यह है कि जापान में कई जगहों पर लोग इसे अकेले नहीं बल्कि समूह में करते हैं। सुबह के समय पार्क या खुले स्थान पर लोग एक साथ इकट्ठा होते हैं और सामूहिक रूप से व्यायाम करते हैं।

इससे शारीरिक गतिविधि के साथ सामाजिक संपर्क का अवसर भी मिलता है। पड़ोसी, दोस्त और परिवार के सदस्य एक-दूसरे से मिलते हैं और कुछ समय साथ बिताते हैं। यह सामुदायिक भावना लोगों को नियमित रूप से गतिविधि में शामिल रहने के लिए प्रेरित कर सकती है।

विशेष रूप से बुजुर्गों के लिए इस तरह का सामाजिक संपर्क उपयोगी हो सकता है। उम्र बढ़ने के साथ कई लोग सामाजिक रूप से अलग-थलग महसूस कर सकते हैं। ऐसे में नियमित सामूहिक गतिविधियाँ उन्हें लोगों से जुड़े रहने का अवसर देती हैं।

मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी हो सकती है मददगार

नियमित शारीरिक गतिविधि का संबंध केवल शरीर की फिटनेस से नहीं है। व्यायाम करने से मूड बेहतर महसूस हो सकता है और तनाव को संभालने में मदद मिल सकती है। सुबह के समय कुछ मिनट बाहर निकलना और लोगों के साथ समय बिताना भी मानसिक रूप से सकारात्मक अनुभव दे सकता है।

रेडियो ताइसो में व्यायाम के साथ सामूहिक भागीदारी जुड़ी होने के कारण इसका सामाजिक पहलू भी महत्वपूर्ण हो जाता है। जब लोग एक निश्चित समय पर एक साथ गतिविधि करते हैं, तो उनके बीच समुदाय की भावना मजबूत हो सकती है।

हालांकि किसी गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्या के इलाज के रूप में केवल व्यायाम पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। जरूरत पड़ने पर योग्य मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना आवश्यक है।

जापान की लंबी उम्र से जोड़कर क्यों देखा जाता है?

जापान दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां औसत जीवन प्रत्याशा काफी अधिक मानी जाती है। वहां बड़ी संख्या में लोग लंबी उम्र तक सक्रिय जीवन जीते हैं। इसी कारण जापानी जीवनशैली के कई पहलुओं पर दुनिया भर में शोध और चर्चा होती रही है।

रेडियो ताइसो को भी कभी-कभी जापान की लंबी उम्र वाली जीवनशैली से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि किसी व्यक्ति की उम्र और स्वास्थ्य केवल एक एक्सरसाइज से निर्धारित नहीं होते। आनुवंशिक कारक, भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच, सामाजिक वातावरण, नींद और पूरी जीवनशैली जैसे कई पहलू इसमें भूमिका निभाते हैं।

फिर भी नियमित शारीरिक गतिविधि को स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इस नजरिए से रेडियो ताइसो लोगों को रोजाना सक्रिय रहने की आदत विकसित करने में मदद करने वाली एक उपयोगी सामाजिक परंपरा के रूप में देखा जा सकता है।

इस परंपरा पर अमेरिका का भी प्रभाव रहा है

रेडियो ताइसो की ऐतिहासिक कहानी में अमेरिका से जुड़ा एक दिलचस्प पहलू भी मिलता है। इसके शुरुआती विचारों पर अमेरिका में चलाए गए रेडियो आधारित व्यायाम कार्यक्रमों का प्रभाव माना जाता है।

उस समय रेडियो का उपयोग केवल मनोरंजन और समाचारों के लिए ही नहीं, बल्कि लोगों को स्वास्थ्य और फिटनेस से जुड़ी गतिविधियों के लिए प्रेरित करने के लिए भी किया जाता था। जापान में इस विचार को स्थानीय संस्कृति और जरूरतों के अनुरूप विकसित किया गया।

इस तरह एक विदेशी विचार ने धीरे-धीरे जापान में अपना अलग स्वरूप बनाया और समय के साथ यह एक विशिष्ट जापानी फिटनेस परंपरा के रूप में पहचाना जाने लगा।

दूसरे विश्व युद्ध के बाद आई थी रुकावट

रेडियो ताइसो का सफर हमेशा एक जैसा नहीं रहा। दूसरे विश्व युद्ध के बाद इस कार्यक्रम को लेकर कुछ समय के लिए रुकावट आई। इसके पीछे कई सामाजिक और राजनीतिक कारण बताए जाते हैं।

हालांकि लोगों के बीच इसकी लोकप्रियता पूरी तरह खत्म नहीं हुई। बाद में इसे नए स्वरूप में दोबारा शुरू किया गया और 1950 के दशक की शुरुआत से यह फिर जापानी समाज में अपनी जगह बनाने लगा।

इसके बाद रेडियो ताइसो ने स्कूलों, कंपनियों, स्थानीय समुदायों और अन्य संस्थानों के बीच फिर से लोकप्रियता हासिल की। समय के साथ रेडियो के अलावा टेलीविजन और डिजिटल माध्यमों के जरिए भी लोग इस तरह की एक्सरसाइज से जुड़ने लगे।

आज भी जापान में सुबह की दिनचर्या का हिस्सा

आज के डिजिटल युग में जहां लोग घर पर वर्कआउट करने के लिए मोबाइल ऐप और ऑनलाइन वीडियो का इस्तेमाल करते हैं, वहीं रेडियो ताइसो की परंपरा अब भी जापान में दिखाई देती है।

कई जगहों पर लोग सुबह एक निश्चित समय पर मिलकर व्यायाम करते हैं। स्कूलों और सामुदायिक कार्यक्रमों में भी सामूहिक एक्सरसाइज की परंपरा देखने को मिलती है। ऑफिस में काम करने वाले लोग भी दिन की शुरुआत में थोड़ी शारीरिक गतिविधि को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना सकते हैं।

इसकी लोकप्रियता का एक बड़ा कारण यह भी है कि इसे अपनाने के लिए किसी खास उम्र, महंगे उपकरण या जटिल प्रशिक्षण की जरूरत नहीं होती। कोई व्यक्ति इसे अपनी क्षमता के अनुसार हल्के स्तर पर कर सकता है।

रोजाना थोड़ी गतिविधि की आदत का महत्व

आधुनिक जीवनशैली में लंबे समय तक बैठकर काम करना, स्क्रीन पर अधिक समय बिताना और शारीरिक गतिविधि की कमी आम होती जा रही है। ऐसे समय में रेडियो ताइसो जैसी सरल परंपरा यह याद दिलाती है कि फिट रहने के लिए हर बार कठिन और लंबी एक्सरसाइज जरूरी नहीं होती।

रोजाना कुछ समय शरीर को सक्रिय करना, नियमित रूप से चलना-फिरना और लंबे समय तक लगातार बैठे रहने से बचना भी स्वस्थ दिनचर्या का हिस्सा हो सकता है। हालांकि किसी व्यक्ति की फिटनेस जरूरत उसकी उम्र, स्वास्थ्य और जीवनशैली पर निर्भर करती है।

रेडियो ताइसो की सबसे बड़ी सीख शायद यही है कि फिटनेस को रोजमर्रा की जिंदगी का आसान और नियमित हिस्सा बनाया जा सकता है। सुबह के कुछ मिनटों की शारीरिक गतिविधि के साथ सामूहिक जुड़ाव और अनुशासित दिनचर्या इस जापानी परंपरा को लगभग एक सदी बाद भी प्रासंगिक बनाए हुए हैं।

(Photo: AI Generated)