हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कर्मचारियों, पेंशनरों, युवाओं और वन विभाग से जुड़े कर्मियों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बड़सर में आयोजित राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वेतन और पेंशन एरियर के भुगतान, नई भर्तियों, चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति और वन मित्रों के मानदेय में बढ़ोतरी से जुड़े फैसलों का ऐलान किया। सरकार के इन फैसलों से विभिन्न वर्गों को सीधे आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों को ध्यान में रखते हुए लंबित वित्तीय देनदारियों को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में वेतन और पेंशन एरियर के भुगतान के लिए करीब 281 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार की ओर से घोषित राशि का भुगतान इसी महीने संबंधित पात्र कर्मचारियों और पेंशनरों को किया जाएगा।
स्वतंत्रता दिवस समारोह में सबसे बड़ी घोषणाओं में से एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के वेतन एरियर से जुड़ी रही। मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश के क्लास-4 कर्मचारियों को उनके वेतन एरियर के तहत 20 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि इसी माह जारी की जाएगी। लंबे समय से एरियर भुगतान का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए इसे महत्वपूर्ण राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
सरकार ने पेंशनरों के लिए भी अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार एरियर भुगतान की घोषणा की है। वर्ष 2016 से दिसंबर 2021 के बीच सेवानिवृत्त हुए तृतीय श्रेणी कर्मचारियों के साथ-साथ संबंधित पारिवारिक पेंशनरों को पेंशन एरियर का 35 प्रतिशत अतिरिक्त भुगतान इसी महीने किया जाएगा। इससे उन पेंशनरों को राहत मिलेगी, जिनका एरियर लंबे समय से लंबित है।
इसी तरह प्रथम और द्वितीय श्रेणी यानी क्लास-1 और क्लास-2 के पेंशनरों तथा पारिवारिक पेंशनरों के लिए भी एरियर भुगतान का फैसला लिया गया है। इन श्रेणियों के पात्र पेंशनरों को लंबित पेंशन एरियर का 15 प्रतिशत भुगतान किया जाएगा। सरकार के मुताबिक वेतन और पेंशन एरियर से जुड़े इन सभी भुगतानों पर लगभग 281 करोड़ रुपये सरकारी खजाने से खर्च किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने रोजगार के मोर्चे पर भी अहम घोषणा की। जल शक्ति विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 4,000 रिक्त पदों को भरने का निर्णय लिया गया है। सरकार के इस फैसले से विभाग में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने का रास्ता साफ होगा और बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी रोजगार के अवसर मिलने की संभावना है।
जल शक्ति विभाग राज्य की ग्रामीण और शहरी दोनों व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पेयजल आपूर्ति, सिंचाई और जल संसाधनों से जुड़ी विभिन्न सेवाओं के संचालन के लिए पर्याप्त मानव संसाधन जरूरी है। ऐसे में 4,000 पदों पर भर्ती से विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का भी सरकार का प्रयास है।
स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर भी मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। सरकार ने तय किया है कि 31 मार्च 2027 तक किसी भी चिकित्सक को सेवानिवृत्त नहीं किया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में अनुभवी डॉक्टरों की उपलब्धता बनाए रखना है।
राज्य के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों की सेवाएं स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार हैं। ऐसे में डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति को कुछ समय के लिए टालने का फैसला मौजूदा चिकित्सा सेवाओं को बनाए रखने में मददगार माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि इससे अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में अनुभवी चिकित्सकों की सेवाएं जारी रहेंगी और मरीजों को इसका लाभ मिल सकेगा।
वन विभाग में कार्यरत वन मित्रों के लिए भी मुख्यमंत्री ने मानदेय बढ़ाने की घोषणा की। अब वन मित्रों को हर महीने 10 हजार रुपये के बजाय 12 हजार रुपये मानदेय मिलेगा। यानी उनके मासिक मानदेय में 2,000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
