देहरा: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने देहरा क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए करीब 200 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इन योजनाओं के जरिए शिक्षा, पुलिस ढांचा, शहरी सुविधाओं, पेयजल आपूर्ति और सीवरेज व्यवस्था समेत कई क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान कुल 200.49 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं को आगे बढ़ाया गया।
शिलान्यास की गई परियोजनाओं में लोक निर्माण विभाग की करीब 105.91 करोड़ रुपये की योजनाएं और जल शक्ति विभाग से संबंधित लगभग 94.58 करोड़ रुपये की परियोजनाएं शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं के पूरा होने से देहरा और आसपास के क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी तथा लोगों को शिक्षा, पेयजल और शहरी सेवाओं से जुड़ी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के तहत ढलियारा में 41 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले राजीव गांधी मॉडल डे बोर्डिंग स्कूल की आधारशिला रखी। यह परियोजना क्षेत्र में शिक्षा के बुनियादी ढांचे के विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस संस्थान के माध्यम से स्थानीय विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करवाने की दिशा में काम किया जाएगा।
इसके अलावा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के अतिरिक्त भवन के निर्माण पर 15.04 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। स्कूल भवन में अतिरिक्त आधारभूत सुविधाएं विकसित होने से विद्यार्थियों और शिक्षकों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलने की उम्मीद है। सरकार की ओर से स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर लगातार जोर दिया जा रहा है, जिसके तहत देहरा में भी नई निर्माण परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने 41.36 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली पुलिस लाइन का भी शिलान्यास किया। पुलिस विभाग के लिए प्रस्तावित यह परियोजना क्षेत्र में पुलिस बल से संबंधित आधारभूत ढांचे को मजबूत करने में मदद करेगी। पुलिस कर्मचारियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्रशासनिक और कानून-व्यवस्था से जुड़े कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने में भी इससे सहायता मिलने की उम्मीद है।
देहरा में शहरी सुविधाओं के विस्तार से जुड़ी एक अन्य महत्वपूर्ण परियोजना के तहत नगर परिषद कार्यालय, वेंडर मार्केट और पार्किंग सुविधा विकसित की जाएगी। इस परियोजना पर 7.59 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसके बनने से नगर परिषद की प्रशासनिक गतिविधियों के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध होने के साथ-साथ स्थानीय विक्रेताओं के लिए व्यवस्थित बाजार और लोगों के लिए पार्किंग सुविधा विकसित करने में मदद मिलेगी।
इसके अतिरिक्त 91 लाख रुपये की लागत से एसपी आवासीय परिसर का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना को भी लोक निर्माण विभाग की योजनाओं में शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान जल शक्ति विभाग की छह परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया गया। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य देहरा क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करना, मौजूदा जल स्रोतों की क्षमता बढ़ाना तथा शहरी क्षेत्र में मल निकासी जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना है।
जल शक्ति विभाग की प्रमुख परियोजनाओं में केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के देहरा परिसर के लिए पेयजल आपूर्ति योजना शामिल है। इस योजना पर 19.87 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों और कर्मचारियों की आवश्यकताओं को देखते हुए पर्याप्त और व्यवस्थित पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में यह परियोजना महत्वपूर्ण होगी।
इसके अलावा विभिन्न पंचायतों की मौजूदा पेयजल आपूर्ति प्रणालियों में सुधार के लिए 21.85 करोड़ रुपये की योजना का शिलान्यास किया गया। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति से जुड़े मौजूदा ढांचे को बेहतर बनाने और लोगों को अधिक प्रभावी पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
