फेफड़ों की सेहत के लिए सिर्फ सिगरेट से दूरी काफी नहीं, रोज की ये आदतें भी बन सकती हैं नुकसान की वजह

फेफड़े हमारे शरीर के उन महत्वपूर्ण अंगों में शामिल हैं, जो हर पल हमें सांस लेने और शरीर तक ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करते हैं। आमतौर पर जब फेफड़ों की खराब सेहत की बात आती है, तो सबसे पहले स्मोकिंग का नाम लिया जाता है। इसमें कोई शक नहीं कि तंबाकू का धुआं फेफड़ों के लिए बेहद नुकसानदायक है और लंबे समय तक धूम्रपान करने से कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। लेकिन केवल सिगरेट या बीड़ी से दूरी बना लेना ही फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त नहीं है। हमारी रोजमर्रा की कई ऐसी आदतें हैं,…

दिल को लंबे समय तक स्वस्थ रखना है तो बदलें रोज की ये 4 आदतें, कार्डियोलॉजिस्ट ने बताया अपना रूटीन

हार्ट को स्वस्थ रखने के लिए केवल तब सतर्क होना पर्याप्त नहीं है, जब किसी व्यक्ति को ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल या हृदय से जुड़ी कोई समस्या हो जाए। दिल की सेहत काफी हद तक हमारी रोजमर्रा की जीवनशैली पर निर्भर करती है। हम दिनभर कितना चलते हैं, क्या खाते हैं, मांसपेशियों को कितना सक्रिय रखते हैं और तनाव से किस तरह निपटते हैं—इन सभी चीजों का लंबे समय में शरीर और हृदय पर असर पड़ सकता है। आज की व्यस्त जीवनशैली में शारीरिक गतिविधि कम होना, घंटों एक ही जगह बैठे रहना, अनियमित खान-पान और लगातार तनाव जैसी आदतें आम…

उम्र के साथ हड्डियों को कमजोर होने से बचाएं, इन आसान आदतों को बनाएं अपनी दिनचर्या का हिस्सा

उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई तरह के बदलाव आने लगते हैं। इसका असर केवल त्वचा, मांसपेशियों या ऊर्जा के स्तर पर ही नहीं पड़ता, बल्कि हड्डियों की सेहत भी धीरे-धीरे प्रभावित हो सकती है। खासकर 35 साल की उम्र के बाद हड्डियों को लेकर लापरवाही आगे चलकर परेशानी का कारण बन सकती है। इस दौरान शरीर में नई हड्डी बनने और पुरानी हड्डी के टूटकर दोबारा बनने की प्रक्रिया में धीरे-धीरे बदलाव आने लगता है। ऐसे में खानपान और लाइफस्टाइल पर ध्यान देना बेहद जरूरी हो जाता है। हड्डियां हमारे शरीर को आकार देने के साथ-साथ मांसपेशियों को…

क्या सिर्फ 10 मिनट की वॉक से स्वस्थ रहेगा दिल? जानिए हफ्ते में कितनी एक्सरसाइज है जरूरी

आजकल हार्ट हेल्थ को लेकर चिंता सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गई है। बदलती जीवनशैली, लंबे समय तक बैठे रहने की आदत, शारीरिक गतिविधियों की कमी और खान-पान में आए बदलावों के कारण कम उम्र के लोगों में भी हृदय से जुड़ी समस्याओं का खतरा चर्चा में है। ऐसे में दिल को स्वस्थ रखने के लिए नियमित शारीरिक गतिविधि को जीवनशैली का हिस्सा बनाना जरूरी माना जाता है। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि आखिर स्वस्थ दिल के लिए कितनी एक्सरसाइज पर्याप्त है? क्या रोज कुछ मिनट टहलना ही काफी है या फिर इसके लिए…

हर बार भूख लगे तो पैकेट न खोलें! खाने की इन आदतों में बदलाव से सुधरेगी आपकी डाइट

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में खाना बनाने के लिए समय निकालना कई लोगों के लिए मुश्किल हो गया है। यही वजह है कि बाजार में मिलने वाले पैकेट वाले स्नैक्स, इंस्टेंट मील, रेडी-टू-ईट फूड और दूसरी सुविधाजनक चीजों का इस्तेमाल लगातार बढ़ा है। काम के बीच जल्दी भूख लगने पर पैकेट खोलकर कुछ खा लेना आसान लगता है और कई बार यही सुविधा धीरे-धीरे रोज की आदत में बदल जाती है। समस्या तब शुरू होती है जब घर के बने ताजे भोजन की जगह ऐसे तैयार खाद्य पदार्थ ज्यादा लेने लगते हैं। चिप्स, बिस्किट, फ्लेवर्ड योगर्ट, इंस्टेंट स्नैक्स, सॉस…