वन मित्रों की भूमिका जंगलों की सुरक्षा और वन संसाधनों के संरक्षण से जुड़े कार्यों में महत्वपूर्ण है। मानदेय में वृद्धि से इस क्षेत्र में काम कर रहे कर्मियों को प्रत्यक्ष आर्थिक राहत मिलेगी। सरकार का यह फैसला उनके योगदान को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्वतंत्रता दिवस के मंच से किए गए इन ऐलानों के जरिए कर्मचारियों और पेंशनरों के साथ-साथ युवाओं तथा स्वास्थ्य और वन विभाग से जुड़े वर्गों को राहत देने का संदेश दिया। एक ओर जहां एरियर भुगतान के लिए करोड़ों रुपये जारी करने की घोषणा हुई, वहीं दूसरी ओर नई भर्तियों और मानदेय बढ़ोतरी के फैसले भी सामने आए।
एरियर भुगतान से जुड़े फैसले में सरकार ने अलग-अलग श्रेणियों के कर्मचारियों और पेंशनरों को ध्यान में रखा है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 20 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि, तृतीय श्रेणी से जुड़े पात्र पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को 35 प्रतिशत एरियर तथा प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को 15 प्रतिशत एरियर देने की घोषणा की गई है। इससे बड़ी संख्या में लाभार्थियों को तत्काल वित्तीय राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार के लिए एरियर भुगतान का मुद्दा वित्तीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। करीब 281 करोड़ रुपये का खर्च राज्य के सरकारी खजाने पर आएगा। इसके बावजूद मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत देने के लिए भुगतान का ऐलान किया है। सरकार का कहना है कि कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों को प्राथमिकता देते हुए वित्तीय देनदारियों को व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जा रहा है।
वहीं, 4,000 पदों पर भर्ती की घोषणा युवाओं के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए जल शक्ति विभाग में रिक्तियों को भरने का फैसला रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभाग में कर्मचारियों की कमी दूर करने में भी मदद मिल सकती है।
स्वास्थ्य विभाग से संबंधित निर्णय को भी सरकार ने सेवा निरंतरता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना है। 31 मार्च 2027 तक डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति रोकने से सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में अनुभवी चिकित्सकों की उपलब्धता बनी रहेगी। खासतौर पर उन क्षेत्रों में इसका असर पड़ सकता है जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों और अनुभवी चिकित्सा कर्मियों की आवश्यकता अधिक रहती है।
वन मित्रों के मानदेय में बढ़ोतरी से सरकार ने जमीनी स्तर पर वन संरक्षण से जुड़े कर्मियों को भी राहत दी है। 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 12 हजार रुपये मासिक मानदेय किए जाने से उन्हें हर महीने 2 हजार रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। यह बढ़ोतरी उनके आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए की गई है।
बड़सर में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं का प्रमुख मंच बना। समारोह में राष्ट्रध्वज फहराने के बाद मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास और विभिन्न वर्गों के हितों से जुड़े मुद्दों पर सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा। इसी दौरान कर्मचारियों, पेंशनरों, युवाओं, डॉक्टरों और वन मित्रों से जुड़े फैसलों की जानकारी दी गई।
कुल मिलाकर, स्वतंत्रता दिवस पर हिमाचल सरकार की घोषणाओं में आर्थिक राहत और रोजगार दोनों पर जोर दिखाई दिया। करीब 281 करोड़ रुपये के एरियर भुगतान से कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत देने के साथ जल शक्ति विभाग में 4,000 पद भरने का फैसला युवाओं के लिए अवसर पैदा करेगा। वहीं डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति मार्च 2027 तक रोकने और वन मित्रों का मानदेय 2,000 रुपये बढ़ाने से स्वास्थ्य तथा वन संरक्षण व्यवस्था से जुड़े कर्मियों को भी लाभ मिलेगा। सरकार के इन फैसलों को राज्य के अलग-अलग कर्मचारी और सामाजिक वर्गों को सीधे राहत पहुंचाने वाली स्वतंत्रता दिवस की प्रमुख घोषणाओं के रूप में देखा जा रहा है।