जल शक्ति विभाग की एक अन्य बड़ी परियोजना के तहत ब्यास नदी से विभिन्न पंचायतों की पेयजल योजनाओं के स्रोतों में सुधार और उनका सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत 45.46 करोड़ रुपये है। ब्यास नदी के जल स्रोत को आधार बनाकर पेयजल योजनाओं को मजबूत करने से संबंधित पंचायतों में पानी की उपलब्धता को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सरकार की ओर से जलापूर्ति से संबंधित इन परियोजनाओं को ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में जल स्रोतों का संरक्षण और उनका बेहतर इस्तेमाल लगातार एक महत्वपूर्ण विषय रहा है। ऐसे में जल शक्ति विभाग की परियोजनाओं का उद्देश्य उपलब्ध स्रोतों का प्रभावी उपयोग करते हुए लोगों तक नियमित पेयजल पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री ने देहरा नगर के उन क्षेत्रों को भी मल निकासी योजना से जोड़ने की परियोजना का शिलान्यास किया, जो अभी तक सीवरेज व्यवस्था के दायरे से बाहर हैं। इस योजना से नगर के अवशिष्ट क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मल निकासी की सुविधा उपलब्ध करवाने की दिशा में काम होगा। शहरी आबादी के विस्तार को देखते हुए सीवरेज नेटवर्क का विस्तार क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण आवश्यकता माना जा रहा है।
इसके साथ ही जल शक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता के आवासीय परिसर के निर्माण की योजना को भी मंजूरी के बाद जमीन पर उतारने की प्रक्रिया शुरू की गई। वहीं, देहरा में फायर हाइड्रैंट स्थापित करने से संबंधित परियोजना का भी शिलान्यास किया गया।
फायर हाइड्रैंट व्यवस्था शहर में आपात स्थिति, विशेष रूप से आग लगने की घटनाओं के दौरान अग्निशमन सेवाओं को तत्काल जल उपलब्ध कराने में उपयोगी साबित हो सकती है। शहरी क्षेत्र में बुनियादी सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान जिन परियोजनाओं को आगे बढ़ाया गया है, उनमें शिक्षा से लेकर कानून-व्यवस्था, शहरी विकास और पेयजल जैसी रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े क्षेत्र शामिल हैं। इससे सरकार की ओर से देहरा में बहु-क्षेत्रीय विकास पर जोर देने का संकेत मिलता है।
41 करोड़ रुपये के राजीव गांधी मॉडल डे बोर्डिंग स्कूल से लेकर स्कूल के अतिरिक्त भवन तक की परियोजनाएं शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगी। वहीं पुलिस लाइन और एसपी आवासीय परिसर से सुरक्षा तंत्र से जुड़े ढांचे को विस्तार मिलेगा। नगर परिषद कार्यालय, वेंडर मार्केट और पार्किंग से जुड़ी योजना का उद्देश्य शहर की प्रशासनिक एवं व्यावसायिक व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित करना है।
दूसरी ओर जल शक्ति विभाग की योजनाओं के जरिए ग्रामीण पंचायतों के साथ-साथ केंद्रीय विश्वविद्यालय देहरा परिसर की पेयजल जरूरतों को पूरा करने की दिशा में काम किया जाएगा। ब्यास नदी से जुड़े स्रोतों के सुदृढ़ीकरण और मौजूदा पेयजल योजनाओं में सुधार से लंबे समय में क्षेत्र की जल आपूर्ति क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।
सरकार का फोकस केवल नई परियोजनाएं शुरू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि मौजूदा ढांचे को भी मजबूत करने पर है। पेयजल प्रणालियों के सुधार, सीवरेज नेटवर्क के विस्तार और अग्निशमन व्यवस्था के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे का निर्माण इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं।
देहरा में करीब 200 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास क्षेत्र के लिए बड़े विकास पैकेज के तौर पर देखा जा रहा है। इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने के बाद स्थानीय लोगों को शिक्षा, पेयजल, शहरी सुविधाओं और प्रशासनिक ढांचे से संबंधित कई स्तरों पर लाभ मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देने के लिए विभिन्न विभागों के माध्यम से परियोजनाओं को आगे बढ़ाया है। लोक निर्माण और जल शक्ति विभाग की योजनाओं के जरिए देहरा में आधारभूत ढांचे को व्यापक रूप से मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री के देहरा दौरे के दौरान 105.91 करोड़ रुपये की लोक निर्माण विभाग और 94.58 करोड़ रुपये की जल शक्ति विभाग की परियोजनाओं सहित करीब 200 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की शुरुआत हुई। शिक्षा, पुलिस, नगर सुविधाओं, पेयजल, सीवरेज और आपदा प्रबंधन से जुड़ी इन योजनाओं के पूरा होने पर देहरा क्षेत्र में बुनियादी सेवाओं के स्तर में सुधार आने की उम्मीद है।