युवाओं में तेजी से बढ़ रही विटामिन-डी की कमी, धूप से दूरी और खराब डाइट बन रही बड़ी वजह

आज के समय में सेहत को लेकर जागरूकता बढ़ी है, लेकिन इसके बावजूद शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। खासतौर पर युवाओं और कम उम्र के लोगों में विटामिन और मिनरल्स की कमी के मामले लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। इन्हीं में विटामिन-डी की कमी भी शामिल है। आमतौर पर लोग इसे सिर्फ हड्डियों की मजबूती से जोड़कर देखते हैं, लेकिन शरीर में इसकी भूमिका इससे कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है। विटामिन-डी शरीर में कैल्शियम के बेहतर अवशोषण में मदद करता है। कैल्शियम और विटामिन-डी दोनों मिलकर हड्डियों और दांतों को…

क्या बढ़ता वजन चुरा सकता है जिंदगी के साल? जानिए मोटापे से शरीर पर पड़ने वाले असर

आज के समय में बढ़ता वजन सिर्फ खूबसूरती या फिटनेस से जुड़ा मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह सेहत के लिए भी बड़ी चुनौती बन चुका है। बदलती जीवनशैली, घंटों बैठे रहना, फास्ट फूड और मीठे खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन तथा एक्सरसाइज के लिए समय न निकाल पाना मोटापे की समस्या को लगातार बढ़ा रहा है। खास बात यह है कि अब केवल बड़े ही नहीं, बल्कि बच्चे और युवा भी तेजी से बढ़ते वजन की समस्या से प्रभावित हो रहे हैं। मोटापे को अक्सर लोग सिर्फ शरीर का वजन बढ़ना मान लेते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक…

युवाओं की बिगड़ी दिनचर्या पड़ रही सेहत पर भारी, बढ़ रहा इन बीमारियों का खतरा

बदलती जीवनशैली और युवाओं की सेहत पर बढ़ता असर आज के दौर में युवाओं की जिंदगी पढ़ाई, नौकरी, करियर और लगातार बदलती तकनीक के बीच काफी व्यस्त हो गई है। बेहतर भविष्य की दौड़ में कई लोग अपनी रोजमर्रा की सेहत पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पाते। दिनभर कुर्सी पर बैठे रहना, घंटों मोबाइल या कंप्यूटर की स्क्रीन देखना, समय पर खाना न खाना, बाहर का भोजन ज्यादा लेना और देर रात तक जागना धीरे-धीरे जीवनशैली का हिस्सा बनता जा रहा है। इसके साथ ही काम और पढ़ाई का दबाव तनाव को भी बढ़ा रहा है। इन आदतों का असर…

बढ़ती उम्र के असर को धीमा करने के लिए अपनाएं ये आदतें, त्वचा से लेकर मांसपेशियों तक रहेंगी स्वस्थ

उम्र बढ़ना जीवन का स्वाभाविक हिस्सा है और इसे पूरी तरह रोक पाना संभव नहीं है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि बढ़ती उम्र के साथ शरीर और त्वचा की सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए कुछ नहीं किया जा सकता। रोजमर्रा की कुछ अच्छी आदतें लंबे समय तक शरीर को मजबूत रखने के साथ-साथ त्वचा पर नजर आने वाले एजिंग के संकेतों को भी कम करने में मदद कर सकती हैं। डर्मेटोलॉजिस्ट के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को स्वस्थ तरीके से मैनेज करना चाहता है तो उसे केवल महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स पर निर्भर…

बच्चों का बढ़ता वजन बन रहा खतरे की घंटी, जंक फूड और स्क्रीन टाइम से बढ़ रहा मोटापे का जोखिम

एक समय था जब बच्चे का गोल-मटोल शरीर परिवार के लिए खुशी और अच्छी सेहत का संकेत माना जाता था। बच्चे का वजन ज्यादा देखकर अक्सर यही समझा जाता था कि उसे घर में भरपूर खाना मिल रहा है और वह स्वस्थ है। लेकिन बदलते समय में यह धारणा खतरनाक साबित हो सकती है। बच्चों में जरूरत से ज्यादा वजन बढ़ना अब सिर्फ उनके व्यक्तित्व या दिखने से जुड़ा विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह आगे चलकर कई गंभीर बीमारियों की वजह बन सकता है। भारत में बच्चों और किशोरों के बीच बढ़ता मोटापा सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए चिंता…

