ठियोग उत्सव के समापन समारोह में लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने क्षेत्र के सड़क नेटवर्क, बागवानी और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार की योजनाओं को सामने रखा। दो दिवसीय ठियोग उत्सव के अंतिम दिन आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ठियोग और आसपास के क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि मजबूत सड़क संपर्क केवल आवाजाही को आसान नहीं बनाता, बल्कि बागवानी, पर्यटन, कृषि और स्थानीय कारोबार को भी सीधे लाभ पहुंचाता है।
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री का पारंपरिक शॉल और टोपी पहनाकर स्वागत किया तथा उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया। वहीं, समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में पहुंचे हिमुडा के वाइस चेयरमैन यशवंत छाजटा का नगर परिषद अध्यक्ष करुणा कंवर ने शॉल, टोपी और स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया।
समारोह को संबोधित करते हुए विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि ठियोग उत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान और स्वतंत्रता की भावना से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और लोक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
उन्होंने उत्सव में प्रस्तुति देने वाले कलाकारों, गायकों और अन्य प्रतिभागियों को बधाई दी। मंत्री ने कहा कि हिमाचल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बचाए रखने के लिए स्थानीय स्तर पर होने वाले ऐसे आयोजनों को प्रोत्साहन देना जरूरी है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संस्थाओं और क्षेत्र के लोगों का भी आभार जताया।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री के सहयोग से ठियोग क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने के लिए लगातार काम कर रही है। सड़क सुविधाओं के विस्तार के साथ बागवानी और अन्य आधारभूत क्षेत्रों को मजबूत करने के लिए कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। सरकार की प्राथमिकता ऐसी सुविधाएं विकसित करना है, जिनका सीधा लाभ ग्रामीणों, किसानों और बागवानों को मिल सके।
उन्होंने बताया कि शिमला से रामपुर तक जाने वाले मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग के सुदृढ़ीकरण के लिए करीब 1,400 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इस परियोजना को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि यह मार्ग केवल रामपुर को शिमला से जोड़ने वाला संपर्क मार्ग नहीं है, बल्कि किन्नौर सहित कई सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए भी रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से बेहद अहम है।
मंत्री ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क निर्माण और रखरखाव के सामने प्राकृतिक चुनौतियां लगातार बनी रहती हैं। बरसात के दौरान भूस्खलन, अचानक आने वाली बाढ़ और सड़कें क्षतिग्रस्त होने की घटनाओं से लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार सड़क संपर्क बाधित होने से ग्रामीण क्षेत्रों में दैनिक जरूरतों के साथ-साथ कृषि और बागवानी गतिविधियों पर भी असर पड़ता है।
इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग के आगामी विस्तार और सुधार कार्यों में अधिक से अधिक सुरंगों के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सुरंगों की संख्या बढ़ाने से संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन के खतरे को कम किया जा सकता है और प्राकृतिक आपदाओं के कारण सड़क संपर्क बाधित होने की संभावना भी घटेगी।
उन्होंने कहा कि बेहतर और सुरक्षित सड़क ढांचा किसानों तथा बागवानों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। सेब और अन्य बागवानी उत्पादों को समय पर मंडियों तक पहुंचाना हिमाचल के ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है। सड़कें खराब होने या यातायात बाधित होने से किसानों और बागवानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए सरकार सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के साथ यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने पर भी ध्यान दे रही है।
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि ठियोग क्षेत्र की विभिन्न सड़कों के उन्नयन और मजबूती के लिए भी विभाग की ओर से लगातार काम किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग और सड़क बोर्ड के माध्यम से आवश्यक धनराशि उपलब्ध करवाकर सड़कों की स्थिति सुधारने की प्रक्रिया जारी है।
बरसात के मौसम को देखते हुए उन्होंने विभागीय अधिकारियों को सड़कें यातायात के लिए खुली रखने के लिए आवश्यक मशीनरी और श्रम शक्ति को सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना था कि किसी भी सड़क के क्षतिग्रस्त होने या मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में जल्द से जल्द बहाली की जाए, ताकि लोगों को लंबे समय तक परेशानी न झेलनी पड़े।