बिना एक्सरसाइज ज्यादा प्रोटीन खाना हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं, सीमित मात्रा बढ़ा सकती है बेहतर सेहत

आज के समय में हाई-प्रोटीन डाइट को फिटनेस का सबसे बड़ा मंत्र माना जाने लगा है। सोशल मीडिया से लेकर जिम तक हर जगह प्रोटीन पाउडर, हाई-प्रोटीन फूड और सप्लीमेंट्स की चर्चा होती रहती है। कई लोग यह मान बैठे हैं कि जितना ज्यादा प्रोटीन लिया जाए, शरीर के लिए उतना ही बेहतर होगा। लेकिन हाल ही में सामने आई एक नई रिसर्च इस धारणा पर सवाल खड़े करती है। अध्ययन के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति नियमित रूप से व्यायाम नहीं करता और उसका अधिकांश समय बैठे-बैठे गुजरता है, तो जरूरत से ज्यादा प्रोटीन का सेवन उसके लिए लाभ की…

सर्वाइकल दर्द को हल्के में न लें! आपकी रोजमर्रा की ये 5 आदतें बन सकती हैं गर्दन की सबसे बड़ी दुश्मन, जानिए बचाव के आसान तरीके

आज की आधुनिक जीवनशैली ने लोगों के काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। ज्यादातर लोग दिन का बड़ा हिस्सा कंप्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल स्क्रीन के सामने बिताते हैं। लगातार कई घंटों तक एक ही मुद्रा में बैठे रहना, चलते-फिरते भी मोबाइल का इस्तेमाल करना और शारीरिक गतिविधियों में कमी आने के कारण गर्दन से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इन्हीं परेशानियों में सबसे आम समस्या सर्वाइकल पेन या गर्दन के दर्द की है। पहले जहां यह परेशानी मुख्य रूप से बढ़ती उम्र के लोगों में देखी जाती थी, वहीं अब युवाओं और ऑफिस में…

सिर्फ वजन कम करना नहीं, शरीर को मजबूत बनाना है असली फिटनेस; जानिए हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने का सही तरीका

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में फिट दिखने की चाह लगभग हर किसी की है। सोशल मीडिया पर स्लिम बॉडी, जीरो फिगर और तेजी से वजन घटाने के दावे लोगों को आकर्षित करते हैं। नतीजा यह होता है कि बहुत से लोग यह मान बैठते हैं कि सिर्फ पतला दिखना ही फिटनेस की पहचान है। जबकि विशेषज्ञों का मानना है कि अच्छी सेहत का मतलब केवल कम वजन नहीं, बल्कि शरीर की ताकत, बेहतर पाचन, पर्याप्त ऊर्जा, अच्छी नींद और मानसिक संतुलन भी है। अगर शरीर अंदर से स्वस्थ नहीं है तो केवल वजन कम होना लंबे समय तक फायदा…

सेहत को लेकर किस पीढ़ी का पलड़ा भारी? विशेषज्ञों ने बताया असली फर्क

आज के दौर में फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा युवा पीढ़ी के बीच देखने को मिलती है। सोशल मीडिया पर वर्कआउट वीडियो, हेल्दी डाइट प्लान, योग, मेडिटेशन, माइंडफुलनेस और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी लगातार साझा की जा रही है। खासतौर पर Gen Z को ऐसी पीढ़ी माना जाता है जो अपनी सेहत, मानसिक संतुलन और लाइफस्टाइल को लेकर काफी जागरूक है। दूसरी ओर Millennials को अक्सर काम के दबाव, तनाव और व्यस्त दिनचर्या से जूझने वाली पीढ़ी के रूप में देखा जाता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि केवल हेल्थ के प्रति जागरूक होना…

सुबह की सैर के शौकीन हैं? मानसून में इन गलतियों से बचना है बेहद जरूरी

बारिश का मौसम अपने साथ ठंडी हवाएं, हरियाली और ताजगी लेकर आता है। ऐसे सुहाने मौसम में सुबह की सैर करने का मन होना बिल्कुल स्वाभाविक है। कई लोग मानते हैं कि मानसून में खुली हवा में टहलने से दिन की शुरुआत बेहतर होती है और मानसिक तनाव भी कम महसूस होता है। हालांकि, इस मौसम में लापरवाही बरतना आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है। गीली सड़कें, फिसलन, कीचड़, पानी का जमाव और संक्रमण फैलाने वाले बैक्टीरिया व मच्छर कई तरह की समस्याओं को जन्म दे सकते हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या बारिश के मौसम…

युवाओं में तेजी से बढ़ रहा ‘साइलेंट हाई ब्लड प्रेशर’, डॉक्टरों ने दी चेतावनी- छोटी लापरवाही भी बन सकती है जानलेवा

एक समय था जब हाई ब्लड प्रेशर को बढ़ती उम्र की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब तस्वीर तेजी से बदल रही है। देशभर के अस्पतालों में बड़ी संख्या में ऐसे युवा मरीज सामने आ रहे हैं, जिनकी उम्र 25 से 40 वर्ष के बीच है और उन्हें हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत है। चिंता की बात यह है कि इनमें से अधिकांश लोगों को लंबे समय तक यह पता ही नहीं चलता कि उनका रक्तचाप सामान्य से अधिक बना हुआ है। यही वजह है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे “साइलेंट किलर” भी कहते हैं, क्योंकि यह बिना किसी स्पष्ट संकेत…

तोंद कम करनी है तो जिम नहीं, ये आसान एक्सरसाइज अपनाएं; रोज की थोड़ी मेहनत से दिखेगा बड़ा बदलाव

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अधिकांश लोगों का समय ऑफिस, घर और मोबाइल स्क्रीन के बीच ही गुजर जाता है। घंटों तक कुर्सी पर बैठे रहने, फिजिकल एक्टिविटी कम होने और अनियमित खानपान की वजह से पेट के आसपास चर्बी जमा होना एक सामान्य समस्या बन चुकी है। पहले जहां बढ़ी हुई तोंद को सिर्फ बढ़ती उम्र से जोड़कर देखा जाता था, वहीं अब कम उम्र के लोग भी इस परेशानी का सामना कर रहे हैं। पेट पर जमा अतिरिक्त फैट केवल शरीर की बनावट को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि यह कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत भी…

बारिश में भी फिट रहें: घर बैठे इन आसान वर्कआउट्स से बढ़ाएं ताकत, स्टैमिना और इम्युनिटी

मॉनसून अपने साथ ठंडक और राहत लेकर आता है, लेकिन यही मौसम अक्सर लोगों की फिटनेस पर ब्रेक लगा देता है। लगातार बारिश, बाहर निकलने में परेशानी और जिम या पार्क तक न पहुंच पाने की वजह से कई लोग अपनी रोजाना की एक्सरसाइज छोड़ देते हैं। इसका असर शरीर पर जल्दी दिखाई देने लगता है। सुस्ती, वजन बढ़ना, शरीर में अकड़न और ऊर्जा की कमी जैसी समस्याएं धीरे-धीरे बढ़ सकती हैं। ऐसे में फिट रहने के लिए जरूरी नहीं कि हर दिन जिम ही जाया जाए। कुछ आसान एक्सरसाइज घर के अंदर भी की जा सकती हैं, जो शरीर…

वजन कम करने में क्या ज्यादा असरदार है- ग्रीन टी या एप्पल साइडर विनेगर? जानिए दोनों में किसका असर ज्यादा और क्यों

आजकल बढ़ते वजन से परेशान लोग डाइट और एक्सरसाइज के साथ ऐसे प्राकृतिक विकल्पों की तलाश में रहते हैं, जो बिना ज्यादा नुकसान के वजन कम करने में मदद कर सकें। इसी वजह से ग्रीन टी और एप्पल साइडर विनेगर (Apple Cider Vinegar) सबसे ज्यादा लोकप्रिय विकल्पों में गिने जाते हैं। सोशल मीडिया से लेकर फिटनेस एक्सपर्ट्स तक, दोनों के फायदे अक्सर बताए जाते हैं। हालांकि सवाल यह है कि अगर किसी एक विकल्प को चुनना हो तो आखिर कौन ज्यादा प्रभावी साबित होता है? आइए जानते हैं कि दोनों कैसे काम करते हैं, इनके फायदे क्या हैं और वजन…

नींद खुलते ही मोबाइल उठाना बन सकता है बड़ी परेशानी की वजह, डॉक्टरों ने दी चेतावनी

आज के दौर में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। दिन की शुरुआत से लेकर रात में सोने तक अधिकांश लोग किसी न किसी काम के लिए फोन का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन एक आदत ऐसी है जो धीरे-धीरे हमारी सेहत पर गंभीर असर डाल सकती है और ज्यादातर लोग इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। यह आदत है सुबह नींद खुलते ही सबसे पहले मोबाइल फोन उठाकर सोशल मीडिया, मैसेज, ईमेल या खबरें देखना। विशेषज्ञों का मानना है कि देखने में सामान्य लगने वाली यह आदत लंबे समय में मानसिक स्वास्थ्य, नींद की गुणवत्ता और…