मंत्री ने विशेष रूप से बागवानों की जरूरतों का उल्लेख करते हुए कहा कि बरसात के दौरान सड़क संपर्क बनाए रखना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि इस अवधि में बागवानी उत्पादों की ढुलाई प्रभावित होने का खतरा रहता है। सरकार चाहती है कि किसानों और बागवानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में किसी तरह की बाधा न आए।
उन्होंने छैला-यशवंत नगर सड़क परियोजना को भी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया। विक्रमादित्य सिंह के अनुसार इस सड़क के उन्नयन के लिए करीब 239 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। परियोजना का काम चरणबद्ध तरीके से जल्द शुरू करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
छैला-यशवंत नगर मार्ग के बेहतर होने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों और बागवानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। सड़क के सुदृढ़ीकरण से उत्पादों की ढुलाई आसान होगी और किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में कम परेशानी होगी। इसके साथ ही स्थानीय लोगों के लिए आवागमन भी अधिक सुविधाजनक हो सकेगा।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सड़क परियोजनाओं का प्रभाव केवल यातायात व्यवस्था तक सीमित नहीं रहता। किसी क्षेत्र में बेहतर सड़क संपर्क होने से पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है, स्थानीय कारोबार को नए अवसर मिलते हैं और कृषि एवं बागवानी उत्पादों के लिए बाजार तक पहुंच आसान होती है। इसलिए सरकार सड़क और अन्य आधारभूत ढांचे को क्षेत्रीय आर्थिक विकास की बुनियाद के रूप में देख रही है।
उन्होंने कहा कि ठियोग और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन की भी व्यापक संभावनाएं हैं। यदि सड़क संपर्क और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाया जाता है तो अधिक पर्यटक इस क्षेत्र की ओर आकर्षित हो सकते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर होटल, होम स्टे, परिवहन, दुकानों और अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों को रोजगार और आय के नए अवसर मिल सकते हैं।
मंत्री ने क्षेत्रवासियों को भरोसा दिलाया कि विकास परियोजनाओं को लोगों की जरूरतों के अनुसार आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल नई परियोजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उन्हें समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारना है। सड़क, बागवानी और आधारभूत ढांचे से जुड़ी आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ठियोग की भौगोलिक परिस्थितियों और स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास की योजना बनाई जा रही है। ऐसे क्षेत्रों में टिकाऊ आधारभूत ढांचे की आवश्यकता अधिक होती है, क्योंकि प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण सामान्य निर्माण की तुलना में यहां परियोजनाओं की लागत और चुनौतियां दोनों अधिक होती हैं।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि क्षेत्र के ग्रामीणों को बेहतर सड़क संपर्क के साथ आधुनिक और सुरक्षित आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हों। सड़क नेटवर्क मजबूत होने से स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य जरूरी सेवाओं तक लोगों की पहुंच भी बेहतर होती है।
ठियोग उत्सव के समापन समारोह के दौरान मंत्री ने स्थानीय संस्कृति और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी क्षेत्र की प्रगति केवल आर्थिक या भौतिक विकास से नहीं मापी जा सकती। स्थानीय परंपराओं, लोक कला और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी उतना ही जरूरी है।
उन्होंने कहा कि ठियोग उत्सव जैसे आयोजन स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं। इससे युवा पीढ़ी अपनी परंपराओं से जुड़ती है और क्षेत्र की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को व्यापक स्तर पर पहचान मिलती है।
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय प्रतिनिधियों और लोगों ने क्षेत्र की विभिन्न विकास संबंधी आवश्यकताओं को भी सामने रखा। मंत्री ने आश्वासन दिया कि प्राथमिकता के आधार पर इन मांगों पर विचार किया जाएगा और आवश्यक परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जाएगा।
कुल मिलाकर, ठियोग उत्सव के मंच से लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने क्षेत्र में सड़क और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। शिमला-रामपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए करीब 1,400 करोड़ रुपये के स्वीकृत कार्यों और छैला-यशवंत नगर सड़क के लिए 239 करोड़ रुपये की मंजूरी को उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए अहम कदम बताया। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से ठियोग के किसानों, बागवानों, ग्रामीणों और पर्यटन क्षेत्र को व्यापक लाभ मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।




